Shuru
Apke Nagar Ki App…
गिरिडीह जिले के तिसरी थाना क्षेत्र में एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है, जहां एक तेज रफ्तार बोलेरो और बाइक के बीच आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। इस भीषण टक्कर में बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद से ही पूरे इलाके में मातम का माहौल पसरा हुआ है।
Satya sahitya news
गिरिडीह जिले के तिसरी थाना क्षेत्र में एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है, जहां एक तेज रफ्तार बोलेरो और बाइक के बीच आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। इस भीषण टक्कर में बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद से ही पूरे इलाके में मातम का माहौल पसरा हुआ है।
More news from Giridih and nearby areas
- गिरिडीह की पचरुखी पंचायत में एक बीएलओ (BLO) के पति मोइनुद्दीन अंसारी पर सरकारी फॉर्म भरने के नाम पर प्रति आवेदन ₹50 लेने का आरोप लगा है। इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच चर्चा काफी तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि फॉर्म भरवाने के लिए प्रति आवेदन ₹50 लिए जाने की शिकायत की गई है, हालांकि अभी तक किसी सक्षम अधिकारी ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों का तर्क है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, यदि यह आरोप गलत साबित होते हैं तो वास्तविक स्थिति को सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति की छवि प्रभावित न हो। फिलहाल इस मामले में आधिकारिक जांच या प्रशासनिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।1
- झारखंड के गिरिडीह जिले में घर के ठीक बगल में संचालित पत्थर माइंस के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस माइंस की वजह से आस-पास के घरों में दरारें आ रही हैं और स्थानीय पर्यावरण को भी लगातार नुकसान पहुँच रहा है। पीड़ित ग्रामीणों ने जिला अधिकारी से इस पत्थर माइंस को यहाँ से जल्द से जल्द हटाने की गुहार लगाई है ताकि आने वाली पीढ़ी के भविष्य का समाधान निकाला जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि अगर माइंस का काम इसी तरह हमेशा चलता रहा तो उनके घर और पर्यावरण पूरी तरह तबाह हो जाएंगे, इसलिए जिला अधिकारी इस मामले में हस्तक्षेप कर सभी गांव वासियों की मदद करें।1
- गिरिडीह जिले के तीसरी प्रखंड की गुगनी पंचायत में जल जीवन मिशन के तहत बन रही ₹9.46 करोड़ की गुमगी पंचायत बहुग्रामीय जलापूर्ति योजना घोर प्रशासनिक लापरवाही और तकनीकी विरोधाभासों के चक्रव्यूह में फंसकर अधूरी लटकी हुई है। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, इस योजना को पूरा करने का 18 महीने का अनुबंध मार्च 2026 में ही समाप्त हो चुका है, लेकिन जून बीत जाने के बाद भी जमीन पर पानी टंकी अधूरी खड़ी है। इस भारी लापरवाही के कारण गुमगी और सिंघो सहित दो पंचायतों के करीब 12 हजार ग्रामीण भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। इस योजना के बजट को लेकर अधिकारियों और संवेदक के बीच बयानों की नूराकुश्ती शुरू हो गई है। संवेदक विनीत सिंह का दावा है कि सरकार ने पिछले डेढ़ वर्ष से कोई राशि उपलब्ध नहीं कराई है, जिससे काम आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया है। इसके विपरीत, गिरिडीह जिला के कार्यपालक अभियंता राहुल कुमार का कहना है कि विभाग के स्तर पर संवेदक की कोई भी राशि बकाया नहीं है और फंड रोकने की बात पूरी तरह गलत है। तीसरी दक्षिणी भाग के जिला परिषद सदस्य रामकुमार रावत ने दोनों पक्षों के इस विरोधाभास को साफ तौर पर भ्रष्टाचार का संकेत बताया है। उन्होंने इस पूरे विषय को जिला परिषद की आगामी सामान्य बैठक में मजबूती से उठाने और दोषियों के खिलाफ लिखित स्पष्टीकरण के साथ उच्च स्तरीय जांच की मांग करने की बात कही है। ग्रामीणों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद आजसू नेता नारायण यादव ने गुमगी पंचायत स्थित निर्माणाधीन पानी टंकी स्थल का औचक निरीक्षण किया। वहां काम पूरी तरह ठप मिला और साइट पर लेबर व मिस्त्री सब गायब थे। आजसू नेता ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत काम शुरू नहीं किया गया, तो आजसू ग्रामीणों के साथ मिलकर पीएचईडी विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन करेगी। उधर, चमकी पहाड़ी पर अधूरी पानी टंकी के पास प्रदर्शन कर रहे गुमगी, सिंगराडीह लचकन, खिरोद और ककनी के ग्रामीणों का गुस्सा भड़का हुआ है। ग्रामीण रेखा देवी, यशोदा देवी, अनिल विश्वकर्मा व अन्य ने बताया कि शुरुआत में 10 महीने के भीतर पानी देने का वादा किया गया था। दो साल पहले ग्रामीणों द्वारा जमीन का विवाद सुलझाए जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। विभाग ने नए चापाकल देना भी बंद कर दिया है, जिससे ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।4
- इंदौर की सोनम रघुवंशी और पुणे की सिया गोयल के मामलों के बाद अब झारखंड में भी एक हैरान कर देने वाली वारदात सामने आई है। गिरिडीह जिले में एक युवती ने अपनी शादी से ठीक तीन दिन पहले अपने होने वाले पति की बेरहमी से हत्या करवा दी। जिस घर में शादी की खुशियां मनाई जा रही थीं और मंगल गीत गाए जा रहे थे, वहां दुल्हन बनने जा रही लड़की ने ही अपने मंगेतर की मौत की स्क्रिप्ट लिख डाली। यह सनसनीखेज मामला झारखंड के गिरिडीह जिले के जमुआ थाना क्षेत्र का है। भिखोडीह गांव के रहने वाले 20 वर्षीय नीरज हाजरा 5 जुलाई को अचानक लापता हो गए थे। नीरज के पिता सुभाष हाजरा ने जमुआ थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुरुआती तौर पर पुलिस ने इसे सामान्य मामला मानकर जांच शुरू की थी, लेकिन परिजनों द्वारा अपहरण की आशंका जताए जाने के बाद 8 जुलाई को पुलिस ने अलग-अलग धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। मामले के खुलासे के लिए गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार के निर्देश पर एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। जांच टीम ने मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल खंगालते हुए कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। इस दौरान मिले अहम सुरागों के आधार पर पुलिस की टीम बिहार के जमुई जिले के बिचकोड़वा थाना क्षेत्र स्थित बेला जंगल पहुंची। वहां पहले से बरामद एक अज्ञात शव की पहचान लापता नीरज हाजरा के रूप में हुई, जिसके बाद पुलिस की यह गुमशुदगी की जांच हत्या के मामले में तब्दील हो गई।1
- गिरिडीह के गांडेय स्थित दस्तकार जूट प्रशिक्षण इकाई में बुधवार को 12 बजे प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम चरण का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त स्मिता कुमारी एवं सहायक समाहर्ता यश कुमार ने प्रशिक्षण केंद्र का दौरा कर प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं से संवाद किया तथा उनके द्वारा तैयार किए जा रहे जूट उत्पादों की सराहना की।1
- जंतर मंतर पर एक मां की बेटी छात्र (Student) के लिए पिछले 19 दिनों से भूख हड़ताल (hunger strike) पर बैठी हुई है। इस बेहद गंभीर स्थिति को देखते हुए सभी लोगों से इस बहन की जान बचाने और मदद के लिए आगे आने का भावुक अनुरोध किया जा रहा है।1
- गिरिडीह जिले के तिसरी थाना क्षेत्र में एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है, जहां एक तेज रफ्तार बोलेरो और बाइक के बीच आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। इस भीषण टक्कर में बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद से ही पूरे इलाके में मातम का माहौल पसरा हुआ है।1