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जॉन = 2 अनर्तम पुलिस द्वारा देर रात सघन चेकिंग अभियान चलाकर हॉटस्पॉट एवं संवेदनशील क्षेत्रों में वाहनों संदिग्ध व्यक्तियों एवं गतिविधियों की जांच की गई। ।। अपराध एवं सामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के साथ शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए पुलिस की सतर्कता लगातार जारी है

4 hrs ago
user_Aarti Raikwar
Aarti Raikwar
Media Consultant मल्हारगंज, इंदौर, मध्य प्रदेश•
4 hrs ago

जॉन = 2 अनर्तम पुलिस द्वारा देर रात सघन चेकिंग अभियान चलाकर हॉटस्पॉट एवं संवेदनशील क्षेत्रों में वाहनों संदिग्ध व्यक्तियों एवं गतिविधियों की जांच की गई। ।। अपराध एवं सामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के साथ शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए पुलिस की सतर्कता लगातार जारी है

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  • झूठे दहेज केस कर रहे शादियां बर्बाद लव मैरेज के बाद हुआ झूठा दहेज केस प्राप्त जानकारी के अनुसार जावरा निवासी अधिवक्ता हर्ष जैन पर सुरभि जैन निवासी सुखेड़ा ने प्रेम संबंध के बाद हुए विवाह मै किए झूठे मुकदमे प्रेम संबंध ओर विवाह फिर झूठा दहेज केस बना चर्चा का विषय - झूठे दहेज केस बर्बाद कर रहे रिश्ते जावरा सुखेड़ा हर्ष ओर सुरभि का अनोखा संबंध अनोखा किस्सा प्रेम संबंधो के बाद घर वालों ने तय किया दोनों का विवाह फिर भी लड़की ओर परिवार ने किया झूठा दहेज केस ---- झूठे केसों से रिश्ते हो रहे तार तार लंबे प्रेम संबंधो का हो रहा है दुखद अंत लड़कों के मन मै झूठी मुकदमेबाज लड़कियों को लेकर बढ़ रहा है डर, झूठे दहेज केस का बढ़ता ट्रेंड रिश्तों की नींव को जड़ से खत्म कर रहा है यहां भी लंबे समय के प्रेम संबंधो के बाद तय हुए विवाह मै झूठे आरोप लगे है जो कि अविश्वसनीय ओर सामाजिक रूप से अस्वीकार है कही झूठे केस मै फ़सने वाले अगले लड़के आप तो नहीं कही अगला झूठा केस करने वाली लड़की आपके घर तो नहीं आ रही प्राप्त जानकारी के अनुसार लड़की सुरभि के परिवार द्वारा झूठी न्यूज नईदुनिया पेपर मै दी थी ओर झूठ का ढिंढोरा पीट कर अपने आप को सही बताया जा रहा था परंतु कही से बताई गई घटना दिनांक 08-10-2025 की सीसीटीवी फुटेज वायरल हो गई जिससे लड़की पक्ष का झूठ उनके ही गले की हड्डी बन गया ओर सच लोगो के सामने आ गया है सीसीटीवी फुटेज वायरल होने से उनके द्वारा समाज मै कहे जा रहे झूठ का भांडाफोड हो गया ओर लोगो के सामने वो छुपा हुआ सच आ गया कि बताई दिनांक को लड़की अपने भाई के साथ ही गाई थी सभी आरोप झूठे ओर बेबुनियाद है प्रतिष्ठित लोगों की राय - इस विषय पर समाज के कई प्रतिष्ठित लोगों से चर्चा हुई जावरा के लोगो की माने तो अधिवक्ता हर्ष जैन जावरा ओर सुरभि जैन निवासी सुखेड़ा के बीच लंबे समय से प्रेम सम्बन्ध था ओर दोनों एक दूसरे को पसंद करते थे जिसकी खबर घर वालों को लगने के बाद घर परिवार ने दोनों का विवाह तय कर दिया था प्राप्त जानकारी के अनुसार लड़की पक्ष द्वारा पूर्व से प्रेम सम्बन्ध होने के कारण बिना किसी लेन देन की बात पर अपनी लड़की का प्रेम विवाह तय किया था, प्राप्त खबर के अनुसार लड़की पक्ष द्वारा कंकु ओर कन्या की बात(अर्थात बिना किसी लेन देन ओर बिना किसी खर्च के) की बात पर शादी तय की गई थी किन्तु बाद मैं 8 अक्टूबर 2025 को सुरभि के परिवार द्वारा एक योजना के तहत अपनी बेटी को बहाना बना कर जावरा से ले जाया गया फिर बाद मै वापस भेजने से इनकार करते हुए तलाक दे कर छोड़ने की धमकी दी गई ओर नहीं देने पर झूठे केसों मै फ़साने की धमकी उसके भाई के द्वारा दी जाने लगी ओर फिर अचानक से प्रेम विवाह के बाद रच दिया झूठा केस ओर फैला दी पेपर मैं झूठी न्यूज पर जैसे ही झूठी न्यूज पेपर मै आई उस दिनांक की सीसीटीवी फुटेज आग की तरह वायरल हो गई, सीसीटीवी फुटेज वायरल होते ही उक्त झूठे परिवार की सिट्टी पिट्टी गुल हो गई ओर समाज को उनके झूठ के बारे मै पता चल गया । शहरी ओर ग्रामीण लोगो की माने तो पूरा झूठा केस है लड़की स्वयं अपने भाई के साथ जावरा से अपने गांव सुखेड़ा गई थी जैसे ही इस झूठे केस की खबर पेपर मै आई वैसे ही सीसीटीवी फुटेज आग की तरह जावरा मै फैल गई ओर झूठे परिवार ओर झूठी लड़की की सच्चाई सामने आ गई हमने जावरा सुखेड़ा के प्रभुत्व लोगो से पेपर की कटिंग दिखा कर चर्चा की तो लोगो ने विशेष चर्चा मै हमें बताया की लड़की सुरभि के