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देश में आधे लोगों को गैस की बीमारी है देश में गैस की कमी कैसे#🤣😂😂😂#हंसते मुस्कुराते रहो
Kshatr Pal shivhare
देश में आधे लोगों को गैस की बीमारी है देश में गैस की कमी कैसे#🤣😂😂😂#हंसते मुस्कुराते रहो
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- गुरसरांय। नगर के पटकाना मोहल्ला निवासी पप्पू सोनी (55) पुत्र रामदास सोनी समोसा की दुकान पर काम करते समय गैस सिलेंडर की कैप अचानक खुल जाने से झुलस गए। बताया जा रहा है कि दुकान पर काम करते समय अचानक गैस सिलेंडर की कैप खुल गई, जिससे आग की लपटें निकलने लगीं और वह झुलस गए। घटना होते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत घायल को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरसराय पहुंचाया। जहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों ने घायल का प्राथमिक उपचार किया। हालांकि झुलसने की स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल रहा। गुरसरांय से सोम मिश्रा की रिपोर्ट1
- *थाना उनाव पुलिस द्वारा लूट के आरोपीयों को महज 12 घंटे के अंदर मय अवैध हथियार व माल मशरूका सहित किया गिरफ्तार।* श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय दतिया श्री सूरज कुमार वर्मा के निर्देशन में, श्रीमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय श्री सुनील कुमार शिवहरे के मार्गदर्शन में एवं एसडीओपी महो. भांडेर श्री पूनम चंद्र यादव के नेतृत्व में थाना उनाव के अप.क्र. 37/2026 धारा-309(4) बीएनएस, 11/13 MPDPK act 1981 में आरोपी:-1. प्रमोद करोसिया पुत्र प्रकाश करोसिया उम्र 24 वर्ष निवासी हड्डी घर ताज कंपाउंड झांसी (यूपी) 2. सुल्तान बाल्मीक पुत्र संजय बाल्मीक उम्र 22 साल निवासी रक्शा डेली थाना रक्शा जिला झांसी (यूपी) को मय लूटे हुये माल, घटना में प्रयुक्त मोटर सायकिल एवं घटना में प्रयुक्त कट्टा के किया गिरफ्तार। *घटना का संक्षिप्त विवरण*– दिनाँक 12.03.26 को फरियादी परशुराम निवासी राजापुर ने रिपोर्ट की थी कि दिनाँक 12.03.26 के दोपहर करीब 03.00 बजे नाऊ वाले हार के पास राजघाट नहर किनारे मौजा राजापुर पर बकरियां चरा रहे थे तभी दो व्यक्ति मोटरसायकिल से आये और मेरे व पत्नि विरजा के ऊपर कट्टा अडाकर जान से मारने की धमकी देकर मेरा एक बकरा ले गये जिसकी कीमत करीब 15000 रूपये होगी उपरोक्त रिपोर्ट पर से थाना उनाव में अप.क्र. 37/2026 धारा-309(4) बीएनएस, 11/13 MPDPK act 1981 का पंजीवध्द कर बिबेचना में लिया गया। *पुलिस कार्यवाही*– दौराने विवेचना अज्ञात आरोपियों एवं मशरुका की तलाश पतारसी थाना क्षेत्र एवं आसपास पतारसी करने के बाद जरिए मुखबिर सूचना पर से घेराबंदी कर आरोपी 1. प्रमोद करोसिया पुत्र प्रकाश करोसिया उम्र 24 वर्ष निवासी हड्डी घर ताज कंपाउंड झांसी (यूपी) 2. सुल्तान बाल्मीक पुत्र संजय बाल्मीक उम्र 22 साल निवासी रक्शा डेली थांना रक्शा जिला झांसी (यूपी) को मय लूटे हुये माल, घटना में प्रयुक्त मोटरसायकिल एवं घटना में प्रयुक्त कट्टा / राउण्ड को जप्त कर आरोपीगण को गिरफ्तार किया गया । *जप्त शुदा मशरूका* - 1. एक मोटर सायकिल यामाहा एमटी कीमत करीब 2,50,000 रूपये 2. एक बकरा काले रंग का कीमत करीब 15,000 रूपये 3. एक 315 बोर का कट्टा , एक जिंदा राउण्ड *सम्पूर्ण कार्यबाही में-* उनि यतेन्द्र सिंह थाना प्रभारी उनाव, सउनि नीरज सिहं, प्रआर 67 आदित्य शर्मा, आर 876 दीपांशु, आर 58 भूपेन्द्र, आर. 46 दर्शन यादव, आर.79 आनंद चौरसिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- #Datia: कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने अपनी पत्नी की जमकर की तारीफ..... #MadhyaPradesh #कलेक्टर #women #नारी #अधिकारी1
