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अंबेडकर नगर के उसरहा में मात्र दो घंटे की मूसलाधार बारिश ने नगर पालिका की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। वार्ड नंबर 11 में हुई भारी बारिश के कारण घरों में पानी भर गया, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस घटना ने नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर पालिका के खिलाफ स्थानीय लोगों में जबरदस्त नाराजगी देखी जा रही है, और वार्ड 11 का यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है।

16 hrs ago
user_Anant kushwaha
Anant kushwaha
Local News Reporter अकबरपुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
16 hrs ago

अंबेडकर नगर के उसरहा में मात्र दो घंटे की मूसलाधार बारिश ने नगर पालिका की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। वार्ड नंबर 11 में हुई भारी बारिश के कारण घरों में पानी भर गया, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस घटना ने नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर पालिका के खिलाफ स्थानीय लोगों में जबरदस्त नाराजगी देखी जा रही है, और वार्ड 11 का यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है।

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  • अंबेडकर नगर के उसरहा में मात्र दो घंटे की मूसलाधार बारिश ने नगर पालिका की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। वार्ड नंबर 11 में हुई भारी बारिश के कारण घरों में पानी भर गया, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस घटना ने नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर पालिका के खिलाफ स्थानीय लोगों में जबरदस्त नाराजगी देखी जा रही है, और वार्ड 11 का यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है।
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    अंबेडकर नगर के उसरहा में मात्र दो घंटे की मूसलाधार बारिश ने नगर पालिका की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। वार्ड नंबर 11 में हुई भारी बारिश के कारण घरों में पानी भर गया, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस घटना ने नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर पालिका के खिलाफ स्थानीय लोगों में जबरदस्त नाराजगी देखी जा रही है, और वार्ड 11 का यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है।
    user_Anant kushwaha
    Anant kushwaha
    Local News Reporter अकबरपुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • अंबेडकर नगर जिले में, दबंगों ने पुरानी रंजिश के चलते एक किसान के ट्रैक्टर में आग लगाने का प्रयास किया है।
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    अंबेडकर नगर जिले में, दबंगों ने पुरानी रंजिश के चलते एक किसान के ट्रैक्टर में आग लगाने का प्रयास किया है।
    user_रिपोर्टर Goswami
    रिपोर्टर Goswami
    Advertising agency अकबरपुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • कानपुर से झांसी जाने वाले हाईवे पर एक लड़का बहुत तेज रफ्तार से गाड़ी चला रहा है, जिससे किसी बड़े हादसे की संभावना बनी हुई है। इस तरह से गाड़ी चलाना कानून का सरासर उल्लंघन है और ऐसा नहीं करना चाहिए। गाड़ी चालक द्वारा कानून का पालन न करने पर पुलिस द्वारा चालान भी किया जा सकता है। सभी लोगों से यह अपील की गई है कि वे सड़क पर हमेशा कानून और नियमों का पालन करें ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
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    कानपुर से झांसी जाने वाले हाईवे पर एक लड़का बहुत तेज रफ्तार से गाड़ी चला रहा है, जिससे किसी बड़े हादसे की संभावना बनी हुई है। इस तरह से गाड़ी चलाना कानून का सरासर उल्लंघन है और ऐसा नहीं करना चाहिए। गाड़ी चालक द्वारा कानून का पालन न करने पर पुलिस द्वारा चालान भी किया जा सकता है। सभी लोगों से यह अपील की गई है कि वे सड़क पर हमेशा कानून और नियमों का पालन करें ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
    user_Mahendra Kumar
    Mahendra Kumar
    भीटी, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के लखीमपुर से एक अनोखी खबर सामने आई है, जिसमें दो बाघों के बीच हुई लड़ाई कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।
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    उत्तर प्रदेश के लखीमपुर से एक अनोखी खबर सामने आई है, जिसमें दो बाघों के बीच हुई लड़ाई कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।
    user_पत्रकार पांडे
    पत्रकार पांडे
    Farmer जयसिंहपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • सुलतानपुर/कादीपुर से मिली जानकारी के अनुसार, महंत हूंकार दास ने सरकारी गौशालाओं की दयनीय स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर गौशालाओं में गोवंशों को न तो पर्याप्त चारा मिल रहा है और न ही पीने के पानी की उचित व्यवस्था है, जिसके कारण उनकी हालत बेहद खराब है। महंत हूंकार दास ने आरोप लगाया कि सरकार ने गौ सेवा का दायित्व ऐसे व्यक्तियों को सौंप दिया है, जिन्हें गौ माता की पीड़ा और सेवा के भाव से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने आगे बताया कि अनेक गौशालाओं में निर्माण कार्य घटिया स्तर का हुआ है, जिससे बारिश और धूप से बचाव की समुचित व्यवस्था नहीं है। पानी के नाम पर केवल गड्ढे और नालियां ही बनाई गई हैं, जिनमें अक्सर पानी उपलब्ध नहीं होता। उन्होंने भावनात्मक रूप से कहा कि गौ माता चारे और पानी के अभाव में तड़प रही हैं, और कई जगहों पर गोवंशों की मौत होने पर उन्हें जेसीबी से दफना दिया जाता है, जो गौ माता के प्रति क्रूरता है। महंत ने अपनी बात रखते हुए कहा कि जहां एक ओर देशभर के धार्मिक और गौसेवा संगठन दिन-रात गौ संरक्षण में जुटे हैं, वहीं सरकारी व्यवस्थाओं ने उनकी आशाओं को तोड़ दिया है। उन्होंने मांग की कि गौशालाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और इस बदहाली के लिए जिम्मेदार दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, उन्होंने सामाजिक सौहार्द पर भी बल दिया और कहा कि रहीम और रसखान जैसी परंपराएं हमारी साझा संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि समाज को जाति और धर्म के आधार पर बांटने का प्रयास नहीं होना चाहिए, बल्कि सभी समुदायों को एकजुट होकर गौ संरक्षण और देशहित के कार्यों में योगदान देना चाहिए। अंत में, महंत हूंकार दास ने सरकार से गोवंश संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने और गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की अपील की। उन्होंने लोगों से भी गौ सेवा और संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान करते हुए 'जय गौ माता, जय हिंद, जय भारत, वंदे मातरम्' का संदेश दिया।
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    सुलतानपुर/कादीपुर से मिली जानकारी के अनुसार, महंत हूंकार दास ने सरकारी गौशालाओं की दयनीय स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर गौशालाओं में गोवंशों को न तो पर्याप्त चारा मिल रहा है और न ही पीने के पानी की उचित व्यवस्था है, जिसके कारण उनकी हालत बेहद खराब है।

