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डॉ. आर.सी. प्रसाद ने जमुई जिले के लिए स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक अनमोल सौगात दी है। जमुई स्थित बुद्धा अस्पताल में अब हर तरह की बीमारी के इलाज के लिए 24 घंटे, सातों दिन निःशुल्क ओपीडी (आउटपेशेंट डिपार्टमेंट) सेवा उपलब्ध होगी। इस पहल को स्वास्थ्य सेवा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया जा रहा है।

2 hrs ago
user_Reaction Bihar News
Reaction Bihar News
पत्रकार जमुई, जमुई, बिहार•
2 hrs ago

डॉ. आर.सी. प्रसाद ने जमुई जिले के लिए स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक अनमोल सौगात दी है। जमुई स्थित बुद्धा अस्पताल में अब हर तरह की बीमारी के इलाज के लिए 24 घंटे, सातों दिन निःशुल्क ओपीडी (आउटपेशेंट डिपार्टमेंट) सेवा उपलब्ध होगी। इस पहल को स्वास्थ्य सेवा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया जा रहा है।

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  • राजधानी दिल्ली में 1 जुलाई 2026 से दिल्ली सरकार द्वारा अधिसूचित नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी-2026 प्रभावी हो गई है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य प्रदूषण को कम करना, स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को तेज़ करना है। नई EV पॉलिसी के तहत, ₹30 लाख तक की पात्र इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में पूरी छूट दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की खरीद पर सब्सिडी का भी प्रावधान किया गया है। नीति के अनुसार, 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल नए इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा का ही पंजीकरण होगा। वहीं, 1 अप्रैल 2028 से नए पेट्रोल और सीएनजी दोपहिया वाहनों के पंजीकरण पर रोक लगाकर, केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का ही पंजीकरण किया जाएगा। सरकार ने पूरे शहर में 30 हजार से अधिक EV चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह नीति 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी और दिल्ली को एक स्वच्छ, हरित और टिकाऊ परिवहन प्रणाली की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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    राजधानी दिल्ली में 1 जुलाई 2026 से दिल्ली सरकार द्वारा अधिसूचित नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी-2026 प्रभावी हो गई है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य प्रदूषण को कम करना, स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को तेज़ करना है।

नई EV पॉलिसी के तहत, ₹30 लाख तक की पात्र इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में पूरी छूट दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की खरीद पर सब्सिडी का भी प्रावधान किया गया है। नीति के अनुसार, 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल नए इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा का ही पंजीकरण होगा। वहीं, 1 अप्रैल 2028 से नए पेट्रोल और सीएनजी दोपहिया वाहनों के पंजीकरण पर रोक लगाकर, केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का ही पंजीकरण किया जाएगा।

सरकार ने पूरे शहर में 30 हजार से अधिक EV चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह नीति 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी और दिल्ली को एक स्वच्छ, हरित और टिकाऊ परिवहन प्रणाली की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
    user_Rajiv Ranjan
    Rajiv Ranjan
    Local News Reporter जमुई, जमुई, बिहार•
    12 hrs ago
  • डॉ. R.C. प्रसाद ने जमुई क्षेत्र को एक अनमोल सौगात प्रदान की है। इस पहल को जमुई में विकास की एक नई और महत्वपूर्ण शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे क्षेत्र में उन्नति की उम्मीदें बढ़ी हैं।
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    डॉ. R.C. प्रसाद ने जमुई क्षेत्र को एक अनमोल सौगात प्रदान की है। इस पहल को जमुई में विकास की एक नई और महत्वपूर्ण शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे क्षेत्र में उन्नति की उम्मीदें बढ़ी हैं।
    user_Nandan Kumar Paswan
    Nandan Kumar Paswan
    जमुई, जमुई, बिहार•
    15 hrs ago
  • दानापुर रेल मंडल के प्रमुख स्टेशनों में शामिल जमुई रेलवे स्टेशन पर टिकट व्यवस्था यात्रियों के लिए एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। आरोप है कि प्रतिदिन हजारों यात्रियों की आवाजाही के बावजूद, स्टेशन पर मौजूद चार टिकट काउंटरों में से अधिकांश समय केवल एक ही काउंटर संचालित होता है, जिसके कारण टिकट लेने के लिए लंबी कतारें लग जाती हैं। स्थानीय यात्रियों का कहना है कि सुबह के व्यस्त समय में जब कई ट्रेनों के आने-जाने के दौरान भीड़ काफी बढ़ जाती है, तब एक ही काउंटर से टिकट मिलने के कारण उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ता है। इस वजह से कई बार यात्रियों की ट्रेनें भी छूट जाती हैं। यात्रियों ने यह भी दावा किया कि स्टेशन पर लगी दो ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनें भी लंबे समय से बंद पड़ी हैं, जिससे यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई है। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि व्यस्त समय में सभी टिकट काउंटर खोले जाएं। इसके साथ ही, उन्होंने खराब पड़ी टिकट वेंडिंग मशीनों की जल्द से जल्द मरम्मत कर उन्हें चालू करने का आग्रह किया है, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ मिल सकें।
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    दानापुर रेल मंडल के प्रमुख स्टेशनों में शामिल जमुई रेलवे स्टेशन पर टिकट व्यवस्था यात्रियों के लिए एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। आरोप है कि प्रतिदिन हजारों यात्रियों की आवाजाही के बावजूद, स्टेशन पर मौजूद चार टिकट काउंटरों में से अधिकांश समय केवल एक ही काउंटर संचालित होता है, जिसके कारण टिकट लेने के लिए लंबी कतारें लग जाती हैं।

