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झाँसी जनपद में पेट्रोल-डीजल व गैस की कोई कमी नही है जिलाधिकारी झाँसी जनपद में पेट्रोल-डीजल व गैस की कोई कमी नही है जनता किसी के बहकावे में ना आये। मृदुल चौधरी,डीएम,झाँसी रिपोर्ट सोम मिश्रा पत्रकार गुरसरांय

3 hrs ago
user_Som mishra
Som mishra
पत्रकार गरौठा, झांसी, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

झाँसी जनपद में पेट्रोल-डीजल व गैस की कोई कमी नही है जिलाधिकारी झाँसी जनपद में पेट्रोल-डीजल व गैस की कोई कमी नही है जनता किसी के बहकावे में ना आये। मृदुल चौधरी,डीएम,झाँसी रिपोर्ट सोम मिश्रा पत्रकार गुरसरांय

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  • टहरौली में यूजीसी एक्ट के समर्थन में युवाओं ने तहसील परिसर में किया प्रदर्शन
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    टहरौली में यूजीसी एक्ट के समर्थन में युवाओं ने तहसील परिसर में किया प्रदर्शन
    user_Sanjay kushwaha
    Sanjay kushwaha
    Local News Reporter टहरौली, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • जालौन : दीनदयाल उपाध्याय चौराहे पर देर रात बड़ा हादसा, चित्रकूट SOG की जिम्नी गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त जालौन नगर में देर रात एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। कोतवाली नगर क्षेत्र के दीनदयाल उपाध्याय चौराहे पर चित्रकूट SOG की गाड़ी की जोरदार टक्कर हो गई, जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूत्रों के अनुसार चित्रकूट से आई SOG टीम की जिम्नी गाड़ी किसी वाहन से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ी का आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बताया जा रहा है कि गाड़ी में SOG प्रभारी अरविंद्र कुमार यादव सहित चार लोग सवार थे। हादसे में SOG प्रभारी अरविंद्र कुमार यादव को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि अन्य सवारों को भी चोट लगने की सूचना है। सभी को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई और राहत कार्य शुरू किया गया। हादसे के कारण कुछ समय के लिए चौराहे पर यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और टक्कर किस वाहन से हुई, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंच गए।
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    जालौन : दीनदयाल उपाध्याय चौराहे पर देर रात बड़ा हादसा, चित्रकूट SOG की जिम्नी गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त
जालौन नगर में देर रात एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। कोतवाली नगर क्षेत्र के दीनदयाल उपाध्याय चौराहे पर चित्रकूट SOG की गाड़ी की जोरदार टक्कर हो गई, जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सूत्रों के अनुसार चित्रकूट से आई SOG टीम की जिम्नी गाड़ी किसी वाहन से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ी का आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
बताया जा रहा है कि गाड़ी में SOG प्रभारी अरविंद्र कुमार यादव सहित चार लोग सवार थे। हादसे में SOG प्रभारी अरविंद्र कुमार यादव को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि अन्य सवारों को भी चोट लगने की सूचना है। सभी को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई और राहत कार्य शुरू किया गया। हादसे के कारण कुछ समय के लिए चौराहे पर यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और टक्कर किस वाहन से हुई, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंच गए।
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • ब्रेकिंग न्यूज़ उरई: मिट्टी माफिया के हौसले बुलंद! रात के अंधेरे में कुइया रोड से अजनारी रोड तक अवैध मिट्टी खनन, ट्रैक्टरों से ले जाते हैं माल उरई, मिट्टी माफिया रात के साये में सक्रिय हो गए हैं। कुइया रोड से अजनारी रोड तक अवैध रूप से मिट्टी का खनन कर ट्रैक्टरों से माल ले जाया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने शिकायत की है कि यह अवैध खनन पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है और सड़कों पर खतरा बढ़ा रहा है।प्रशासन की लापरवाही से माफिया बेखौफ हैं। पुलिस को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। क्या होगा अगला कदम?