तो हर्ष से पहले से ही कई वर्षों से सम्बन्ध थे ओर लोगो की माने तो प्रेम विवाह ओर लंबे समय के प्रेम संबंधो के बाद जैसे ही लड़की पक्ष को इन दोनों के सम्बन्ध की भनक लगी उनके द्वारा तुरंत सगाई ओर विवाह तय कर दिया गांव ओर जावरा के लोगो की माने तो प्रेम सम्बन्ध होने के कारण लड़की पक्ष द्वारा अपने गांव मै चुप चाप गुप चुप तरीके से दोनों की सगाई कर दी थी लोगो की माने तो प्रेम विवाह के बाद लड़की पक्ष झूठ बोल रहा है ओर झूठे आरोप लगा रहा है ओर झूठी बाते फैला रहा है। इस झूठे केस के बाद अब जावरा ओर आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों मै सबके मन मै एक ही प्रश्न है कि ऐसी लड़कियां प्रेम विवाह के बाद भी झूठे केस कैसे कर सकती है ओर ऐसा करके क्या साबित करना चाहती है ???? जावरा के लोगो के मन मै डर भी है क्योंकि जावरा मै विगत वर्षों मै प्रेम विवाह बढ़ गये है अगर ऐसे ही झूठे आरोप अगर लड़की पक्ष द्वारा शादी के कुछ दिनों बाद लगाए जाते है तो इससे समाज पर कितना गलत प्रभाव पड़ेगा ओर उनके बच्चों को झूठे कानूनी विवाद झेलने होगे लोगो मै चर्चा है कि क्या ऐसी लड़कियां जो झूठे केस करके तलाक लेती है वो किसी का घर बसा सकती है या वो जहां भी जाएगी वहां ऐसे ही रंग दिखाएगी कथित तौर पर आज कल हर जगह झूठे दहेज केस हो रहे है ओर यहां भी इस झूठे ओर फर्जी दहेज केस के चर्चे है जबकि हमें मिली जानकारी के अनुसार विवाह के पूर्व ही लड़की के भाई द्वारा ओर पिता द्वारा सब बात पूर्व मै ही तय कर ली थी ओर चूंकि प्रेम सम्बन्ध के बाद तय हुए विवाह मै पहले ही सब बात हो गई थी ओर बिना किसी लेन देन के विवाह तय हो गया था फिलहाल ये झूठा केस जैन समाज ओर सर्वसमाज मै चर्चा का विषय बना हुआ है लोग इस पर अपनी अपनी राय दे रहे है कि अगर प्रेम सम्बन्ध के बाद भी झूठे केस हो जाए तो कोई क्या ही करे समाज के मुताबिक ये तो बहुत शर्मनाक कृत्य है ऐसे मै झूठ का साथ देने वाले सभी लोग उतने ही दोषी है, हम भी इस विषय पर जावरा को ओर हमारे यूजर्स को सावधान कर रहे है कि अगर आपके बच्चे भी प्रेम विवाह कर रहे है तो पहले लड़की के परिवार के बारे मै जानकारी लेवे ओर पहले से ही संपूर्ण लिखा पढ़ी करके ही आगे बढ़े ताकी इस तरह के लोग आपको झूठे केसों मै न फसा पाए रिश्ते की शुरुआत सावधानी से करे, सोच समझ कर करे कही इन झूठे केसों का अगला शिकार आप तो नहीं इससे बचने के लिए अपने घर पर सीसीटीवी कैमरा लगवाए ओर सारे सबूत जानकारी ओर कानूनी लिखा पढ़ी करके ही आगे बढ़े "कही झूठे केस करके आपको ओर आपके परिवार को फसाने वाली अगली सुरभि आपके घर तो नहीं आ रही ओर कही झूठे केस मै फ़सने वाले अगले हर्ष आप तो नहीं "
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    झूठे दहेज केस कर रहे शादियां बर्बाद 

लव मैरेज के बाद हुआ झूठा दहेज केस प्राप्त जानकारी के अनुसार जावरा निवासी अधिवक्ता हर्ष जैन पर सुरभि जैन निवासी सुखेड़ा ने प्रेम संबंध के बाद हुए विवाह मै किए झूठे मुकदमे

प्रेम संबंध ओर विवाह फिर झूठा दहेज केस बना चर्चा का विषय - 
झूठे दहेज केस बर्बाद कर रहे रिश्ते जावरा सुखेड़ा हर्ष ओर सुरभि का अनोखा संबंध अनोखा किस्सा प्रेम संबंधो के बाद घर वालों ने तय किया दोनों का विवाह फिर भी लड़की ओर परिवार ने किया झूठा दहेज केस ----
झूठे केसों से रिश्ते हो रहे तार तार लंबे प्रेम संबंधो का हो रहा है दुखद अंत लड़कों के मन मै झूठी मुकदमेबाज लड़कियों को लेकर बढ़ रहा है डर,
झूठे दहेज केस का बढ़ता ट्रेंड रिश्तों की नींव को जड़ से खत्म कर रहा है यहां भी लंबे समय के प्रेम संबंधो के बाद तय हुए विवाह मै झूठे आरोप लगे है जो कि अविश्वसनीय ओर सामाजिक रूप से अस्वीकार है 
कही झूठे केस मै फ़सने वाले अगले लड़के आप तो नहीं कही अगला झूठा केस करने वाली लड़की आपके घर तो नहीं आ रही 
प्राप्त जानकारी के अनुसार लड़की सुरभि के परिवार द्वारा झूठी न्यूज नईदुनिया पेपर मै दी थी ओर  झूठ का ढिंढोरा पीट कर अपने आप को सही बताया जा रहा था परंतु कही से बताई गई घटना दिनांक 08-10-2025 की सीसीटीवी फुटेज वायरल हो गई जिससे लड़की पक्ष का झूठ उनके ही गले की हड्डी बन गया ओर सच लोगो के सामने आ गया है 
सीसीटीवी फुटेज वायरल होने से उनके द्वारा समाज मै कहे जा रहे झूठ का भांडाफोड हो गया ओर लोगो के सामने वो छुपा हुआ सच आ गया कि बताई दिनांक को लड़की अपने भाई के साथ ही गाई थी सभी आरोप झूठे ओर बेबुनियाद है 
प्रतिष्ठित लोगों की राय - 