स्थानीय यात्रियों का कहना है कि सुबह के व्यस्त समय में जब कई ट्रेनों के आने-जाने के दौरान भीड़ काफी बढ़ जाती है, तब एक ही काउंटर से टिकट मिलने के कारण उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ता है। इस वजह से कई बार यात्रियों की ट्रेनें भी छूट जाती हैं। यात्रियों ने यह भी दावा किया कि स्टेशन पर लगी दो ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनें भी लंबे समय से बंद पड़ी हैं, जिससे यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई है।

यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि व्यस्त समय में सभी टिकट काउंटर खोले जाएं। इसके साथ ही, उन्होंने खराब पड़ी टिकट वेंडिंग मशीनों की जल्द से जल्द मरम्मत कर उन्हें चालू करने का आग्रह किया है, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ मिल सकें।
    user_Pinkey Kumari
    Pinkey Kumari
    Local News Reporter जमुई, जमुई, बिहार•
    21 hrs ago
  • आज SBI RSETI प्रशिक्षण केंद्र में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सर और साथियों के साथ विद्यार्थियों को लुप्तप्राय देसी बीजों और औषधीय पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य इन अमूल्य प्राकृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखना और उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना है।
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    आज SBI RSETI प्रशिक्षण केंद्र में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सर और साथियों के साथ विद्यार्थियों को लुप्तप्राय देसी बीजों और औषधीय पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य इन अमूल्य प्राकृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखना और उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना है।
    user_Yogendra Prajapati
    Yogendra Prajapati
    Farmer बरहट, जमुई, बिहार•
    15 hrs ago
  • लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड में कृषि विभाग द्वारा वितरित मूंग के बीज से बोई गई फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है, जिससे लगभग 250 किसान भारी कर्ज और मायूसी में डूब गए हैं। किसानों का आरोप है कि उन्हें 'धोखा' मिला है, क्योंकि अप्रैल में सरकारी बीज से बोई गई मूंग की फसल में एक भी दाना नहीं लगा। कृषि विभाग ने पिछले अप्रैल में प्रखंड के लगभग ढाई सौ किसानों को 36 कुंतल MH-1142 मूंग बीज वितरित किया था, जिसके साथ दावा किया गया था कि यह बीज प्रति हेक्टेयर 8-10 कुंतल की उपज देगा, इसमें हरदा रोग नहीं लगेगा, और यह हरी खाद का भी काम करेगा। हालांकि, किसानों के अनुसार, न तो फसल में फल लगे और न ही फलियाँ आईं, और अब पूरी फसल पीली पड़कर नष्ट हो चुकी है। परसावां के पूर्व पैक्स अध्यक्ष महेश कुमार सिंह, धर्मवीर सिंह, सोंधी के रमेश सिंह, बरतारा के अजय कुमार रविदास, शर्मा के अनिल सिंह, बड़हरा के मुकेश राजा, तेतरहाट के लखन साब और महसौडा के रमेश कुमार सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि उन्होंने मौखिक रूप से प्रखंड कृषि पदाधिकारी को इसकी सूचना दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का कहना है कि कर्ज लेकर बड़े उत्साह से मूंग बोया था, लेकिन अब मूलधन भी चला गया और समय भी बर्बाद हुआ। इस आक्रोश के बीच, किसानों ने सामूहिक रूप से उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज करने का निर्णय लिया है, ताकि उन्हें अपनी हुई क्षति की भरपाई मिल सके। इस संबंध में, प्रखंड कृषि पदाधिकारी चंद्र प्रकाश मिश्रा ने कहा कि बीज बिहार बीज निगम से प्राप्त हुआ था, इसलिए इसकी जिम्मेदारी निगम की है। वहीं, जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने किसानों को राहत का आश्वासन देते हुए कहा कि सभी किसान सामूहिक रूप से लिखित आवेदन प्रखंड और जिला कृषि कार्यालय में जमा करें। उन्होंने उचित जांच कराने और तथ्य सही पाए जाने पर हर संभव राहत प्रदान करने का भरोसा दिया। किसानों की प्रमुख मांग है कि दोषियों पर कार्रवाई हो और उनकी बर्बाद फसल का मुआवजा मिले।
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    लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड में कृषि विभाग द्वारा वितरित मूंग के बीज से बोई गई फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है, जिससे लगभग 250 किसान भारी कर्ज और मायूसी में डूब गए हैं। किसानों का आरोप है कि उन्हें 'धोखा' मिला है, क्योंकि अप्रैल में सरकारी बीज से बोई गई मूंग की फसल में एक भी दाना नहीं लगा।

