मालवी गांव में 100 एकड़ में नहीं हुई गेहूं की बिजाई, मुआवजा न मिलने से किसानों में रोष जुलाना: क्षेत्र के मालवी गांव के किसानों को इस बार दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। बरसाती पानी के कारण खेतों में लंबे समय तक जलभराव की स्थिति बनी रही, जिससे पहले तो धान की फसल पूरी तरह से खराब हो गई और अब करीब 100 एकड़ भूमि में गेहूं की बिजाई भी नहीं हो सकी। लगातार नुकसान से किसान आर्थिक संकट में आ गए हैं और प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।किसानों ने बताया कि बारिश के दौरान निकासी व्यवस्था ठीक न होने के कारण पानी कई दिनों तक खेतों में खड़ा रहा। इससे धान की फसल सड़ गई और उत्पादन शून्य के बराबर रहा। किसानों ने उम्मीद की थी कि धान के नुकसान की भरपाई गेहूं की फसल से हो जाएगी, लेकिन खेतों में अत्यधिक नमी और कीचड़ के चलते समय पर जुताई और बिजाई संभव नहीं हो पाई। परिणामस्वरूप लगभग 100 एकड़ में गेहूं की बुवाई नहीं हो सकी। किसानों ने बताया कि उन्होंने सरकार द्वारा शुरू किए गए क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपना पंजीकरण भी कराया है और संबंधित दस्तावेज जमा करवाए हैं। इसके बावजूद अभी तक किसी भी किसान को मुआवजे की राशि प्राप्त नहीं हुई है। किसानों का कहना है कि खाद, बीज और सिंचाई पर पहले ही हजारों रुपये खर्च हो चुके थे। धान की फसल खराब होने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। अब गेहूं की बिजाई न होने से पूरे सीजन की आमदनी पर संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द सर्वे करवाकर वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाए और शीघ्र मुआवजा जारी किया जाए। फोटो केप्शन: 25 जुलाना 01: मालवी गांव में खराब हुई धान की फसल दिखाते हुए किसान।
मालवी गांव में 100 एकड़ में नहीं हुई गेहूं की बिजाई, मुआवजा न मिलने से किसानों में रोष जुलाना: क्षेत्र के मालवी गांव के किसानों को इस बार दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। बरसाती पानी के कारण खेतों में लंबे समय तक जलभराव की स्थिति बनी रही, जिससे पहले तो धान की फसल पूरी तरह से खराब हो गई और अब करीब 100 एकड़ भूमि में गेहूं की बिजाई भी नहीं हो सकी। लगातार नुकसान से किसान आर्थिक संकट में आ गए हैं और प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।किसानों ने बताया कि बारिश के दौरान निकासी व्यवस्था ठीक न होने के कारण पानी कई दिनों तक खेतों में खड़ा रहा। इससे धान की फसल सड़ गई और उत्पादन शून्य के बराबर रहा। किसानों ने उम्मीद की थी कि धान के नुकसान की भरपाई गेहूं की फसल से हो जाएगी, लेकिन खेतों में अत्यधिक नमी और कीचड़ के चलते समय पर जुताई और बिजाई संभव नहीं हो पाई। परिणामस्वरूप लगभग 100 एकड़ में गेहूं की बुवाई नहीं हो सकी। किसानों ने बताया कि उन्होंने सरकार द्वारा शुरू किए गए क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपना पंजीकरण भी कराया है और संबंधित दस्तावेज जमा करवाए हैं। इसके बावजूद अभी तक किसी भी किसान को मुआवजे की राशि प्राप्त नहीं हुई है। किसानों का कहना है कि खाद, बीज और सिंचाई पर पहले ही हजारों रुपये खर्च हो चुके थे। धान की फसल खराब होने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। अब गेहूं की बिजाई न होने से पूरे सीजन की आमदनी पर संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द सर्वे करवाकर वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाए और शीघ्र मुआवजा जारी किया जाए। फोटो केप्शन: 25 जुलाना 01: मालवी गांव में खराब हुई धान की फसल दिखाते हुए किसान।