इस विषय पर समाज के कई प्रतिष्ठित लोगों से चर्चा हुई जावरा के लोगो की माने तो अधिवक्ता हर्ष जैन जावरा ओर सुरभि जैन निवासी सुखेड़ा के बीच लंबे समय से प्रेम सम्बन्ध था ओर दोनों एक दूसरे को पसंद करते थे जिसकी खबर घर वालों को लगने के बाद घर परिवार ने दोनों का विवाह तय कर दिया था
प्राप्त जानकारी के अनुसार लड़की पक्ष द्वारा पूर्व से प्रेम सम्बन्ध होने के कारण बिना किसी लेन देन की बात पर अपनी लड़की का प्रेम विवाह तय किया था, प्राप्त खबर के अनुसार लड़की पक्ष द्वारा कंकु ओर कन्या की बात(अर्थात बिना किसी लेन देन ओर बिना किसी खर्च के) की बात पर शादी तय की गई थी
किन्तु बाद मैं 8 अक्टूबर 2025 को सुरभि के परिवार द्वारा एक योजना के तहत अपनी बेटी को बहाना बना कर जावरा से ले जाया गया फिर बाद मै वापस भेजने से इनकार करते हुए तलाक दे कर छोड़ने की धमकी दी गई ओर नहीं देने पर झूठे केसों मै फ़साने की धमकी उसके भाई के द्वारा दी जाने लगी ओर फिर अचानक से प्रेम विवाह के बाद रच दिया झूठा केस ओर फैला दी पेपर मैं झूठी न्यूज पर जैसे ही झूठी न्यूज पेपर मै आई  उस दिनांक की सीसीटीवी फुटेज आग की तरह वायरल हो गई, सीसीटीवी फुटेज वायरल होते ही उक्त झूठे परिवार की सिट्टी पिट्टी गुल हो गई ओर समाज को उनके झूठ के बारे मै पता चल गया ।
शहरी ओर ग्रामीण लोगो की माने तो पूरा झूठा केस है लड़की स्वयं अपने भाई के साथ जावरा से अपने गांव सुखेड़ा गई थी जैसे ही इस झूठे केस की खबर पेपर मै आई वैसे ही सीसीटीवी फुटेज आग की तरह जावरा मै फैल गई ओर झूठे परिवार ओर झूठी लड़की की सच्चाई सामने आ गई
हमने जावरा सुखेड़ा के प्रभुत्व लोगो से पेपर की कटिंग दिखा कर चर्चा की तो लोगो ने विशेष चर्चा मै हमें बताया की लड़की सुरभि के तो हर्ष से पहले से ही कई वर्षों से सम्बन्ध थे ओर लोगो की माने तो प्रेम विवाह ओर लंबे समय के प्रेम संबंधो के बाद जैसे ही लड़की पक्ष को इन दोनों के सम्बन्ध की भनक लगी उनके द्वारा तुरंत सगाई ओर विवाह तय कर दिया गांव ओर जावरा के लोगो की माने तो प्रेम सम्बन्ध होने के कारण लड़की पक्ष द्वारा अपने गांव मै चुप चाप गुप चुप तरीके से दोनों की सगाई कर दी थी लोगो की माने तो प्रेम विवाह के बाद लड़की पक्ष झूठ बोल रहा है ओर झूठे आरोप लगा रहा है ओर झूठी बाते फैला रहा है।
इस झूठे केस के बाद अब जावरा ओर आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों मै सबके मन मै एक ही प्रश्न है कि ऐसी लड़कियां प्रेम विवाह के बाद भी झूठे केस कैसे कर सकती है ओर ऐसा करके क्या साबित करना चाहती है  ????
जावरा के लोगो के मन मै डर भी है क्योंकि जावरा मै विगत वर्षों मै प्रेम विवाह बढ़ गये है अगर ऐसे ही झूठे आरोप अगर लड़की पक्ष द्वारा शादी के कुछ दिनों बाद लगाए जाते है तो इससे समाज पर कितना गलत प्रभाव पड़ेगा ओर उनके बच्चों को झूठे कानूनी विवाद झेलने होगे 
लोगो मै चर्चा है कि क्या ऐसी लड़कियां जो झूठे केस करके तलाक लेती है वो किसी का घर बसा सकती है या वो जहां भी जाएगी वहां ऐसे ही रंग दिखाएगी कथित तौर पर आज कल हर जगह झूठे दहेज केस हो रहे है ओर यहां भी इस झूठे ओर फर्जी दहेज केस के चर्चे है जबकि हमें मिली जानकारी के अनुसार विवाह के पूर्व ही लड़की के भाई द्वारा ओर पिता द्वारा सब बात पूर्व मै ही तय कर ली थी ओर चूंकि प्रेम सम्बन्ध के बाद तय हुए विवाह मै पहले ही सब बात हो गई थी ओर बिना किसी लेन देन के विवाह तय हो गया था
फिलहाल ये झूठा केस जैन समाज ओर सर्वसमाज मै चर्चा का विषय बना हुआ है लोग इस पर अपनी अपनी राय दे रहे है कि अगर प्रेम सम्बन्ध के बाद भी झूठे केस हो जाए तो कोई क्या ही करे समाज के मुताबिक ये तो बहुत शर्मनाक कृत्य है ऐसे मै झूठ का साथ देने वाले सभी लोग उतने ही दोषी है,
हम भी इस विषय पर जावरा को ओर हमारे यूजर्स को सावधान कर रहे है कि अगर आपके बच्चे भी प्रेम विवाह कर रहे है तो पहले लड़की के परिवार के बारे मै जानकारी लेवे ओर पहले से ही संपूर्ण लिखा पढ़ी करके ही आगे बढ़े ताकी इस तरह के लोग आपको झूठे केसों मै न फसा पाए 
रिश्ते की शुरुआत सावधानी से करे, सोच समझ कर करे कही इन झूठे केसों का अगला शिकार आप तो नहीं
इससे बचने के लिए अपने घर पर सीसीटीवी कैमरा लगवाए ओर सारे सबूत जानकारी ओर कानूनी लिखा पढ़ी करके ही आगे बढ़े 
"कही झूठे केस करके आपको ओर आपके परिवार को फसाने वाली अगली सुरभि आपके घर तो नहीं आ रही ओर कही झूठे केस मै फ़सने वाले अगले हर्ष आप तो नहीं "
    user_News
    News
