एफएसडीए और लखनऊ पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नकली और अवैध दवाओं के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया है। इस कार्रवाई के तहत लखनऊ के अमीनाबाद, बीकेटी और गोंडा में कई ठिकानों पर छापेमारी की गई है, जहां से लाखों रुपये की संदिग्ध दवाएं बरामद हुई हैं। इस जांच में नकली दवाओं के नेटवर्क के तार राजस्थान तक जुड़े मिले हैं। इस कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से दवा बेचने और बिना बिल के कारोबार करने का बड़ा पर्दाफाश हुआ है। अमीनाबाद के एक अवैध गोदाम से करीब 21 लाख रुपये की दवाएं सीज की गई हैं, जबकि बीकेटी में भी एफएसडीए ने छापा मारकर 3 लाख रुपये की संदिग्ध दवाओं को सील किया है। इसके साथ ही गोंडा में एनडीपीएस श्रेणी की दवाओं का अवैध भंडारण बरामद हुआ है। टीम ने मौके से Telma, Pantop और Clavam जैसी नामी कंपनियों के ब्रांड की संदिग्ध दवाएं बरामद की हैं, जिनके लेबल पर स्पेलिंग और प्रिंटिंग की गड़बड़ियां पाई गई हैं। जांच टीम ने नकली होने की आशंका पर 27 संदिग्ध दवाओं के नमूने लेकर सरकारी लैब में जांच के लिए भेज दिए हैं। नकली दवाओं के इस संगठित निर्माण, भंडारण और सप्लाई नेटवर्क के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज कर दी गई है। मामले में 8 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मुख्य आरोपियों के खिलाफ अमीनाबाद थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की तैयारी है। एफएसडीए की इस बड़ी कार्रवाई से करोड़ों रुपये के अवैध दवा कारोबार का राज खुलने की संभावना है और पूरे नेटवर्क की जांच को तेज कर दिया गया है।
एफएसडीए और लखनऊ पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नकली और अवैध दवाओं के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया है। इस कार्रवाई के तहत लखनऊ के अमीनाबाद, बीकेटी और गोंडा में कई ठिकानों पर छापेमारी की गई है, जहां से लाखों रुपये की संदिग्ध दवाएं बरामद हुई हैं। इस जांच में नकली दवाओं के नेटवर्क के तार राजस्थान तक जुड़े मिले हैं। इस कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से दवा बेचने और बिना बिल के कारोबार करने का बड़ा पर्दाफाश हुआ है। अमीनाबाद के एक अवैध गोदाम से करीब 21 लाख रुपये की दवाएं सीज की गई हैं, जबकि बीकेटी में भी एफएसडीए ने छापा मारकर 3 लाख रुपये की संदिग्ध दवाओं को सील किया है। इसके साथ ही गोंडा में एनडीपीएस श्रेणी की दवाओं का अवैध भंडारण बरामद हुआ है। टीम ने मौके
से Telma, Pantop और Clavam जैसी नामी कंपनियों के ब्रांड की संदिग्ध दवाएं बरामद की हैं, जिनके लेबल पर स्पेलिंग और प्रिंटिंग की गड़बड़ियां पाई गई हैं। जांच टीम ने नकली होने की आशंका पर 27 संदिग्ध दवाओं के नमूने लेकर सरकारी लैब में जांच के लिए भेज दिए हैं। नकली दवाओं के इस संगठित निर्माण, भंडारण और सप्लाई नेटवर्क के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज कर दी गई है। मामले में 8 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मुख्य आरोपियों के खिलाफ अमीनाबाद थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की तैयारी है। एफएसडीए की इस बड़ी कार्रवाई से करोड़ों रुपये के अवैध दवा कारोबार का राज खुलने की संभावना है और पूरे नेटवर्क की जांच को तेज कर दिया गया है।
- लखनऊ के कैसरबाग में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता हाथों में 'I Support Sonam' लिखे पोस्टर लेकर उतरे और सीजेपी (CJP) के समर्थन में अपना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान आप कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों का विरोध करते हुए "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो" के नारे लगाए। इस पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट मो. ज़ुनैद द्वारा दी गई है।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद बाराबंकी की रामनगर तहसील में स्थित सुप्रसिद्ध महाभारत कालीन लोधेश्वर महादेव धाम पहुंचकर ₹542 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया है। मुख्यमंत्री के इस दौरे को लेकर बाराबंकी से लेकर लोधेश्वर महादेव धाम तक का पूरा क्षेत्र भाजपा प्रत्याशियों की होर्डिंग्स से चमक उठा। इस दौरान रामनगर विधानसभा 267 से विधायक पद के कई दावेदार नेताओं ने अपने-अपने जन समर्थन के साथ पूरी ताकत झोंकी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बाराबंकी को वीरों की धरती बताते हुए यहाँ के शहीदों को विशेष सम्मान दिया। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा सरकार पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में कब्रिस्तानों की बाउंड्री के लिए पैसा था, लेकिन लोधेश्वर महादेव धाम के लिए पैसा नहीं था। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उनकी सरकार लोधेश्वर महादेव धाम को काशी विश्वनाथ की तर्ज पर बनाएगी और सरकार के पास पैसे की कोई कमी नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक स्थानीय जनप्रतिनिधि, मौजूदा विधायक और सांसद सरकार को विकास कार्यों से अवगत नहीं कराएंगे, तब तक सरकार कुछ नहीं कर सकती। लोधेश्वर महादेव धाम से तहसील रिपोर्टर अमरजीत की रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरे को लेकर क्षेत्र में भारी उत्साह देखा गया।3