कृषि विभाग ने पिछले अप्रैल में प्रखंड के लगभग ढाई सौ किसानों को 36 कुंतल MH-1142 मूंग बीज वितरित किया था, जिसके साथ दावा किया गया था कि यह बीज प्रति हेक्टेयर 8-10 कुंतल की उपज देगा, इसमें हरदा रोग नहीं लगेगा, और यह हरी खाद का भी काम करेगा। हालांकि, किसानों के अनुसार, न तो फसल में फल लगे और न ही फलियाँ आईं, और अब पूरी फसल पीली पड़कर नष्ट हो चुकी है।

परसावां के पूर्व पैक्स अध्यक्ष महेश कुमार सिंह, धर्मवीर सिंह, सोंधी के रमेश सिंह, बरतारा के अजय कुमार रविदास, शर्मा के अनिल सिंह, बड़हरा के मुकेश राजा, तेतरहाट के लखन साब और महसौडा के रमेश कुमार सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि उन्होंने मौखिक रूप से प्रखंड कृषि पदाधिकारी को इसकी सूचना दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का कहना है कि कर्ज लेकर बड़े उत्साह से मूंग बोया था, लेकिन अब मूलधन भी चला गया और समय भी बर्बाद हुआ।

इस आक्रोश के बीच, किसानों ने सामूहिक रूप से उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज करने का निर्णय लिया है, ताकि उन्हें अपनी हुई क्षति की भरपाई मिल सके। इस संबंध में, प्रखंड कृषि पदाधिकारी चंद्र प्रकाश मिश्रा ने कहा कि बीज बिहार बीज निगम से प्राप्त हुआ था, इसलिए इसकी जिम्मेदारी निगम की है। वहीं, जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने किसानों को राहत का आश्वासन देते हुए कहा कि सभी किसान सामूहिक रूप से लिखित आवेदन प्रखंड और जिला कृषि कार्यालय में जमा करें। उन्होंने उचित जांच कराने और तथ्य सही पाए जाने पर हर संभव राहत प्रदान करने का भरोसा दिया। किसानों की प्रमुख मांग है कि दोषियों पर कार्रवाई हो और उनकी बर्बाद फसल का मुआवजा मिले।
    user_Kumar Amlesh
    Kumar Amlesh
    पत्रकार लखीसराय, लखीसराय, बिहार•
    6 hrs ago
  • राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस के अवसर पर डॉ. विजय श्री और डॉ. राजीव रंजन प्रसाद ने एक प्रेरणादायक संदेश साझा किया है।
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    राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस के अवसर पर डॉ. विजय श्री और डॉ. राजीव रंजन प्रसाद ने एक प्रेरणादायक संदेश साझा किया है।
    user_Reaction Bihar News
    Reaction Bihar News
    पत्रकार जमुई, जमुई, बिहार•
    2 hrs ago
  • खेतों में धान की नर्सरी (बीज पारने) के लिए व्यापक तैयारी चल रही है। किसानों का मुख्य ध्यान खेत को इस प्रकार से तैयार करने पर है, जिससे बीज का अंकुरण बेहतर हो सके और पौधे स्वस्थ रूप से बढ़ें। इस प्रक्रिया का अंतिम लक्ष्य भविष्य में धान की अच्छी पैदावार प्राप्त करना है।
