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दसलक्षण पर्व के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म मनाया,जीवन की यात्रा लघु नृत्य नाटिका ने सभी को मंत्र मुग्ध किया *प्रेस नोट* विदिशा। श्री शीतलनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में चल रहे पर्युषण पर्व के आठवे दिन उत्तम त्याग धर्म मनाया।प्रवक्ता डॉ मक्खन लाल जैन ने बताया कि प्रतिदिन रात्रि में बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जा रही है।जिसमें सभी को मनोरंजन के साथ धर्म का भी ज्ञान मिल रहा है।रात्रि में जीवन यात्रा नामक लघु नाटिका का मंचन किया गया जिसमें बचपन से बुढ़ापे तक के सफर को रेलगाड़ी की तरह समझाया।भक्ति और धर्म के महत्व को बड़े ही रोचक तरीके से समझाया।आज रात्रि धर्म के धुरंधर ज्ञानवर्धक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।ट्रस्ट अध्यक्ष ने अधिक से अधिक संख्या में सम्मिलित होने की अपील की। पंडित संयम शास्त्री ने समयसार नाटिका ग्रंथ पर स्वाध्याय में आज भेद विज्ञान पर चर्चा करते हुए बताया कि भेद विज्ञान एक प्रोसेस है,एक प्रक्रिया है। हमें दुनिया क्या देख रही है इसकी चिंता है, पर हमें तीन नेत्र सदा देखते हैं। पहला - धर्म, दूसरा - हमारी आत्मा के चारों ओर चिपकी हुई कर्म वर्गणा, और तीसरा - हम स्वयं। दुनिया को धोखा दे लोगे, इन तीनों को नहीं दे सकते। तप का अर्थ शरीर को सताना नहीं। असली तप है ज्ञानी की चीटिंग करना। ज्ञानी जैसा विचारते हैं, वैसा हम भी विचारने लगें। ज्ञानी कहते हैं - मैं ज्ञायक हूँ, ये पर पदार्थ मेरे नहीं। तुम भी यही मानना शुरू कर दो, इसी का नाम भेद-विज्ञान है। शास्त्र कहानी के लिए नहीं, आईना देखने के लिए है। सती अंजना ने बिना दोष के इतना सहा, छोटे से उपहास का इतना बड़ा फल। उनके जीवन में हमें अपना संसार देखना है। जब तक पर में सुख बुद्धि है, तब तक संसार में भटकना ही पड़ेगा। सायंकालीन प्रवचन में उत्तम त्याग धर्म पर चर्चा करते हुए बताया कि त्याग करने से पहले ये विचार करो - छोड़ा किसने? क्या छोड़ा? जब तक "मैंने छोड़ा" ऐसा अहंकार है, तब तक वह त्याग नहीं, भोग ही है। सच्चा त्यागी तो कहता है - पर वस्तु मेरी थी ही नहीं, तो मैंने क्या छोड़ा? दुनिया कहती है - जो देता है वो त्यागी। जैन धर्म कहता है - जो लेता ही नहीं वो त्यागी। पर पदार्थ को अपना मानना ही लेना है, और उसे अपना न मानना ही छोड़ना है। यही अभ्यंतर त्याग है। बाहरी त्याग सबको दिखता है, अंदर का त्याग किसी को नहीं दिखता। लोग धन छोड़ते हैं, पर मान नहीं छोड़ते। असली परीक्षा वहाँ है - जब कोई निंदा करे तब भी मन में ज्ञायक रहना, राग-द्वेष न आना, यही उत्तम त्याग धर्म है।

8 hrs ago
user_Vinod Mehra
Vinod Mehra
Emt news Vidisha News editor Vidisha, Madhya Pradesh•
8 hrs ago

दसलक्षण पर्व के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म मनाया,जीवन की यात्रा लघु नृत्य नाटिका ने सभी को मंत्र मुग्ध किया *प्रेस नोट* विदिशा। श्री शीतलनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में चल रहे पर्युषण पर्व के आठवे दिन उत्तम त्याग धर्म मनाया।प्रवक्ता डॉ मक्खन लाल जैन ने बताया कि प्रतिदिन रात्रि में बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जा रही है।जिसमें सभी को मनोरंजन के साथ धर्म का भी ज्ञान मिल रहा है।रात्रि में जीवन यात्रा नामक लघु नाटिका का मंचन किया गया जिसमें बचपन से बुढ़ापे तक के सफर को रेलगाड़ी की तरह समझाया।भक्ति और धर्म के महत्व को बड़े ही रोचक तरीके से समझाया।आज रात्रि धर्म के