    Indore, Madhya Pradesh•
    4 hrs ago
  • भंवर कुवा इंदौर में आदिवासी का जन सैलाब जन सैलाब से 2 किलोमीटर आदिवासी
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    भंवर कुवा इंदौर में आदिवासी का जन सैलाब जन सैलाब  से 2 किलोमीटर    आदिवासी
    user_Vishal Jadhav
    Vishal Jadhav
    पत्रकार NCR समाचार इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • विश्व आदिवासी दिवस पर इंदौर में उमड़ा जनसैलाब, पारंपरिक वेशभूषा में थिरके हजारों आदिवासी इंदौर से कृष्णा वर्मा की रिपोर्ट इंदौर, 9 अगस्त 2026। विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में आज इंदौर में भव्य आयोजन हुआ। लालबाग से प्रारंभ हुई रैली कलेक्टर कार्यालय, भंवरकुआं पर टंट्या मामा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर रीजनल पार्क पहुंची। रैली में लाखों की संख्या में महिला, पुरुष एवं युवा शामिल हुए। आदिवासी समाज के लोग अपनी पारंपरिक वेशभूषा एवं संस्कृति से जुड़े परिधानों में नजर आए। पूरे मार्ग पर आदिवासी संस्कृति, एकता और उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेश मुजाल्दा एवं प्रदेश अध्यक्ष पवन डाबर के नेतृत्व में समाजजन बड़ी संख्या में रैली में शामिल हुए। करीब 15 डीजे की धुनों पर युवा, महिला एवं पुरुष नाचते-झूमते हुए आदिवासी संस्कृति और एकता का संदेश देते नजर आए। रैली के दौरान पारंपरिक नृत्य, गीत-संगीत और उत्साह ने पूरे शहर का ध्यान आकर्षित किया। आयोजन का उद्देश्य आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, पहचान और सामाजिक एकता को मजबूत करना तथा नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली विरासत से जोड़ना रहा। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर इंदौर में निकली इस विशाल रैली ने आदिवासी समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत की भव्य झलक प्रस्तुत की।
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    विश्व आदिवासी दिवस पर इंदौर में उमड़ा जनसैलाब, पारंपरिक वेशभूषा में थिरके हजारों आदिवासी
इंदौर से कृष्णा वर्मा की रिपोर्ट
इंदौर, 9 अगस्त 2026। विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में आज इंदौर में भव्य आयोजन हुआ। लालबाग से प्रारंभ हुई रैली कलेक्टर कार्यालय, भंवरकुआं पर टंट्या मामा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर  रीजनल पार्क पहुंची। रैली में लाखों की संख्या में महिला, पुरुष एवं युवा शामिल हुए।
आदिवासी समाज के लोग अपनी पारंपरिक वेशभूषा एवं संस्कृति से जुड़े परिधानों में नजर आए। पूरे मार्ग पर आदिवासी संस्कृति, एकता और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेश मुजाल्दा एवं प्रदेश अध्यक्ष पवन डाबर के नेतृत्व में समाजजन बड़ी संख्या में रैली में शामिल हुए। करीब 15 डीजे की धुनों पर युवा, महिला एवं पुरुष नाचते-झूमते हुए आदिवासी संस्कृति और एकता का संदेश देते नजर आए।
रैली के दौरान पारंपरिक नृत्य, गीत-संगीत और उत्साह ने पूरे शहर का ध्यान आकर्षित किया। आयोजन का उद्देश्य आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, पहचान और सामाजिक एकता को मजबूत करना तथा नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली विरासत से जोड़ना रहा।
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर इंदौर में निकली इस विशाल रैली ने आदिवासी समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत की भव्य झलक प्रस्तुत की।
    user_KRISHNA VERMA
    KRISHNA VERMA
    Insurance Agent इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | इंदौर इंदौर सिटी हॉस्पिटल पर युवती ने लगाए गंभीर आरोप, टेलीकॉलिंग नौकरी के नाम पर आयुष्मान कार्ड, समग्र आईडी, बैंक पासबुक लेकर कराई ई-केवाईसी! मरीजों की यूनिफॉर्म पहनाकर बेड पर लिटाने, ऑक्सीजन मास्क लगाने और मरीज के रूप में फोटो खींचने का आरोप—फोटो मांगने पर नहीं देने से बढ़ी आशंका, थाना क्षिप्रा की मंगलिया चौकी में शिकायत देकर दस्तावेजों के संभावित दुरुपयोग और पूरे मामले की जांच की मांग।
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    🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | इंदौर

इंदौर सिटी हॉस्पिटल पर युवती ने लगाए गंभीर आरोप, टेलीकॉलिंग नौकरी के नाम पर आयुष्मान कार्ड, समग्र आईडी, बैंक पासबुक लेकर कराई ई-केवाईसी!