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    ब्रेकिंग न्यूज़ उरई: 
मिट्टी माफिया के हौसले बुलंद!
रात के अंधेरे में कुइया रोड से अजनारी रोड तक अवैध मिट्टी खनन, 
ट्रैक्टरों से ले जाते हैं माल
उरई, मिट्टी माफिया रात के साये में सक्रिय हो गए हैं। कुइया रोड से अजनारी रोड तक अवैध रूप से मिट्टी का खनन कर ट्रैक्टरों से माल ले जाया जा रहा है। 
स्थानीय लोगों ने शिकायत की है कि यह अवैध खनन पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है और सड़कों पर खतरा बढ़ा रहा है।प्रशासन की लापरवाही से माफिया बेखौफ हैं।
पुलिस को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। क्या होगा अगला कदम?
    user_रोहितसोनी पत्रकार
    रोहितसोनी पत्रकार
    Court reporter उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • तकनीकि विशेषज्ञ प्रोग्राम कॉर्डिनेटर आपदा प्रबंध संस्थान गृह विभाग भोपाल श्री अभिषेक मिश्रा एवं तकनीकि विशेषज्ञ श्री तुषार गोलाईत ने आपदा प्रबंधन की जानकारी साझा की जिला स्तरीय 'इंसिडेंट रिस्पांस टीम' (IRT) की समीक्षा बैठक एवं प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न -- आज कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक डॉ राय सिंह नरवरिया की उपस्थिति में जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय इंसिडेंट रिस्पांस टीम (IRT) की एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला और समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में किसी भी संभावित आपदा (Disaster) से निपटने के लिए पूर्व तैयारियों को पुख्ता करना और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा। तैयारियों की समीक्षा बैठक में बाढ़, भूकंप, और आगजनी जैसी संभावित आपदाओं के समय त्वरित रिस्पांस के लिए टीम के सदस्यों की भूमिकाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम (IRS) के क्रियान्वयन के बारे में तकनीकी जानकारी दी गई, ताकि आपदा के समय कमांड और कंट्रोल सिस्टम सुचारू रूप से कार्य कर सके। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों (स्वास्थ्य, पुलिस, राजस्व, और अग्निशमन) को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और उपकरणों का समय-समय पर ऑडिट करें। आपदा के समय सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक प्रभावी संचार तंत्र (Communication Network) विकसित करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि "आपदा प्रबंधन में 'गोल्डन ऑवर' (शुरुआती समय) सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि हमारी टीम प्रशिक्षित और सजग है, तो हम जान-माल के नुकसान को न्यूनतम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि "भूकंप को रोका नहीं जा सकता है परन्तु सही जानकारी , जागरूकता एवं पूर्व तैयारी से भूकंप के प्रभाव से होने वाली क्षति को कम किया जा सकता है। आपदा प्रबंधन में 'इंसीडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम' (IRS) की भूमिका और तैयारी किसी भी प्राकृतिक या मानव-निर्मित आपदा के समय जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करने के लिए एक सुव्यवस्थित इंसीडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (IRS) सबसे प्रभावी हथियार है। प्रशासन और संगठनों को संकट के समय 'रिएक्ट' करने के बजाय 'रिस्पॉन्ड' करने की रणनीति पर काम करना चाहिए। आपदा प्रबंधन को सशक्त बनाने के लिए तकनीकि विशेषज्ञ प्रोग्राम कॉर्डिनेटर आपदा प्रबंध संस्थान गृह विभाग भोपाल श्री अभिषेक मिश्रा एवं तकनीकि विशेषज्ञ श्री तुषार गोलाईत निम्नलिखित महत्वपूर्ण सुझावों पर जोर दिया एवं जानकारी साझा की। पुलिस अधीक्षक डॉ राय सिंह नरवरिया ने कहा कि नदी किनारे बसे लोगों को नदी की गहराई की जानकारी प्रेषित की जाए तथा बचाव कार्य हेतु स्थानीय लोगों को प्रशिक्षित किया जाए। आपदा प्रबंधन को जमीनी स्तर पर क्रियाशील बनाना है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित किया जा सके। आपदा प्रबंधन हेतु प्रारंभिक व्यवस्थाएं जैसे रस्सा, इमरजेंसी लाइट, स्थानीय तैराक इत्यादि मुहैया कराना सुनिश्चित करें। इमरजेंसी उपकरणों की व्यवस्था