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धुरंधर ज्ञानवर्धक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।ट्रस्ट अध्यक्ष ने अधिक से अधिक संख्या में सम्मिलित होने की अपील की। पंडित संयम शास्त्री ने समयसार नाटिका ग्रंथ पर स्वाध्याय में आज भेद विज्ञान पर चर्चा करते हुए बताया कि भेद विज्ञान एक प्रोसेस है,एक प्रक्रिया है। हमें दुनिया क्या देख रही है इसकी चिंता है, पर हमें तीन नेत्र सदा देखते हैं। पहला - धर्म, दूसरा - हमारी आत्मा के चारों ओर चिपकी हुई कर्म वर्गणा, और तीसरा - हम स्वयं। दुनिया को धोखा दे लोगे, इन तीनों को नहीं दे सकते। तप का अर्थ शरीर को सताना नहीं। असली तप है ज्ञानी की चीटिंग करना। ज्ञानी जैसा विचारते

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हैं, वैसा हम भी विचारने लगें। ज्ञानी कहते हैं - मैं ज्ञायक हूँ, ये पर पदार्थ मेरे नहीं। तुम भी यही मानना शुरू कर दो, इसी का नाम भेद-विज्ञान है। शास्त्र कहानी के लिए नहीं, आईना देखने के लिए है। सती अंजना ने बिना दोष के इतना सहा, छोटे से उपहास का इतना बड़ा फल। उनके जीवन में हमें अपना संसार देखना है। जब तक पर में सुख बुद्धि है, तब तक संसार में भटकना ही पड़ेगा। सायंकालीन प्रवचन में उत्तम त्याग धर्म पर चर्चा करते हुए बताया कि त्याग करने से पहले ये विचार करो - छोड़ा किसने? क्या छोड़ा? जब तक "मैंने छोड़ा" ऐसा अहंकार है,

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तब तक वह त्याग नहीं, भोग ही है। सच्चा त्यागी तो कहता है - पर वस्तु मेरी थी ही नहीं, तो मैंने क्या छोड़ा? दुनिया कहती है - जो देता है वो त्यागी। जैन धर्म कहता है - जो लेता ही नहीं वो त्यागी। पर पदार्थ को अपना मानना ही लेना है, और उसे अपना न मानना ही छोड़ना है। यही अभ्यंतर त्याग है। बाहरी त्याग सबको दिखता है, अंदर का त्याग किसी को नहीं दिखता। लोग धन छोड़ते हैं, पर मान नहीं छोड़ते। असली परीक्षा वहाँ है - जब कोई निंदा करे तब भी मन में ज्ञायक रहना, राग-द्वेष न आना, यही उत्तम त्याग धर्म है।

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  • दसलक्षण पर्व के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म मनाया,जीवन की यात्रा लघु नृत्य नाटिका ने सभी को मंत्र मुग्ध किया *प्रेस नोट* विदिशा। श्री शीतलनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में चल रहे पर्युषण पर्व के आठवे दिन उत्तम त्याग धर्म मनाया।प्रवक्ता डॉ मक्खन लाल जैन ने बताया कि प्रतिदिन रात्रि में बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जा रही है।जिसमें सभी को मनोरंजन के साथ धर्म का भी ज्ञान मिल रहा है।रात्रि में जीवन यात्रा नामक लघु नाटिका का मंचन किया गया जिसमें बचपन से बुढ़ापे तक के सफर को रेलगाड़ी की तरह समझाया।भक्ति और धर्म के महत्व को बड़े ही रोचक तरीके से समझाया।आज रात्रि धर्म के धुरंधर ज्ञानवर्धक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।