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झारखंड के गिरिडीह जिले में घर के ठीक बगल में संचालित पत्थर माइंस के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस माइंस की वजह से आस-पास के घरों में दरारें आ रही हैं और स्थानीय पर्यावरण को भी लगातार नुकसान पहुँच रहा है। पीड़ित ग्रामीणों ने जिला अधिकारी से इस पत्थर माइंस को यहाँ से जल्द से जल्द हटाने की गुहार लगाई है ताकि आने वाली पीढ़ी के भविष्य का समाधान निकाला जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि अगर माइंस का काम इसी तरह हमेशा चलता रहा तो उनके घर और पर्यावरण पूरी तरह तबाह हो जाएंगे, इसलिए जिला अधिकारी इस मामले में हस्तक्षेप कर सभी गांव वासियों की मदद करें।
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झारखंड के गिरिडीह जिले में घर के ठीक बगल में संचालित पत्थर माइंस के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस माइंस की वजह से आस-पास के घरों में दरारें आ रही हैं और स्थानीय पर्यावरण को भी लगातार नुकसान पहुँच रहा है। पीड़ित ग्रामीणों ने जिला अधिकारी से इस पत्थर माइंस को यहाँ से जल्द से जल्द हटाने की गुहार लगाई है ताकि आने वाली पीढ़ी के भविष्य का समाधान निकाला जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि अगर माइंस का काम इसी तरह हमेशा चलता रहा तो उनके घर और पर्यावरण पूरी तरह तबाह हो जाएंगे, इसलिए जिला अधिकारी इस मामले में हस्तक्षेप कर सभी गांव वासियों की मदद करें।
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- गिरिडीह जिले के तीसरी प्रखंड अंतर्गत गुमगी पंचायत के सिंगराडीह लोहार टोला में मनरेगा कूप निर्माण के नाम पर सरकारी खजाने की लूट और प्रशासनिक अराजकता का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां महादेव लोहार की निजी जमीन पर तीन वर्ष पूर्व संवेदक आलोक ने जेसीबी लगाकर कूप निर्माण के लिए गड्ढा तो खुदवा दिया, लेकिन आज तक इसे पूरा नहीं किया गया। वर्तमान में यह खुला गड्ढा ग्रामीणों और मवेशियों के लिए चौबीसों घंटे जानलेवा साबित हो रहा है, जिसे लोग 'मौत का कुआं' कह रहे हैं। इस भ्रष्टाचार के उजागर होने के बाद विभाग के अधिकारियों और संवेदक के दावों में भारी विरोधाभास देखने को मिल रहा है। ग्रामीण अनिल विश्वकर्मा ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि संवेदक आलोक ने काम आगे बढ़ाने के लिए 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी और पैसे न देने पर काम अधूरा छोड़ दिया। दूसरी तरफ, निवर्तमान रोजगार सेवक जितेंद्र सिंह ने स्वीकार किया कि कूप निर्माण उनके कार्यकाल का है और इसमें कुछ राशि की निकासी भी हुई है, लेकिन उन्होंने काम रुकने की वजह दो गोतियों के बीच अचानक उपजे जमीन विवाद को बताया है। वहीं, ब्लॉक के प्रशासनिक तंत्र ने इस मामले में पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है। जब मनरेगा प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (BPO) पंकज कुमार से इस वित्तीय अनियमितता के बारे में पूछा गया तो उन्होंने अनभिज्ञता जताई, जबकि पंचायत सचिव पांडेय ने पंचायत में नए होने का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि सोची-समझी साजिश के तहत योजना का बोर्ड भी तोड़ दिया गया है ताकि कूप से जुड़ी जानकारियां छिपाई जा सकें और वहां महज दो गाड़ी पत्थर गिराकर खानापूर्ति की गई है। इस ढुलमुल रवैये को लेकर धर्मेंद्र विश्वकर्मा, सचिन विश्वकर्मा, दीपक विश्वकर्मा और प्रेम विश्वकर्मा सहित दर्जनों ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। आजसू नेता नारायण यादव ने बीपीओ और पंचायत सचिव के बयानों को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि बिना बीपीओ, जेई और पंचायत सचिव की मिलीभगत के राशि की निकासी संभव नहीं है और यह सीधे तौर पर जनता के पैसे का गबन है। इस पूरे मामले पर बीडीओ मनीष कुमार ने जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।4
- जमुई जिले के सिकंदरा नगर पंचायत क्षेत्र में 'सेवा भारत' संस्था द्वारा "प्लास्टिक हटाओ, थैला अपनाओ" जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण का संरक्षण करना, स्वच्छता को बढ़ावा देना और सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाना है। इस अभियान का शुभारंभ एक प्रभात फेरी से किया गया, जिसमें प्लस टू परियोजना बालिका उच्च विद्यालय की छात्राओं, संस्था के सदस्यों और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। रैली में शामिल लोग अपने हाथों में कपड़े के थैले और जागरूकता पोस्टर लेकर चल रहे थे। उन्होंने आम लोगों से प्लास्टिक का उपयोग तुरंत बंद करने और उसकी जगह कपड़े या जूट के थैले अपनाने की अपील की। अभियान के तहत लोगों को पर्यावरण, जल स्रोतों और पशु-पक्षियों पर प्लास्टिक के कारण होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। संस्था के रवि कुमार, सोनी बहन और सृष्टि बहन ने लोगों से मिलकर प्लास्टिक मुक्त समाज बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम में शिक्षक आनंद कुमार सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग, महिलाएं और छात्राएं मौजूद रहीं।1
