रायपुर जिले के गोबरा नवापारा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टॉप डायरिया अभियान-2026 की शुरुआत की गई है। 1 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक संचालित होने वाले इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में डायरिया से होने वाली बीमारियों और मृत्यु दर में कमी लाना तथा प्रत्येक परिवार तक ओआरएस (ORS) एवं जिंक की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. तेजेन्द्र साहू ने बताया कि अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर डायरिया की रोकथाम, ORS घोल के उपयोग और जिंक की गोलियों के महत्व की जानकारी दे रही हैं। इसके अलावा विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, शहरी बस्तियों तथा ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (VHND) के दौरान ओआरएस घोल बनाने की सही विधि का प्रदर्शन भी किया जा रहा है। डॉ. साहू ने अभिभावकों को सलाह दी है कि बच्चों को डायरिया होने पर घबराने की जरूरत नहीं है; तुरंत ORS का घोल पिलाएँ, डॉक्टर की सलाह से 14 दिनों तक जिंक की गोली दें और निर्जलीकरण के लक्षण दिखते ही निकटतम स्वास्थ्य केंद्र जाएँ। उन्होंने लोगों से स्वच्छ पानी पीने, नियमित साबुन से हाथ धोने और खुले में शौच न करने की अपील करते हुए कहा कि सही समय पर ORS और जिंक का उपयोग ही डायरिया से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
रायपुर जिले के गोबरा नवापारा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टॉप डायरिया अभियान-2026 की शुरुआत की गई है। 1 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक संचालित होने वाले इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में डायरिया से होने वाली बीमारियों और मृत्यु दर में कमी लाना तथा प्रत्येक परिवार तक ओआरएस (ORS) एवं जिंक की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. तेजेन्द्र साहू ने बताया कि अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर डायरिया की रोकथाम, ORS घोल के उपयोग और जिंक की गोलियों के महत्व की जानकारी दे रही हैं। इसके अलावा विद्यालयों, आंगनबाड़ी
केंद्रों, शहरी बस्तियों तथा ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (VHND) के दौरान ओआरएस घोल बनाने की सही विधि का प्रदर्शन भी किया जा रहा है। डॉ. साहू ने अभिभावकों को सलाह दी है कि बच्चों को डायरिया होने पर घबराने की जरूरत नहीं है; तुरंत ORS का घोल पिलाएँ, डॉक्टर की सलाह से 14 दिनों तक जिंक की गोली दें और निर्जलीकरण के लक्षण दिखते ही निकटतम स्वास्थ्य केंद्र जाएँ। उन्होंने लोगों से स्वच्छ पानी पीने, नियमित साबुन से हाथ धोने और खुले में शौच न करने की अपील करते हुए कहा कि सही समय पर ORS और जिंक का उपयोग ही डायरिया से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
- रायपुर जिले के गोबरा नवापारा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टॉप डायरिया अभियान-2026 की शुरुआत की गई है। 1 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक संचालित होने वाले इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में डायरिया से होने वाली बीमारियों और मृत्यु दर में कमी लाना तथा प्रत्येक परिवार तक ओआरएस (ORS) एवं जिंक की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. तेजेन्द्र साहू ने बताया कि अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर डायरिया की रोकथाम, ORS घोल के उपयोग और जिंक की गोलियों के महत्व की जानकारी दे रही हैं। इसके अलावा विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, शहरी बस्तियों तथा ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (VHND) के दौरान ओआरएस घोल बनाने की सही विधि का प्रदर्शन भी किया जा रहा है। डॉ. साहू ने अभिभावकों को सलाह दी है कि बच्चों को डायरिया होने पर घबराने की जरूरत नहीं है; तुरंत ORS का घोल पिलाएँ, डॉक्टर की सलाह से 14 दिनों तक जिंक की गोली दें और निर्जलीकरण के लक्षण दिखते ही निकटतम स्वास्थ्य केंद्र जाएँ। उन्होंने लोगों से स्वच्छ पानी पीने, नियमित साबुन से हाथ धोने और खुले में शौच न करने की अपील करते हुए कहा कि सही समय पर ORS और जिंक का उपयोग ही डायरिया से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।2
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोशल मीडिया और देशभर में राजनीतिक व सामाजिक बहस तेज हो गई है। हाल के घटनाक्रम के बाद विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस मुद्दे को लेकर व्यापक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। मामले में सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के साथ-साथ छात्र संगठनों तथा आम नागरिकों ने भी अपनी-अपनी राय व्यक्त की है। कई जगहों पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन और शासन-प्रशासन से जवाबदेही की मांग लगातार चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है। सोशल मीडिया पर #DharmendraPradhan और अन्य संबंधित हैशटैग तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं। लोग इन माध्यमों के जरिए सरकार, शिक्षा व्यवस्था और हालिया घटनाक्रम पर अपनी तीखी प्रतिक्रियाएं साझा कर रहे हैं।1