ट्रस्ट अध्यक्ष ने अधिक से अधिक संख्या में सम्मिलित होने की अपील की। पंडित संयम शास्त्री ने समयसार नाटिका ग्रंथ पर स्वाध्याय में आज भेद विज्ञान पर चर्चा करते हुए बताया कि भेद विज्ञान एक प्रोसेस है,एक प्रक्रिया है। हमें दुनिया क्या देख रही है इसकी चिंता है, पर हमें तीन नेत्र सदा देखते हैं। पहला - धर्म, दूसरा - हमारी आत्मा के चारों ओर चिपकी हुई कर्म वर्गणा, और तीसरा - हम स्वयं। दुनिया को धोखा दे लोगे, इन तीनों को नहीं दे सकते। तप का अर्थ शरीर को सताना नहीं। असली तप है ज्ञानी की चीटिंग करना। ज्ञानी जैसा विचारते हैं, वैसा हम भी विचारने लगें। ज्ञानी कहते हैं - मैं ज्ञायक हूँ, ये पर पदार्थ मेरे नहीं। तुम भी यही मानना शुरू कर दो, इसी का नाम भेद-विज्ञान है। शास्त्र कहानी के लिए नहीं, आईना देखने के लिए है। सती अंजना ने बिना दोष के इतना सहा, छोटे से उपहास का इतना बड़ा फल। उनके जीवन में हमें अपना संसार देखना है। जब तक पर में सुख बुद्धि है, तब तक संसार में भटकना ही पड़ेगा। सायंकालीन प्रवचन में उत्तम त्याग धर्म पर चर्चा करते हुए बताया कि त्याग करने से पहले ये विचार करो - छोड़ा किसने? क्या छोड़ा? जब तक "मैंने छोड़ा" ऐसा अहंकार है, तब तक वह त्याग नहीं, भोग ही है। सच्चा त्यागी तो कहता है - पर वस्तु मेरी थी ही नहीं, तो मैंने क्या छोड़ा? दुनिया कहती है - जो देता है वो त्यागी। जैन धर्म कहता है - जो लेता ही नहीं वो त्यागी। पर पदार्थ को अपना मानना ही लेना है, और उसे अपना न मानना ही छोड़ना है। यही अभ्यंतर त्याग है। बाहरी त्याग सबको दिखता है, अंदर का त्याग किसी को नहीं दिखता। लोग धन छोड़ते हैं, पर मान नहीं छोड़ते। असली परीक्षा वहाँ है - जब कोई निंदा करे तब भी मन में ज्ञायक रहना, राग-द्वेष न आना, यही उत्तम त्याग धर्म है।
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    दसलक्षण पर्व के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म मनाया,जीवन की यात्रा लघु नृत्य नाटिका ने सभी को मंत्र मुग्ध किया

*प्रेस नोट*
विदिशा।
श्री शीतलनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में चल रहे पर्युषण पर्व के आठवे दिन उत्तम त्याग धर्म मनाया।प्रवक्ता डॉ मक्खन लाल जैन ने बताया कि प्रतिदिन रात्रि में बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जा रही है।जिसमें सभी को मनोरंजन के साथ धर्म का भी ज्ञान मिल रहा है।रात्रि में जीवन यात्रा नामक लघु नाटिका का मंचन किया गया जिसमें बचपन से बुढ़ापे तक के सफर को रेलगाड़ी की तरह समझाया।भक्ति और धर्म के महत्व को बड़े ही रोचक तरीके से समझाया।आज रात्रि धर्म के धुरंधर  ज्ञानवर्धक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।ट्रस्ट अध्यक्ष ने अधिक से अधिक संख्या में सम्मिलित होने की अपील की।
पंडित संयम शास्त्री ने समयसार नाटिका ग्रंथ पर स्वाध्याय में आज भेद विज्ञान पर चर्चा करते हुए बताया कि भेद विज्ञान एक प्रोसेस है,एक प्रक्रिया है।
हमें दुनिया क्या देख रही है इसकी चिंता है, पर हमें तीन नेत्र सदा देखते हैं। पहला - धर्म, दूसरा - हमारी आत्मा के चारों ओर चिपकी हुई कर्म वर्गणा, और तीसरा - हम स्वयं। दुनिया को धोखा दे लोगे, इन तीनों को नहीं दे सकते।
तप का अर्थ शरीर को सताना नहीं। असली तप है ज्ञानी की चीटिंग करना। ज्ञानी जैसा विचारते हैं, वैसा हम भी विचारने लगें। ज्ञानी कहते हैं - मैं ज्ञायक हूँ, ये पर पदार्थ मेरे नहीं। तुम भी यही मानना शुरू कर दो, इसी का नाम भेद-विज्ञान है।
शास्त्र कहानी के लिए नहीं, आईना देखने के लिए है। सती अंजना ने बिना दोष के इतना सहा, छोटे से उपहास का इतना बड़ा फल। उनके जीवन में हमें अपना संसार देखना है। जब तक पर में सुख बुद्धि है, तब तक संसार में भटकना ही पड़ेगा।
सायंकालीन प्रवचन में उत्तम त्याग धर्म पर चर्चा करते हुए बताया कि त्याग करने से पहले ये विचार करो - छोड़ा किसने? क्या छोड़ा? जब तक "मैंने छोड़ा" ऐसा अहंकार है, तब तक वह त्याग नहीं, भोग ही है। सच्चा त्यागी तो कहता है - पर वस्तु मेरी थी ही नहीं, तो मैंने क्या छोड़ा?
