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गिरिडीह जिले के तीसरी प्रखंड की गुगनी पंचायत में जल जीवन मिशन के तहत बन रही ₹9.46 करोड़ की गुमगी पंचायत बहुग्रामीय जलापूर्ति योजना घोर प्रशासनिक लापरवाही और तकनीकी विरोधाभासों के चक्रव्यूह में फंसकर अधूरी लटकी हुई है। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, इस योजना को पूरा करने का 18 महीने का अनुबंध मार्च 2026 में ही समाप्त हो चुका है, लेकिन जून बीत जाने के बाद भी जमीन पर पानी टंकी अधूरी खड़ी है। इस भारी लापरवाही के कारण गुमगी और सिंघो सहित दो पंचायतों के करीब 12 हजार ग्रामीण भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। इस योजना के बजट को लेकर अधिकारियों और संवेदक के बीच बयानों की नूराकुश्ती शुरू हो गई है। संवेदक विनीत सिंह का दावा है कि सरकार ने पिछले डेढ़ वर्ष से कोई राशि उपलब्ध नहीं कराई है, जिससे काम आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया है। इसके विपरीत, गिरिडीह जिला के कार्यपालक अभियंता राहुल कुमार का कहना है कि विभाग के स्तर पर संवेदक की कोई भी राशि बकाया नहीं है और फंड रोकने की बात पूरी तरह गलत है। तीसरी दक्षिणी भाग के जिला परिषद सदस्य रामकुमार रावत ने दोनों पक्षों के इस विरोधाभास को साफ तौर पर भ्रष्टाचार का संकेत बताया है। उन्होंने इस पूरे विषय को जिला परिषद की आगामी सामान्य बैठक में मजबूती से उठाने और दोषियों के खिलाफ लिखित स्पष्टीकरण के साथ उच्च स्तरीय जांच की मांग करने की बात कही है। ग्रामीणों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद आजसू नेता नारायण यादव ने गुमगी पंचायत स्थित निर्माणाधीन पानी टंकी स्थल का औचक निरीक्षण किया। वहां काम पूरी तरह ठप मिला और साइट पर लेबर व मिस्त्री सब गायब थे। आजसू नेता ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत काम शुरू नहीं किया गया, तो आजसू ग्रामीणों के साथ मिलकर पीएचईडी विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन करेगी। उधर, चमकी पहाड़ी पर अधूरी पानी टंकी के पास प्रदर्शन कर रहे गुमगी, सिंगराडीह लचकन, खिरोद और ककनी के ग्रामीणों का गुस्सा भड़का हुआ है। ग्रामीण रेखा देवी, यशोदा देवी, अनिल विश्वकर्मा व अन्य ने बताया कि शुरुआत में 10 महीने के भीतर पानी देने का वादा किया गया था। दो साल पहले ग्रामीणों द्वारा जमीन का विवाद सुलझाए जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। विभाग ने नए चापाकल देना भी बंद कर दिया है, जिससे ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।

11 hrs ago
user_अजय प्रजापति
अजय प्रजापति
पत्रकार Tisri, Giridih•
11 hrs ago
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गिरिडीह जिले के तीसरी प्रखंड की गुगनी पंचायत में जल जीवन मिशन के तहत बन रही ₹9.46 करोड़ की गुमगी पंचायत बहुग्रामीय जलापूर्ति योजना घोर प्रशासनिक लापरवाही और तकनीकी विरोधाभासों के चक्रव्यूह में फंसकर अधूरी लटकी हुई है। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, इस योजना को पूरा करने का 18 महीने का अनुबंध मार्च 2026 में ही समाप्त हो चुका है, लेकिन जून बीत जाने के बाद भी जमीन पर पानी टंकी अधूरी खड़ी है। इस भारी लापरवाही के कारण गुमगी और सिंघो सहित दो पंचायतों के करीब 12 हजार ग्रामीण भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी के लिए

