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जंतर-मंतर पर आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने चंद्रशेखर आजाद की शर्ट फाड़ दी है। नीट पेपर लीक के खिलाफ हो रहे इस प्रदर्शन में पुलिस द्वारा की गई इस बदसलूकी को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। कॉकरोच जनता पार्टी के इस आंदोलन के दौरान हुई इस कार्रवाई के खिलाफ लोग लगातार कड़ा विरोध दर्ज करा रहे हैं।
SUDHIR KUMAR SAW
जंतर-मंतर पर आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने चंद्रशेखर आजाद की शर्ट फाड़ दी है। नीट पेपर लीक के खिलाफ हो रहे इस प्रदर्शन में पुलिस द्वारा की गई इस बदसलूकी को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। कॉकरोच जनता पार्टी के इस आंदोलन के दौरान हुई इस कार्रवाई के खिलाफ लोग लगातार कड़ा विरोध दर्ज करा रहे हैं।
More news from Hazaribagh and nearby areas
- जनहित में जारी एक संदेश के माध्यम से लोगों से जागरूक, सतर्क और सावधान रहने की अपील की गई है। इस चेतावनी में साफ तौर पर कहा गया है कि किसी भी तरह की ठगी से बचने का एकमात्र उपाय केवल जागरूकता ही है।1
- दिल्ली से बांकीपुर उपचुनाव में एक युवा शहीद भरत तिवारी की तस्वीर लेकर पहुंचा है। वहां पहुंचकर इस युवा ने सम्राट चौधरी को लेकर अपनी बात रखी है। इस पूरे घटनाक्रम को जन सुराज, नीतीश कुमार, प्रशांत किशोर, पीके फॉर सीएम और पीके डिजिटल वाहिनी के संदर्भों के साथ जोड़कर देखा जा रहा है।1
- गिरिडीह जिले के तीसरी प्रखंड की गुगनी पंचायत में जल जीवन मिशन के तहत बन रही ₹9.46 करोड़ की गुमगी पंचायत बहुग्रामीय जलापूर्ति योजना घोर प्रशासनिक लापरवाही और तकनीकी विरोधाभासों के चक्रव्यूह में फंसकर अधूरी लटकी हुई है। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, इस योजना को पूरा करने का 18 महीने का अनुबंध मार्च 2026 में ही समाप्त हो चुका है, लेकिन जून बीत जाने के बाद भी जमीन पर पानी टंकी अधूरी खड़ी है। इस भारी लापरवाही के कारण गुमगी और सिंघो सहित दो पंचायतों के करीब 12 हजार ग्रामीण भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। इस योजना के बजट को लेकर अधिकारियों और संवेदक के बीच बयानों की नूराकुश्ती शुरू हो गई है। संवेदक विनीत सिंह का दावा है कि सरकार ने पिछले डेढ़ वर्ष से कोई राशि उपलब्ध नहीं कराई है, जिससे काम आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया है। इसके विपरीत, गिरिडीह जिला के कार्यपालक अभियंता राहुल कुमार का कहना है कि विभाग के स्तर पर संवेदक की कोई भी राशि बकाया नहीं है और फंड रोकने की बात पूरी तरह गलत है। तीसरी दक्षिणी भाग के जिला परिषद सदस्य रामकुमार रावत ने दोनों पक्षों के इस विरोधाभास को साफ तौर पर भ्रष्टाचार का संकेत बताया है। उन्होंने इस पूरे विषय को जिला परिषद की आगामी सामान्य बैठक में मजबूती से उठाने और दोषियों के खिलाफ लिखित स्पष्टीकरण के साथ उच्च स्तरीय जांच की मांग करने की बात कही है। ग्रामीणों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद आजसू नेता नारायण यादव ने गुमगी पंचायत स्थित निर्माणाधीन पानी टंकी स्थल का औचक निरीक्षण किया। वहां काम पूरी तरह ठप मिला और साइट पर लेबर व मिस्त्री सब गायब थे। आजसू नेता ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत काम शुरू नहीं किया गया, तो आजसू ग्रामीणों के साथ मिलकर पीएचईडी विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन करेगी। उधर, चमकी पहाड़ी पर अधूरी पानी टंकी के पास प्रदर्शन कर रहे गुमगी, सिंगराडीह लचकन, खिरोद और ककनी के ग्रामीणों का गुस्सा भड़का हुआ है। ग्रामीण रेखा देवी, यशोदा देवी, अनिल विश्वकर्मा व अन्य ने बताया कि शुरुआत में 10 महीने के भीतर पानी देने का वादा किया गया था। दो साल पहले ग्रामीणों द्वारा जमीन का विवाद सुलझाए जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। विभाग ने नए चापाकल देना भी बंद कर दिया है, जिससे ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।4
