बिहार के भोजपुर जिले के पीरो में बारिश शुरू होते ही विकास के तमाम सरकारी दावे एक बार फिर हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। यहाँ की स्टेशन रोड की हालत इतनी दयनीय हो चुकी है कि इस पर पैदल चलना भी लोगों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं रह गया है। यह पूरी मुख्य सड़क कीचड़ के दलदल में तब्दील हो चुकी है और रोजाना सैकड़ों लोग अपनी जान जोखिम में डालकर यहाँ से गुजरने को मजबूर हैं। एक वायरल वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि सड़क पर कहीं भी ठोस जमीन दिखाई नहीं दे रही और चारों तरफ सिर्फ दलदल ही दलदल पसरा हुआ है। इस बदहाली को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। सोमवार की दोपहर करीब 3:00 बजे स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हर साल बारिश आते ही यहाँ यही नारकीय स्थिति बन जाती है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी केवल आश्वासन देकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस गंभीर समस्या पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासन और संबंधित विभाग पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं और किसी भी अधिकारी ने अब तक मौके का जायजा लेने या सुधारात्मक कदम उठाने की जहमत नहीं उठाई है। ऐसे में यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि आखिर कब तक जनता इस बदहाल व्यवस्था का खामियाजा भुगतती रहेगी और क्या प्रशासन इस गहरी नींद से जागेगा?
बिहार के भोजपुर जिले के पीरो में बारिश शुरू होते ही विकास के तमाम सरकारी दावे एक बार फिर हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। यहाँ की स्टेशन रोड की हालत इतनी दयनीय हो चुकी है कि इस पर पैदल चलना भी लोगों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं रह गया है। यह पूरी मुख्य सड़क कीचड़ के दलदल में तब्दील हो चुकी है और रोजाना सैकड़ों लोग अपनी जान जोखिम में डालकर यहाँ से गुजरने को मजबूर हैं। एक वायरल वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि सड़क पर कहीं भी ठोस जमीन दिखाई नहीं दे रही और चारों तरफ सिर्फ दलदल ही दलदल पसरा हुआ है। इस बदहाली को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। सोमवार की दोपहर करीब 3:00 बजे स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हर साल बारिश आते ही यहाँ यही नारकीय स्थिति बन जाती है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी केवल आश्वासन देकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस गंभीर समस्या पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासन और संबंधित विभाग पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं और किसी भी अधिकारी ने अब तक मौके का जायजा लेने या सुधारात्मक कदम उठाने की जहमत नहीं उठाई है। ऐसे में यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि आखिर कब तक जनता इस बदहाल व्यवस्था का खामियाजा भुगतती रहेगी और क्या प्रशासन इस गहरी नींद से जागेगा?
- भोजपुर के चरपोखरी थाना पुलिस ने सेमरांव उच्च विद्यालय में एक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर साफ संदेश दिया है कि अब अपराधियों के खिलाफ चुप रहने का दौर खत्म हो चुका है। सोमवार की शाम करीब 5:00 बजे आयोजित इस कार्यक्रम में चरपोखरी थाना अध्यक्ष रवि शंकर कुमार, विद्यालय के शिक्षकगण और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। इस दौरान पुलिस की भूमिका, सामुदायिक पुलिसिंग और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में आम लोगों की सक्रिय भागीदारी पर खुलकर चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में डरने या हिचकिचाने की जरूरत नहीं है, बल्कि तुरंत पुलिस से संपर्क कर कानून-व्यवस्था में सहयोग देना चाहिए। कार्यक्रम में साइबर अपराध, महिला एवं बाल सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर गंभीर चेतावनी दी गई और बताया गया कि कैसे छोटी सी लापरवाही बड़े अपराध का कारण बन सकती है। इसके साथ ही, आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत मदद पाने के लिए डायल-112 सेवा के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस के इस अभियान ने साफ कर दिया है कि कानून को हल्के में लेने वालों की अब खैर नहीं होगी और आम जनता को भी जागरूक होकर अपराध के खिलाफ आवाज उठानी होगी।1