मरीजों की यूनिफॉर्म पहनाकर बेड पर लिटाने, ऑक्सीजन मास्क लगाने और मरीज के रूप में फोटो खींचने का आरोप—फोटो मांगने पर नहीं देने से बढ़ी आशंका, थाना क्षिप्रा की मंगलिया चौकी में शिकायत देकर दस्तावेजों के संभावित दुरुपयोग और पूरे मामले की जांच की मांग।
    user_राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    Newspaper publisher Indore, Madhya Pradesh•
    7 hrs ago
  • कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा को लेकर ट्रैफिक पुलिस सख्त* *खंडवा रोड पर भारी वाहनों की नो-एंट्री पूरे सावन जारी, तेजाजी नगर चौराहा-बायपास पर सघन चेकिंग* *यातायात नियम तोड़ने वालों के कट रहे चालान, झोन-3 ट्रैफिक प्रभारी ब्रज राज अजनार के निर्देशन में लगातार कार्रवाई* इंदौर
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    कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा को लेकर ट्रैफिक पुलिस सख्त*

*खंडवा रोड पर भारी वाहनों की नो-एंट्री पूरे सावन जारी, तेजाजी नगर चौराहा-बायपास पर सघन चेकिंग*

*यातायात नियम तोड़ने वालों के कट रहे चालान, झोन-3 ट्रैफिक प्रभारी ब्रज राज अजनार के निर्देशन में लगातार कार्रवाई*

इंदौर
    user_Jaypal Gurjar
    Jaypal Gurjar
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • ek dalit Yuva Ne banaa Diya udane wali kar video hua viral रवि ने बना दी उड़ने वाली कर भारत में
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    ek dalit Yuva Ne banaa Diya udane wali kar video hua viral
रवि ने बना दी उड़ने वाली कर भारत में
    user_AARTI Jadhav
    AARTI Jadhav
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • दो दिवसीय वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस इन्हेंसिंग एक्सेस टू जस्टिस" *न्याय तभी संभव, जब हम पीड़ित के दु:ख-दर्द को उसकी भाषा में समझें: सीजेआई न्यायमूर्ति सूर्यकांत मध्यप्रदेश में 4 नए फास्ट ट्रैक शुरु, करने वाला देश का पहला राज्य नेशनल लीगल सर्विस अथॉरिटी की योजनाओं के हिंदी संस्करण और ब्रेल लिपि में गाइड का हुआ विमोचन* जस्टिस टू चिल्ड्रन लिटिगेशन फेलोशिप प्रोग्राम तथा मध्यस्थता पर सर्टिफिकेट कोर्स का किया गया शुभारंभ 9 अगस्त तक चलेगी कॉन्फ्रेंस* इंदौर 08 अगस्त 2026 भारत के मुख्य न्यायाधीश और राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रमुख संरक्षक न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उच्चतम न्यायालय के अन्य न्यायमूर्तिगणों ने शनिवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस - 'इन्हेंसिंग एक्सेस जस्टिस' के उद्घाटन सत्र का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। यह कॉन्फ्रेंस 9 अगस्त तक चलेगी। कॉन्फ्रेंस का आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली (नालसा), मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर (सालसा) और मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के संयुक्त तत्वावधान में किया गया है। इस 2 दिवसीय कॉन्फ्रेंस का विषय 'इन्हेंसिंग एक्सेस टू जस्टिस' तथा इसकी थीम 'एकजुट आवाज, सशक्त भविष्य : संवाद, गरिमा और समावेशन के माध्यम से न्याय तक पहुंच' रखी गयी है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत ने नालसा की शिक्षा स्कीम तथा नालसा के थीम सॉन्ग को इंडियन साइन लैंग्वेज में लाँच किया। कॉन्फ्रेंस में नालसा के थीम सॉन्ग का प्रदर्शन कर इसकी योजनाओं के हिंदी संस्करण और ब्रेल लिपि में गाइड का विमोचन किया गया। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत, मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित अन्य सभी अतिथियों ने 'जस्टिस टू चिल्ड्रन लिटिगेशन फेलोशिप प्रोग्राम' तथा मध्यस्थता पर सर्टिफिकेट कोर्स - विवाद से सहमति की ओर का भी शुभारंभ किया। केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुनराम मेघवाल सहित अन्य न्यायमूर्तियों ने कॉन्फ्रेंस में आयोजकों द्वारा तैयार की गई 'न्याय के स्वर' नामक पुस्तक का विमोचन किया। सीजेआई न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत ने कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि 2 पक्षों में विवाद के हल में संवाद की प्रक्रिया अनेक विचारों से एकमत या आवाज तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सबके न्याय की पहुंच सिर्फ कानून के आधार पर तैयार नहीं हो सकती है। यह संवाद से ही संभव है। न्याय की प्रक्रिया केवल न्यायपालिका या किसी एक संस्था से पूरी नहीं होती है। इस यज्ञ में सबको मिलकर आहूति देनी होती है। किसी विवाद में मध्यस्थता की प्रक्रिया सामने वाले के सुनने से प्रारंभ होती है। न्याय मिलने से पहले पीड़ित को यह विश्वास होना आवश्यक है कि उसकी पीड़ा या समस्या को कोई सुन रहा है। उन्होंने कहा कि सभी की समस्याएं अलग-अलग हो सकती हैं, परंतु हर समस्या का समाधान एक जैसा नहीं होगा। समस्या की प्रकृति के अनुसार हमें अलग तरीके से सोचकर उसका समाधान देना होगा। स्थानीय समस्या को उसी सोच के साथ निदान तक लेकर जाना पड़ेगा। सीजेआई न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत ने कहा कि किसी पीड़ित की समस्या और उसके दुख-दर्द को हमें उसकी अपनी भाषा में अंर्तमन से सुनना पड़ेगा। इससे समस्या को समझने और उसका निदान करने में बड़ा अंतर देखने को मिलेगा और यही अंतिम न्याय का आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था के संदर्भ में सशक्त भविष्य, गरिमा, समावेशन सिर्फ शब्द नहीं, यह विधिक सहायता की वास्तविक परिभाषा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर के न्याय के प्रति समर्पण का जिक्र किया। लोकमाता के लिए न्याय सबके लिए समान अधिकार था। वे इकलौती महिला