करना सुनिश्चित करें। कमांड और कंट्रोल का स्पष्ट ढांचा तकनीकि विशेषज्ञ प्रोग्राम कॉर्डिनेटर श्री मिश्रा ने बताया कि आपदा के समय भ्रम से बचने के लिए एक यूनिफाइड कमांड (Unified Command) का होना जरूरी है। इसमें पुलिस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन के बीच तालमेल और आदेश की श्रृंखला (Chain of Command) बिल्कुल स्पष्ट होनी चाहिए। पूर्व-चेतावनी प्रणाली (Early Warning Systems) तकनीक का लाभ उठाते हुए सटीक पूर्वानुमान और चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करें। सही समय पर दी गई सूचना लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने (Evacuation) के लिए कीमती समय प्रदान करती है।संसाधन मैपिंग (Resource Mapping) आपदा आने से पहले ही उपलब्ध संसाधनों जैसे एम्बुलेंस, राहत सामग्री, स्वयंसेवक और उपकरणों—की एक विस्तृत सूची और उनकी लोकेशन का डेटाबेस तैयार रखें। संकट के समय सही संसाधन की सही जगह उपलब्धता ही जीवन बचाती है। नियमित मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण तैयारी केवल कागजों पर नहीं होनी चाहिए। विभिन्न आपदा परिदृश्यों (जैसे बाढ़, भूकंप या आग) पर आधारित नियमित मॉक ड्रिल का आयोजन करें। इससे रिस्पॉन्स टीम की प्रतिक्रिया की गति (Response Time) में सुधार होता है। संचार के वैकल्पिक माध्यम बड़ी आपदाओं में अक्सर मोबाइल नेटवर्क और बिजली ठप हो जाती है। ऐसे में सैटेलाइट फोन, रेडियो संचार (HAM Radio) और वायरलेस नेटवर्क जैसे वैकल्पिक साधनों को तैयार रखना अनिवार्य है। सामुदायिक भागीदारी (Community Involvement) प्रशासन के पहुँचने से पहले स्थानीय लोग 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' होते हैं। स्थानीय समुदायों को बुनियादी प्राथमिक चिकित्सा और बचाव कार्यों का प्रशिक्षण देकर आपदा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। "आपदा प्रबंधन में हर सेकंड की कीमत होती है। एक पूर्व-निर्धारित इंसीडेंट रिस्पॉन्स प्लान न केवल अव्यवस्था को रोकता है, बल्कि राहत कार्यों में सटीकता लाता है।" बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री रोहन सक्सेना, एसडीएम श्री अशोक कुमार सेन, डिप्टी कलेक्टर सुश्री विनीता जैन, सुश्री मनीषा जैन, सुश्री स्वाति सिंह, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य और जिले के सभी महत्वपूर्ण विभागों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
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    तकनीकि विशेषज्ञ प्रोग्राम कॉर्डिनेटर आपदा प्रबंध संस्थान गृह विभाग भोपाल श्री अभिषेक मिश्रा एवं तकनीकि विशेषज्ञ श्री तुषार गोलाईत ने आपदा प्रबंधन की जानकारी साझा की 
जिला स्तरीय 'इंसिडेंट रिस्पांस टीम' (IRT) की समीक्षा बैठक एवं प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न
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आज कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक डॉ राय सिंह नरवरिया की उपस्थिति में जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय इंसिडेंट रिस्पांस टीम (IRT) की एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला और समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में किसी भी संभावित आपदा (Disaster) से निपटने के लिए पूर्व तैयारियों को पुख्ता करना और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा।
तैयारियों की समीक्षा
बैठक में बाढ़, भूकंप, और आगजनी जैसी संभावित आपदाओं के समय त्वरित रिस्पांस के लिए टीम के सदस्यों की भूमिकाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम (IRS) के क्रियान्वयन के बारे में तकनीकी जानकारी दी गई, ताकि आपदा के समय कमांड और कंट्रोल सिस्टम सुचारू रूप से कार्य कर सके।
कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों (स्वास्थ्य, पुलिस, राजस्व, और अग्निशमन) को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और उपकरणों का समय-समय पर ऑडिट करें। आपदा के समय सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक प्रभावी संचार तंत्र (Communication Network) विकसित करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि "आपदा प्रबंधन में 'गोल्डन ऑवर' (शुरुआती समय) सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि हमारी टीम प्रशिक्षित और सजग है, तो हम जान-माल के नुकसान को न्यूनतम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि "भूकंप को रोका नहीं जा सकता है परन्तु सही जानकारी , जागरूकता एवं पूर्व तैयारी से भूकंप के प्रभाव से होने वाली क्षति को कम किया जा सकता है।
आपदा प्रबंधन में 'इंसीडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम' (IRS) की भूमिका और तैयारी
किसी भी प्राकृतिक या मानव-निर्मित आपदा के समय जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करने के लिए एक सुव्यवस्थित इंसीडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (IRS) सबसे प्रभावी हथियार है। प्रशासन और संगठनों को संकट के समय 'रिएक्ट' करने के बजाय 'रिस्पॉन्ड' करने की रणनीति पर काम करना चाहिए। आपदा प्रबंधन को सशक्त बनाने के लिए तकनीकि विशेषज्ञ प्रोग्राम कॉर्डिनेटर आपदा प्रबंध संस्थान गृह विभाग भोपाल श्री अभिषेक मिश्रा एवं तकनीकि विशेषज्ञ श्री तुषार गोलाईत निम्नलिखित महत्वपूर्ण सुझावों पर जोर दिया एवं जानकारी साझा की।
पुलिस अधीक्षक डॉ राय सिंह नरवरिया ने कहा कि नदी किनारे बसे लोगों को नदी की गहराई की जानकारी प्रेषित की जाए तथा बचाव कार्य हेतु स्थानीय लोगों को प्रशिक्षित किया जाए। आपदा प्रबंधन को जमीनी स्तर पर क्रियाशील बनाना है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित किया जा सके। आपदा प्रबंधन हेतु प्रारंभिक व्यवस्थाएं जैसे रस्सा, इमरजेंसी लाइट, स्थानीय तैराक इत्यादि मुहैया कराना सुनिश्चित करें। इमरजेंसी उपकरणों की व्यवस्था करना सुनिश्चित करें।
कमांड और कंट्रोल का स्पष्ट ढांचा 
तकनीकि विशेषज्ञ प्रोग्राम कॉर्डिनेटर श्री मिश्रा ने बताया कि आपदा के समय भ्रम से बचने के लिए एक यूनिफाइड कमांड (Unified Command) का होना जरूरी है। इसमें पुलिस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन के बीच तालमेल और आदेश की श्रृंखला (Chain of Command) बिल्कुल स्पष्ट होनी चाहिए। पूर्व-चेतावनी प्रणाली (Early Warning Systems)
तकनीक का लाभ उठाते हुए सटीक पूर्वानुमान और चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करें। सही समय पर दी गई सूचना लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने (Evacuation) के लिए कीमती समय प्रदान करती है।संसाधन मैपिंग (Resource Mapping)
आपदा आने से पहले ही उपलब्ध संसाधनों जैसे एम्बुलेंस, राहत सामग्री, स्वयंसेवक और उपकरणों—की एक विस्तृत सूची और उनकी लोकेशन का डेटाबेस तैयार रखें। संकट के समय सही संसाधन की सही जगह उपलब्धता ही जीवन बचाती है। नियमित मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण
तैयारी केवल कागजों पर नहीं होनी चाहिए। विभिन्न आपदा परिदृश्यों (जैसे बाढ़, भूकंप या आग) पर आधारित नियमित मॉक ड्रिल का आयोजन करें। इससे रिस्पॉन्स टीम की प्रतिक्रिया की गति (Response Time) में सुधार होता है। संचार के वैकल्पिक माध्यम बड़ी आपदाओं में अक्सर मोबाइल नेटवर्क और बिजली ठप हो जाती है। ऐसे में सैटेलाइट फोन, रेडियो संचार (HAM Radio) और वायरलेस नेटवर्क जैसे वैकल्पिक साधनों को तैयार रखना अनिवार्य है। सामुदायिक भागीदारी (Community Involvement) प्रशासन के पहुँचने से पहले स्थानीय लोग 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' होते हैं। स्थानीय समुदायों को बुनियादी प्राथमिक चिकित्सा और बचाव कार्यों का प्रशिक्षण देकर आपदा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। "आपदा प्रबंधन में हर सेकंड की कीमत होती है। एक पूर्व-निर्धारित इंसीडेंट रिस्पॉन्स प्लान न केवल अव्यवस्था को रोकता है, बल्कि राहत कार्यों में सटीकता लाता है।"
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री रोहन सक्सेना, एसडीएम श्री अशोक कुमार सेन, डिप्टी कलेक्टर सुश्री विनीता जैन, सुश्री मनीषा जैन, सुश्री स्वाति सिंह, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य और जिले के सभी महत्वपूर्ण विभागों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_Bhupendra Singh Rajawat