महंत हूंकार दास ने आरोप लगाया कि सरकार ने गौ सेवा का दायित्व ऐसे व्यक्तियों को सौंप दिया है, जिन्हें गौ माता की पीड़ा और सेवा के भाव से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने आगे बताया कि अनेक गौशालाओं में निर्माण कार्य घटिया स्तर का हुआ है, जिससे बारिश और धूप से बचाव की समुचित व्यवस्था नहीं है। पानी के नाम पर केवल गड्ढे और नालियां ही बनाई गई हैं, जिनमें अक्सर पानी उपलब्ध नहीं होता। उन्होंने भावनात्मक रूप से कहा कि गौ माता चारे और पानी के अभाव में तड़प रही हैं, और कई जगहों पर गोवंशों की मौत होने पर उन्हें जेसीबी से दफना दिया जाता है, जो गौ माता के प्रति क्रूरता है।

महंत ने अपनी बात रखते हुए कहा कि जहां एक ओर देशभर के धार्मिक और गौसेवा संगठन दिन-रात गौ संरक्षण में जुटे हैं, वहीं सरकारी व्यवस्थाओं ने उनकी आशाओं को तोड़ दिया है। उन्होंने मांग की कि गौशालाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और इस बदहाली के लिए जिम्मेदार दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।

