एसएसपी देहरादून के निर्देश पर चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत, दून पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। प्रेमनगर पुलिस को सघन चेकिंग अभियान के दौरान महत्वपूर्ण सफलता मिली, जब रात्रि चेकिंग के समय पौंधा रोड पर एक संदिग्ध थार वाहन को रोका गया। वाहन की तलाशी लेने पर, उसमें सवार दो अभियुक्तों के कब्जे से 315 बोर का एक अवैध देसी तमंचा और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान सहारनपुर निवासी समर्थ और नॉर्थ दिल्ली निवासी ऋषभ गोस्वामी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ये दोनों अभियुक्त पहले भी आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं। पुलिस का मानना है कि ये किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे थे। पुलिस ने मौके से एक देसी तमंचा (315 बोर), तीन जिंदा कारतूस और थार गाड़ी (नंबर HP 12N-6049) बरामद की है। अब दून पुलिस इन दोनों आरोपियों पर गुंडा एक्ट के तहत भी आगे की कार्रवाई करेगी।
एसएसपी देहरादून के निर्देश पर चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत, दून पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। प्रेमनगर पुलिस को सघन चेकिंग अभियान के दौरान महत्वपूर्ण सफलता मिली, जब रात्रि चेकिंग के समय पौंधा रोड पर एक संदिग्ध थार वाहन को रोका गया। वाहन की तलाशी लेने पर, उसमें सवार दो अभियुक्तों के कब्जे से 315 बोर का एक अवैध देसी तमंचा और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान सहारनपुर निवासी समर्थ और नॉर्थ दिल्ली निवासी ऋषभ गोस्वामी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ये दोनों अभियुक्त पहले भी आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं। पुलिस का मानना है कि ये किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे थे। पुलिस ने मौके से एक देसी तमंचा (315 बोर), तीन जिंदा कारतूस और थार गाड़ी (नंबर HP 12N-6049) बरामद की है। अब दून पुलिस इन दोनों आरोपियों पर गुंडा एक्ट के तहत भी आगे की कार्रवाई करेगी।
- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में कहा है कि उत्तराखंड आज देश के लिए एक मॉडल राज्य के रूप में उभर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार द्वारा लिए गए निर्णय अब अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहे हैं, और उत्तराखंड में लिए गए फैसले अब दूसरे राज्यों द्वारा अपनाए जाने लगे हैं। सीएम धामी ने बताया कि उत्तराखंड सरकार के कड़े कदम, विशेषकर समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के साथ-साथ लैंड जिहाद, थूक जिहाद और धर्मांतरण कानून जैसे मुद्दों पर, पूरे देश में चर्चा का विषय बने हुए हैं। उन्होंने गर्व से कहा कि यूसीसी लागू करने वाला यह पहला राज्य है, और इन सभी मामलों में सरकार की सख्ती की प्रशंसा की जा रही है। मुख्यमंत्री धामी के अनुसार, उत्तराखंड से शुरू हुई ये पहल अब पूरे देश में अपनाई जा रही है, जिससे राज्य की नीतियाँ राष्ट्रीय प्रेरणा का रूप ले रही हैं।1
- किसान मजदूर महासंग्राम संगठन की किरतपुर युवा टीम ने आज दिनांक 26-05-26 को राहगीरों के लिए एक सराहनीय रूह अफ़ज़ा शरबत शिविर का आयोजन किया। किरतपुर युवा टीम के सभी सदस्यों ने इस पुण्य कार्य को पूरी मेहनत और सेवा भाव के साथ सफलतापूर्वक संपन्न किया। इस पहल के लिए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोबीन अहमद ने धन्यवाद व्यक्त करते हुए आशा जताई है कि संगठन के अन्य साथी भी ऐसे शुभ कार्यों में अवश्य सहभागिता करेंगे।1
- लक्सर में तहसील प्रशासन और प्रेस क्लब के बीच आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक विफल साबित हुई। यह बैठक इसलिए बेनतीजा रही क्योंकि तहसील प्रशासन अपने निर्धारित वार्डों के प्रति अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सका और अपने वादों पर खरा नहीं उतरा, जिसके परिणामस्वरूप बैठक में कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल पाया।1
- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देशानुसार जनपद में समाज विरोधी, पेशेवर और अभ्यस्त अपराधियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में, हरिद्वार पुलिस ने गोकशी और पशु क्रूरता जैसी घटनाओं को अंजाम देने वाले एक गिरोह के फरार गैंगस्टर आरोपित को गिरफ्तार किया है। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रुड़की के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के तहत, थाना क्षेत्र में गिरोह बनाकर इन अपराधों को अंजाम देने वाले चार अपराधियों के विरुद्ध मु0अ0सं166/2026 धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। इस मामले में दो अभियुक्तों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। फरार चल रहे गैंगस्टर आरोपित रिफाकत पुत्र आबाद, निवासी जौरासी जबरदस्तपुर, कोतवाली रुड़की, जनपद हरिद्वार को रुड़की पुलिस ने दिनांक 25.05.2026 को बदा रोड, मौहल्ला सोत बी, रुड़की से धर दबोचा। इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उ0नि0 सुभाष चंद्र, हेड कांस्टेबल रजत और का0 अनिल शर्मा शामिल थे।1
