इंद्र विहार विकास समिति ने ऊर्जा मंत्री से की मुलाकात, क्षेत्र की समस्याओं के समाधान की मांग इंद्र विहार विकास समिति ने ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर से की मुलाकात क्षेत्र की लंबित समस्याओं के समाधान की रखी मांग कोटा, इंद्र विहार विकास समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के आवास पर पहुंचकर उन्हें क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं और लंबित विकास कार्यों से अवगत कराया। बैठक में कोटा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की मौजूदगी में क्षेत्र के विकास का खाका खींचा गया और जनहित के मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की गई। बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने ऊर्जा मंत्री के समक्ष कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे। मुख्य रूप से आईएल मंदिर के समीप से गुजरने वाली सड़क को मुख्य मार्ग से जोड़ने, राजीव गांधी क्षेत्र से ग्लोबल स्कूल के नाले पर पुलिया निर्माण तथा इंद्र विहार के पार्कों के कायाकल्प को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। समिति ने मांग की कि पार्कों के सौंदर्यकरण और विकास कार्यों को शीघ्र गति दी जाए ताकि स्थानीय निवासियों को राहत मिल सके। बढ़ते शहरीकरण के साथ कॉलोनी में आवारा पशुओं और श्वानों की बढ़ती संख्या पर भी चिंता व्यक्त की गई। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के उद्देश्य से समिति ने प्रमुख मार्गों पर गेट लगाने का प्रस्ताव ऊर्जा मंत्री के समक्ष रखा। मंत्री नागर ने इन समस्याओं को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश दिए। बैठक में उपस्थित कोटा विकास प्राधिकरण के मुख्य अभियंता रविंदर माथुर एवं अधिशासी अभियंता पंकज कुशवाह ने विश्वास दिलाया कि पार्कों सहित अन्य सभी विकास कार्यों को समय सीमा में पूरा किया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्कों के विकास में समिति के सुझावों को प्राथमिकता दी जाएगी और उनके परामर्श के अनुरूप ही कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष अशोक लड्डा, महासचिव विपिन सूद, सलाहकार बोर्ड अध्यक्ष राजकुमार माहेश्वरी, उपाध्यक्ष मनोहर खंडेलवाल और कोषाध्यक्ष रामस्वरूप शर्मा सहित ताराचंद गुप्ता, सतीश ओसवाल, एस. गोयनका, सहसचिव प्रेम विजय, पूर्व अध्यक्ष छुट्टनलाल शर्मा, इंद्र कटारिया, कुंज बिहारी व्यास, शशिकांत आर्य, वीके जैन एवं अशोक जैन उपस्थित रहे। बैठक में पूर्व पार्षद योगेश राणा ने भी अपने विचार साझा किए।
इंद्र विहार विकास समिति ने ऊर्जा मंत्री से की मुलाकात, क्षेत्र की समस्याओं के समाधान की मांग इंद्र विहार विकास समिति ने ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर से की मुलाकात क्षेत्र की लंबित समस्याओं के समाधान की रखी मांग कोटा, इंद्र विहार विकास समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के आवास पर पहुंचकर उन्हें क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं और लंबित विकास कार्यों से अवगत कराया। बैठक में कोटा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की मौजूदगी में क्षेत्र के विकास का खाका खींचा गया और जनहित के
मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की गई। बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने ऊर्जा मंत्री के समक्ष कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे। मुख्य रूप से आईएल मंदिर के समीप से गुजरने वाली सड़क को मुख्य मार्ग से जोड़ने, राजीव गांधी क्षेत्र से ग्लोबल स्कूल के नाले पर पुलिया निर्माण तथा इंद्र विहार के पार्कों के कायाकल्प को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। समिति ने मांग की कि पार्कों के सौंदर्यकरण और विकास कार्यों को शीघ्र गति दी जाए ताकि स्थानीय निवासियों को राहत मिल सके। बढ़ते शहरीकरण के साथ
कॉलोनी में आवारा पशुओं और श्वानों की बढ़ती संख्या पर भी चिंता व्यक्त की गई। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के उद्देश्य से समिति ने प्रमुख मार्गों पर गेट लगाने का प्रस्ताव ऊर्जा मंत्री के समक्ष रखा। मंत्री नागर ने इन समस्याओं को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश दिए। बैठक में उपस्थित कोटा विकास प्राधिकरण के मुख्य अभियंता रविंदर माथुर एवं अधिशासी अभियंता पंकज कुशवाह ने विश्वास दिलाया कि पार्कों सहित अन्य सभी विकास कार्यों को समय सीमा में पूरा किया जाएगा। अधिकारियों ने यह