शासक थीं, जो प्रतिदिन नागरिकों, किसानों और विधवाओं से मुलाकात कर उनकी समस्याओं का समाधान करती थीं। वे सीधे नागरिकों से संवाद करती थीं, उनके शासनकाल में किसी के साथ भेदभाव नहीं होता था। इंदौर नगरी में इस सम्मेलन के आयोजन के लिए मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बधाई का पात्र है। न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत ने कहा कि नालसा के संवाद और चर्चा के लिए कार्यक्रमों से राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला और तहसील स्तर की संस्थाएं जुड़ी हैं। हमारे पैरा लीगल वॉलेंटियर सामाजिक व्यवस्था के सबसे करीब होते हैं। उनकी भूमिकाएं अलग हो सकती हैं, लेकिन हम सभी एक समान संवैधानिक उद्देश्य से साथ जुड़े होते हैं। वेस्ट जोन में विधिक सेवाओं का विस्तार मध्यप्रदेश के जनजातीय समुदाय, गोवा के मछुआरा समुदाय, गुजरात के माइग्रेंट वर्कर और मुंबई में रहने वाली किसी महिला के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कोई डॉक्टर, किसी मरीज से बात करके उसकी परेशानियों को समझता है। उसी प्रकार समुदायों की समस्या को जानने-समझने के लिए हमें संवाद का सहारा लेना चाहिए। यह क्रॉन्फ्रेंस सिर्फ अपने विचारों का आदान-प्रदान करने का मंच नहीं है, हमें सभी तक न्याय की पहुंच आसान बनाने के लिए एक बेहतर न्याय व्यवस्था का निर्माण करना है। सशक्त भविष्य के लिए हम आज संवाद, नागरिकों की गरिमा, समानता की आवश्यकता है। पीड़ित को सबसे पहले मानवीय व्यवहार के साथ रिसीव करें। उसकी समस्या सुनें और फिर उसके अंतिम निदान का प्रयास किया जाए। पीड़ित की गरिमा का पूरा सम्मान किया जाए। गरीब, लाचार, आर्थिक रूप से पिछड़े, महिलाओं, बच्चों की सहायता करना कोई चैरिटी नहीं है, न्याय पाना सबका संवैधानिक अधिकारी है। हम सब पीड़ित को न्याय दिलाने में उसके सहायक की भूमिका में रहें। न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत ने कहा कि समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति तक न्याय की पहुंच हो, इसी में समानता का भाव छिपा है। समानता सिर्फ शब्दों में नहीं वास्तविक अर्थों में भी आनी चाहिए, इसलिए जब खुद बड़ी भूमिका में आ जाएं, तो यह जरूर देखें कि हमारे बीच में से कोई पीछे तो नहीं रह गया ? हमें प्रगति और अधिकार दिलाने की कोशिश में यह जरूर देखना होगा कि कहीं कोई पीछे तो नहीं छूट गया ? उन्होंने कहा कि समानता और न्याय की पहुंच हर नागरिक का अधिकार है और यह सुनिश्चित करना भी हम सभी की ही जिम्मेदारी है। हमारी असली परीक्षा तो इस बात में है कि जो न्याय पाने के लिए हमारे पास नहीं आया है, हम उस तक कैसे पहुंचे ? न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत ने कहा कि देशभर में काम कर रहे न्यायमित्र (पैरा लीगल वॉलेंटियर्स) हमारी न्यायिक सेना (लीगल आर्मी) हैं। ये उन समाजसेवियों की तरह हैं, जिन्हें समाज के पीड़ितों, जरूरतमंदों और वंचितों को न्याय दिलाने का काम सौंपा गया है। महात्मा गांधी ने भी तत्कालीन समाज के लिए यही काम किया था। उन्होंने कहा कि समानता केवल स्कीम लॉन्च करने से ही नहीं आ जाएगी। इसके लिए संवाद किया जाना चाहिए। न्याय के लिए जरूरी है कि हर समस्या को पूरी संवेदनशीलता के साथ सुना जाए। सभी के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार हो। समावेशन यह सुनिश्चित करता है कि न्याय पाने से कोई वंचित न रहे, कोई पीछे न रह जाए। उन्होंने पैरा लीगल वॉलेंटियर्स से आहवान किया कि वे समाज के विकास के लिए और वंचितों को बराबरी में लाने के लिए समर्पित होकर काम करें और हर पात्र व्यक्ति को उसका वाजिब हक और उसके अधिकार का लाभ दिलाएं। *संवाद, गरिमा और संवदेनशीलता..., ये हमारी न्याय प्रणाली की हैं आत्मा* मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि न्याय पाना इस धरती में जन्मे हर व्यक्ति का प्राथमिक और मानवीय अधिकार है। एक जागरूक नागरिक के रूप में यह हमारा कर्तव्य भी है कि हम समाज के हर उस पीड़ित व्यक्ति या समुदाय को न्याय के मंदिर तक न केवल पहुंचाए, वरन् उसे न्याय भी दिलवाएं जो न्याय पाने का वास्तविक अधिकारी है। उन्होंने कहा कि इसके लिए जरूरी है कि हमारी न्याय व्यवस्था ऐसी हो, जो सर्वव्यापी हो, सुलभ हो, सुगम हो, शीघ्र हो, सस्ती हो, समदर्शी हो और सबसे जरूरी यह कि न्याय मानवीय संवेदनाओं से भरा हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण भारतीय न्याय परंपरा को समृद्ध करने की दिशा में अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा है। आज के इस पवित्र आयोजन की थीम - एक आवाज, सशक्त भविष्य, गरिमा, समावेशन के माध्यम से न्याय पहुंचाना है। न्याय, स्वतंत्रता और बंधुत्व को लोकतंत्र का आधार बनाया गया है। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता से छोटे-छोटे मामलों का निपटारा कर हम केस पेंडेंसी जैसे गंभीर विषयों पर मंथन कर रहे हैं। हमारे लिए न्याय की अवधारणा पंच परमेश्वरों की परंपरा रही है, जिन्होंने कभी समझाइश देकर, कभी समझौतों से विवादों को सहजता से सुलझाया है। भगवान श्रीकृष्ण के गीता के ज्ञान में भी समाधान का मार्ग दिखाई देता है, उन्होंने महाभारत युद्ध के भीषण समय को टालने के लिए 5 गांवों से समाधान निकालने का प्रयास किया था। हमारे संविधान में हजारों वर्षों की न्याय परंपरा का आधुनिक उत्कृष्ट संगम है। यह देश का न्याय विधान है। हमारे सभी न्यायालय वास्तव में न्याय के मंदिर हैं। भारतीय अदालतों को लोग श्रद्धा से न्याय मिलने के स्थान के रूप में मानते हैं। न्याय की आस में न्यायालय की चौखट पर कदम रखते हैं। राज्य सरकार न्यायपालिका की भावना के अनुसार अपने सभी उपलब्ध संसाधनों के साथ सदैव सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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    दो दिवसीय वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस इन्हेंसिंग एक्सेस टू जस्टिस"