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    खेतों में धान की नर्सरी (बीज पारने) के लिए व्यापक तैयारी चल रही है। किसानों का मुख्य ध्यान खेत को इस प्रकार से तैयार करने पर है, जिससे बीज का अंकुरण बेहतर हो सके और पौधे स्वस्थ रूप से बढ़ें। इस प्रक्रिया का अंतिम लक्ष्य भविष्य में धान की अच्छी पैदावार प्राप्त करना है।
    user_Yogendra Prajapati
    Yogendra Prajapati
    Farmer बरहट, जमुई, बिहार•
    16 hrs ago
  • लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड में 250 से अधिक किसानों को कृषि विभाग से मिली उम्मीद मायूसी में बदल गई, क्योंकि सरकारी बीज से बोई गई उनकी मूंग की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। किसानों ने कर्ज लेकर फसल बोई थी, लेकिन उन्हें सिर्फ धोखा मिला, क्योंकि फसल में एक भी दाना नहीं लगा। पिछले अप्रैल में कृषि विभाग ने प्रखंड के करीब ढाई सौ किसानों के बीच 36 कुंतल MH-1142 मूंग बीज का वितरण किया था। विभाग ने दावा किया था कि यह बीज प्रति हेक्टेयर 8-10 कुंतल उपज देगा, हरदा रोग से मुक्त रहेगा और हरी खाद का भी काम करेगा। हालांकि, किसानों का कहना है कि न तो फसल में फल लगा और न ही फलियां आईं; अब पूरी फसल पीली पड़कर नष्ट हो चुकी है। परसावां के पूर्व पैक्स अध्यक्ष महेश कुमार सिंह, धर्मवीर सिंह, सोंधी के रमेश सिंह, बरतारा के अजय कुमार रविदास, शर्मा के अनिल सिंह, बड़हरा के मुकेश राजा, तेतरहाट के लखन साब और महसौडा के रमेश कुमार समेत दर्जनों किसानों ने मौखिक रूप से प्रखंड कृषि पदाधिकारी को इस विफलता की जानकारी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि कर्ज लेकर उत्साह से बोई गई फसल में मूलधन और समय, दोनों बर्बाद हो गए हैं। आक्रोशित किसानों ने अब सामूहिक रूप से उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज कर अपनी क्षतिपूर्ति की मांग करने का फैसला किया है। इस मामले पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी चंद्र प्रकाश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि बीज बिहार बीज निगम से प्राप्त होता है, अतः इसकी जिम्मेदारी निगम की है। वहीं, जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने किसानों को राहत का आश्वासन दिया है। उन्होंने सभी किसानों से सामूहिक रूप से प्रखंड और जिला कृषि कार्यालयों में लिखित आवेदन जमा करने को कहा, यह भरोसा दिलाते हुए कि उचित जांच होगी और तथ्य सही पाए जाने पर किसानों को हर संभव राहत प्रदान की जाएगी। किसानों की एकमात्र मांग है कि दोषियों पर कार्रवाई हो और बर्बाद हुई फसल का मुआवजा मिले।
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    लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड में 250 से अधिक किसानों को कृषि विभाग से मिली उम्मीद मायूसी में बदल गई, क्योंकि सरकारी बीज से बोई गई उनकी मूंग की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। किसानों ने कर्ज लेकर फसल बोई थी, लेकिन उन्हें सिर्फ धोखा मिला, क्योंकि फसल में एक भी दाना नहीं लगा।