- जंतर मंतर पर एक मां की बेटी छात्र (Student) के लिए पिछले 19 दिनों से भूख हड़ताल (hunger strike) पर बैठी हुई है। इस बेहद गंभीर स्थिति को देखते हुए सभी लोगों से इस बहन की जान बचाने और मदद के लिए आगे आने का भावुक अनुरोध किया जा रहा है।1
- बांका के चांदन प्रखंड मुख्यालय स्थित मनरेगा भवन के मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों ने हजारों रुपये की संपत्ति की चोरी कर ली है। बीते रात हुई इस वारदात में चोरों ने मनरेगा कार्यालय से एक कंप्यूटर, दो प्रिंटर, सीपीयू और इनवर्टर आदि उपकरण गायब कर दिए। घटना को अंजाम देने के बाद चोर ताला तोड़ने वाला यंत्र (सबल) और लोहा काटने वाली आरी की पत्ती को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए। इस चोरी की घटना को लेकर कार्यक्रम पदाधिकारी रामानुजन कुमार ने चांदन थाना में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई है। मामले के संबंध में थानाध्यक्ष श्रीकांत भारती ने बताया कि पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है और चोरी गए सामानों की खोजबीन की जा रही है।1
- जमुई में कांग्रेस द्वारा एक प्रदर्शन किया गया है। इस प्रदर्शन के दौरान धर्मेंद्र कुमार गौतम ने अयोध्या राम मंदिर चंदा मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।1
- जमुई में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिवाकर सिंह ने प्याज की आसमान छूती कीमतों को लेकर जनता की चुप्पी पर तीखा सवाल खड़ा किया है। दिवाकर सिंह ने अतीत का हवाला देते हुए कहा कि कभी महज ₹35 के प्याज पर सत्ता पलट गई थी, लेकिन आज जब कीमतें आसमान छू रही हैं, तो जनता आखिर मौन क्यों है।1
- जंतर-मंतर पर आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने चंद्रशेखर आजाद की शर्ट फाड़ दी है। नीट पेपर लीक के खिलाफ हो रहे इस प्रदर्शन में पुलिस द्वारा की गई इस बदसलूकी को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। कॉकरोच जनता पार्टी के इस आंदोलन के दौरान हुई इस कार्रवाई के खिलाफ लोग लगातार कड़ा विरोध दर्ज करा रहे हैं।1
- बांका जिले की कटोरिया-राजवाड़ा मुख्य सड़क की स्थिति लगातार बेहद खराब और जानलेवा होती जा रही है। इस मुख्य मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं और जलजमाव होने लगा है, जिसके कारण दोपहिया व चारपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ आम राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बदहाल स्थिति के कारण यह सड़क अब लगातार होने वाली दुर्घटनाओं का सबब बनती जा रही है। आगामी सावन महीने में बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर जाने वाले लाखों श्रद्धालु इसी मार्ग से सफर तय करते हैं, ऐसे में सड़क की यह जर्जर हालत यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी चिंता बन गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत किए जाने के बाद भी अब तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। नाराज लोगों ने जिला प्रशासन और पथ निर्माण विभाग से सावन मेला शुरू होने से पहले सड़क की तत्काल मरम्मत करने और गड्ढों को भरकर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है।1
- बिहार के भागलपुर शहर में गौशाला परिसर के भीतर अचानक भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में भारी अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि देखते ही देखते पूरे परिसर में धुआं फैल गया और आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया। हालांकि, इस हादसे में बड़ी राहत की बात यह रही कि किसी भी प्रकार की जान-माल की क्षति नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग की लपटें काफी ऊंचाई तक उठ रही थीं। स्थानीय लोगों ने शुरुआत में अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए उस पर काबू पाना मुमकिन नहीं हो सका। इसके तुरंत बाद दमकल विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की चार दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया। दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई की वजह से आग को आसपास के क्षेत्रों में फैलने से रोक लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। पंकज कुमार ठाकुर की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि दमकल की गाड़ियां समय पर नहीं पहुंचतीं, तो आग और भी विकराल रूप ले सकती थी। फिलहाल, आग लगने के स्पष्ट कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है और संबंधित विभाग इस मामले की जांच में जुटा है। प्रशासन ने आम लोगों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच रिपोर्ट आने तक संयम बनाए रखने की अपील की है।1