*न्याय तभी संभव, जब हम पीड़ित के दु:ख-दर्द को उसकी भाषा में समझें: सीजेआई न्यायमूर्ति सूर्यकांत 
मध्यप्रदेश में 4 नए फास्ट ट्रैक शुरु, करने वाला देश का पहला राज्य
नेशनल लीगल सर्विस अथॉरिटी की योजनाओं के हिंदी संस्करण और ब्रेल लिपि में गाइड का हुआ विमोचन*
जस्टिस टू चिल्ड्रन लिटिगेशन फेलोशिप प्रोग्राम तथा मध्यस्थता पर सर्टिफिकेट कोर्स का किया गया शुभारंभ
9 अगस्त तक चलेगी कॉन्फ्रेंस*
इंदौर 08 अगस्त 2026 
भारत के मुख्य न्यायाधीश और राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रमुख संरक्षक न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उच्चतम न्यायालय के अन्य न्यायमूर्तिगणों ने शनिवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस - 'इन्हेंसिंग एक्सेस जस्टिस' के उद्घाटन सत्र का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। यह कॉन्फ्रेंस 9 अगस्त तक चलेगी। कॉन्फ्रेंस का आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली (नालसा), मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर (सालसा) और मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के संयुक्त तत्वावधान में किया गया है। इस 2 दिवसीय कॉन्फ्रेंस का विषय 'इन्हेंसिंग एक्सेस टू जस्टिस' तथा इसकी थीम 'एकजुट आवाज, सशक्त भविष्य : संवाद, गरिमा और समावेशन के माध्यम से न्याय तक पहुंच' रखी गयी है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत ने नालसा की शिक्षा स्कीम तथा नालसा के थीम सॉन्ग को इंडियन साइन लैंग्वेज में लाँच किया। कॉन्फ्रेंस में नालसा के थीम सॉन्ग का प्रदर्शन कर इसकी योजनाओं के हिंदी संस्करण और ब्रेल लिपि में गाइड का विमोचन किया गया। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत, मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित अन्य सभी अतिथियों ने 'जस्टिस टू चिल्ड्रन लिटिगेशन फेलोशिप प्रोग्राम' तथा मध्यस्थता पर सर्टिफिकेट कोर्स - विवाद से सहमति की ओर का भी शुभारंभ किया। केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुनराम मेघवाल सहित अन्य न्यायमूर्तियों ने कॉन्फ्रेंस में आयोजकों द्वारा तैयार की गई 'न्याय के स्वर' नामक पुस्तक का विमोचन किया।
सीजेआई न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत ने कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि 2 पक्षों में विवाद के हल में संवाद की प्रक्रिया अनेक विचारों से एकमत या आवाज तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सबके न्याय की पहुंच सिर्फ कानून के आधार पर तैयार नहीं हो सकती है। यह संवाद से ही संभव है। न्याय की प्रक्रिया केवल न्यायपालिका या किसी एक संस्था से पूरी नहीं होती है। इस यज्ञ में सबको मिलकर आहूति देनी होती है। किसी विवाद में मध्यस्थता की प्रक्रिया सामने वाले के सुनने से प्रारंभ होती है। न्याय मिलने से पहले पीड़ित को यह विश्वास होना आवश्यक है कि उसकी पीड़ा या समस्या को कोई सुन रहा है। उन्होंने कहा कि सभी की समस्याएं अलग-अलग हो सकती हैं, परंतु हर समस्या का समाधान एक जैसा नहीं होगा। समस्या की प्रकृति के अनुसार हमें अलग तरीके से सोचकर उसका समाधान देना होगा। स्थानीय समस्या को उसी सोच के साथ निदान तक लेकर जाना पड़ेगा। सीजेआई न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत ने कहा कि किसी पीड़ित की समस्या और उसके दुख-दर्द को हमें उसकी अपनी भाषा में अंर्तमन से सुनना पड़ेगा। इससे समस्या को समझने और उसका निदान करने में बड़ा अंतर देखने को मिलेगा और यही अंतिम न्याय का आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था के संदर्भ में सशक्त भविष्य, गरिमा, समावेशन सिर्फ शब्द नहीं, यह विधिक सहायता की वास्तविक परिभाषा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर के न्याय के प्रति समर्पण का जिक्र किया। लोकमाता के लिए न्याय सबके लिए समान अधिकार था। वे इकलौती महिला शासक थीं, जो प्रतिदिन नागरिकों, किसानों और विधवाओं से मुलाकात कर उनकी समस्याओं का समाधान करती थीं। वे सीधे नागरिकों से संवाद करती थीं, उनके शासनकाल में किसी के साथ भेदभाव नहीं होता था। इंदौर नगरी में इस सम्मेलन के आयोजन के लिए मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बधाई का पात्र है। 
न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत ने कहा कि नालसा के संवाद और चर्चा के लिए कार्यक्रमों से राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला और तहसील स्तर की संस्थाएं जुड़ी हैं। हमारे पैरा लीगल वॉलेंटियर सामाजिक व्यवस्था के सबसे करीब होते हैं। उनकी भूमिकाएं अलग हो सकती हैं, लेकिन हम सभी एक समान संवैधानिक उद्देश्य से साथ जुड़े होते हैं। वेस्ट जोन में विधिक सेवाओं का विस्तार मध्यप्रदेश के जनजातीय समुदाय, गोवा के मछुआरा समुदाय, गुजरात के माइग्रेंट वर्कर और मुंबई में रहने वाली किसी महिला के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कोई डॉक्टर, किसी मरीज से बात करके उसकी परेशानियों को समझता है। उसी प्रकार समुदायों की समस्या को जानने-समझने के लिए हमें संवाद का सहारा लेना चाहिए। यह क्रॉन्फ्रेंस सिर्फ अपने विचारों का आदान-प्रदान करने का मंच नहीं है, हमें सभी तक न्याय की पहुंच आसान बनाने के लिए एक बेहतर न्याय व्यवस्था का निर्माण करना है। सशक्त भविष्य के लिए हम आज संवाद, नागरिकों की गरिमा, समानता की आवश्यकता है। पीड़ित को सबसे पहले मानवीय व्यवहार के साथ रिसीव करें। उसकी समस्या सुनें और फिर उसके अंतिम निदान का प्रयास किया जाए। पीड़ित की गरिमा का पूरा सम्मान किया जाए। गरीब, लाचार, आर्थिक रूप से पिछड़े, महिलाओं, बच्चों की सहायता करना कोई चैरिटी नहीं है, न्याय पाना सबका संवैधानिक अधिकारी है। हम सब पीड़ित को न्याय दिलाने में उसके सहायक की भूमिका में रहें। 
