उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद बाराबंकी की रामनगर तहसील में स्थित सुप्रसिद्ध महाभारत कालीन लोधेश्वर महादेव धाम पहुंचकर ₹542 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया है। मुख्यमंत्री के इस दौरे को लेकर बाराबंकी से लेकर लोधेश्वर महादेव धाम तक का पूरा क्षेत्र भाजपा प्रत्याशियों की होर्डिंग्स से चमक उठा। इस दौरान रामनगर विधानसभा 267 से विधायक पद के कई दावेदार नेताओं ने अपने-अपने जन समर्थन के साथ पूरी ताकत झोंकी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बाराबंकी को वीरों की धरती बताते हुए यहाँ के शहीदों को विशेष सम्मान दिया। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा सरकार पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में कब्रिस्तानों की बाउंड्री के लिए पैसा था, लेकिन लोधेश्वर महादेव धाम के लिए पैसा नहीं था। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उनकी सरकार लोधेश्वर महादेव धाम को काशी विश्वनाथ की तर्ज पर बनाएगी और सरकार के पास पैसे की कोई कमी नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक स्थानीय जनप्रतिनिधि, मौजूदा विधायक और सांसद सरकार को विकास कार्यों से अवगत नहीं कराएंगे, तब तक सरकार कुछ नहीं कर सकती। लोधेश्वर महादेव धाम से तहसील रिपोर्टर अमरजीत की रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरे को लेकर क्षेत्र में भारी उत्साह देखा गया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद बाराबंकी की रामनगर तहसील में स्थित सुप्रसिद्ध महाभारत कालीन लोधेश्वर महादेव धाम पहुंचकर ₹542 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया है। मुख्यमंत्री के इस दौरे को लेकर बाराबंकी से लेकर लोधेश्वर महादेव धाम तक का पूरा क्षेत्र भाजपा प्रत्याशियों की होर्डिंग्स से चमक उठा। इस दौरान रामनगर विधानसभा 267 से विधायक पद के कई दावेदार नेताओं ने अपने-अपने जन समर्थन
के साथ पूरी ताकत झोंकी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बाराबंकी को वीरों की धरती बताते हुए यहाँ के शहीदों को विशेष सम्मान दिया। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा सरकार पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में कब्रिस्तानों की बाउंड्री के लिए पैसा था, लेकिन लोधेश्वर महादेव धाम के लिए पैसा नहीं था। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उनकी सरकार लोधेश्वर महादेव धाम
को काशी विश्वनाथ की तर्ज पर बनाएगी और सरकार के पास पैसे की कोई कमी नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक स्थानीय जनप्रतिनिधि, मौजूदा विधायक और सांसद सरकार को विकास कार्यों से अवगत नहीं कराएंगे, तब तक सरकार कुछ नहीं कर सकती। लोधेश्वर महादेव धाम से तहसील रिपोर्टर अमरजीत की रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरे को लेकर क्षेत्र में भारी उत्साह देखा गया।
- दिल्ली-शंभू बॉर्डर पर हरियाणा पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पंजाब से हजारों किसान अमेरिका-भारत व्यापार समझौते (ट्रेड डील) के विरोध में दिल्ली कूच करने की तैयारी में जुटे हैं। किसानों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए सीमा पर भारी सीमेंटेड बैरिकेड लगाए गए हैं और इसके साथ ही जेसीबी मशीनें भी तैनात की गई हैं। अब दिल्ली पहुंचने के लिए आंदोलनकारी किसानों को इन बैरिकेडों को पार करना होगा।1
- उत्तर प्रदेश के शामली में तेज बहाव के कारण एक छोटी नहर की पटरी टूटने से भारी तबाही मची है। कांधला थाना क्षेत्र के नाला गांव के पास नहर की पटरी कटने से इसके किनारे बनी मुख्य सड़क करीब 10 फीट तक धंस गई है, जिसके चलते वहां यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। इस भीषण तबाही के बीच पिछले 48 घंटों में 10 लोगों की मौत हो चुकी है। लखनऊ से संवाददाता आशीष मिश्रा के अनुसार, स्थिति को देखते हुए राज्य के 75 जिलों में बरसात की चेतावनी जारी की गई है।1