- नई दिल्ली। NEET और अन्य भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक को लेकर देशभर में बवाल के बीच आम आदमी पार्टी शासित पंजाब सरकार भी कठघरे में है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और बयानों के बाद सवाल उठ रहा है - देश की जनता तक इस वीडियो और बात में कितना झूठ और कितना सच है? क्या है आरोप? आरोपियों का कहना है कि पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान पंजाब में पेपर लीक और नकल घोटालों के कई मामले सामने आए हैं। फार्मेसी ऑफिसर भर्ती से लेकर अन्य परीक्षाओं तक में गड़बड़ी की शिकायतें आईं। लेकिन इसी बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान का बयान सामने आया जिसमें उन्होंने कहा - "एक भी पेपर लीक नहीं हुआ"। छात्रों पर लाठीचार्ज का आरोप दूसरी तरफ जब अपने भविष्य को लेकर चिंतित छात्र न्याय मांगने सड़क पर उतरे, तो आरोप है कि उनकी आवाज़ सुनने के बजाय उन पर लाठियां बरसाई गईं। विरोध कर रहे छात्रों का कहना है कि सरकार उनकी पीड़ा नहीं सुन रही और सच को दबाया जा रहा है। 'यही है AAP का असली चरित्र' विपक्ष और आलोचकों का कहना है कि "यही है आम आदमी पार्टी का असली चरित्र"। एक तरफ देशभर में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाना, और दूसरी तरफ अपने राज्य में पेपर लीक को नकारना। जनता अब सवाल कर रही है - सरकार के दावे सच हैं या जमीन पर छात्रों के साथ हो रहे व्यवहार सच है?1
- रायपुर जिले के आरंग अंतर्गत ग्राम कोसरंगी में समरस सृजन साहित्य संस्थान भारत की छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा राज्य स्तरीय विराट साहित्यिक संगोष्ठी, शपथ ग्रहण, पुस्तक विमोचन एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों साहित्यकारों, शिक्षकों, समाजसेवियों और बुद्धिजीवियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत कोसरंगी की सरपंच श्रीमती दामिनी मिर्झा ने की, जबकि मुख्य अतिथि संस्थान के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. मुकेश व्यास 'स्नेहिल' रहे। मुख्य अतिथि डॉ. मुकेश व्यास 'स्नेहिल' ने अपने उद्बोधन में कहा कि साहित्य समाज को जोड़ने, संस्कारों को सुदृढ़ करने और समरसता की भावना विकसित करने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने साहित्यकारों से राष्ट्र, समाज तथा मानवीय मूल्यों के संरक्षण के लिए निरंतर सृजन करते रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा श्रीमती गायत्री साहू 'शिवांगी' की पुस्तक "रक्तदान : राष्ट्र का आह्वान" का लोकार्पण किया गया। समारोह के दौरान नवीन पदाधिकारियों को शपथ दिलाई गई और संगोष्ठी में विभिन्न साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं का प्रभावशाली पाठ किया। साथ ही विशिष्ट साहित्यकारों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में गायत्री साहू 'शिवांगी', श्रवण कुमार साहू 'प्रखर', लखन लाल साहू 'लहर', रूपेश देवांगन, उपसरपंच श्रीमती मंजू रानी दास और मधु कलश साहित्य समिति कोसरंगी के सदस्यों सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन का समापन समरसता, साहित्य सृजन और सामाजिक जागरूकता के संदेश के साथ हुआ।4
- पूर्व थाना प्रभारी तिल्दा नेवरा के अविनाश सिंह की वजह से भूमाफिया और सटोरिया बच गए थे। सरकारी और निजी जमीन बेचने वाले और सट्टे का पैसा जमीन में लगाने वाले 1000 करोड़ के आसमी राजकुमार भीखवानी को भी संरक्षण मिला था। इस तरह के पुलिसकर्मियों की वजह से पूरा विभाग कलंकित होता है। लोगों की मांग है कि गृहमंत्री और DGP साहब से निवेदन है कि ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।1
- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग की कथित लापरवाही के कारण, 108 एम्बुलेंस सेवा ने एक सिकलसेल के मरीज को अस्पताल नहीं पहुँचाया। मजबूर परिवार को मरीज को पिकअप वाहन में लाना पड़ा। घटना के अनुसार, रायपुर के औद्गी इलाके में एक सिकलसेल के मरीज को तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता थी। परिवार ने 108 एम्बुलेंस सेवा को कॉल किया, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी एम्बुलेंस नहीं पहुंची। आखिरकार, परिवार को मजबूरी में मरीज को अपनी पिकअप वाहन में लादकर अस्पताल ले जाना पड़ा। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की पोल खोलकर रख दी है और लोगों में रोष व्याप्त है।1