- गिरिडीह की पचरुखी पंचायत में एक बीएलओ (BLO) के पति मोइनुद्दीन अंसारी पर सरकारी फॉर्म भरने के नाम पर प्रति आवेदन ₹50 लेने का आरोप लगा है। इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच चर्चा काफी तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि फॉर्म भरवाने के लिए प्रति आवेदन ₹50 लिए जाने की शिकायत की गई है, हालांकि अभी तक किसी सक्षम अधिकारी ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों का तर्क है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, यदि यह आरोप गलत साबित होते हैं तो वास्तविक स्थिति को सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति की छवि प्रभावित न हो। फिलहाल इस मामले में आधिकारिक जांच या प्रशासनिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।1
- हज़ारीबाग के बरकठा में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के रहस्य को लेकर चर्चा की जा रही है। भगवान जगन्नाथ की इस पावन रथयात्रा से जुड़े गूढ़ रहस्यों को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।1
- राजकीय डिग्री महाविद्यालय, गोविंदपुर के उद्घाटन समारोह में पहुंचीं गोविंदपुर विधायक बिनीता मेहता ने मीडिया से खास बातचीत की है। इस दौरान उन्होंने इस महाविद्यालय के शुभारंभ को क्षेत्र की शिक्षा के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया। इसके साथ ही विधायक बिनीता मेहता ने विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी मीडिया के सामने अपनी बात रखी और अपनी इस पूरी बातचीत को साझा किया है।1
- गिरिडीह जिले के तीसरी प्रखंड अंतर्गत गुमगी पंचायत के सिंगराडीह लोहार टोला में मनरेगा कूप निर्माण के नाम पर सरकारी खजाने की लूट और प्रशासनिक अराजकता का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां महादेव लोहार की निजी जमीन पर तीन वर्ष पूर्व संवेदक आलोक ने जेसीबी लगाकर कूप निर्माण के लिए गड्ढा तो खुदवा दिया, लेकिन आज तक इसे पूरा नहीं किया गया। वर्तमान में यह खुला गड्ढा ग्रामीणों और मवेशियों के लिए चौबीसों घंटे जानलेवा साबित हो रहा है, जिसे लोग 'मौत का कुआं' कह रहे हैं। इस भ्रष्टाचार के उजागर होने के बाद विभाग के अधिकारियों और संवेदक के दावों में भारी विरोधाभास देखने को मिल रहा है। ग्रामीण अनिल विश्वकर्मा ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि संवेदक आलोक ने काम आगे बढ़ाने के लिए 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी और पैसे न देने पर काम अधूरा छोड़ दिया। दूसरी तरफ, निवर्तमान रोजगार सेवक जितेंद्र सिंह ने स्वीकार किया कि कूप निर्माण उनके कार्यकाल का है और इसमें कुछ राशि की निकासी भी हुई है, लेकिन उन्होंने काम रुकने की वजह दो गोतियों के बीच अचानक उपजे जमीन विवाद को बताया है। वहीं, ब्लॉक के प्रशासनिक तंत्र ने इस मामले में पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है। जब मनरेगा प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (BPO) पंकज कुमार से इस वित्तीय अनियमितता के बारे में पूछा गया तो उन्होंने अनभिज्ञता जताई, जबकि पंचायत सचिव पांडेय ने पंचायत में नए होने का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि सोची-समझी साजिश के तहत योजना का बोर्ड भी तोड़ दिया गया है ताकि कूप से जुड़ी जानकारियां छिपाई जा सकें और वहां महज दो गाड़ी पत्थर गिराकर खानापूर्ति की गई है। इस ढुलमुल रवैये को लेकर धर्मेंद्र विश्वकर्मा, सचिन विश्वकर्मा, दीपक विश्वकर्मा और प्रेम विश्वकर्मा सहित दर्जनों ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। आजसू नेता नारायण यादव ने बीपीओ और पंचायत सचिव के बयानों को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि बिना बीपीओ, जेई और पंचायत सचिव की मिलीभगत के राशि की निकासी संभव नहीं है और यह सीधे तौर पर जनता के पैसे का गबन है। इस पूरे मामले पर बीडीओ मनीष कुमार ने जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।4
- झारखंड के धनबाद में एक धमकी भरा संदेश मिलने के बाद बम की आशंका से भारी हड़कंप मच गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे परिसर को तत्काल खाली करा लिया गया। सूचना मिलते ही पुलिस और बम निरोधक टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की अत्यंत गंभीरता से पड़ताल कर रही है।1