मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नियम विरुद्ध हूटर बजाने और अवैध नंबर प्लेट लगाकर घूम रहे रसूखदारों के खिलाफ मजिस्ट्रेट ने कड़ा शिकंजा कसा है। सड़कों पर सालों से रौब जमाने वाले इन प्रभावशाली लोगों के खिलाफ खुद चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट आग्नीध्र कुमार द्विवेदी और उनके साथ तीन अन्य मजिस्ट्रेटों ने इस विशेष अभियान का नेतृत्व किया। कोर्ट की सीधी मौजूदगी के कारण मंत्रियों, सांसदों और बड़े अधिकारियों के स्टाफ भी अपने रसूख के बल पर कार्रवाई से बच नहीं पाए। इस कार्रवाई को लेकर आम जनता का कहना है कि पुलिस आमतौर पर केवल गरीबों और ग्रामीणों पर ही कार्रवाई का चाबुक चलाती है, जबकि सतना जैसे जिलों में प्रशासन इन रसूखदारों पर हाथ डालने की हिम्मत भी नहीं जुटा पाता। भोपाल में वीआईपी संस्कृति पर हुए इस कड़े प्रहार के बाद अब सतना और मैहर में भी लोग इसी तरह की सख्त कार्रवाई की राह देख रहे हैं।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नियम विरुद्ध हूटर बजाने और अवैध नंबर प्लेट लगाकर घूम रहे रसूखदारों के खिलाफ मजिस्ट्रेट ने कड़ा शिकंजा कसा है। सड़कों पर सालों से रौब जमाने वाले इन प्रभावशाली लोगों के खिलाफ खुद चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट आग्नीध्र कुमार द्विवेदी और उनके साथ तीन अन्य मजिस्ट्रेटों ने इस विशेष अभियान का नेतृत्व किया। कोर्ट की सीधी मौजूदगी के कारण मंत्रियों, सांसदों और बड़े अधिकारियों के स्टाफ भी अपने रसूख के बल पर कार्रवाई से बच नहीं पाए। इस कार्रवाई को लेकर आम जनता का कहना है कि पुलिस आमतौर पर केवल गरीबों और ग्रामीणों पर ही कार्रवाई का चाबुक चलाती है, जबकि सतना जैसे जिलों में प्रशासन इन रसूखदारों पर हाथ डालने की हिम्मत भी नहीं जुटा पाता। भोपाल में वीआईपी संस्कृति पर हुए इस कड़े प्रहार के बाद अब सतना और मैहर में भी लोग इसी तरह की सख्त कार्रवाई की राह देख रहे हैं।
- सतना शहर में गंदे और बदबूदार पानी की सप्लाई होने से लोग बेहद परेशान हैं। इस समस्या को उजागर करता हुआ शहर के वार्ड नंबर 5 का एक वीडियो भी सामने आया है। इसके अलावा, वार्ड नंबर 44 और 45 में भी इसी तरह के गंदे और बदबूदार पानी की सप्लाई की जा रही है। स्थानीय लोगों में इस स्थिति को लेकर भारी चिंता है और ऐसा लग रहा है जैसे प्रशासन यहां भी इंदौर की दूषित पानी जैसी किसी घटना का इंतजार कर रहा है।1
- मैहर के उमरी पैला वार्ड नंबर 21 में चराहा में लोग अपने घरों का कचरा फेंक रहे हैं। इस समस्या का कोई भी हल नहीं निकाला जा पा रहा है।1
- मैहर के खेल मैदान से बुधवार को "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" विशेष जन-जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में संचालित होने वाले इस अभियान के तहत एक जागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली में पुलिस अधिकारियों, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लेकर समाज को नशामुक्त करने का संदेश दिया। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जहां लोगों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई और स्वस्थ व सुरक्षित समाज के निर्माण में सहयोग की अपील की गई। रैली के दौरान अधिकारियों ने युवाओं और विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने तथा दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। मैहर जिले में इस अभियान का संचालन पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह के निर्देशन, उप पुलिस अधीक्षक डॉ. चंचल नागर के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक महेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के समन्वय से किया जा रहा है। रैली के दौरान यातायात व्यवस्था की कमान खुद यातायात प्रभारी विक्रम पाठक ने अपनी टीम के साथ संभाल रखी थी। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता, विद्यार्थियों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करना है, ताकि नशामुक्त समाज के निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित की जा सके। इसके तहत आने वाले दिनों में जिलेभर में विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।4
- सतना के मैहर में 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' का संदेश साझा किया गया है। इस नारे के माध्यम से लोगों से नशे से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। सोशल मीडिया पर #sntnewspinch के साथ इस बात पर विशेष रूप से जोर दिया गया है कि जीवन में नशे से दूर रहना बेहद आवश्यक है।1
- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के कोना गांव में जमीन विवाद को लेकर भारी बवाल मच गया है। बागेश्वर धाम के कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के छोटे भाई शालिग्राम गर्ग एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गए हैं। उन पर कोना गांव के रहने वाले मोतीलाल कुशवाहा के साथ जमीन के विवाद को लेकर मारपीट करने और उन पर फायरिंग करने का गंभीर आरोप लगा है। इस हिंसक झड़प में मोतीलाल कुशवाहा गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शालिग्राम गर्ग अपने साथियों के साथ वहां पहुंचे थे और उन्होंने पीड़ित पर कई राउंड फायरिंग की। घटना के दौरान वहां मौजूद ग्रामीणों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है, जिसमें कुछ लोग मोटरसाइकिल पर भी दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि पीड़ित मोतीलाल कुशवाहा को गंभीर चोटें आई हैं और उनके शरीर में एक गोली फंसी हुई है, जबकि कुछ गोलियां उनके सिर और कान को छूते हुए निकल गईं। फिलहाल पीड़ित का अस्पताल में उपचार जारी है और वायरल वीडियो के बाद इस मामले ने स्थानीय स्तर पर काफी तूल पकड़ लिया है।1
- मध्य प्रदेश के अमरपाटन थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते का उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) पद पर पदोन्नति होने से पुलिस विभाग और क्षेत्रवासियों में हर्ष का माहौल है। अमरपाटन में पदस्थ रहते हुए विजय सिंह ने अपनी निष्पक्ष कार्यशैली, कर्तव्यनिष्ठा और प्रभावी नेतृत्व से अपराधियों में कानून का भय और आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास कायम किया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और जनसुनवाई के प्रति उनकी संवेदनशील कार्यशैली ने उन्हें आमजन के बीच एक अलग पहचान दिलाई। उनकी इस पदोन्नति को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और विभाग के प्रति समर्पण का सम्मान माना जा रहा है। सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, नागरिकों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए विश्वास जताया है कि वे डीएसपी के रूप में भी अपनी कार्यकुशलता, ईमानदारी और जनसेवा की भावना के साथ विभाग एवं समाज का गौरव बढ़ाएंगे। क्षेत्र के नागरिकों ने उनकी इस उपलब्धि पर उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और सफल कार्यकाल की कामना की है।1
- मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान इस संबंध में जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस सत्र के दौरान प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों, जनहित के महत्वपूर्ण विषयों, सरकारी विधेयकों और नीतिगत फैसलों पर व्यापक चर्चा की जाएगी। सदन की कार्यवाही के सफल संचालन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने सभी राजनीतिक दलों से लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करने की अपील की है। उन्होंने सभी दलों से सकारात्मक, तथ्यपूर्ण और सार्थक चर्चा में भाग लेने का आग्रह किया है, ताकि जनता से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी और सही निर्णय लिए जा सकें।1
- मैहर जिले के नामचीन संदीपनी विद्यालय में पिछले दो दिनों से पढ़ाई कर रहे हजारों छात्र उमस भरी गर्मी और बिना पानी के बेहद परेशान हैं। इस गंभीर समस्या पर प्रभात द्विवेदी ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिला प्रशासन से तुरंत संज्ञान लेने की मांग की है और स्पष्ट कहा है कि बच्चों की शिक्षा में इस तरह का विघ्न बिल्कुल भी उचित नहीं है। दरअसल, स्कूल में निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार ने बिजली का बकाया बिल नहीं भरा है। इसके साथ ही, निर्माण एजेंसी पीआईयू (piu) ने भी नए ट्रांसफार्मर के लिए राशि जमा नहीं की है, जिसके कारण विद्युत विभाग ने स्कूल का बिजली कनेक्शन काट दिया है। आज के आधुनिक युग में बिजली न होने से स्कूल में बच्चों के लिए पानी मिलना भी संभव नहीं हो पा रहा है। इस पूरी अव्यवस्था पर गहरा आक्रोश जताते हुए प्रभात द्विवेदी ने मांग की है कि यदि ठेकेदार बिल का भुगतान नहीं कर रहा है तो उसे जेल भेजा जाए। यदि विद्यालय प्रबंधन बिल नहीं दे रहा या निर्माण एजेंसी नया ट्रांसफार्मर नहीं लगवा रही है, तो उन पर तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ठेकेदार और विभागों की इस लापरवाही की सजा छात्रों को देना किसी भी तरह से न्यायसंगत नहीं है।1
- सतना-रीवा मार्ग पर बेला टोल प्लाजा से करीब 2 किलोमीटर दूर रिमर के पास चार से पांच दिन पहले हुए एक सड़क हादसे में एक भैंस की मौत हो गई थी। हादसे के बाद से भैंस का शव आज भी सड़क किनारे उसी जगह पर पड़ा हुआ है। तेज धूप और गर्मी के कारण शव सड़ रहा है और उससे उठने वाली तेज दुर्गंध से आने-जाने वाले वाहन चालकों के साथ-साथ आसपास के गांव के लोगों को सांस लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शव के पास मक्खियों और आवारा कुत्तों का जमावड़ा बढ़ गया है, जिससे इस मार्ग पर फिर से कोई सड़क दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मामले की जानकारी बेला टोल प्लाजा प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन उनकी अनदेखी के कारण अब तक शव को हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। लोगों ने प्रशासन और टोल प्रबंधन से मांग की है कि महामारी फैलने से रोकने और हादसों से बचने के लिए मृत भैंस का तत्काल उचित निपटान किया जाए।1