ग्राम रातोधन में विधायक निधि से वर्ष 2020-21 में निर्मित कराए गए एक पेयजल टैंकर को लेकर अब बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विधायक बाबू जंडेल ने बड़ौदा थाना प्रभारी को पत्र लिखकर इस टैंकर के निर्माण में गंभीर अनियमितताओं और उसे बेचे जाने की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। विधायक को 6 जून 2026 को मिली जानकारी के अनुसार, उक्त पेयजल टैंकर के ऊपर बड़ी मात्रा में मिट्टी भरकर उसे समतल किया जा रहा था। इस स्थिति ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और उसकी वास्तविक उपयोगिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्र में यह भी बताया गया है कि कुछ युवाओं द्वारा भी इस पूरे मामले की शिकायत की गई है। बाबू जंडेल ने थाना प्रभारी से पूरे प्रकरण की गहन और निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। इस मामले को लेकर पूरे क्षेत्र में गरमागरम चर्चाओं का दौर जारी है, और अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है या फिर इसे बेचे जाने के आरोप में कितनी सच्चाई है।
ग्राम रातोधन में विधायक निधि से वर्ष 2020-21 में निर्मित कराए गए एक पेयजल टैंकर को लेकर अब बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विधायक बाबू जंडेल ने बड़ौदा थाना प्रभारी को पत्र लिखकर इस टैंकर के निर्माण में गंभीर अनियमितताओं और उसे बेचे जाने की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। विधायक को 6 जून 2026 को मिली जानकारी के अनुसार, उक्त पेयजल टैंकर के ऊपर बड़ी मात्रा में मिट्टी भरकर उसे समतल किया जा रहा था। इस स्थिति ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और उसकी वास्तविक उपयोगिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्र में यह भी बताया गया है कि कुछ युवाओं द्वारा भी इस पूरे मामले की शिकायत की गई है। बाबू जंडेल ने थाना प्रभारी से पूरे प्रकरण की गहन और निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। इस मामले को लेकर पूरे क्षेत्र में गरमागरम चर्चाओं का दौर जारी है, और अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है या फिर इसे बेचे जाने के आरोप में कितनी सच्चाई है।
- ग्राम रातोधन में विधायक निधि से वर्ष 2020-21 में निर्मित कराए गए एक पेयजल टैंकर को लेकर अब बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विधायक बाबू जंडेल ने बड़ौदा थाना प्रभारी को पत्र लिखकर इस टैंकर के निर्माण में गंभीर अनियमितताओं और उसे बेचे जाने की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। विधायक को 6 जून 2026 को मिली जानकारी के अनुसार, उक्त पेयजल टैंकर के ऊपर बड़ी मात्रा में मिट्टी भरकर उसे समतल किया जा रहा था। इस स्थिति ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और उसकी वास्तविक उपयोगिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्र में यह भी बताया गया है कि कुछ युवाओं द्वारा भी इस पूरे मामले की शिकायत की गई है। बाबू जंडेल ने थाना प्रभारी से पूरे प्रकरण की गहन और निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। इस मामले को लेकर पूरे क्षेत्र में गरमागरम चर्चाओं का दौर जारी है, और अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है या फिर इसे बेचे जाने के आरोप में कितनी सच्चाई है।1
- एक मामले में पत्थर की ट्रॉली की कीमत को लेकर बड़ा अंतर सामने आया है। ट्रैक्टर चालक का कहना है कि वे एक ट्रॉली पत्थर ₹2000 में डालते हैं, जबकि पत्थर के बिल पर इसी ट्रॉली की कीमत ₹3000 लगाई गई है। यह विरोधाभास ₹1000 प्रति ट्रॉली के दाम में सीधा अंतर दर्शाता है, जिससे कीमत को लेकर स्पष्ट विसंगति उजागर हुई है।1