    Bhupendra Singh Rajawat
    Local News Reporter निवाड़ी, निवाड़ी, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • कलेक्टर बोले गैस की और पेट्रोलियम पदार्थ की नहीं है किल्लत अफवाहो पर ध्यान ना दें, जमाखोरों से रहे सावधान
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    कलेक्टर बोले गैस की और पेट्रोलियम पदार्थ की नहीं है किल्लत अफवाहो पर ध्यान ना दें, जमाखोरों से रहे सावधान
    user_Manish Yadav
    Manish Yadav
    पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    12 min ago
  • *अनुमति प्राप्त किये बिना अनुपस्थित पाए गए प्रधानध्यापक से स्पष्टीकरण प्राप्त किये जाने के दिए निर्देश* *पंजीकृत छात्राओं की शतप्रतिशत उपस्थिति की जाए सुनिश्चित तथा बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए करें प्रेरित:-मुख्य विकास अधिकारी* मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल द्वारा आज जनपद के विकास खंड अकबरपुर कि ग्राम पंचायत बारा में संचालित कंपोजिट विद्यालय का औचक निरीक्षण किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने कंपोजिट विद्यालय के सभी कक्षाओं का निरिक्षण किया , निरिक्षण के समय विद्यालय के प्रधानध्यापक राहत अली मौके पर अनुपस्थित पाए गए। वहीँ कक्षा 03 में पंजीकृत 57 छात्र छात्राओं में से मात्र 17 बच्चे एवं कक्षा 04 में पंजीकृत 49 छात्र छात्राओं में से मात्र 16 बच्चे मौके पर उपस्थित पाए गए जिस पर उन्होंने सम्बंधित सहायक अध्यापक को फटकार लगाते हुए निर्देशित किया कि बच्चों की शतप्रतिशत उपस्थित सुनिश्चित की जाए साथ ही विद्यालय में उपस्थित होने वाले सभी छात्र/छात्राएं पूरी ड्रेस में ही आये। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय में संचालित शैक्षिक गतिविधियों, व्यवस्थाओं एवं साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के समय मुख्य विकास अधिकारी ने कक्षाओं में जाकर बच्चों से बातचीत की तथा उनकी शैक्षिक गुणवत्ता का आकलन किया। उन्होंने अध्यापकों को निर्देशित किया कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं रुचिकर शिक्षा प्रदान की जाए, जिससे उनकी बौद्धिक क्षमता एवं सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति, मिड-डे मील व्यवस्था, पाठ्य सामग्री तथा विद्यालय में उपलब्ध अन्य सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। मुख्य विकास अधिकारी ने विद्यालय परिसर की साफ-सफाई पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि विद्यालय परिसर, कक्षाओं, शौचालयों एवं पेयजल व्यवस्था को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखा जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण बच्चों के स्वास्थ्य एवं शिक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यालय स्टाफ को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही उन्होंने अभिभावकों के साथ समन्वय स्थापित कर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने पर बल दिया। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी एवं विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहे।
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    *अनुमति प्राप्त किये बिना अनुपस्थित पाए गए प्रधानध्यापक से स्पष्टीकरण प्राप्त किये जाने के दिए निर्देश*  
*पंजीकृत छात्राओं की शतप्रतिशत उपस्थिति की जाए सुनिश्चित तथा बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए करें प्रेरित:-मुख्य विकास अधिकारी*
मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल द्वारा आज जनपद के विकास खंड अकबरपुर कि ग्राम पंचायत बारा  में संचालित  कंपोजिट विद्यालय का औचक निरीक्षण किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने कंपोजिट विद्यालय के सभी कक्षाओं का निरिक्षण किया , निरिक्षण के समय विद्यालय के प्रधानध्यापक राहत अली मौके पर अनुपस्थित पाए गए। वहीँ कक्षा 03 में पंजीकृत 57  छात्र छात्राओं में से मात्र 17 बच्चे एवं कक्षा 04 में  पंजीकृत 49 छात्र छात्राओं में से मात्र 16 बच्चे मौके पर उपस्थित पाए गए जिस पर उन्होंने सम्बंधित  सहायक अध्यापक को फटकार लगाते हुए निर्देशित किया कि बच्चों की शतप्रतिशत उपस्थित सुनिश्चित की जाए साथ ही विद्यालय में उपस्थित होने वाले सभी छात्र/छात्राएं पूरी ड्रेस में ही आये। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय में संचालित शैक्षिक गतिविधियों, व्यवस्थाओं एवं साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के समय मुख्य विकास अधिकारी ने कक्षाओं में जाकर बच्चों से बातचीत की तथा उनकी शैक्षिक गुणवत्ता का आकलन किया। उन्होंने अध्यापकों को निर्देशित किया कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं रुचिकर शिक्षा प्रदान की जाए, जिससे उनकी बौद्धिक क्षमता एवं सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति, मिड-डे मील व्यवस्था, पाठ्य सामग्री तथा विद्यालय में उपलब्ध अन्य सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। मुख्य विकास अधिकारी ने  विद्यालय परिसर की साफ-सफाई पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि विद्यालय परिसर, कक्षाओं, शौचालयों एवं पेयजल व्यवस्था को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखा जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण बच्चों के स्वास्थ्य एवं शिक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यालय स्टाफ को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही उन्होंने अभिभावकों के साथ समन्वय स्थापित कर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने पर बल दिया। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी एवं विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहे।
    user_Arvind sharma kanpur dehat
    Arvind sharma kanpur dehat
    Local News Reporter अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    36 min ago
  • झाँसी जनपद में पेट्रोल-डीजल व गैस की कोई कमी नही है जनता किसी के बहकावे में ना आये। मृदुल चौधरी,डीएम,झाँसी रिपोर्ट सोम मिश्रा पत्रकार गुरसरांय
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    झाँसी जनपद में पेट्रोल-डीजल व गैस की कोई कमी नही है जनता किसी के बहकावे में ना आये। मृदुल चौधरी,डीएम,झाँसी
रिपोर्ट सोम मिश्रा पत्रकार गुरसरांय
    user_Som mishra
    Som mishra
    पत्रकार गरौठा, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • जालौन में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त, डीएम राजेश कुमार पाण्डेय ने दिए कड़े निर्देश उत्तर प्रदेश के जालौन में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने अधिकारियों के साथ बैठक कर सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने स्पष्ट कहा कि जिले में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत रॉन्ग साइड चलने वाले वाहन, ओवरस्पीडिंग, ड्रिंक एंड ड्राइविंग जैसे मामलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वाले और सीट बेल्ट का उपयोग न करने वाले चार पहिया वाहन चालकों के खिलाफ भी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वाले चालकों पर भी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने परिवहन और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि वाहन चालकों के स्वास्थ्य और ड्राइविंग दक्षता की जांच के लिए समय-समय पर विशेष कैंप लगाए जाएं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वाहन चालक शारीरिक रूप से सक्षम हैं और सुरक्षित ढंग से वाहन चला रहे हैं। इसके अलावा जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को स्कूल और कॉलेजों में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराने के निर्देश दिए हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों और युवाओं को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सके। डीएम ने यह भी कहा कि नाबालिगों के वाहन चलाने पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए। यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए पाया जाता है तो उसके अभिभावक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्कूल वाहनों