पिछले अप्रैल में कृषि विभाग ने प्रखंड के करीब ढाई सौ किसानों के बीच 36 कुंतल MH-1142 मूंग बीज का वितरण किया था। विभाग ने दावा किया था कि यह बीज प्रति हेक्टेयर 8-10 कुंतल उपज देगा, हरदा रोग से मुक्त रहेगा और हरी खाद का भी काम करेगा। हालांकि, किसानों का कहना है कि न तो फसल में फल लगा और न ही फलियां आईं; अब पूरी फसल पीली पड़कर नष्ट हो चुकी है।

परसावां के पूर्व पैक्स अध्यक्ष महेश कुमार सिंह, धर्मवीर सिंह, सोंधी के रमेश सिंह, बरतारा के अजय कुमार रविदास, शर्मा के अनिल सिंह, बड़हरा के मुकेश राजा, तेतरहाट के लखन साब और महसौडा के रमेश कुमार समेत दर्जनों किसानों ने मौखिक रूप से प्रखंड कृषि पदाधिकारी को इस विफलता की जानकारी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि कर्ज लेकर उत्साह से बोई गई फसल में मूलधन और समय, दोनों बर्बाद हो गए हैं। आक्रोशित किसानों ने अब सामूहिक रूप से उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज कर अपनी क्षतिपूर्ति की मांग करने का फैसला किया है।

इस मामले पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी चंद्र प्रकाश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि बीज बिहार बीज निगम से प्राप्त होता है, अतः इसकी जिम्मेदारी निगम की है। वहीं, जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने किसानों को राहत का आश्वासन दिया है। उन्होंने सभी किसानों से सामूहिक रूप से प्रखंड और जिला कृषि कार्यालयों में लिखित आवेदन जमा करने को कहा, यह भरोसा दिलाते हुए कि उचित जांच होगी और तथ्य सही पाए जाने पर किसानों को हर संभव राहत प्रदान की जाएगी। किसानों की एकमात्र मांग है कि दोषियों पर कार्रवाई हो और बर्बाद हुई फसल का मुआवजा मिले।
    user_Kumar Amlesh
    Kumar Amlesh
    पत्रकार लखीसराय, लखीसराय, बिहार•
    6 hrs ago
  • जमुई के चरकापत्थर थाना क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल युवक नीरज कुमार की जान डायल-112 पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता के कारण बच गई। कैरी गांव के पास हुए बाइक हादसे में मकरकेन गांव निवासी नीरज गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम महज पांच मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए गंभीर रूप से घायल युवक को अपने कंधे पर उठाकर पुलिस वाहन तक पहुंचाया और उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सोनो में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने बताया कि समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण नीरज का इलाज तुरंत शुरू हो सका, जिससे उनकी जान बच गई। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस की इस त्वरित और संवेदनशील पहल की स्थानीय लोगों ने खूब सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि डायल-112 की सक्रियता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पुलिस आपात स्थिति में लोगों की मदद के लिए पूरी तत्परता से काम कर रही है।
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    जमुई के चरकापत्थर थाना क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल युवक नीरज कुमार की जान डायल-112 पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता के कारण बच गई। कैरी गांव के पास हुए बाइक हादसे में मकरकेन गांव निवासी नीरज गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम महज पांच मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए गंभीर रूप से घायल युवक को अपने कंधे पर उठाकर पुलिस वाहन तक पहुंचाया और उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सोनो में भर्ती कराया।

चिकित्सकों ने बताया कि समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण नीरज का इलाज तुरंत शुरू हो सका, जिससे उनकी जान बच गई। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस की इस त्वरित और संवेदनशील पहल की स्थानीय लोगों ने खूब सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि डायल-112 की सक्रियता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पुलिस आपात स्थिति में लोगों की मदद के लिए पूरी तत्परता से काम कर रही है।
    user_Ankita Priya Sinha
    Ankita Priya Sinha
    Local News Reporter जमुई, जमुई, बिहार•
    13 hrs ago
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