- gram panchayat Rcc1
- तकनीकि विशेषज्ञ प्रोग्राम कॉर्डिनेटर आपदा प्रबंध संस्थान गृह विभाग भोपाल श्री अभिषेक मिश्रा एवं तकनीकि विशेषज्ञ श्री तुषार गोलाईत ने आपदा प्रबंधन की जानकारी साझा की जिला स्तरीय 'इंसिडेंट रिस्पांस टीम' (IRT) की समीक्षा बैठक एवं प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न -- आज कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक डॉ राय सिंह नरवरिया की उपस्थिति में जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय इंसिडेंट रिस्पांस टीम (IRT) की एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला और समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में किसी भी संभावित आपदा (Disaster) से निपटने के लिए पूर्व तैयारियों को पुख्ता करना और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा। तैयारियों की समीक्षा बैठक में बाढ़, भूकंप, और आगजनी जैसी संभावित आपदाओं के समय त्वरित रिस्पांस के लिए टीम के सदस्यों की भूमिकाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम (IRS) के क्रियान्वयन के बारे में तकनीकी जानकारी दी गई, ताकि आपदा के समय कमांड और कंट्रोल सिस्टम सुचारू रूप से कार्य कर सके। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों (स्वास्थ्य, पुलिस, राजस्व, और अग्निशमन) को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और उपकरणों का समय-समय पर ऑडिट करें। आपदा के समय सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक प्रभावी संचार तंत्र (Communication Network) विकसित करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि "आपदा प्रबंधन में 'गोल्डन ऑवर' (शुरुआती समय) सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि हमारी टीम प्रशिक्षित और सजग है, तो हम जान-माल के नुकसान को न्यूनतम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि "भूकंप को रोका नहीं जा सकता है परन्तु सही जानकारी , जागरूकता एवं पूर्व तैयारी से भूकंप के प्रभाव से होने वाली क्षति को कम किया जा सकता है। आपदा प्रबंधन में 'इंसीडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम' (IRS) की भूमिका और तैयारी किसी भी प्राकृतिक या मानव-निर्मित आपदा के समय जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करने के लिए एक सुव्यवस्थित इंसीडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (IRS) सबसे प्रभावी हथियार है। प्रशासन और संगठनों को संकट के समय 'रिएक्ट' करने के बजाय 'रिस्पॉन्ड' करने की रणनीति पर काम करना चाहिए। आपदा प्रबंधन को सशक्त बनाने के लिए तकनीकि विशेषज्ञ प्रोग्राम कॉर्डिनेटर आपदा प्रबंध संस्थान गृह विभाग भोपाल श्री अभिषेक मिश्रा एवं तकनीकि विशेषज्ञ श्री तुषार गोलाईत निम्नलिखित महत्वपूर्ण सुझावों पर जोर दिया एवं जानकारी साझा की। पुलिस अधीक्षक डॉ राय सिंह नरवरिया ने कहा कि नदी किनारे बसे लोगों को नदी की गहराई की जानकारी प्रेषित