तरस रहे हैं। इस योजना के बजट को लेकर अधिकारियों और संवेदक के बीच बयानों की नूराकुश्ती शुरू हो गई है। संवेदक विनीत सिंह का दावा है कि सरकार ने पिछले डेढ़ वर्ष से कोई राशि उपलब्ध नहीं कराई है, जिससे काम आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया है। इसके विपरीत, गिरिडीह जिला के कार्यपालक अभियंता राहुल कुमार का कहना है कि विभाग के स्तर पर संवेदक की कोई भी राशि बकाया नहीं है और फंड रोकने की बात पूरी तरह गलत है। तीसरी दक्षिणी भाग के जिला परिषद सदस्य रामकुमार रावत ने दोनों पक्षों के इस विरोधाभास को

साफ तौर पर भ्रष्टाचार का संकेत बताया है। उन्होंने इस पूरे विषय को जिला परिषद की आगामी सामान्य बैठक में मजबूती से उठाने और दोषियों के खिलाफ लिखित स्पष्टीकरण के साथ उच्च स्तरीय जांच की मांग करने की बात कही है। ग्रामीणों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद आजसू नेता नारायण यादव ने गुमगी पंचायत स्थित निर्माणाधीन पानी टंकी स्थल का औचक निरीक्षण किया। वहां काम पूरी तरह ठप मिला और साइट पर लेबर व मिस्त्री सब गायब थे। आजसू नेता ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत काम शुरू नहीं किया गया, तो आजसू ग्रामीणों के

साथ मिलकर पीएचईडी विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन करेगी। उधर, चमकी पहाड़ी पर अधूरी पानी टंकी के पास प्रदर्शन कर रहे गुमगी, सिंगराडीह लचकन, खिरोद और ककनी के ग्रामीणों का गुस्सा भड़का हुआ है। ग्रामीण रेखा देवी, यशोदा देवी, अनिल विश्वकर्मा व अन्य ने बताया कि शुरुआत में 10 महीने के भीतर पानी देने का वादा किया गया था। दो साल पहले ग्रामीणों द्वारा जमीन का विवाद सुलझाए जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। विभाग ने नए चापाकल देना भी बंद कर दिया है, जिससे ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।

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  • गिरिडीह जिले के तीसरी प्रखंड की गुगनी पंचायत में जल जीवन मिशन के तहत बन रही ₹9.46 करोड़ की गुमगी पंचायत बहुग्रामीय जलापूर्ति योजना घोर प्रशासनिक लापरवाही और तकनीकी विरोधाभासों के चक्रव्यूह में फंसकर अधूरी लटकी हुई है। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, इस योजना को पूरा करने का 18 महीने का अनुबंध मार्च 2026 में ही समाप्त हो चुका है, लेकिन जून बीत जाने के बाद भी जमीन पर पानी टंकी अधूरी खड़ी है। इस भारी लापरवाही के कारण गुमगी और सिंघो सहित दो पंचायतों के करीब 12 हजार ग्रामीण भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। इस योजना के बजट को लेकर अधिकारियों और संवेदक के बीच बयानों की नूराकुश्ती शुरू हो गई है। संवेदक विनीत सिंह का दावा है कि सरकार ने पिछले डेढ़ वर्ष से कोई राशि उपलब्ध नहीं कराई है, जिससे काम आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया है। इसके विपरीत, गिरिडीह जिला के कार्यपालक अभियंता राहुल कुमार का कहना है कि विभाग के स्तर पर संवेदक की कोई भी राशि बकाया नहीं है और फंड रोकने की बात पूरी तरह गलत है। तीसरी दक्षिणी भाग के जिला परिषद सदस्य रामकुमार रावत ने दोनों पक्षों के इस विरोधाभास को साफ तौर पर भ्रष्टाचार का संकेत बताया है। उन्होंने इस पूरे विषय को जिला परिषद की आगामी सामान्य बैठक में मजबूती से उठाने और दोषियों के खिलाफ लिखित स्पष्टीकरण के साथ उच्च स्तरीय जांच की मांग करने की बात कही है। ग्रामीणों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद आजसू नेता नारायण यादव ने गुमगी पंचायत स्थित निर्माणाधीन पानी टंकी स्थल का औचक निरीक्षण किया। वहां काम पूरी तरह ठप मिला और साइट पर लेबर व मिस्त्री सब गायब थे। आजसू नेता ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत काम शुरू नहीं किया गया, तो आजसू ग्रामीणों के साथ मिलकर पीएचईडी विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन करेगी। उधर, चमकी पहाड़ी पर अधूरी पानी टंकी के पास प्रदर्शन कर रहे गुमगी, सिंगराडीह लचकन, खिरोद और ककनी के ग्रामीणों का गुस्सा भड़का हुआ है। ग्रामीण रेखा देवी, यशोदा देवी, अनिल विश्वकर्मा व अन्य ने बताया कि शुरुआत में 10 महीने के भीतर पानी देने का वादा किया गया था। दो साल पहले ग्रामीणों द्वारा जमीन का विवाद सुलझाए जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। विभाग ने नए चापाकल देना भी बंद कर दिया है, जिससे ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
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    गिरिडीह जिले के तीसरी प्रखंड की गुगनी पंचायत में जल जीवन मिशन के तहत बन रही ₹9.46 करोड़ की गुमगी पंचायत बहुग्रामीय जलापूर्ति योजना घोर प्रशासनिक लापरवाही और तकनीकी विरोधाभासों के चक्रव्यूह में फंसकर अधूरी लटकी हुई है। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, इस योजना को पूरा करने का 18 महीने का अनुबंध मार्च 2026 में ही समाप्त हो चुका है, लेकिन जून बीत जाने के बाद भी जमीन पर पानी टंकी अधूरी खड़ी है। इस भारी लापरवाही के कारण गुमगी और सिंघो सहित दो पंचायतों के करीब 12 हजार ग्रामीण भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।