- बिहार में बांकीपुर विधानसभा के उपचुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल के बीच विभिन्न पार्टियों के नेताओं ने अपनी-अपनी पार्टी के प्रत्याशी की जीत का दावा किया है। नेताओं ने उपचुनाव में अपने उम्मीदवार की सफलता को लेकर पूरा भरोसा जताया है। आइए सुनते हैं कि इस उपचुनाव को लेकर नेताओं ने अपनी जीत के संदर्भ में क्या दावे किए हैं।1
- Post by CHANDAN KUMAR1
- बांकीपुर की जनता को अपने लिए कैसा उम्मीदवार चाहिए, यह फैसला अब खुद वहां की जनता को ही करना है। लोगों के बीच यह सवाल उठाया गया है कि वे अपने भविष्य के लिए किस तरह का उम्मीदवार चुनेंगे, क्योंकि इसका अंतिम निर्णय पूरी तरह से मतदाताओं के हाथ में है।1
- बिहार में गिरफ्तारी के बाद बेल मिलने पर वीणा मानवी ने सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अत्यंत भावुक अंदाज में अपनी बात रखते हुए कहा कि उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की गई है, लेकिन वे किसी भी सूरत में पीछे हटने वाली नहीं हैं। सरकार की इस कार्रवाई पर तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें "सच बोलने की सजा मिली" है। अपनी रिहाई के बाद उन्होंने यह साफ कर दिया है कि वे इस दबाव के आगे बिल्कुल नहीं झुकेंगी।1
- बिहार के भोजपुर में इंसानियत की एक अनोखी मिसाल सामने आई है, जिसे पूरा प्रदेश सलाम कर रहा है। जहां लोग जमीन के एक-एक इंच टुकड़े के लिए अपने ही रिश्तों को दांव पर लगा देते हैं, वहीं भोजपुर के सरथुआ पंचायत के मुखिया राकेश सिंह ने एक बेहद सराहनीय काम किया है। उन्होंने अपनी 5 वर्षीय बेटी प्रिंसी राज के जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए अपने हिस्से की 18 कट्ठा जमीन 40 से अधिक गरीब और महादलित परिवारों को दान कर दी है। यह केवल जमीन का दान नहीं है, बल्कि उन बेघर परिवारों को सम्मान के साथ रहने का अधिकार और बेहतर भविष्य की उम्मीद देने की एक बड़ी प्रेरणादायक पहल है, जिनके पास अपना आशियाना बनाने के लिए खुद की कोई जमीन नहीं थी। मुखिया राकेश सिंह का यह कार्य समाज को यह बड़ा संदेश देता है कि सच्ची खुशी सिर्फ अपने लिए जीने में नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में निहित है। इस नेक काम के बाद अब यह सवाल भी सामने आता है कि क्या वाकई हर सक्षम व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार ऐसे ही जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आना चाहिए?1
- बिहार के भोजपुर जिले के पीरो में बारिश शुरू होते ही विकास के तमाम सरकारी दावे एक बार फिर हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। यहाँ की स्टेशन रोड की हालत इतनी दयनीय हो चुकी है कि इस पर पैदल चलना भी लोगों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं रह गया है। यह पूरी मुख्य सड़क कीचड़ के दलदल में तब्दील हो चुकी है और रोजाना सैकड़ों लोग अपनी जान जोखिम में डालकर यहाँ से गुजरने को मजबूर हैं। एक वायरल वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि सड़क पर कहीं भी ठोस जमीन दिखाई नहीं दे रही और चारों तरफ सिर्फ दलदल ही दलदल पसरा हुआ है। इस बदहाली को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। सोमवार की दोपहर करीब 3:00 बजे स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हर साल बारिश आते ही यहाँ यही नारकीय स्थिति बन जाती है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी केवल आश्वासन देकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस गंभीर समस्या पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासन और संबंधित विभाग पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं और किसी भी अधिकारी ने अब तक मौके का जायजा लेने या सुधारात्मक कदम उठाने की जहमत नहीं उठाई है। ऐसे में यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि आखिर कब तक जनता इस बदहाल व्यवस्था का खामियाजा भुगतती रहेगी और क्या प्रशासन इस गहरी नींद से जागेगा?1
- भोजपुर में ट्रेन से शराब उतारने का एक वीडियो वायरल हो रहा है। यह मामला पुनपुन नदी के पास ट्रेन से शराब उतारने का सामने आया है।1