वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के निर्देश पर चलाए जा रहे 'नशा मुक्त बरेली' अभियान के तहत, थाना भमोरा पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 70 ग्राम स्मैक और दो मोबाइल फोन के साथ साहिल पुत्र मुन्ने शाह और अनिकेत उर्फ मनू पुत्र रामदास जायसवाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बरामद स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस के अनुसार, मंगलवार को उपनिरीक्षक शैलेन्द्र कुमार तोमर को नौगवां ठाकुरान मार्ग पर दो व्यक्तियों के स्मैक की खेप लेकर बिक्री के उद्देश्य से आने की सूचना मिली थी। इस सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक दक्षिणी अंशिका वर्मा के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी आँवला नितिन कुमार के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक पवन कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। टीम ने बताए गए स्थान पर घेराबंदी कर कस्बा बल्लिया, थाना भमोरा निवासी साहिल और अनिकेत उर्फ मनू को खेतों की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान, दोनों आरोपियों के कब्जे से 70 ग्राम स्मैक और दो मोबाइल फोन बरामद हुए। पुलिस ने इस बरामदगी के आधार पर थाना भमोरा में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया और दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे स्मैक की छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर विभिन्न क्षेत्रों में बेचते थे। अब पुलिस बरामद मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इस तस्करी नेटवर्क से जुड़ी और जानकारी जुटाने में लगी है, जिससे अन्य संबंधित लोगों तक पहुंचने में मदद मिलने की उम्मीद है। पुलिस अभिलेखों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी साहिल के विरुद्ध पूर्व में थाना भमोरा में आर्म्स एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज है। एसएसपी अनुराग आर्य ने इस कार्रवाई पर कहा है कि जनपद में नशा तस्करी के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और इस अवैध कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस टीम में प्रभारी निरीक्षक पवन कुमार, उपनिरीक्षक शैलेन्द्र कुमार, उपनिरीक्षक हीरेन्द्र सिंह, हेड कांस्टेबल अंकित कुमार, कांस्टेबल प्रदीप कुमार, रिजर्व कांस्टेबल दीपक कुमार और रिजर्व कांस्टेबल अमित कुमार शामिल रहे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के निर्देश पर चलाए जा रहे 'नशा मुक्त बरेली' अभियान के तहत, थाना भमोरा पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 70 ग्राम स्मैक और दो मोबाइल फोन के साथ साहिल पुत्र मुन्ने शाह और अनिकेत उर्फ मनू पुत्र रामदास जायसवाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बरामद स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस के अनुसार, मंगलवार को उपनिरीक्षक शैलेन्द्र कुमार तोमर को नौगवां ठाकुरान मार्ग पर दो व्यक्तियों के स्मैक की खेप लेकर बिक्री के उद्देश्य से आने की सूचना मिली थी। इस सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक दक्षिणी अंशिका वर्मा के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी आँवला नितिन कुमार के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक पवन कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। टीम ने बताए गए स्थान पर घेराबंदी कर कस्बा बल्लिया, थाना भमोरा निवासी साहिल और अनिकेत उर्फ मनू को खेतों की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान, दोनों आरोपियों के कब्जे से 70 ग्राम स्मैक और दो मोबाइल
फोन बरामद हुए। पुलिस ने इस बरामदगी के आधार पर थाना भमोरा में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया और दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे स्मैक की छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर विभिन्न क्षेत्रों में बेचते थे। अब पुलिस बरामद मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इस तस्करी नेटवर्क से जुड़ी और जानकारी जुटाने में लगी है, जिससे अन्य संबंधित लोगों तक पहुंचने में मदद मिलने की उम्मीद है। पुलिस अभिलेखों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी साहिल के विरुद्ध पूर्व में थाना भमोरा में आर्म्स एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज है। एसएसपी अनुराग आर्य ने इस कार्रवाई पर कहा है कि जनपद में नशा तस्करी के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और इस अवैध कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस टीम में प्रभारी निरीक्षक पवन कुमार, उपनिरीक्षक शैलेन्द्र कुमार, उपनिरीक्षक हीरेन्द्र सिंह, हेड कांस्टेबल अंकित कुमार, कांस्टेबल प्रदीप कुमार, रिजर्व कांस्टेबल दीपक कुमार और रिजर्व कांस्टेबल अमित कुमार शामिल रहे।
- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के निर्देश पर चलाए जा रहे 'नशा मुक्त बरेली' अभियान के तहत, थाना भमोरा पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 70 ग्राम स्मैक और दो मोबाइल फोन के साथ साहिल पुत्र मुन्ने शाह और अनिकेत उर्फ मनू पुत्र रामदास जायसवाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बरामद स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस के अनुसार, मंगलवार को उपनिरीक्षक शैलेन्द्र कुमार तोमर को नौगवां ठाकुरान मार्ग पर दो व्यक्तियों के स्मैक की खेप लेकर बिक्री के उद्देश्य से आने की सूचना मिली थी। इस सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक दक्षिणी अंशिका वर्मा के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी आँवला नितिन कुमार के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक पवन कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। टीम ने बताए गए स्थान पर घेराबंदी कर कस्बा बल्लिया, थाना भमोरा निवासी साहिल और अनिकेत उर्फ मनू को खेतों की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान, दोनों आरोपियों के कब्जे से 70 ग्राम स्मैक और दो मोबाइल फोन बरामद हुए। पुलिस ने इस बरामदगी के आधार पर थाना भमोरा में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया और दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे स्मैक की छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर विभिन्न क्षेत्रों में बेचते थे। अब पुलिस बरामद मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इस तस्करी नेटवर्क से जुड़ी और जानकारी जुटाने में लगी है, जिससे अन्य संबंधित लोगों तक पहुंचने में मदद मिलने की उम्मीद है। पुलिस अभिलेखों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी साहिल के विरुद्ध पूर्व में थाना भमोरा में आर्म्स एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज है। एसएसपी अनुराग आर्य ने इस कार्रवाई पर कहा है कि जनपद में नशा तस्करी के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और इस अवैध कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस टीम में प्रभारी निरीक्षक पवन कुमार, उपनिरीक्षक शैलेन्द्र कुमार, उपनिरीक्षक हीरेन्द्र सिंह, हेड कांस्टेबल अंकित कुमार, कांस्टेबल प्रदीप कुमार, रिजर्व कांस्टेबल दीपक कुमार और रिजर्व कांस्टेबल अमित कुमार शामिल रहे।2
- एक अदालत ने 80 वर्षीय व्यक्ति को जेल भेज दिया। हालांकि, उन्हें वेल भी मिली। इस मामले का पूरा सच जानने के लिए उनकी अपनी ज़ुबानी सुनने का आग्रह किया गया है।1
- समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश की प्रदेश कार्यकारिणी में सदस्य मनोनीत होने के बाद युवा समाजवादी नेता समर्थ मिश्रा पहली बार बरेली पहुंचे, जहाँ उनके आवास पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं, शुभचिंतकों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान समर्थकों ने फूल-मालाएं पहनाकर और मिठाई खिलाकर नई जिम्मेदारी के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं। समर्थ मिश्रा ने इस अवसर पर एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल और पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनका व्यक्तिगत नहीं, बल्कि बरेली जनपद के प्रत्येक समाजवादी कार्यकर्ता के परिश्रम और समर्पण का सम्मान है। मिश्रा ने विश्वास दिलाया कि वे पार्टी द्वारा दिए गए इस दायित्व को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने अपनी प्राथमिकताएँ गिनाते हुए कहा कि वे संगठन को और मजबूत करेंगे, युवाओं को पार्टी से जोड़ेंगे और जनता की आवाज को मजबूती से पार्टी मंच तक पहुँचाएंगे। समर्थ मिश्रा ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से बरेली जनपद और विशेष रूप से कैंट विधानसभा क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं और टिकट के प्रबल दावेदार हैं। उन्होंने सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और जनहित के कार्यक्रमों के माध्यम से जनता के बीच अपनी उपस्थिति बनाए रखने का प्रयास किया है, जिसमें सुभाषनगर