इसके साथ ही, उन्होंने सामाजिक सौहार्द पर भी बल दिया और कहा कि रहीम और रसखान जैसी परंपराएं हमारी साझा संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि समाज को जाति और धर्म के आधार पर बांटने का प्रयास नहीं होना चाहिए, बल्कि सभी समुदायों को एकजुट होकर गौ संरक्षण और देशहित के कार्यों में योगदान देना चाहिए। अंत में, महंत हूंकार दास ने सरकार से गोवंश संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने और गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की अपील की। उन्होंने लोगों से भी गौ सेवा और संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान करते हुए 'जय गौ माता, जय हिंद, जय भारत, वंदे मातरम्' का संदेश दिया।
    user_Prashant Yadav
    Prashant Yadav
    Local News Reporter कादीपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के एक नए आदेश ने सरकारी शिक्षकों के गुस्से को भड़का दिया है। शिक्षकों को अब बेसहारा गोवंश के लिए 100 क्विंटल भूसा इकट्ठा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि वे पहले से ही जनगणना की ड्यूटी में लगे हुए हैं। इस अजीबोगरीब फरमान से आक्रोशित शिक्षकों ने तीखा विरोध जताते हुए कहा है कि लगातार मिल रहे गैर-शैक्षणिक कार्यों के कारण उनकी पढ़ाई संबंधी जिम्मेदारियां पूरी तरह प्रभावित हो रही हैं। शिक्षकों ने तंज कसते हुए यहाँ तक कहा कि "आज भूसा जुटाने को कहा है, कल कहेंगे कि गोबर भी उठाओ।" इस आदेश को लेकर सोशल मीडिया पर सरकार और विभाग की जमकर आलोचना हो रही है।
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    उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के एक नए आदेश ने सरकारी शिक्षकों के गुस्से को भड़का दिया है। शिक्षकों को अब बेसहारा गोवंश के लिए 100 क्विंटल भूसा इकट्ठा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि वे पहले से ही जनगणना की ड्यूटी में लगे हुए हैं।

इस अजीबोगरीब फरमान से आक्रोशित शिक्षकों ने तीखा विरोध जताते हुए कहा है कि लगातार मिल रहे गैर-शैक्षणिक कार्यों के कारण उनकी पढ़ाई संबंधी जिम्मेदारियां पूरी तरह प्रभावित हो रही हैं। शिक्षकों ने तंज कसते हुए यहाँ तक कहा कि "आज भूसा जुटाने को कहा है, कल कहेंगे कि गोबर भी उठाओ।" इस आदेश को लेकर सोशल मीडिया पर सरकार और विभाग की जमकर आलोचना हो रही है।
    user_पत्रकार पांडे
    पत्रकार पांडे
    Farmer जयसिंहपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • 28 मई 2026 की रात सुलतानपुर में तेज आंधी की चपेट में आकर एक अनियंत्रित ट्रक स्कूल के बगल एक खंभे से टकराकर खाई में जा गिरा। इस दुर्घटना के बाद, 'ht light' की चपेट में आने से ट्रक में भीषण आग लग गई, जिससे वह पूरी तरह जलकर खाक हो गया। दुर्घटना में ट्रक के चालक और खलासी की हालत नाजुक बताई जा रही है। गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें सुलतानपुर मेडिकल कॉलेज से लखनऊ रेफर कर दिया गया है।
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    28 मई 2026 की रात सुलतानपुर में तेज आंधी की चपेट में आकर एक अनियंत्रित ट्रक स्कूल के बगल एक खंभे से टकराकर खाई में जा गिरा। इस दुर्घटना के बाद, 'ht light' की चपेट में आने से ट्रक में भीषण आग लग गई, जिससे वह पूरी तरह जलकर खाक हो गया।

दुर्घटना में ट्रक के चालक और खलासी की हालत नाजुक बताई जा रही है। गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें सुलतानपुर मेडिकल कॉलेज से लखनऊ रेफर कर दिया गया है।
    user_ShubhamPandit
    ShubhamPandit
    जयसिंहपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
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