- लक्सर में बीती 22 मई को सूचना संकलन के दौरान नाज़िर खुशाल सिंह रावत और एक प्रशासनिक अधिकारी द्वारा प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रवीन सैनी के साथ अभद्र व्यवहार किया गया था। यह मामला जब लक्सर उपजिलाधिकारी के सामने पहुंचा, तो नाज़िर खुशाल सिंह रावत ने उपजिलाधिकारी की उपस्थिति में ही प्रवीन सैनी को जान से मारने की धमकी दे डाली। इस गंभीर घटना पर लक्सर उपजिलाधिकारी मूकदर्शक बने चुप बैठे रहे थे, जिसके बाद गुस्साए पत्रकारों ने 29 मई का अल्टीमेटम देते हुए एक ज्ञापन सौंपा था। पत्रकारों के साथ बढ़ते जनसहयोग को देखते हुए प्रशासन द्वारा आज पत्रकारों को वार्ता के लिए बुलाया गया था। इस संयुक्त बैठक में किसान यूनियन क्रांति, बार एसोसिएशन, व्यापार मंडल, भीम आर्मी उत्तराखंड किसान मोर्चा, प्रधान संगठन, भारतीय किसान यूनियन टिकैत और मजदूर किसान संगठन समिति सहित सभी दलों के क्षेत्रीय नेता उपस्थित रहे। बैठक में आए सभी लोगों ने एकमत होकर दोनों ही कर्मचारियों को तत्काल हटाने की मांग रखी, लेकिन लक्सर उपजिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला ने इस पर असहमति जताई। उपजिलाधिकारी ने नाज़िर द्वारा की गई घटना को स्वीकार किया और इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया, पर अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को बचाते नज़र आए, जिसके परिणामस्वरूप बैठक बेनतीजा रही और कोई सहमति नहीं बन पाई। बैठक के बाद सभी लोग एक साथ उठ खड़े हुए और लक्सर उपजिलाधिकारी को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि आगामी 29 मई तक दोनों कर्मचारियों को नहीं हटाया जाता है, तो तहसील परिसर में हज़ारों की तादाद में पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस दौरान किसी भी तरह की घटना की पूरी ज़िम्मेदारी लक्सर तहसील प्रशासन की होगी। लोगों ने मांग की कि उक्त कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से लक्सर तहसील से हटाया जाए और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि समाज के चौथे स्तंभ, यानी पत्रकारों पर इस तरह का प्रहार किसी भी हाल में नहीं करने दिया जाएगा, क्योंकि पत्रकार समाज का आईना होते हैं। सभी ने लक्सर के पत्रकारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने और इस लड़ाई को तब तक जारी रखने का संकल्प लिया, जब तक उक्त कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं होती, भले ही इसके लिए तहसील में तालाबंदी करनी पड़े।1
- देहरादून जिले के प्रेमनगर स्थित वोहरा हॉस्पिटल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़ी शिकायतों के बाद एक औचक निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण के दौरान, मेडिकल वेस्ट, इस्तेमाल की गई नीडल्स और ग्लव्स के निस्तारण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए। अधिकारियों ने अस्पताल संचालक डॉ. सुमित वोहरा से तुरंत जवाब तलब किया और अस्पताल की व्यवस्थाओं की गहन जांच की। यह मामला बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के नियमों के पालन और मरीजों की सुरक्षा से सीधा जुड़ा होने के कारण लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- उत्तराखंड के देहरादून जिले में नशा तस्करों के विरोध में सहसपुर थाने में प्रदर्शन किया गया।1
- देहरादून में वन विभाग उत्तराखंड द्वारा आयोजित एक प्रेस वार्ता में वन मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि लगातार बढ़ते तापमान, लंबे सूखे, अनियमित मानसून और अल नीनो जैसे कारणों से प्रदेश में वनाग्नि की घटनाओं में वृद्धि हुई है। उन्होंने इस गंभीर स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए आग पर नियंत्रण के लिए जनसहभागिता की अपील की है। वन मंत्री के अनुसार, टिहरी, चमोली, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिले वनाग्नि से सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं। इन घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए वन विभाग शासन, विभिन्न संस्थाओं और स्थानीय लोगों के सहयोग से लगातार जनजागरूकता अभियान चला रहा है। प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में उत्तराखंड में कुल 14,638 वनाग्नि घटनाएं दर्ज की गईं, जिनसे 23,682.77 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ। इन घटनाओं में 35 लोगों की दुखद मृत्यु हुई और 76 लोग घायल हुए। वर्ष 2026 में अब तक, प्रदेश में 394 वनाग्नि घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे 331.12 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ और एक व्यक्ति की जान चली गई। वन मंत्री ने लोगों से अनुरोध किया है कि आग लगने की स्थिति में केवल वीडियो बनाने की बजाय, वे आग बुझाने के प्रयासों में सक्रिय सहयोग करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें।1