की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन गंभीर है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्कूल बसों और अन्य स्कूल वाहनों की फिटनेस, सुरक्षा मानकों और आवश्यक दस्तावेजों की नियमित जांच की जाए, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। साथ ही जिलाधिकारी ने शहर और कस्बों में अवैध पार्किंग और सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए भी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारू रह सके और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो। डीएम ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए सड़क सुरक्षा अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि सड़क सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है और नियमों का पालन करके ही दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। प्रशासन इस दिशा में पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई करेगा!!
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    जालौन में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त, डीएम राजेश कुमार पाण्डेय ने दिए कड़े निर्देश
उत्तर प्रदेश के जालौन में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने अधिकारियों के साथ बैठक कर सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने स्पष्ट कहा कि जिले में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत रॉन्ग साइड चलने वाले वाहन, ओवरस्पीडिंग, ड्रिंक एंड ड्राइविंग जैसे मामलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वाले और सीट बेल्ट का उपयोग न करने वाले चार पहिया वाहन चालकों के खिलाफ भी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वाले चालकों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने परिवहन और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि वाहन चालकों के स्वास्थ्य और ड्राइविंग दक्षता की जांच के लिए समय-समय पर विशेष कैंप लगाए जाएं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वाहन चालक शारीरिक रूप से सक्षम हैं और सुरक्षित ढंग से वाहन चला रहे हैं।
इसके अलावा जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को स्कूल और कॉलेजों में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराने के निर्देश दिए हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों और युवाओं को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सके। डीएम ने यह भी कहा कि नाबालिगों के वाहन चलाने पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए। यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए पाया जाता है तो उसके अभिभावक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्कूल वाहनों की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन गंभीर है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्कूल बसों और अन्य स्कूल वाहनों की फिटनेस, सुरक्षा मानकों और आवश्यक दस्तावेजों की नियमित जांच की जाए, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। साथ ही जिलाधिकारी ने शहर और कस्बों में अवैध पार्किंग और सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए भी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारू रह सके और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो। डीएम ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए सड़क सुरक्षा अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि सड़क सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है और नियमों का पालन करके ही दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। प्रशासन इस दिशा में पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई करेगा!!
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • पवित्र माह रमजान के अलविदा जुमा पर कस्बा पनवाड़ी
    1
    पवित्र माह रमजान के अलविदा जुमा पर कस्बा पनवाड़ी
    user_इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    47 min ago
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