भी स्पष्ट किया कि पार्कों के विकास में समिति के सुझावों को प्राथमिकता दी जाएगी और उनके परामर्श के अनुरूप ही कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष अशोक लड्डा, महासचिव विपिन सूद, सलाहकार बोर्ड अध्यक्ष राजकुमार माहेश्वरी, उपाध्यक्ष मनोहर खंडेलवाल और कोषाध्यक्ष रामस्वरूप शर्मा सहित ताराचंद गुप्ता, सतीश ओसवाल, एस. गोयनका, सहसचिव प्रेम विजय, पूर्व अध्यक्ष छुट्टनलाल शर्मा, इंद्र कटारिया, कुंज बिहारी व्यास, शशिकांत आर्य, वीके जैन एवं अशोक जैन उपस्थित रहे। बैठक में पूर्व पार्षद योगेश राणा ने भी अपने विचार साझा किए।
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- धरना स्थल पर आर पार की लड़ाई की लेंगे शपथ -एक साल 55 दिन से लगातार जारी है जेके मजदूरों का आंदोलन कोटा। बकाया भुगतान की मांग को लेकर 18 फरवरी 2025 से चल रहा जेके फैक्ट्री के मजदूरों का धरना सोमवार को लगातार एक साल और 55 वें दिन भी जारी रहा। सोमवार को नेताओं ने बैठक कर संविधान बचाओ जागरूकता रैली निकालकर 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती मनाने का निर्णय लिया। साथ ही धरना स्थल पर अपने अधिकारों के लिए सरकार से आप पार की लड़ाई करने की शपथ ली जाएगी। नेताओं ने इसके लिए सभी मजदूरों से मंगलवार को सुबह 11 बजे अधिक से अधिक संख्या में धरना स्थल पर आने की अपील की है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला लागू नहीं कर रही सरकार सीटू के मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि फैक्ट्री बंद होने के समय 4200 मजदूरों-कर्मचारियों का 260 करोड़ रुपये से अधिक वेतन, ग्रेच्युटी और अन्य लाभ बकाया था। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार 18 प्रतिशत ब्याज जोड़कर यह राशि 500 करोड़ रुपए से अधिक हो चुकी है। राजस्थान सरकार ने यह स्वीकार किया है कि बकाया फैक्ट्री प्लांट की ओर है।सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2023 में मजदूरों के पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को बकाया भुगतान का आदेश दिया था। इसके बावजूद पालना नहीं हुई। सरकार ने 24 जून 2025 को अराफात ग्रुप को बेदखल कर फैक्ट्री प्लांट की जमीन अपने कब्जे में ले ली, लेकिन मजदूरों को अब तक भुगतान नहीं किया गया। धरने में लगातार बढ़ रही मजदूरों की उपस्थिति 18 फरवरी 2025 से तीनों मजदूर यूनियनों (सीटू से जुड़ी) के संयुक्त नेतृत्व में चल रहा है। सोमवार को यूनियन रजिस्टर में 930 मजदूरों ने उपस्थिति दर्ज कराई, जिसमें सैकड़ों महिलाएं शामिल रहीं। शहर के विकास में बाधा बन रहे जनप्रतिनिधि धरने पर यूनियन रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज करने वाले कामरेड महावीर प्रसाद ने बताया कि धरने में बड़ी संख्या में महिलाएं और परिजन शामिल हैं। कामरेड अली मोहम्मद ने बताया कि धरने को संबोधित करते हुए मजदूर नेता कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर और कामरेड नरेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार भूमाफियाओं और कोटा के कारपोरेट दलालों के साथ मिली हुई है। स्थानीय विधायक, सांसद और जनप्रतिनिधि भी शहर के विकास में बाधा बन रहे हैं। बाबा साहेब की प्रतिमा पर करेंगे माल्यार्पण मजदूर नेताओं ने 14 अप्रैल 2026 को संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर संविधान बचाओ जागरूकता रैली निकालने की घोषणा की है। रैली जिला कलेक्ट्रेट गेट से शुरू होकर जिला न्यायालय परिसर में बाबा साहेब की प्रतिमा के सामने पहुंचेगी, जहां माल्यार्पण कर मजदूर सरकार से आर-पार की लड़ाई लड़ने की शपथ लेंगे। नेताओं ने कोटा शहर की आम जनता, महिलाओं और मजदूरों से अपील की है कि वे 11 बजे ज्यादा से ज्यादा संख्या में धरना स्थल पर पहुंचें। धरने के दौरान मानव श्रृंखला बनाकर नारेबाजी की गई और जिला कलेक्टर से बकाया वेतन भुगतान की मांग की गई। धरने पर ये रहे मौजूद धरने में कामरेड कालीचरण सोनी, कामरेड केदार जोशी, कामरेड गोपाल शर्मा, कामरेड अली मोहम्मद, कामरेड सतीश चंद त्रिवेदी, कामरेड हनुमान सिंह, कामरेड अशोक सिंह, कामरेड गुलाब शंकर, कामरेड गिरजा शंकर पांडे, कामरेड बच्चन जयसवाल, कामरेड लटूर लाल, कामरेड गणेश प्रसाद, कामरेड रामफूल, कामरेड जेठाराम, कामरेड छीतर लाल, कामरेड भवर लाल, कामरेड लक्ष्मीकांत वाजपेयी सहित सैकड़ों मजदूर डटे हुए हैं। महिला मजदूरों में रेशमा देवी, कैलाशी बाई, राजकुमारी, राजू वर्मा, जाहिदा बानो, नजमा बेगम, बानो बी, शकीला, मंजू कश्यप, बदाम बाई, मोदी बाई, मूर्ति बाई, कबूतरी बाई, धन्नी बाई, मोतिया बाई, उर्मिला बाई आदि बड़ी संख्या में शामिल हैं।4