- लखनऊ के गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्स ऑडिटोरियम में 22 जुलाई 2026 को श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय (एसआरएमयू) का भव्य दीक्षांत समारोह आयोजित किया जाएगा। इस गरिमामय समारोह में कुल 7,519 मेधावी विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी। हजरतगंज के रॉयल कैफ़े में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान विश्वविद्यालय के कुलाधिपति इं. पंकज अग्रवाल और कुलपति प्रो. (डॉ.) विजय तिवारी ने संयुक्त रूप से यह जानकारी साझा की। कुलाधिपति ने तैयारियों पर संतोष व्यक्त करते हुए सभी पदक और उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की अग्रिम शुभकामनाएं दी हैं। दीक्षांत समारोह के दौरान कुल 405 विद्यार्थियों को पदक प्रदान किए जाएंगे, जिनमें 232 स्वर्ण पदक और 165 रजत पदक शामिल हैं। विश्वविद्यालय के लिए यह विशेष गौरव की बात है कि चार शैक्षणिक सत्रों के सभी 8 सर्वोच्च पदक (कुलाधिपति व प्रति-कुलाधिपति पदक) छात्राओं ने अपने नाम किए हैं, जो महिला सशक्तिकरण और समान अवसर के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस भव्य कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डेक्कन कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), पुणे के कुलाधिपति प्रो. (डॉ.) भूषण पटवर्धन होंगे। वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में आयरलैंड एवं मालदीव के पूर्व भारतीय राजदूत श्री अखिलेश मिश्रा मौजूद रहेंगे। समारोह की शुरुआत अतिथियों के आगमन, शैक्षणिक शोभायात्रा, दीप प्रज्ज्वलन, वंदे मातरम् और विश्वविद्यालय कुलगीत के साथ होगी। कुलाधिपति इं. पंकज अग्रवाल कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे, जिसके बाद कुलपति प्रो. (डॉ.) विजय तिवारी स्वागत भाषण और विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। वर्ष 2012 में स्थापित हुए इस विश्वविद्यालय के 11 संस्थानों में वर्तमान में 12,000 से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इस दीक्षांत समारोह का मंच संचालन परीक्षा नियंत्रक प्रो. (डॉ.) अकांक्षा निगम करेंगी और समापन कुलसचिव प्रो. हेमेन्द्र शर्मा के धन्यवाद ज्ञापन व राष्ट्रगान के साथ होगा।4
- लखनऊ के जवाहर भवन में आग लगने के मामले में डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने खुद मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। इस दौरान डिप्टी सीएम ने बताया कि आग पर लगभग काबू पा लिया गया है। हादसे को लेकर शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आई है।1
- लखनऊ में भाकपा (माले) कार्यकर्ताओं ने परिवर्तन चौक से लेकर डीएम कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने सोनम वांगचुक को धरना स्थल से हटाने की कार्रवाई का कड़ा विरोध किया। इसके साथ ही, प्रदर्शनकारियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए कथित पेपर लीक के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने परीक्षा व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता बरतने की मांग उठाई।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी स्थित सुप्रसिद्ध लोधेश्वर धाम महादेवा पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूजा-अर्चना करने के बाद जनपद को बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने यहाँ ₹542 करोड़ से अधिक की लागत वाली 82 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि विरासत ही सनातन धर्म की पहचान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसी विरासत के संरक्षण और सनातन मूल्यों की रक्षा करने के लिए अलग-अलग समय में विभिन्न महापुरुषों ने अपना योगदान दिया। अपने संबोधन में उन्होंने राजा बलभद्र सिंह, लाखन पासी और देश को गुलामी से मुक्त कराने के लिए महाराजा बिजली पासी के योगदान को याद किया। इसके साथ ही उन्होंने महाराज सुहेलदेव, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज का उल्लेख करते हुए कहा कि आज हम उन्हें इसलिए याद करते हैं क्योंकि उन्होंने देश की स्वाधीनता को बनाए रखने में अपना योगदान दिया था।4
- नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कथित झड़प का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल पोस्ट में यह दावा किया जा रहा है कि वहां से प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और लाठीचार्ज का सहारा लिया। हालांकि, इस वायरल पोस्ट में किए गए दावों की अब तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इस पूरी घटना की परिस्थितियों और पुलिस की कार्रवाई की वास्तविक जानकारी आधिकारिक बयान या जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।1