- कोटा जिले के पीपल्दा तहसील की जटवाड़ा ग्राम पंचायत के गोपालपुरा गांव में बागली बड़ी नहर से निकलने वाली रामपुरिया माइनर के पक्कीकरण का कार्य तीन साल से अधूरा पड़ा है। इस अपूर्ण कार्य के कारण जब नहर में पानी आता है, तो मांगीलाल/प्रहलाद के खेत में पानी भर जाता है। इसी वजह से मांगीलाल ने नहर से होकर गुजरने वाले रास्ते को जेसीबी की मदद से खुदवाकर बंद कर दिया है, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह बंद किया गया रास्ता लगभग 250 बीघा जमीन पर खेतों तक पहुँचने का एकमात्र मार्ग है, और फसल का समय होने के बावजूद अब कोई भी ट्रैक्टर या अन्य कृषि मशीन मांगीलाल के खेत से होकर नहीं जा पाती। यदि कोई किसान उस रास्ते से निकलने का प्रयास करता है, तो मांगीलाल उसके साथ लड़ाई करता है और हथियार लेकर आगे खड़ा हो जाता है। इस मामले की शिकायत 181 के माध्यम से पीपल्दा तहसील में और जल विभाग इटावा के अधिकारी को भी की गई है, लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है। ग्रामीणों ने अधिकारियों से इस गंभीर समस्या पर तत्काल मदद करने का निवेदन किया है, क्योंकि नहर का काम अधूरा होने और रास्ता बंद होने से उनकी आजीविका सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है।2
- जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम1
- महंत देवानंद की शव यात्रा आज निकाली जाएगी। उनका अंतिम संस्कार सवाई माधोपुर में संपन्न होगा।1
- चौथ का बरवाड़ा उपखंड क्षेत्र के सारसोंप और ऐचेर गांव में कई दिनों से खराब पड़े हैंडपंपों को जलदाय विभाग ने ठीक करवा दिया है। भीषण गर्मी के बीच पेयजल की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों द्वारा इन खराब हैंडपंपों को सुधारने की लगातार शिकायतें की जा रही थीं। इन शिकायतों के बाद, जलदाय विभाग ने खराब हैंडपंपों का संज्ञान लेते हुए उनकी मरम्मत करवाई। जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता भूर सिंह मीणा ने बताया कि लोगों की पेयजल समस्या को देखते हुए इन हैंडपंपों को सुधारा गया है, जिससे अब ग्रामीणों को पेयजल संकट से राहत मिल सकेगी।1
- श्योपुर के ग्राम उतनवाड में सफाई कर्मचारियों द्वारा गाँव की गलियों और नालियों में विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। बरसात के मौसम में संभावित जलभराव और गंदगी की समस्या से निपटने के उद्देश्य से यह कार्य लगातार जारी है। सफाई कर्मचारियों ने नालियों में जमा कचरा और कीचड़ हटाकर रास्तों को साफ किया है, जिससे गाँव में एक स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में मदद मिल रही है। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए, गाँव में नियमित और बेहतर सफाई व्यवस्था जारी रखने की मांग की है, ताकि बीमारियों के फैलने का खतरा कम हो और गाँव का वातावरण स्वच्छ बना रहे।1
- चौथ का बरवाड़ा थाना पुलिस ने अवैध बजरी परिवहन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए बनास नदी क्षेत्र से बजरी से भरे तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए हैं। इस कार्रवाई के दौरान वाहन चालक मौके से फरार होने में सफल रहे। यह अभियान थाना प्रभारी महेंद्र शर्मा और एएसआई बच्चू सिंह के नेतृत्व में चलाया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य अवैध खनन और बजरी परिवहन पर अंकुश लगाना है। पुलिस ने जब्त किए गए वाहनों के खिलाफ अवैध खनन और बजरी परिवहन का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, पिछले दो दिनों में पुलिस ने कुल छह ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर कार्रवाई की है, जिससे बजरी माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अवैध खनन और बजरी परिवहन में शामिल लोगों के खिलाफ भविष्य में भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस अधिकारियों ने आमजन से भी अपील की है कि वे ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि इन मामलों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।1