इस योजना के बजट को लेकर अधिकारियों और संवेदक के बीच बयानों की नूराकुश्ती शुरू हो गई है। संवेदक विनीत सिंह का दावा है कि सरकार ने पिछले डेढ़ वर्ष से कोई राशि उपलब्ध नहीं कराई है, जिससे काम आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया है। इसके विपरीत, गिरिडीह जिला के कार्यपालक अभियंता राहुल कुमार का कहना है कि विभाग के स्तर पर संवेदक की कोई भी राशि बकाया नहीं है और फंड रोकने की बात पूरी तरह गलत है। तीसरी दक्षिणी भाग के जिला परिषद सदस्य रामकुमार रावत ने दोनों पक्षों के इस विरोधाभास को साफ तौर पर भ्रष्टाचार का संकेत बताया है। उन्होंने इस पूरे विषय को जिला परिषद की आगामी सामान्य बैठक में मजबूती से उठाने और दोषियों के खिलाफ लिखित स्पष्टीकरण के साथ उच्च स्तरीय जांच की मांग करने की बात कही है।

ग्रामीणों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद आजसू नेता नारायण यादव ने गुमगी पंचायत स्थित निर्माणाधीन पानी टंकी स्थल का औचक निरीक्षण किया। वहां काम पूरी तरह ठप मिला और साइट पर लेबर व मिस्त्री सब गायब थे। आजसू नेता ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत काम शुरू नहीं किया गया, तो आजसू ग्रामीणों के साथ मिलकर पीएचईडी विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन करेगी। उधर, चमकी पहाड़ी पर अधूरी पानी टंकी के पास प्रदर्शन कर रहे गुमगी, सिंगराडीह लचकन, खिरोद और ककनी के ग्रामीणों का गुस्सा भड़का हुआ है। ग्रामीण रेखा देवी, यशोदा देवी, अनिल विश्वकर्मा व अन्य ने बताया कि शुरुआत में 10 महीने के भीतर पानी देने का वादा किया गया था। दो साल पहले ग्रामीणों द्वारा जमीन का विवाद सुलझाए जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। विभाग ने नए चापाकल देना भी बंद कर दिया है, जिससे ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
    user_अजय प्रजापति
    अजय प्रजापति
    पत्रकार Tisri, Giridih•
    11 hrs ago
  • झारखंड के गिरिडीह जिले में घर के ठीक बगल में संचालित पत्थर माइंस के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस माइंस की वजह से आस-पास के घरों में दरारें आ रही हैं और स्थानीय पर्यावरण को भी लगातार नुकसान पहुँच रहा है। पीड़ित ग्रामीणों ने जिला अधिकारी से इस पत्थर माइंस को यहाँ से जल्द से जल्द हटाने की गुहार लगाई है ताकि आने वाली पीढ़ी के भविष्य का समाधान निकाला जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि अगर माइंस का काम इसी तरह हमेशा चलता रहा तो उनके घर और पर्यावरण पूरी तरह तबाह हो जाएंगे, इसलिए जिला अधिकारी इस मामले में हस्तक्षेप कर सभी गांव वासियों की मदद करें।
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    झारखंड के गिरिडीह जिले में घर के ठीक बगल में संचालित पत्थर माइंस के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस माइंस की वजह से आस-पास के घरों में दरारें आ रही हैं और स्थानीय पर्यावरण को भी लगातार नुकसान पहुँच रहा है। पीड़ित ग्रामीणों ने जिला अधिकारी से इस पत्थर माइंस को यहाँ से जल्द से जल्द हटाने की गुहार लगाई है ताकि आने वाली पीढ़ी के भविष्य का समाधान निकाला जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि अगर माइंस का काम इसी तरह हमेशा चलता रहा तो उनके घर और पर्यावरण पूरी तरह तबाह हो जाएंगे, इसलिए जिला अधिकारी इस मामले में हस्तक्षेप कर सभी गांव वासियों की मदद करें।
    user_Khurshid
    Khurshid
    देवरी, गिरिडीह, झारखंड•
    12 hrs ago
  • गिरिडीह की पचरुखी पंचायत में एक बीएलओ (BLO) के पति मोइनुद्दीन अंसारी पर सरकारी फॉर्म भरने के नाम पर प्रति आवेदन ₹50 लेने का आरोप लगा है। इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच चर्चा काफी तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि फॉर्म भरवाने के लिए प्रति आवेदन ₹50 लिए जाने की शिकायत की गई है, हालांकि अभी तक किसी सक्षम अधिकारी ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों का तर्क है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, यदि यह आरोप गलत साबित होते हैं तो वास्तविक स्थिति को सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति की छवि प्रभावित न हो। फिलहाल इस मामले में आधिकारिक जांच या प्रशासनिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