- मेरठ के अतुल पंवार हत्याकांड मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। अपने पति की सांप से कटवाकर हत्या करने वाली कातिल पत्नी दामिनी ने जेल जाते ही खाना नहीं खाया और भूखी रहकर ही बैरक में अपनी रात काटी। दामिनी को जेल की उसी बैरक में रखा गया है, जहां कातिल मुस्कान सहित 5 कातिल पत्नियां बंद हैं। अपने प्रेमी तुषार के लिए पति अतुल पंवार को मौत के घाट उतारने वाली दामिनी ने अब जेल प्रशासन से रामायण के सुंदरकांड का पाठ करने की इच्छा जताई है। इस पूरे मामले को लेकर मेरठ के वरिष्ठ जेल अधीक्षक विरेश राज शर्मा ने जानकारी साझा की है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुखौटा पहनकर एक अनोखा और प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया है। प्रदर्शनकारियों ने इस तरीके का इस्तेमाल कर अपनी मांगों और असंतोष को जाहिर करने की कोशिश की है। मौके पर पुलिस बल की मौजूदगी के बीच छात्रों का यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहा। इस बीच सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक कड़ा कर दिया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग भी की गई है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।1
- सुलतानपुर के दियरा क्षेत्र स्थित बंधु मिश्र का पूरा गांव का चकमार्ग संख्या 1554 प्रशासनिक उदासीनता के कारण बदहाली का शिकार है। यह प्रमुख संपर्क मार्ग हल्की बारिश में ही पूरी तरह दलदल और गहरे कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों, किसानों और मरीजों का आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है। आए दिन लोग फिसलकर चोटिल हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से कई बार शिकायत के बावजूद हर बार इसे "कार्ययोजना में शामिल नहीं है" कहकर टाल दिया जाता है। इस मार्ग से क्षेत्र के वर्तमान विधायक राज प्रसाद उपाध्याय और पूर्व सांसद मेनका गांधी भी गुजर चुके हैं। कुछ वर्ष पूर्व एसडीएम, तहसीलदार, लेखपाल, कानूनगो और पुलिस की मौजूदगी में केवल मिट्टी पटाई कराई गई थी, लेकिन उसके बाद खड़ंजा या इंटरलॉकिंग का निर्माण नहीं कराया गया। प्रशासन की इस कार्यशैली से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से चकमार्ग का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर खड़ंजा या इंटरलॉकिंग सड़क बनवाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।1
- उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हजरतगंज चौराहे पर समाजवादी पार्टी ने जोरदार प्रदर्शन किया।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज थाना क्षेत्र स्थित बटलर पैलेस रोड पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक युवक ने अपनी पत्नी को कथित तौर पर एक प्रशासनिक अधिकारी के साथ कार में बैठे देखा। इसके बाद गुस्से में आए पति ने अपनी बाइक लगाकर कार को बीच सड़क पर रोक लिया और जमकर हंगामा शुरू कर दिया। इस हाई वोल्टेज ड्रामे के दौरान सड़क पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई और काफी देर तक विवाद चलता रहा। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। फिलहाल इस मामले में सभी पक्षों के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है और पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की सही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- प्रतापगढ़ की राजनीति में एमएलसी महाराजा कुंवर अक्षय प्रताप सिंह 'गोपाल भइया' जी जनता की आवाज़ और संघर्ष की पहचान बने हुए हैं। वे क्षेत्र की राजनीति में जनसेवा, नेतृत्व और मजबूती का दूसरा नाम हैं। हर दिल अजीज गोपाल भइया जी को प्रतापगढ़ की जनता के बीच बेहद लोकप्रिय और एक बेहद मजबूत नेतृत्वकर्ता के रूप में प्रस्तुत किया गया है।1