न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत ने कहा कि समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति तक न्याय की पहुंच हो, इसी में समानता का भाव छिपा है। समानता सिर्फ शब्दों में नहीं वास्तविक अर्थों में भी आनी चाहिए, इसलिए जब खुद बड़ी भूमिका में आ जाएं, तो यह जरूर देखें कि हमारे बीच में से कोई पीछे तो नहीं रह गया ? हमें प्रगति और अधिकार दिलाने की कोशिश में यह जरूर देखना होगा कि कहीं कोई पीछे तो नहीं छूट गया ? उन्होंने कहा कि समानता और न्याय की पहुंच हर नागरिक का अधिकार है और यह सुनिश्चित करना भी हम सभी की ही जिम्मेदारी है। हमारी असली परीक्षा तो इस बात में है कि जो न्याय पाने के लिए हमारे पास नहीं आया है, हम उस तक कैसे पहुंचे ? न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत ने कहा कि देशभर में काम कर रहे न्यायमित्र (पैरा लीगल वॉलेंटियर्स) हमारी न्यायिक सेना (लीगल आर्मी) हैं। ये उन समाजसेवियों की तरह हैं, जिन्हें समाज के पीड़ितों, जरूरतमंदों और वंचितों को न्याय दिलाने का काम सौंपा गया है। महात्मा गांधी ने भी तत्कालीन समाज के लिए यही काम किया था। उन्होंने कहा कि समानता केवल स्कीम लॉन्च करने से ही नहीं आ जाएगी। इसके लिए संवाद किया जाना चाहिए। न्याय के लिए जरूरी है कि हर समस्या को पूरी संवेदनशीलता के साथ सुना जाए। सभी के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार हो। समावेशन यह सुनिश्चित करता है कि न्याय पाने से कोई वंचित न रहे, कोई पीछे न रह जाए। उन्होंने पैरा लीगल वॉलेंटियर्स से आहवान किया कि वे समाज के विकास के लिए और वंचितों को बराबरी में लाने के लिए समर्पित होकर काम करें और हर पात्र व्यक्ति को उसका वाजिब हक और उसके अधिकार का लाभ दिलाएं।  
*संवाद, गरिमा और संवदेनशीलता..., ये हमारी न्याय प्रणाली की हैं आत्मा*
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि न्याय पाना इस धरती में जन्मे हर व्यक्ति का प्राथमिक और मानवीय अधिकार है। एक जागरूक नागरिक के रूप में यह हमारा कर्तव्य भी है कि हम समाज के हर उस पीड़ित व्यक्ति या समुदाय को न्याय के मंदिर तक न केवल पहुंचाए, वरन् उसे न्याय भी दिलवाएं जो न्याय पाने का वास्तविक अधिकारी है। उन्होंने कहा कि इसके लिए जरूरी है कि हमारी न्याय व्यवस्था ऐसी हो, जो सर्वव्यापी हो, सुलभ हो, सुगम हो, शीघ्र हो, सस्ती हो, समदर्शी हो और सबसे जरूरी यह कि न्याय मानवीय संवेदनाओं से भरा हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण भारतीय न्याय परंपरा को समृद्ध करने की दिशा में अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा है। आज के इस पवित्र आयोजन की थीम - एक आवाज, सशक्त भविष्य, गरिमा, समावेशन के माध्यम से न्याय पहुंचाना है। न्याय, स्वतंत्रता और बंधुत्व को लोकतंत्र का आधार बनाया गया है। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता से छोटे-छोटे मामलों का निपटारा कर हम केस पेंडेंसी जैसे गंभीर विषयों पर मंथन कर रहे हैं। हमारे लिए न्याय की अवधारणा पंच परमेश्वरों की परंपरा रही है, जिन्होंने कभी समझाइश देकर, कभी समझौतों से विवादों को सहजता से सुलझाया है। भगवान श्रीकृष्ण के गीता के ज्ञान में भी समाधान का मार्ग दिखाई देता है, उन्होंने महाभारत युद्ध के भीषण समय को टालने के लिए 5 गांवों से समाधान निकालने का प्रयास किया था। हमारे संविधान में हजारों वर्षों की न्याय परंपरा का आधुनिक उत्कृष्ट संगम है। यह देश का न्याय विधान है। हमारे सभी न्यायालय वास्तव में न्याय के मंदिर हैं। भारतीय अदालतों को लोग श्रद्धा से न्याय मिलने के स्थान के रूप में मानते हैं। न्याय की आस में न्यायालय की चौखट पर कदम रखते हैं। राज्य सरकार न्यायपालिका की भावना के अनुसार अपने सभी उपलब्ध संसाधनों के साथ सदैव सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
    user_Naseem Khan
    Naseem Khan
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • जैन समाज के गुरुदेव का आगमन आज हमारे हमारे बीच में गुरुदेव जी सभी को आशीर्वाद देते हुए
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    जैन समाज के गुरुदेव का आगमन आज हमारे हमारे बीच में गुरुदेव जी सभी को आशीर्वाद देते हुए
    user_V k Vishwakarma
    V k Vishwakarma
    Photographer इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • आबकारी का छापा पलासिया में 350 पाव देसी शराब सुतार गली में * इंदौर* आबकारी का छापा। पलासिया में 350 पाव देशी शराब, सुतार गली में 40 किलो भांग जप्त। कुल माल 1.55 लाख का। इन्दौर कलेक्टर शिवम वर्मा के आदेश पर आबकारी कार्रवाई। बड़ी ग्वालटोली और विनोबा नगर से 350 पाव देशी शराब, सुतार गली से भांग फैक्ट्री पकड़ी। 1.55 लाख का माल जप्त। इंदौर आबकारी की कार्रवाई | 350 पाव शराब और 40 किलो भांग जप्त | कुल कीमत 1.55 लाख
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    आबकारी का छापा पलासिया में 350 पाव देसी शराब सुतार गली में
* इंदौर*  
आबकारी का छापा। पलासिया में 350 पाव देशी शराब, सुतार गली में 40 
किलो भांग जप्त। कुल माल 1.55 लाख का।
इन्दौर कलेक्टर शिवम वर्मा  के आदेश पर 
आबकारी कार्रवाई। बड़ी ग्वालटोली और विनोबा नगर 
से 350 पाव देशी शराब, सुतार गली से भांग फैक्ट्री 
पकड़ी। 1.55 लाख का माल जप्त।
इंदौर आबकारी की कार्रवाई | 350 पाव शराब 
और 40 किलो भांग जप्त | कुल कीमत 1.55 लाख
    user_Sarfaraz Khan
    Sarfaraz Khan
    Media company इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
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