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    गिरिडीह की पचरुखी पंचायत में एक बीएलओ (BLO) के पति मोइनुद्दीन अंसारी पर सरकारी फॉर्म भरने के नाम पर प्रति आवेदन ₹50 लेने का आरोप लगा है। इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच चर्चा काफी तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि फॉर्म भरवाने के लिए प्रति आवेदन ₹50 लिए जाने की शिकायत की गई है, हालांकि अभी तक किसी सक्षम अधिकारी ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों का तर्क है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, यदि यह आरोप गलत साबित होते हैं तो वास्तविक स्थिति को सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति की छवि प्रभावित न हो। फिलहाल इस मामले में आधिकारिक जांच या प्रशासनिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
    user_Gramin News Giridih
    Gramin News Giridih
    Jamua, Giridih•
    12 hrs ago
  • जंतर मंतर पर एक मां की बेटी छात्र (Student) के लिए पिछले 19 दिनों से भूख हड़ताल (hunger strike) पर बैठी हुई है। इस बेहद गंभीर स्थिति को देखते हुए सभी लोगों से इस बहन की जान बचाने और मदद के लिए आगे आने का भावुक अनुरोध किया जा रहा है।
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    जंतर मंतर पर एक मां की बेटी छात्र (Student) के लिए पिछले 19 दिनों से भूख हड़ताल (hunger strike) पर बैठी हुई है। इस बेहद गंभीर स्थिति को देखते हुए सभी लोगों से इस बहन की जान बचाने और मदद के लिए आगे आने का भावुक अनुरोध किया जा रहा है।
    user_SUDHIR KUMAR SAW
    SUDHIR KUMAR SAW
    Mandi Agent मरकाचो, कोडरमा, झारखंड•
    5 hrs ago
  • जमुई के इस्लामनगर प्रखंड अंतर्गत ग्राम घर्मपुर में आयोजित भव्य क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला गुरुवार को खेल भावना के माहौल में सम्पन्न हो गया। इस प्रतियोगिता के रोमांचक फाइनल मुकाबले में अलीगंज की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम कर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया, जबकि दरखा की टीम उपविजेता रही। पूरे टूर्नामेंट और फाइनल मैच में दोनों ही टीमों के खिलाड़ियों ने अनुशासित और उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन कर दर्शकों का दिल जीत लिया। इस भव्य प्रतियोगिता में कुल 24 टीमों ने हिस्सा लिया था। इस खेल उत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित इस्लामनगर प्रखंड के युवा समाजसेवी, अरोरा लाइब्रेरी के डायरेक्टर और मुखिया श्री दिलीप रावत जी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन, एकता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना सिखाता है। उन्होंने विजेता व उपविजेता टीमों को शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी खेल गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। कार्यक्रम में दिनेश कुमार (वद्री) ने भी विशेष रूप से उपस्थित रहकर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। टूर्नामेंट को सफल बनाने में मो. जीशान खान, मो. सिकंदरा अंसारी, मो. शहवाज खान, रवि कुमार यादव, फिरदौस खान और ओमप्रकाश जी की मुख्य भूमिका रही। इस सफल आयोजन के लिए स्थानीय ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने आयोजन समिति की खुलकर सराहना की और इसे युवाओं के लिए एक बेहद प्रेरणादायक पहल करार दिया।
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    जमुई के इस्लामनगर प्रखंड अंतर्गत ग्राम घर्मपुर में आयोजित भव्य क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला गुरुवार को खेल भावना के माहौल में सम्पन्न हो गया। इस प्रतियोगिता के रोमांचक फाइनल मुकाबले में अलीगंज की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम कर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया, जबकि दरखा की टीम उपविजेता रही। पूरे टूर्नामेंट और फाइनल मैच में दोनों ही टीमों के खिलाड़ियों ने अनुशासित और उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन कर दर्शकों का दिल जीत लिया। इस भव्य प्रतियोगिता में कुल 24 टीमों ने हिस्सा लिया था।

