दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित पुलिस बर्बरता और दुर्व्यवहार के खिलाफ उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में नैतिक पार्टी ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रस्तुत किया है। पार्टी के मण्डल प्रदेश सचिव अत्री यादव की ओर से भेजे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध का अधिकार देता है। ऐसे में अपने संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग कर रहे छात्रों पर अनावश्यक बल प्रयोग किया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों और मर्यादाओं के विपरीत है। नैतिक पार्टी ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की गुहार लगाते हुए पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने तथा दोषी पुलिस अधिकारियों व जिम्मेदार व्यक्तियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में घायल छात्रों के समुचित इलाज और सुरक्षा का प्रबंध करने के साथ ही सरकार से तुरंत संवाद स्थापित कर समाधान निकालने की बात कही गई है। इसके अलावा, मामले की नैतिक व प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करते हुए माननीय शिक्षा मंत्री से तत्काल इस्तीफा लेने या उन पर कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित पुलिस बर्बरता और दुर्व्यवहार के खिलाफ उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में नैतिक पार्टी ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रस्तुत किया है। पार्टी के मण्डल प्रदेश सचिव अत्री यादव की ओर से भेजे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध का अधिकार देता है। ऐसे में अपने संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग कर रहे छात्रों पर अनावश्यक बल प्रयोग किया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों और मर्यादाओं के विपरीत है। नैतिक पार्टी ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की गुहार लगाते हुए पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने तथा दोषी पुलिस अधिकारियों व जिम्मेदार व्यक्तियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में घायल छात्रों के समुचित इलाज और सुरक्षा का प्रबंध करने के साथ ही सरकार से तुरंत संवाद स्थापित कर समाधान निकालने की बात कही गई है। इसके अलावा, मामले की नैतिक व प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करते हुए माननीय शिक्षा मंत्री से तत्काल इस्तीफा लेने या उन पर कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित पुलिस बर्बरता और दुर्व्यवहार के खिलाफ उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में नैतिक पार्टी ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रस्तुत किया है। पार्टी के मण्डल प्रदेश सचिव अत्री यादव की ओर से भेजे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध का अधिकार देता है। ऐसे में अपने संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग कर रहे छात्रों पर अनावश्यक बल प्रयोग किया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों और मर्यादाओं के विपरीत है। नैतिक पार्टी ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की गुहार लगाते हुए पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने तथा दोषी पुलिस अधिकारियों व जिम्मेदार व्यक्तियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में घायल छात्रों के समुचित इलाज और सुरक्षा का प्रबंध करने के साथ ही सरकार से तुरंत संवाद स्थापित कर समाधान निकालने की बात कही गई है। इसके अलावा, मामले की नैतिक व प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करते हुए माननीय शिक्षा मंत्री से तत्काल इस्तीफा लेने या उन पर कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक दिलचस्प मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने बिना हेलमेट लगाए घूम रहे पुलिसकर्मियों का वीडियो बनाना शुरू कर दिया और उन पर सवालों की बौछार कर दी। शुरुआत में पुलिसकर्मियों ने युवक को डराने-धमकाने की कोशिश की, लेकिन उसे बिल्कुल भी न डरते देख वे खुद ही मौके से चलते बने। पुलिस और युवक के बीच हुई इस पूरी बातचीत का वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले स्थित सुमेरपुर ब्लॉक में किसानों की खरीफ फसलों की सुरक्षा के लिए पशुपालन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने पंचायत के प्रशासकों और पंचायत सचिवों को कड़ा पत्र जारी कर तीन दिनों के भीतर संपूर्ण बेसहारा गोवंश को संरक्षित करने के निर्देश दिए हैं। इस वर्ष बारिश की धीमी रफ्तार के कारण किसानों ने बड़े भूभाग में खरीफ फसलों की बुआई की है, जिसके चलते उड़द, अरहर, ज्वार, तिल, मूंगफली, धान और बाजरा की फसलें खेतों में लहलहा रही हैं। हालांकि, छुट्टा घूम रहे बेसहारा गोवंश के कारण इन फसलों पर भारी संकट मंडरा रहा है और किसान दिन-रात खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंकुर सचान ने प्रशासकों एवं सचिवों को पत्र भेजकर तीन दिवस में बेसहारा गोवंश को पूर्ण रूप से संरक्षित करने और इसके प्रमाण के तौर पर वीडियो व फोटोग्राफ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। पशुपालन