दुनिया कहती है - जो देता है वो त्यागी। जैन धर्म कहता है - जो लेता ही नहीं वो त्यागी। पर पदार्थ को अपना मानना ही लेना है, और उसे अपना न मानना ही छोड़ना है। यही अभ्यंतर त्याग है।
बाहरी त्याग सबको दिखता है, अंदर का त्याग किसी को नहीं दिखता। लोग धन छोड़ते हैं, पर मान नहीं छोड़ते। असली परीक्षा वहाँ है - जब कोई निंदा करे तब भी मन में ज्ञायक रहना, राग-द्वेष न आना, यही उत्तम त्याग धर्म है।
    user_Vinod Mehra
    Vinod Mehra
    Emt news Vidisha News editor Vidisha, Madhya Pradesh•
    8 hrs ago
  • यशवंत गार्डन में कांग्रेस का कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित, बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हुए शामिल जिला मुख्यालय रायसेन स्थित यशवंत गार्डन में गुरुवार दोपहर करीब 12:00 बजे से कांग्रेस के कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में जिलेभर से कांग्रेस के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम में संगठनात्मक गतिविधियों और कार्यकर्ताओं की भूमिका को लेकर चर्चा की गई। सम्मेलन में कांग्रेस नेता एवं रायसेन जिला कांग्रेस प्रभारी शैलेंद्र पटेल, विधायक एवं कांग्रेस जिला अध्यक्ष देवेंद्र पटेल, लोकसभा प्रत्याशी प्रतापभानु शर्मा, पूर्व जिला अध्यक्ष मुमताज खान, पूर्व जिला अध्यक्ष विजय धाकड़, पूर्व विधायक बरेली देवेंद्र पटेल गडरबास, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मिर्जा मसरद बैग, रायसेन ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मनोज अग्रवाल, सांची विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी जी.सी. गौतम, ग्रामीण ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष संतोष शर्मा, राजू माहेश्वरी, मलखान सिंह रावत सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने सम्मेलन में सहभागिता की। कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को आपसी समन्वय के साथ सक्रिय भूमिका निभाने पर जोर दिया। सम्मेलन में मौजूद कार्यकर्ताओं ने भी संगठन से जुड़े विषयों पर अपनी बात रखी। इस दौरान आगामी समय में पार्टी की गतिविधियों को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा हुई। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह नजर आया। सम्मेलन के माध्यम से पार्टी पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं के साथ संवाद स्थापित करते हुए संगठनात्मक स्तर पर सक्रियता बढ़ाने का संदेश दिया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही।
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    यशवंत गार्डन में कांग्रेस का कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित, बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हुए शामिल
जिला मुख्यालय रायसेन स्थित यशवंत गार्डन में गुरुवार दोपहर करीब 12:00 बजे से कांग्रेस के कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में जिलेभर से कांग्रेस के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम में संगठनात्मक गतिविधियों और कार्यकर्ताओं की भूमिका को लेकर चर्चा की गई। सम्मेलन में कांग्रेस नेता एवं रायसेन जिला कांग्रेस प्रभारी शैलेंद्र पटेल, विधायक एवं कांग्रेस जिला अध्यक्ष देवेंद्र पटेल, लोकसभा प्रत्याशी प्रतापभानु शर्मा, पूर्व जिला अध्यक्ष मुमताज खान, पूर्व जिला अध्यक्ष विजय धाकड़, पूर्व विधायक बरेली देवेंद्र पटेल गडरबास, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मिर्जा मसरद बैग, रायसेन ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मनोज अग्रवाल, सांची विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी जी.सी. गौतम, ग्रामीण ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष संतोष शर्मा, राजू माहेश्वरी, मलखान सिंह रावत सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने सम्मेलन में सहभागिता की।
कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को आपसी समन्वय के साथ सक्रिय भूमिका निभाने पर जोर दिया। सम्मेलन में मौजूद कार्यकर्ताओं ने भी संगठन से जुड़े विषयों पर अपनी बात रखी। इस दौरान आगामी समय में पार्टी की गतिविधियों को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा हुई।
कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह नजर आया। सम्मेलन के माध्यम से पार्टी पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं के साथ संवाद स्थापित करते हुए संगठनात्मक स्तर पर सक्रियता बढ़ाने का संदेश दिया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही।
    user_Ajay kumar katiyar
    Ajay kumar katiyar
    रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • नगर कर्णाव पुलिस सहायता केंद्र को थाने में परिवर्तित किया जाएगा। इसके साथ ही शासकीय आवास और खाद आदि के भंडारण के लिए सरकारी गोदाम के निर्माण की अनुमति एवं आवश्यक राशि स्वीकृत की जाती है। पुलिस बल के लिए भी आवास की व्यवस्था की जाएगी। प्रदेश में पुलिस इंस्पेक्टर से लेकर जवान तक 18,000 पदों पर भर्ती की जा रही है। इसके साथ ही सरकार द्वारा कुल 85,000 नए पदों पर भर्ती का कार्य किया जा रहा है। एमएसएमई के माध्यम से प्रदेश के 1 करोड़ 20 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में बेरोजगारी दर देश के राज्यों में सबसे कम है, यह हमारे लिए गर्व की बात है। हमारे बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए सरकार लैपटॉप, साइकिल और किताबों के साथ स्कूटी भी प्रदान कर रही है, ताकि वे अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर आगे बढ़ सकें। - *डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री* नगर कर्णाव पुलिस सहायता केंद्र को थाने में परिवर्तित किया जाएगा। इसके साथ ही शासकीय आवास और खाद आदि के भंडारण के लिए सरकारी गोदाम के निर्माण की अनुमति एवं आवश्यक राशि स्वीकृत की जाती है। पुलिस बल के लिए भी आवास की व्यवस्था की जाएगी। प्रदेश में पुलिस इंस्पेक्टर से लेकर जवान तक 18,000 पदों पर भर्ती की जा रही है। इसके साथ ही सरकार द्वारा कुल 85,000 नए पदों पर भर्ती का कार्य किया जा रहा है। एमएसएमई के माध्यम से प्रदेश के 1 करोड़ 20 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में बेरोजगारी दर देश के राज्यों में सबसे कम है, यह हमारे लिए गर्व की बात है। हमारे बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए सरकार लैपटॉप, साइकिल और किताबों के साथ स्कूटी भी प्रदान कर रही है, ताकि वे अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर आगे बढ़ सकें। - *डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री*
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    नगर कर्णाव पुलिस सहायता केंद्र को थाने में परिवर्तित किया जाएगा। इसके साथ ही शासकीय आवास और खाद आदि के भंडारण के लिए सरकारी गोदाम के निर्माण की अनुमति एवं आवश्यक राशि स्वीकृत की जाती है। पुलिस बल के लिए भी आवास की व्यवस्था की जाएगी।

प्रदेश में पुलिस इंस्पेक्टर से लेकर जवान तक 18,000 पदों पर भर्ती की जा रही है। इसके साथ ही सरकार द्वारा कुल 85,000 नए पदों पर भर्ती का कार्य किया जा रहा है।

एमएसएमई के माध्यम से प्रदेश के 1 करोड़ 20 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में बेरोजगारी दर देश के राज्यों में सबसे कम है, यह हमारे लिए गर्व की बात है।

हमारे बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए सरकार लैपटॉप, साइकिल और किताबों के साथ स्कूटी भी प्रदान कर रही है, ताकि वे अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर आगे बढ़ सकें।

- *डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री*
नगर कर्णाव पुलिस सहायता केंद्र को थाने में परिवर्तित किया जाएगा। इसके साथ ही शासकीय आवास और खाद आदि के भंडारण के लिए सरकारी गोदाम के निर्माण की अनुमति एवं आवश्यक राशि स्वीकृत की जाती है। पुलिस बल के लिए भी आवास की व्यवस्था की जाएगी।
प्रदेश में पुलिस इंस्पेक्टर से लेकर जवान तक 18,000 पदों पर भर्ती की जा रही है। इसके साथ ही सरकार द्वारा कुल 85,000 नए पदों पर भर्ती का कार्य किया जा रहा है।
एमएसएमई के माध्यम से प्रदेश के 1 करोड़ 20 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में बेरोजगारी दर देश के राज्यों में सबसे कम है, यह हमारे लिए गर्व की बात है।
हमारे बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए सरकार लैपटॉप, साइकिल और किताबों के साथ स्कूटी भी प्रदान कर रही है, ताकि वे अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर आगे बढ़ सकें।
- *डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री*
    user_Chandresh joshi
    Chandresh joshi
    रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस पर दिव्यांग बच्चों ने सांकेतिक भाषा में दी प्रस्तुति दिव्यांग पुनर्वास केंद्र रायसेन में हुआ विशेष कार्यक्रम विशेषज्ञों ने सांकेतिक भाषा के महत्व पर डाला प्रकाश रायसेन, अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस (International Day of Sign Languages) के अवसर पर आज स्थानीय दिव्यांग पुनर्वास केंद्र,रायसेन में एक गरिमामय एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के (CWSN) छात्रावास में अध्ययनरत दिव्यांग बालक-बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उप संचालक सामाजिक न्याय श्री मनोज बॉथम, डीपीसी श्री प्रदीप चतुर्वेदी एवं श्री डीडी रजक द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती मां की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात छात्रावास के मूक-बधिर बालक-बालिकाओं ने सांकेतिक भाषा में स्वागत उद्बोधन, स्वागत गीत एवं प्रेरणादायक प्रस्तुतियां दीं, जिसने सभी का मन मोह लिया। बच्चों ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से अपने विचार और भावनाएं व्यक्त कीं। सांकेतिक भाषा में अतिथियों का स्वागत छात्र अध्ययन क्रृष्णा ने गेस्ट मोनो लगाकर किया I अपने उद्बोधन में डीपीसी प्रदीप चतुर्वेदी ने कहा कि "सांकेतिक भाषा केवल भाषा नहीं, बल्कि मूक-बधिर समुदाय के लिए अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। समय पर पहचान और सही उपचार से कई बच्चों को इसका लाभ मिल सकता है। समाज में सांकेतिक भाषा को समझना और सम्मान देना हम सभी की जिम्मेदारी है।" श्री डी डी रजक ने अपने संबोधन में कहा कि "सांकेतिक भाषा दिवस हमें समावेशी समाज की याद दिलाता है। दिव्यांग बच्चों में असीम प्रतिभा है, आवश्यकता है उन्हें सही मंच और सहयोग देने की। इस अवसर उप संचालक सामाजिक न्याय विभाग ने दिव्यांगों के लिए चल रही योजनाओ की जानकारी देते हुए कहा कि इन बच्चों की प्रतिभा को निखारने का कार्य किया जाए ताकि वे शिक्षा व समाज की मुख्य धारा से जुड सके इस अवसर पर दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के विशेषज्ञों द्वारा उपस्थित अभिभावकों और शिक्षकों को सांकेतिक भाषा के बुनियादी संकेतों का प्रशिक्षण भी दिया गया। बच्चों को सांकेतिक भाषा के महत्व, उसके इतिहास और उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर अतिथियों के कर कमलों से बच्चों को डारी व पेन वितरित करवाये गये इस अवसर पर श्री एसआर श्रीवास्तव ने जिले मे दिव्यांग बच्चों के लिए चल रही योजनाओ की जानकारी दी एवं बताया कि ये बच्चे भिन्न क्षमता वाले बच्चे है इनकी क्षमताओ को पहचान कर यदि कार्य किया जाये तो निश्चित रूप से ये बच्चे अपना भविष्य बना सकते है। अंत में सभी ने सांकेतिक भाषा को बढ़ावा देने और दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का संकल्प लिया । कार्यक्रम का समापन सांकेतिक भाषा में राष्ट्रगान गाकर किया गया ।
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    अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस पर दिव्यांग बच्चों ने सांकेतिक भाषा में दी प्रस्तुति
दिव्यांग पुनर्वास केंद्र रायसेन में हुआ विशेष कार्यक्रम
विशेषज्ञों ने सांकेतिक भाषा के महत्व पर डाला प्रकाश
रायसेन, 
अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस (International Day of Sign Languages) के अवसर पर आज स्थानीय दिव्यांग पुनर्वास केंद्र,रायसेन में एक गरिमामय एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के (CWSN) छात्रावास में अध्ययनरत दिव्यांग बालक-बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
उप संचालक सामाजिक न्याय श्री मनोज बॉथम, डीपीसी श्री प्रदीप चतुर्वेदी एवं श्री डीडी रजक द्वारा
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती मां की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात छात्रावास के मूक-बधिर बालक-बालिकाओं ने सांकेतिक भाषा में स्वागत उद्बोधन, स्वागत गीत एवं प्रेरणादायक प्रस्तुतियां दीं, जिसने सभी का मन मोह लिया। बच्चों ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से अपने विचार और भावनाएं व्यक्त कीं। सांकेतिक भाषा में अतिथियों का स्वागत छात्र  अध्ययन  क्रृष्णा ने गेस्ट मोनो लगाकर किया I
अपने उद्बोधन में डीपीसी प्रदीप चतुर्वेदी ने कहा कि "सांकेतिक भाषा केवल भाषा नहीं, बल्कि मूक-बधिर समुदाय के लिए अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। समय पर पहचान और सही उपचार से कई बच्चों को इसका लाभ मिल सकता है। समाज में सांकेतिक भाषा को समझना और सम्मान देना हम सभी की जिम्मेदारी है।"
