जब हर व्यक्ति पत्रकार है, तो असली पत्रकार कौन? आज हर हाथ में मोबाइल है, हर मोबाइल में कैमरा और हर कैमरे के पीछे एक संभावित “पत्रकार जब हर व्यक्ति पत्रकार है, तो असली पत्रकार कौन? आज हर हाथ में मोबाइल है, हर मोबाइल में कैमरा और हर कैमरे के पीछे एक संभावित “पत्रकार”। घटना हुई नहीं कि वीडियो बना, कैप्शन लिखा और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। कुछ ही मिनटों में खबर वायरल। लेकिन सवाल है—क्या वायरल हो जाना ही पत्रकारिता है? कहावत है, “अधजल गगरी छलकत जाए।” आज सोशल मीडिया पर आधी जानकारी और पूरा आत्मविश्वास कई बार खबर बन जाता है। लेकिन पत्रकारिता सिर्फ सूचना देने का नाम नहीं, सच की पुष्टि करने की जिम्मेदारी है। सोशल मीडिया कहता है—“सबसे पहले पोस्ट करो।” पत्रकारिता कहती है—“पहले सच जानो।” आज की सबसे बड़ी चुनौती यही है—वायरलिटी और विश्वसनीयता के बीच संतुलन। एक गलत headline किसी की जिंदगी और प्रतिष्ठा दोनों प्रभावित कर सकती है। AI के दौर में खबर लिखना आसान हो गया है, लेकिन ground पर जाकर सवाल पूछना, तथ्यों की जांच करना और इंसानी संवेदनाओं को समझना आज भी पत्रकार का काम है। तो असली पत्रकार कौन? वह नहीं जिसके सबसे ज्यादा followers हैं, बल्कि वह है जो भीड़ के शोर में भी सच की आवाज पहचान सके। क्योंकि—“हर हाथ में मोबाइल हो सकता है, लेकिन हर हाथ में पत्रकारिता की जिम्मेदारी नहीं होती।”
जब हर व्यक्ति पत्रकार है, तो असली पत्रकार कौन? आज हर हाथ में मोबाइल है, हर मोबाइल में कैमरा और हर कैमरे के पीछे एक संभावित “पत्रकार जब हर व्यक्ति पत्रकार है, तो असली पत्रकार कौन? आज हर हाथ में मोबाइल है, हर मोबाइल में कैमरा और हर कैमरे के पीछे एक संभावित “पत्रकार”। घटना हुई नहीं कि वीडियो बना, कैप्शन लिखा और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। कुछ ही मिनटों में खबर वायरल। लेकिन सवाल है—क्या वायरल हो जाना ही पत्रकारिता है? कहावत है, “अधजल गगरी छलकत जाए।” आज सोशल मीडिया पर आधी जानकारी और पूरा आत्मविश्वास कई बार खबर बन जाता है। लेकिन पत्रकारिता सिर्फ सूचना देने का नाम नहीं, सच की पुष्टि करने की जिम्मेदारी है। सोशल मीडिया कहता है—“सबसे पहले पोस्ट करो।” पत्रकारिता कहती है—“पहले सच जानो।” आज की सबसे बड़ी चुनौती यही है—वायरलिटी और विश्वसनीयता के बीच संतुलन। एक गलत headline किसी की जिंदगी और प्रतिष्ठा दोनों प्रभावित कर सकती है। AI के दौर में खबर लिखना आसान हो गया है, लेकिन ground पर जाकर सवाल पूछना, तथ्यों की जांच करना और इंसानी संवेदनाओं को समझना आज भी पत्रकार का काम है। तो असली पत्रकार कौन? वह नहीं जिसके सबसे ज्यादा followers हैं, बल्कि वह है जो भीड़ के शोर में भी सच की आवाज पहचान सके। क्योंकि—“हर हाथ में मोबाइल हो सकता है, लेकिन हर हाथ में पत्रकारिता की जिम्मेदारी नहीं होती।”
- देखिए पूरा वीडियो....15 दिन की हड़ताल… अब रोहतक में कूड़े को लेकर क्या होने वाला है बड़ा खेल?..... नगर निगम रोहतक में चल रही हड़ताल के 15वे दिन की हड़ताल के अध्यक्ष शम्भू टांक प्रधान इकाई रोहतक ने कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि बड़े बुजुर्गों बच्चो महिलाओ व आम शहरी नागरिक को ध्यान में रखते हुए हमने फैसला लिया है कि हम ठेकेदार द्वारा कही भी सफाई नही होने देंगे ओर कूड़ा गाड़ी अगर कहि कूड़ा लेती पाई गई तो हम उसे कूड़ा प्वाइंटों पर खाली कराएंगे हम कूड़ा नही उठाने देगे बीच रास्ते कूड़ा ना फैलाने का फैसला हम लोगो ने पूरे शहर में घूम कर लोगो की रॉय लेने के बाद किया है रोहतक शहर के सभी नागरिकों ने हमारी हड़ताल का हमारी मांगो का समर्थन किया है और कहा है कि सरकार ने आपसे 13मई को जो वादा किया था सरकार को वो वादे पूरे करने चाहिए मानी गई शर्तो को पूरा करना चाहिए आमजन के इस समर्थन को देखते हुए हमने ये फैसला किया है लेकिन हम फिर कह रहे है कि हम कूड़ा प्वाइंटों से कूड़ा नही उठने देगे ओर ठेकेदार के किसी भी कर्मचारी को सफाई कार्य नही करने देंगे इसबार की हड़ताल हमारे बच्चो के भाग्य का फैसला करने की हड़ताल है की हम सारि उम्र ऐसे कम वेतन भुखमरी की मार झेलते रहे या सम्मानजनक वेतन पक्की नोकरी पा कर इंसानो वाला जीवन जिए रोज रोज की लाचारी से अच्छा है हक की लड़ाई लड़ते लड़ते मर जाना ज्यादा बेहतर होगा आज की हड़ताल को नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रदेश संगठनकर्ता राजपाल ने भी कर्मचारियों को संगठित होकर कच्चे कर्मचारी को पक्का करना ठेका प्रथा खत्म करना आदि 13मई के समझौते में सभी मांगो को पुरा करवाने तक मजबूती से लड़ते रहने का आहवान किया हड़ताल का मंच संचालन अशोक थोरिया ने किया1