विभाग के अनुसार, सुमेरपुर ब्लॉक की 57 ग्राम पंचायतों में 15 अप्रैल तक 5,394 बेसहारा गोवंश संरक्षित था। वर्तमान में यही गोवंश बाहर निकलकर दिन में खेतों में और रात में सड़कों पर घूमकर परेशानी पैदा कर रहा है। समस्या के समाधान के लिए ब्लॉक की 14 पंचायतों की गौशालाओं को पड़ोसी पंचायतों में समायोजित करने की कवायद शुरू कर दी गई है। पशु चिकित्सा अधिकारी के अनुसार, इस वर्ष भौनिया, बिरखेरा, पलरा, बांक, दरियापुर, सहुरापुर, बरदहा सहजना, बंडा, पारा रैपुरा, अमिरता, पारा ओझी, मोराकांदर और स्वासा खुर्द की गौशालाओं को पड़ोसी पंचायतों में सम्मिलित किया जा रहा है। इसके अलावा, जलाला की गौशाला को जंगली गायों के लिए सुरक्षित रखा गया है। पशुधन प्रसार अधिकारी आरबी यादव ने बताया कि विभागीय निर्देश के बाद नदेहरा, बांकी, धनपुरा, छानी बुजुर्ग, स्वासा बुजुर्ग, सहुरापुर, उजनेडी, सिमनौडी, देवगांव और जलाला में बेसहारा गोवंश संरक्षित कर लिया गया है, जबकि शेष पंचायतों में भी जल्द संरक्षण की उम्मीद है।2
- हमीरपुर में नीट पेपर लीक मामले और जंतर-मंतर पर छात्र-छात्राओं पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में ब्राह्मण एकता परिषद ने मोर्चा खोला है। संगठन ने इस मामले को लेकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक मांगपत्र जिलाधिकारी को सौंपा। यह ज्ञापन मातृ प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष दीपा तिवारी के नेतृत्व में प्रस्तुत किया गया, जिसमें छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की गई। ज्ञापन के माध्यम से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पुरजोर मांग की गई है। साथ ही प्रदर्शनकारी छात्रों की सभी मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील की गई है। ब्राह्मण एकता परिषद ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।4
- जालौन में बिजली संबंधी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए QR कोड सुविधा शुरू की गई है। इस नई व्यवस्था के माध्यम से उपभोक्ता अपनी बिजली की समस्याओं को दर्ज करा सकेंगे, जिससे उनका समाधान तुरंत किया जाएगा।1
- घाटमपुर नगर पालिका में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर रिश्वत लेने और दस्तावेज गायब करने का आरोप लगा है। इस मामले में एसडीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। जवाहर नगर पूर्वी निवासी नम्रता यादव ने शिकायत में आरोप लगाया कि 18 मई को जन्म प्रमाण पत्र के लिए दस्तावेज जमा करते समय नगर पालिका के कर्मचारी ने उनसे 800 रुपये लिए। काफी समय बीत जाने के बाद भी प्रमाण पत्र नहीं बना और उनके दस्तावेज भी गायब बताए गए। पीड़िता ने इस मामले में एसडीएम से कार्रवाई की मांग की है, जिस पर एसडीएम ने मामले की जांच कराकर रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।1
- घाटमपुर क्षेत्र के दौलतपुर स्थित साधन सहकारी समिति अमौली के भवन के सुन्दरीकरण एवं विस्तारीकरण कार्य का भव्य उद्घाटन और लोकार्पण किया गया। घाटमपुर ब्लॉक प्रमुख द्वारा शुक्रवार को नया स्वरूप पाने वाले इस परिसर की सौगात क्षेत्र की जनता को सौंपी गई। उल्लेखनीय है कि इस समिति के भवन का निर्माण एवं लोकार्पण पूर्व में उत्तर प्रदेश सरकार के दिवंगत राज्य मंत्री (गन्ना विकास एवं चीनी मिल) स्व० कु० शिवनाथ सिंह कुशवाहा द्वारा किया गया था। इस अवसर पर अमौली प्रधान झब्बू सिंह, रामगोपाल सिंह, प्रमोद सिंह, सभासद रोहित सिंह ए०डी०, राहुल राजावत, शोभित सेंगर, धर्मेंद्र अवस्थी और समिति के अध्यक्ष विनोद तिवारी मौजूद रहे। इनके साथ भूरा सचान, अनिल सचान, उदय सचान और चन्द्र पाल सचान सहित भारी संख्या में स्थानीय गणमान्य नागरिक और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने इस विकास कार्य की सराहना करते हुए इसे किसानों और स्थानीय निवासियों के लिए बेहद लाभकारी बताया।1
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के कुरारा थाना क्षेत्र में तेजी और लापरवाही से ट्रक चलाकर तांगे में बैठी सवारियों को जोरदार टक्कर मारने और दो महिलाओं की जान लेने के मामले में अभियुक्त को अदालत ने सजा सुनाई है। 'ऑपरेशन कन्विंक्शन' के तहत चिन्हित इस अभियोग में प्रभावी पैरवी के बाद न्यायालय सिविल जज (जूनियर डिवीजन) जनपद हमीरपुर ने अभियुक्त दलजीत सिंह को दोषी ठहराते हुए जेल में बिताई गई 5 दिन की अवधि और ₹5,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह मामला 31 जुलाई 2002 को दर्ज किया गया था। बहराइच जिले के अकबरपुरा नई बस्ती निवासी दलजीत सिंह (पुत्र कुंदन सिंह) के खिलाफ थाना कुरारा में मुकदमा अपराध संख्या 114/2002 धारा 279, 337, 338, 304ए और 436 भारतीय दंड संहिता के तहत केस पंजीकृत हुआ था। आरोपी द्वारा तेज गति और लापरवाही से ट्रक चलाकर तांगे को टक्कर मारने के कारण सवारियां घायल हुई थीं और दो महिलाओं की मृत्यु हो गई थी। अभियोजन विभाग से समन्वय स्थापित कर समयबद्ध रूप से साक्षियों के साक्ष्य कराए गए, जिसके परिणामस्वरूप अदालत ने 24 जुलाई 2026 को अभियुक्त को दोषसिद्ध किया। इस मुकदमे के निस्तारण में विवेचक उप-निरीक्षक जी.एस. राठौर, अभियोजक एपीओ अमर जायसवाल और पैरोकार कांस्टेबल ब्रजेश कुमार की भूमिका रही।1