- जुलाना: कस्बे में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक प्रेरणादायक पहल की गई। मंडी चौकी प्रभारी अजय कुमार की शादी की सालगिरह के अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में थाना प्रभारी विक्रम जोसन ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि आज के समय में बढ़ती ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर पर पौधारोपण करना चाहिए। पेड़-पौधे न केवल वातावरण को शुद्ध करते हैं, बल्कि हमें छाया, फल, ऑक्सीजन और जीवनदायिनी ऊर्जा भी प्रदान करते हैं। विक्रम जोसन ने कहा कि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जब तक वह पौधा बड़ा होकर पेड़ न बन जाए, तब तक उसकी देखभाल एक बच्चे की तरह करनी चाहिए। नियमित सिंचाई, सुरक्षा और संरक्षण से ही पौधा विकसित होकर पर्यावरण के लिए उपयोगी बन सकता है। उन्होंने उपस्थित लोगों से वर्ष में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाने और उसकी देखरेख करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। इस मौके पर आरोग्यम अस्पताल के डायरेक्टर डॉ योगेश नांदल, संजीत कौशिक, जयभगवान आदि मौजूद रहे। फोटो कैप्शन: 25 जुलाना 02: खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पौधारोपण करते थाना प्रभारी व अन्य।1
- होली 2026 पर बड़ा खुलासा! चंद्र ग्रहण में कब होगा होलिका दहन? पं. अनुराग शास्त्री जी ने बताई सच्चाई: तारों की बात स्पेशल . #rohtak #haryana #india #holi #news #digitalbhoomi #db #explore #astrology1
- 11 हरियाणा बटालियन एनसीसी भिवानी के कंमाडिग ऑफिसर कर्नल रितेश रंजन ने बुधवार को कलानौर एसजेके कॉलेज का दौरा किया । इस अवसर पर कॉलेज के एएनओ कैप्टन डॉ. विकास कुमार के मार्गदर्शन में एनसीसी कैडेट्स ने उनका भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत गीत प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर कर्नल रितेश रंजन ने एनसीसी कैडेट्स को संबोधित करते हुए अनुशासन, देशभक्ति एवं टीमवर्क के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी तथा उन्हें भविष्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नरेश कुमार दुआ ने अपने संबोधन में एनसीसी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एनसीसी अनुशासन, नेतृत्व क्षमता तथा राष्ट्र सेवा की भावना को विकसित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को एनसीसी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। डाॅ. विकास कुमार ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि एनसीसी से छात्राओं में आत्मविश्वास, साहस एवं नेतृत्व गुणों का विकास होता है, जो उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस दौरान संजय खीथा व अशोक कुमार भी उपस्थित रहे।3
- हरियाणा में बैंक घोटाले में हरियाणा सरकार और माननीय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज जांच कमेटी का गठन किया। रिपोर्ट न्यूज़ जंक्शन हरियाणा1
- माननीय भिवानी विधायक घनश्याम सर्राफ की तरफ से पूछे गए सवाल का विधानसभा में उतर देते हुए कैबिनेट मंत्री श्रुति चौधरी.... भिवानी आँखों देखी हलचल1