श्री डी डी रजक ने अपने संबोधन में कहा कि "सांकेतिक भाषा दिवस हमें समावेशी समाज की याद दिलाता है। दिव्यांग बच्चों में असीम प्रतिभा है, आवश्यकता है उन्हें सही मंच और सहयोग देने की। इस अवसर उप संचालक सामाजिक न्याय विभाग ने दिव्यांगों के लिए चल रही योजनाओ की जानकारी देते हुए कहा कि इन बच्चों की प्रतिभा को निखारने का कार्य किया जाए ताकि वे शिक्षा व समाज की मुख्य धारा से जुड सके
इस अवसर पर दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के विशेषज्ञों द्वारा उपस्थित अभिभावकों और शिक्षकों को सांकेतिक भाषा के बुनियादी संकेतों का प्रशिक्षण भी दिया गया। बच्चों को सांकेतिक भाषा के महत्व, उसके इतिहास और उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर अतिथियों के कर कमलों से बच्चों को डारी व पेन वितरित करवाये गये इस अवसर पर श्री एसआर श्रीवास्तव ने जिले मे दिव्यांग बच्चों के लिए चल रही योजनाओ की जानकारी दी एवं बताया कि ये बच्चे भिन्न क्षमता वाले बच्चे है इनकी क्षमताओ को पहचान कर यदि कार्य किया जाये तो निश्चित रूप से ये बच्चे अपना भविष्य बना सकते है। अंत में सभी ने सांकेतिक भाषा को बढ़ावा देने और दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का संकल्प लिया । कार्यक्रम का समापन सांकेतिक भाषा में राष्ट्रगान गाकर किया गया ।
    user_Amit sharma
    Amit sharma
    Local News Reporter रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • शमशाबाद मंडी में सोयाबीन की पहली आवक,किसान का फूल माला पहनाकर स्वागत, 6,221 रुपये क्विंटल बिका भाव शमशाबाद मंडी में सोयाबीन की पहली आवक,किसान का फूल माला पहनाकर स्वागत, 6,221 रुपये क्विंटल बिका भाव
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    शमशाबाद मंडी में सोयाबीन की पहली आवक,किसान का फूल माला पहनाकर स्वागत, 6,221 रुपये क्विंटल बिका भाव
शमशाबाद मंडी में सोयाबीन की पहली आवक,किसान का फूल माला पहनाकर स्वागत, 6,221 रुपये क्विंटल बिका भाव
    user_VIMAL KUMAR VISHWAKARMA
    VIMAL KUMAR VISHWAKARMA
    शमशाबाद, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत मामले में एग्जाम हॉल का 54 सेकेंड का CCTV फुटेज सामने आया है। इसमें साहिल काली टी-शर्ट पहने आगे वाली सीट पर बैठे नजर आ रहा है। एग्जाम हॉल के अंदर तीन सुपरवाइजर भी नजर आ रहे हैं। इसी दौरान प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला साहिल के पास आते हैं। फुटेज में दोनों के बीच बातचीत होती दिखती है। इसके बाद साहिल प्रोफेसर को अपना मोबाइल फोन सौंपते नजर आता है। दूल्ला साहिल से आंसर शीट भी लेते हैं। इसके बाद उसे एग्जाम हॉल से बाहर निकाल दिया गया। IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत मामले में एग्जाम हॉल का 54 सेकेंड का CCTV फुटेज सामने आया है। इसमें साहिल काली टी-शर्ट पहने आगे वाली सीट पर बैठे नजर आ रहा है। एग्जाम हॉल के अंदर तीन सुपरवाइजर भी नजर आ रहे हैं। इसी दौरान प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला साहिल के पास आते हैं। फुटेज में दोनों के बीच बातचीत होती दिखती है। इसके बाद साहिल प्रोफेसर को अपना मोबाइल फोन सौंपते नजर आता है। दूल्ला साहिल से आंसर शीट भी लेते हैं। इसके बाद उसे एग्जाम हॉल से बाहर निकाल दिया गया।
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    IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत मामले

में एग्जाम हॉल का 54 सेकेंड का CCTV फुटेज सामने आया है। इसमें साहिल काली टी-शर्ट पहने आगे वाली सीट पर बैठे नजर आ रहा है। एग्जाम हॉल के अंदर तीन सुपरवाइजर भी नजर आ रहे हैं। इसी दौरान प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला साहिल के पास आते हैं। फुटेज में दोनों के बीच बातचीत होती दिखती है। इसके बाद साहिल प्रोफेसर को अपना मोबाइल फोन सौंपते नजर आता है। दूल्ला साहिल से आंसर शीट भी लेते हैं। इसके बाद उसे एग्जाम हॉल से बाहर निकाल दिया गया।
IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत मामले
में एग्जाम हॉल का 54 सेकेंड का CCTV फुटेज सामने आया है। इसमें साहिल काली टी-शर्ट पहने आगे वाली सीट पर बैठे नजर आ रहा है। एग्जाम हॉल के अंदर तीन सुपरवाइजर भी नजर आ रहे हैं। इसी दौरान प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला साहिल के पास आते हैं। फुटेज में दोनों के बीच बातचीत होती दिखती है। इसके बाद साहिल प्रोफेसर को अपना मोबाइल फोन सौंपते नजर आता है। दूल्ला साहिल से आंसर शीट भी लेते हैं। इसके बाद उसे एग्जाम हॉल से बाहर निकाल दिया गया।