- रोहतक पुरानी ITI ग्राउंड में कूड़ा डालने पर सख्ती: महापौर ने सफाई के दिए आदेश, कूड़ा डालने वालों पर होगी कार्रवाई रोहतक पुरानी ITI ग्राउंड में कूड़ा डालने पर सख्ती: महापौर ने सफाई के दिए आदेश, कूड़ा डालने वालों पर होगी कार्रवाई1
- *रोहतक के काहनौर में 'युवा जोश' के साथ विक्का मैहरा जिला पार्षद उम्मीदवार1
- 🚨 HESL में फिर मचा घमासान! | भिवानी से पूर्व प्रधान ने खोला कच्चा चिट्ठा | Foji News 24 EXCLUSIVE पूर्व सैनिक संगठन HESL को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। भिवानी से पूर्व प्रधान ने संगठन की कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं और अपने अनुभवों के आधार पर कई दावे किए हैं। 🎥 Foji News 24 की EXCLUSIVE रिपोर्ट में देखिए: 🔴 पूर्व प्रधान ने संगठन को लेकर क्या-क्या खुलासे किए? 🔴 संगठन की कार्यप्रणाली पर क्यों उठ रहे सवाल? 🔴 पूर्व सैनिकों के सवालों का जवाब कौन देगा? 🔴 संगठन की पारदर्शिता और व्यवस्था को लेकर क्या है विवाद? 🔴 HESL चुनाव से पहले क्यों बढ़ी हलचल?1
- 💥 कोर्ट परिसर में सरेआम हत्या से मचा बवाल! बार ने उठाए सुरक्षा इंतजामों पर सवाल, शुक्रवार को वर्क सस्पेंड 🚔 गोलीबारी के बीच ‘रक्षक’ बना पुलिसकर्मी! हमलावर को दबोचा, कोर्ट की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल गोलीबारी के बीच हिसार पुलिस के एक कर्मचारी ने अदम्य साहस दिखाते हुए हमलावर को काबू कर लिया। पुलिसकर्मी की बहादुरी ने एक बड़े खतरे को टालने में अहम भूमिका निभाई। लेकिन इस घटना के बाद कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आखिर संवेदनशील कोर्ट परिसर में ऐसी वारदात कैसे हुई? सुरक्षा व्यवस्था में चूक कहां हुई? ⚠️ घटना के बाद हिसार बार ने भी सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठाए हैं और शुक्रवार को वर्क सस्पेंड रखने की बात कही है।1
- जब हर व्यक्ति पत्रकार है, तो असली पत्रकार कौन? आज हर हाथ में मोबाइल है, हर मोबाइल में कैमरा और हर कैमरे के पीछे एक संभावित “पत्रकार जब हर व्यक्ति पत्रकार है, तो असली पत्रकार कौन? आज हर हाथ में मोबाइल है, हर मोबाइल में कैमरा और हर कैमरे के पीछे एक संभावित “पत्रकार”। घटना हुई नहीं कि वीडियो बना, कैप्शन लिखा और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। कुछ ही मिनटों में खबर वायरल। लेकिन सवाल है—क्या वायरल हो जाना ही पत्रकारिता है? कहावत है, “अधजल गगरी छलकत जाए।” आज सोशल मीडिया पर आधी जानकारी और पूरा आत्मविश्वास कई बार खबर बन जाता है। लेकिन पत्रकारिता सिर्फ सूचना देने का नाम नहीं, सच की पुष्टि करने की जिम्मेदारी है। सोशल मीडिया कहता है—“सबसे पहले पोस्ट करो।” पत्रकारिता कहती है—“पहले सच जानो।” आज की सबसे बड़ी चुनौती यही है—वायरलिटी और विश्वसनीयता के बीच संतुलन। एक गलत headline किसी की जिंदगी और प्रतिष्ठा दोनों प्रभावित कर सकती है। AI के दौर में खबर लिखना आसान हो गया है, लेकिन ground पर जाकर सवाल पूछना, तथ्यों की जांच करना और इंसानी संवेदनाओं को समझना आज भी पत्रकार का काम है। तो असली पत्रकार कौन? वह नहीं जिसके सबसे ज्यादा followers हैं, बल्कि वह है जो भीड़ के शोर में भी सच की आवाज पहचान सके। क्योंकि—“हर हाथ में मोबाइल हो सकता है, लेकिन हर हाथ में पत्रकारिता की जिम्मेदारी नहीं होती।”1
- #वाराणसी घर में बंद कर युवक की बेरहमी से पिटाई का वीडियो वायरल सोनू शेख नामक युवक पर घर में भीड़ जुटाकर युवक को पीटने वीडियो वायरल जैतपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिधवाघाट का बताया जा रहा वीडियो1