की जाए तथा बचाव कार्य हेतु स्थानीय लोगों को प्रशिक्षित किया जाए। आपदा प्रबंधन को जमीनी स्तर पर क्रियाशील बनाना है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित किया जा सके। आपदा प्रबंधन हेतु प्रारंभिक व्यवस्थाएं जैसे रस्सा, इमरजेंसी लाइट, स्थानीय तैराक इत्यादि मुहैया कराना सुनिश्चित करें। इमरजेंसी उपकरणों की व्यवस्था करना सुनिश्चित करें। कमांड और कंट्रोल का स्पष्ट ढांचा तकनीकि विशेषज्ञ प्रोग्राम कॉर्डिनेटर श्री मिश्रा ने बताया कि आपदा के समय भ्रम से बचने के लिए एक यूनिफाइड कमांड (Unified Command) का होना जरूरी है। इसमें पुलिस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन के बीच तालमेल और आदेश की श्रृंखला (Chain of Command) बिल्कुल स्पष्ट होनी चाहिए। पूर्व-चेतावनी प्रणाली (Early Warning Systems) तकनीक का लाभ उठाते हुए सटीक पूर्वानुमान और चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करें। सही समय पर दी गई सूचना लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने (Evacuation) के लिए कीमती समय प्रदान करती है।संसाधन मैपिंग (Resource Mapping) आपदा आने से पहले ही उपलब्ध संसाधनों जैसे एम्बुलेंस, राहत सामग्री, स्वयंसेवक और उपकरणों—की एक विस्तृत सूची और उनकी लोकेशन का डेटाबेस तैयार रखें। संकट के समय सही संसाधन की सही जगह उपलब्धता ही जीवन बचाती है। नियमित मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण तैयारी केवल कागजों पर नहीं होनी चाहिए। विभिन्न आपदा परिदृश्यों (जैसे बाढ़, भूकंप या आग) पर आधारित नियमित मॉक ड्रिल का आयोजन करें। इससे रिस्पॉन्स टीम की प्रतिक्रिया की गति (Response Time) में सुधार होता है। संचार के वैकल्पिक माध्यम बड़ी आपदाओं में अक्सर मोबाइल नेटवर्क और बिजली ठप हो जाती है। ऐसे में सैटेलाइट फोन, रेडियो संचार (HAM Radio) और वायरलेस नेटवर्क जैसे वैकल्पिक साधनों को तैयार रखना अनिवार्य है। सामुदायिक भागीदारी (Community Involvement) प्रशासन के पहुँचने से पहले स्थानीय लोग 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' होते हैं। स्थानीय समुदायों को बुनियादी प्राथमिक चिकित्सा और बचाव कार्यों का प्रशिक्षण देकर आपदा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। "आपदा प्रबंधन में हर सेकंड की कीमत होती है। एक पूर्व-निर्धारित इंसीडेंट रिस्पॉन्स प्लान न केवल अव्यवस्था को रोकता है, बल्कि राहत कार्यों में सटीकता लाता है।" बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री रोहन सक्सेना, एसडीएम श्री अशोक कुमार सेन, डिप्टी कलेक्टर सुश्री विनीता जैन, सुश्री मनीषा जैन, सुश्री स्वाति सिंह, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य और जिले के सभी महत्वपूर्ण विभागों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।3
- Post by Adiya dantre 99816018601
- झाँसी जनपद में पेट्रोल-डीजल व गैस की कोई कमी नही है जनता किसी के बहकावे में ना आये। मृदुल चौधरी,डीएम,झाँसी रिपोर्ट सोम मिश्रा पत्रकार गुरसरांय1
- दतिया जिले के सीतापुर मंडल अध्यक्ष कुलदीप यादव ने राजेंद्र भारती दतिया विधायक पर लगाए गंभीर आरोप उन्होंने अपने एक वीडियो जारी कर विधायक निधि पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं तो आप भी देखना ना भूले।1
- Post by विकास वर्मा1