    user_Rahul Goswami journalist
    Rahul Goswami journalist
    Local News Reporter Berasia, Bhopal•
    10 hrs ago
  • शमशाबाद में किसानों की बाइक रैली, खराब सोयाबीन लेकर तहसील पहुंचे किसान शमशाबाद में किसानों की बाइक रैली, सौंपा ज्ञापन शमशाबाद में खराब सोयाबीन की फसल और किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ ने बाइक रैली निकाली। किसान खराब सोयाबीन लेकर तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर जल्द फसल सर्वे और उचित मुआवजे की मांग की।
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    शमशाबाद में किसानों की बाइक रैली, खराब सोयाबीन लेकर तहसील पहुंचे किसान
शमशाबाद में किसानों की बाइक रैली, सौंपा ज्ञापन
शमशाबाद में खराब सोयाबीन की फसल और किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ ने बाइक रैली निकाली। किसान खराब सोयाबीन लेकर तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर जल्द फसल सर्वे और उचित मुआवजे की मांग की।
    user_सौरभ जैन
    सौरभ जैन
    शमशाबाद, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • जिला पंचायत अध्यक्ष के चेंबर की छत का प्लास्टर गिरा, टला बड़ा हादसा जिला मुख्यालय स्थित जिला पंचायत कार्यालय में गुरुवार को पंचायत अध्यक्ष के चेंबर की छत का प्लास्टर अचानक गिर गया। सुबह 11:00 प्राप्त जानकारी अनुसार, घटना के समय जिला पंचायत अध्यक्ष चेंबर में मौजूद नहीं थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। अचानक छत का प्लास्टर गिरने से कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों में कुछ देर के लिए हलचल की स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि चेंबर की छत से प्लास्टर का एक हिस्सा अचानक नीचे आ गिरा। गनीमत रही कि उस समय चेंबर में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, अन्यथा चोट लगने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था। घटना के बाद कार्यालय में कर्मचारियों के बीच छत के निर्माण और उसकी गुणवत्ता को लेकर चर्चा शुरू हो गई। जिला पंचायत कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण शासकीय भवन में इस तरह छत का प्लास्टर गिरना भवन की स्थिति और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है। कर्मचारियों का कहना है कि समय रहते भवन की छत और अन्य हिस्सों की जांच कराकर आवश्यक मरम्मत कराई जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो और किसी प्रकार की जनहानि की स्थिति निर्मित न हो।
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    जिला पंचायत अध्यक्ष के चेंबर की छत का प्लास्टर गिरा, टला बड़ा हादसा
जिला मुख्यालय स्थित जिला पंचायत कार्यालय में गुरुवार को पंचायत अध्यक्ष के चेंबर की छत का प्लास्टर अचानक गिर गया। सुबह 11:00 प्राप्त जानकारी अनुसार, घटना के समय जिला पंचायत अध्यक्ष चेंबर में मौजूद नहीं थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। अचानक छत का प्लास्टर गिरने से कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों में कुछ देर के लिए हलचल की स्थिति बन गई।
बताया जा रहा है कि चेंबर की छत से प्लास्टर का एक हिस्सा अचानक नीचे आ गिरा। गनीमत रही कि उस समय चेंबर में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, अन्यथा चोट लगने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था। घटना के बाद कार्यालय में कर्मचारियों के बीच छत के निर्माण और उसकी गुणवत्ता को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
जिला पंचायत कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण शासकीय भवन में इस तरह छत का प्लास्टर गिरना भवन की स्थिति और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है। कर्मचारियों का कहना है कि समय रहते भवन की छत और अन्य हिस्सों की जांच कराकर आवश्यक मरम्मत कराई जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो और किसी प्रकार की जनहानि की स्थिति निर्मित न हो।
    user_Ajay kumar katiyar
    Ajay kumar katiyar
    रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
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