- पुलिस अधीक्षक जींद श्री कुलदीप सिंह भा.पु.से.के कुशल नेतृत्व में जिला पुलिस लगातार आमजन की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए अपराध व असामाजिक तत्वों पर कठोर कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में पुलिस अधीधक जींद श्री कुलदीप सिंह भा.पु.से.ने जींद शहर कि विभिन्न ट्रेड युनियनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनके सुझाव, सुरक्षा संबंधी चिंताएं और वर्तमान परिस्थितियों को गंभीरता से सुना। बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक जींद ने साफ शब्दों में कहा कि "जिले में अपराध और भय का कोई स्थान नहीं है।" उन्होंने उपस्थित विभिन्न ट्रेड युनियनों के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि उनके द्वारा संज्ञान में लाई गई समस्यांओ का प्राथमिकता के आधार पर निवारण किया जाएगा । यदि फिर भी कोई सुरक्षा संबधी, किसी भी प्रकार की समस्या है तो वे बिना किसी झिझक के तुरंत मुझे ,या नजदीकी पुलिस थाना या हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें । पुलिस अधीक्षक जींद ने यह भी कहा कि जींद पुलिस पूरी तरह सतर्क है और व्यापारियों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक जींद श्री कुलदीप सिंह भा.पु.से. ने विभिन्न ट्रेड युनियनों के प्रतिनिधियों के साथ मिटींग में आसवस्त किया की सभी प्रयवेक्षण अधिकारी व सभी प्रबंधक अफसर थानाजात को पहले ही निर्देश दिए गए है की राईडर ,पीसीआर, ईआरवी व चैकिंग पार्टीयां अपने अपने इलाका में लगातार गस्त करते रहे अगर किसी व्यापारी को किसी भी प्रकार कि सुरक्षा सबंधी समस्या है तो उसका तुरंत निवार्ण करे तथा मामला तुरंत मेरे सज्ञांन में भी लाया जावे इस अवसर पर हरियाणा व्यापार मण्डल के जिला अध्यक्ष श्री महावीर कम्पयूटर सहित नरेश यादव, श्री जितेन्द्र गोयल, श्री दीपक शर्मा, श्री बलराज, श्री ऋषि जैन, श्री बलजीत रेडू, श्री आनंद जैन, श्री जय कुमार गोयल, श्री दीपक, श्री सुनील रोहिला सहित अन्य विभिन्न ट्रैड युनियनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे । सभी ने अपने-अपने विचार साझा करते हुए वर्तमान चुनौतियों और उनके समाधान पर सुझाव प्रस्तुत किए। पुलिस द्वारा उन्हें त्वरित सुरक्षा प्रदान की जाएगी, और ऐसे अपराधियों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।2
- भिवानी में चोरों ने किया 15 तोले सोना और डेढ़ लाख रुपए पर हाथ साफ भिवानी1
- जुलाना: क्षेत्र के मालवी गांव के किसानों को इस बार दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। बरसाती पानी के कारण खेतों में लंबे समय तक जलभराव की स्थिति बनी रही, जिससे पहले तो धान की फसल पूरी तरह से खराब हो गई और अब करीब 100 एकड़ भूमि में गेहूं की बिजाई भी नहीं हो सकी। लगातार नुकसान से किसान आर्थिक संकट में आ गए हैं और प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।किसानों ने बताया कि बारिश के दौरान निकासी व्यवस्था ठीक न होने के कारण पानी कई दिनों तक खेतों में खड़ा रहा। इससे धान की फसल सड़ गई और उत्पादन शून्य के बराबर रहा। किसानों ने उम्मीद की थी कि धान के नुकसान की भरपाई गेहूं की फसल से हो जाएगी, लेकिन खेतों में अत्यधिक नमी और कीचड़ के चलते समय पर जुताई और बिजाई संभव नहीं हो पाई। परिणामस्वरूप लगभग 100 एकड़ में गेहूं की बुवाई नहीं हो सकी। किसानों ने बताया कि उन्होंने सरकार द्वारा शुरू किए गए क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपना पंजीकरण भी कराया है और संबंधित दस्तावेज जमा करवाए हैं। इसके बावजूद अभी तक किसी भी किसान को मुआवजे की राशि प्राप्त नहीं हुई है। किसानों का कहना है कि खाद, बीज और सिंचाई पर पहले ही हजारों रुपये खर्च हो चुके थे। धान की फसल खराब होने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। अब गेहूं की बिजाई न होने से पूरे सीजन की आमदनी पर संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द सर्वे करवाकर वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाए और शीघ्र मुआवजा जारी किया जाए। फोटो केप्शन: 25 जुलाना 01: मालवी गांव में खराब हुई धान की फसल दिखाते हुए किसान।1