इस खेल उत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित इस्लामनगर प्रखंड के युवा समाजसेवी, अरोरा लाइब्रेरी के डायरेक्टर और मुखिया श्री दिलीप रावत जी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन, एकता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना सिखाता है। उन्होंने विजेता व उपविजेता टीमों को शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी खेल गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। कार्यक्रम में दिनेश कुमार (वद्री) ने भी विशेष रूप से उपस्थित रहकर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया।

टूर्नामेंट को सफल बनाने में मो. जीशान खान, मो. सिकंदरा अंसारी, मो. शहवाज खान, रवि कुमार यादव, फिरदौस खान और ओमप्रकाश जी की मुख्य भूमिका रही। इस सफल आयोजन के लिए स्थानीय ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने आयोजन समिति की खुलकर सराहना की और इसे युवाओं के लिए एक बेहद प्रेरणादायक पहल करार दिया।
    user_Md Mumtaz
    Md Mumtaz
    Media and information sciences faculty जमुई, जमुई, बिहार•
    2 hrs ago
  • जमुई जिले के सिकंदरा नगर पंचायत क्षेत्र में 'सेवा भारत' संस्था द्वारा "प्लास्टिक हटाओ, थैला अपनाओ" जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण का संरक्षण करना, स्वच्छता को बढ़ावा देना और सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाना है। इस अभियान का शुभारंभ एक प्रभात फेरी से किया गया, जिसमें प्लस टू परियोजना बालिका उच्च विद्यालय की छात्राओं, संस्था के सदस्यों और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। रैली में शामिल लोग अपने हाथों में कपड़े के थैले और जागरूकता पोस्टर लेकर चल रहे थे। उन्होंने आम लोगों से प्लास्टिक का उपयोग तुरंत बंद करने और उसकी जगह कपड़े या जूट के थैले अपनाने की अपील की। अभियान के तहत लोगों को पर्यावरण, जल स्रोतों और पशु-पक्षियों पर प्लास्टिक के कारण होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। संस्था के रवि कुमार, सोनी बहन और सृष्टि बहन ने लोगों से मिलकर प्लास्टिक मुक्त समाज बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम में शिक्षक आनंद कुमार सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग, महिलाएं और छात्राएं मौजूद रहीं।
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    जमुई जिले के सिकंदरा नगर पंचायत क्षेत्र में 'सेवा भारत' संस्था द्वारा "प्लास्टिक हटाओ, थैला अपनाओ" जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण का संरक्षण करना, स्वच्छता को बढ़ावा देना और सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाना है।