क्षेत्र में आयोजित श्रीमद्भागवतकथा कार्यक्रम में हजारों की भीड़ जुटने से वे चर्चा का केंद्र बने थे। उन्होंने जोर दिया कि संगठन की मजबूती और जनता का विश्वास ही किसी भी राजनीतिक कार्यकर्ता की सबसे बड़ी पूंजी है, और समाजवादी विचारधारा तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को साथ लेकर चलना आज की आवश्यकता है। कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने भी प्रदेश नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समर्थ मिश्रा को प्रदेश कार्यकारिणी में स्थान मिलने से युवाओं और कार्यकर्ताओं में नया उत्साह जागा है, जिससे संगठन को नई ऊर्जा मिली है। अंत में, समर्थ मिश्रा ने सभी शुभचिंतकों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए पार्टी और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए पूरी मेहनत और ईमानदारी से कार्य करते रहने का संकल्प दोहराया।1
- उत्तर प्रदेश के सहकारिता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने आज बरेली में विभागीय अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की प्रगति का जायजा लेने के बाद, राज्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, कानून-व्यवस्था पर कड़ा रुख अख्तियार किया और हाल ही में हुई एक दुर्भाग्यपूर्ण होटल दुर्घटना पर दुख जताते हुए प्रदेश भर में कड़े जांच अभियान के निर्देश दिए। सहकारिता राज्यमंत्री जेपीएस राठौर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश में बीते 12 साल विकास, विश्वास और जनकल्याण के रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार ने नकारात्मक राजनीति को पीछे छोड़कर 'परफॉर्मेंस की पॉलिटिक्स' की शुरुआत की है, जिसके दम पर भाजपा को जनता का सकारात्मक जनादेश और लगातार आशीर्वाद मिल रहा है। राठौर ने दावा किया कि आज देश में इंफ्रास्ट्रक्चर का अभूतपूर्व विकास हुआ है, आतंकवाद और नक्सलवाद को खत्म कर सीमाएं सुरक्षित की गई हैं, जिससे भारत विश्व पटल पर एक आर्थिक और सामरिक महाशक्ति बनकर उभरा है। उन्होंने '56 इंच के सीने वाले नेतृत्व' के कारण दुनिया भर में हर भारतवासी को सम्मान की नजर से देखे जाने की बात भी कही। शहर में हुई हालिया होटल दुर्घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए राज्यमंत्री ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना मानकों के अवैध रूप से होटल या कोई भी व्यवसाय संचालित करना पूरी तरह गलत है, और लोगों की जान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश के सभी होटलों की गहन जांच की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। प्रदेश की कानून-व्यवस्था और विपक्ष के सवालों पर पलटवार करते हुए जेपीएस राठौर ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि 'पुरानी आदतें मुश्किल से छूटती हैं।' उन्होंने चेतावनी दी कि पिछली सरकारों में जिन अपराधियों और माफियाओं को संरक्षण मिला था, वर्तमान सरकार उन्हें मानसिक और शारीरिक दोनों मोर्चों पर तोड़ रही है और उनकी हर अवैध गतिविधि को बाधित किया जा रहा है। उन्होंने अपराधियों को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी कानून हाथ में लेगा या वारदातों को अंजाम देगा, उसका जहन्नुम का टिकट कटना तय है; ऐसे तत्वों की जगह सिर्फ जेल की सलाखों के पीछे या फिर सीधे जहन्नुम में है।3
- एसएसपी बरेली के सीधे निर्देशन में, बरेली पुलिस के कम्प्यूटर ऑपरेटरों और CCTNS कर्मियों ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। CEIR पोर्टल और सर्विलांस टीम की सहायता से, पुलिस ने कुल 462 खोए या गुम हुए मोबाइल फोन सफलतापूर्वक बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग ₹95 लाख है। बरामद किए गए इन सभी मोबाइल फोनों को उनके वास्तविक स्वामियों को वापस लौटाने की प्रक्रिया के संबंध में एसपी साउथ बरेली ने एक आधिकारिक बयान भी जारी किया है।1
- भारत की सीमाओं पर उन्नत सेंसर तैनात किए गए हैं, जिनसे सुरक्षा व्यवस्था को मज़बूती मिली है। यह तैनाती ऐसी है कि जैसे ही कोई दुश्मन सामने आता है, ये मशीनें तत्काल उसकी पूरी जानकारी उपलब्ध करा देंगी कि वह ठीक किस स्थान पर मौजूद है।1
- राजस्थान में एक भयंकर तूफान आने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस भीषण तूफान के कारण कई घरों की छतें उड़ गईं, जिससे संपत्ति का नुकसान हुआ। लोगों को इस दौरान अत्यधिक मुश्किलों और खतरों से जूझना पड़ा, और अपनी जान बचाने के लिए उन्हें सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा।1