इस अभियान का शुभारंभ एक प्रभात फेरी से किया गया, जिसमें प्लस टू परियोजना बालिका उच्च विद्यालय की छात्राओं, संस्था के सदस्यों और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। रैली में शामिल लोग अपने हाथों में कपड़े के थैले और जागरूकता पोस्टर लेकर चल रहे थे। उन्होंने आम लोगों से प्लास्टिक का उपयोग तुरंत बंद करने और उसकी जगह कपड़े या जूट के थैले अपनाने की अपील की।

अभियान के तहत लोगों को पर्यावरण, जल स्रोतों और पशु-पक्षियों पर प्लास्टिक के कारण होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। संस्था के रवि कुमार, सोनी बहन और सृष्टि बहन ने लोगों से मिलकर प्लास्टिक मुक्त समाज बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम में शिक्षक आनंद कुमार सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग, महिलाएं और छात्राएं मौजूद रहीं।
    user_Ankita Priya Sinha
    Ankita Priya Sinha
    Local News Reporter जमुई, जमुई, बिहार•
    2 hrs ago
  • गिरिडीह जिले के तीसरी प्रखंड अंतर्गत गुमगी पंचायत के सिंगराडीह लोहार टोला में मनरेगा कूप निर्माण के नाम पर सरकारी खजाने की लूट और प्रशासनिक अराजकता का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां महादेव लोहार की निजी जमीन पर तीन वर्ष पूर्व संवेदक आलोक ने जेसीबी लगाकर कूप निर्माण के लिए गड्ढा तो खुदवा दिया, लेकिन आज तक इसे पूरा नहीं किया गया। वर्तमान में यह खुला गड्ढा ग्रामीणों और मवेशियों के लिए चौबीसों घंटे जानलेवा साबित हो रहा है, जिसे लोग 'मौत का कुआं' कह रहे हैं। इस भ्रष्टाचार के उजागर होने के बाद विभाग के अधिकारियों और संवेदक के दावों में भारी विरोधाभास देखने को मिल रहा है। ग्रामीण अनिल विश्वकर्मा ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि संवेदक आलोक ने काम आगे बढ़ाने के लिए 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी और पैसे न देने पर काम अधूरा छोड़ दिया। दूसरी तरफ, निवर्तमान रोजगार सेवक जितेंद्र सिंह ने स्वीकार किया कि कूप निर्माण उनके कार्यकाल का है और इसमें कुछ राशि की निकासी भी हुई है, लेकिन उन्होंने काम रुकने की वजह दो गोतियों के बीच अचानक उपजे जमीन विवाद को बताया है। वहीं, ब्लॉक के प्रशासनिक तंत्र ने इस मामले में पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है। जब मनरेगा प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (BPO) पंकज कुमार से इस वित्तीय अनियमितता के बारे में पूछा गया तो उन्होंने अनभिज्ञता जताई, जबकि पंचायत सचिव पांडेय ने पंचायत में नए होने का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि सोची-समझी साजिश के तहत योजना का बोर्ड भी तोड़ दिया गया है ताकि कूप से जुड़ी जानकारियां छिपाई जा सकें और वहां महज दो गाड़ी पत्थर गिराकर खानापूर्ति की गई है। इस ढुलमुल रवैये को लेकर धर्मेंद्र विश्वकर्मा, सचिन विश्वकर्मा, दीपक विश्वकर्मा और प्रेम विश्वकर्मा सहित दर्जनों ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। आजसू नेता नारायण यादव ने बीपीओ और पंचायत सचिव के बयानों को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि बिना बीपीओ, जेई और पंचायत सचिव की मिलीभगत के राशि की निकासी संभव नहीं है और यह सीधे तौर पर जनता के पैसे का गबन है। इस पूरे मामले पर बीडीओ मनीष कुमार ने जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
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    गिरिडीह जिले के तीसरी प्रखंड अंतर्गत गुमगी पंचायत के सिंगराडीह लोहार टोला में मनरेगा कूप निर्माण के नाम पर सरकारी खजाने की लूट और प्रशासनिक अराजकता का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां महादेव लोहार की निजी जमीन पर तीन वर्ष पूर्व संवेदक आलोक ने जेसीबी लगाकर कूप निर्माण के लिए गड्ढा तो खुदवा दिया, लेकिन आज तक इसे पूरा नहीं किया गया। वर्तमान में यह खुला गड्ढा ग्रामीणों और मवेशियों के लिए चौबीसों घंटे जानलेवा साबित हो रहा है, जिसे लोग 'मौत का कुआं' कह रहे हैं।

इस भ्रष्टाचार के उजागर होने के बाद विभाग के अधिकारियों और संवेदक के दावों में भारी विरोधाभास देखने को मिल रहा है। ग्रामीण अनिल विश्वकर्मा ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि संवेदक आलोक ने काम आगे बढ़ाने के लिए 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी और पैसे न देने पर काम अधूरा छोड़ दिया। दूसरी तरफ, निवर्तमान रोजगार सेवक जितेंद्र सिंह ने स्वीकार किया कि कूप निर्माण उनके कार्यकाल का है और इसमें कुछ राशि की निकासी भी हुई है, लेकिन उन्होंने काम रुकने की वजह दो गोतियों के बीच अचानक उपजे जमीन विवाद को बताया है।

वहीं, ब्लॉक के प्रशासनिक तंत्र ने इस मामले में पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है। जब मनरेगा प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (BPO) पंकज कुमार से इस वित्तीय अनियमितता के बारे में पूछा गया तो उन्होंने अनभिज्ञता जताई, जबकि पंचायत सचिव पांडेय ने पंचायत में नए होने का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि सोची-समझी साजिश के तहत योजना का बोर्ड भी तोड़ दिया गया है ताकि कूप से जुड़ी जानकारियां छिपाई जा सकें और वहां महज दो गाड़ी पत्थर गिराकर खानापूर्ति की गई है।

इस ढुलमुल रवैये को लेकर धर्मेंद्र विश्वकर्मा, सचिन विश्वकर्मा, दीपक विश्वकर्मा और प्रेम विश्वकर्मा सहित दर्जनों ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। आजसू नेता नारायण यादव ने बीपीओ और पंचायत सचिव के बयानों को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि बिना बीपीओ, जेई और पंचायत सचिव की मिलीभगत के राशि की निकासी संभव नहीं है और यह सीधे तौर पर जनता के पैसे का गबन है। इस पूरे मामले पर बीडीओ मनीष कुमार ने जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
    user_अजय प्रजापति
    अजय प्रजापति
    पत्रकार Tisri, Giridih•
    12 hrs ago
  • गिरिडीह जिले के तिसरी थाना क्षेत्र में एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है, जहां एक तेज रफ्तार बोलेरो और बाइक के बीच आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। इस भीषण टक्कर में बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद से ही पूरे इलाके में मातम का माहौल पसरा हुआ है।
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    गिरिडीह जिले के तिसरी थाना क्षेत्र में एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है, जहां एक तेज रफ्तार बोलेरो और बाइक के बीच आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। इस भीषण टक्कर में बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद से ही पूरे इलाके में मातम का माहौल पसरा हुआ है।
    user_Satya sahitya news
    Satya sahitya news
    News Anchor जमुआ, गिरिडीह, झारखंड•
    3 hrs ago
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