बूंद-बूंद की कीमत समझीं बेटियां, कस्तूरबा विद्यालय में जल संरक्षण की ली शपथ हेमंत कुमार की रिपोर्ट चिनियां प्रखंड मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शुक्रवार की सुबह प्रार्थना सभा एक खास संदेश के साथ आयोजित की गई। इस दौरान विद्यालय की छात्राओं ने जल संरक्षण को लेकर सामूहिक शपथ ग्रहण किया और हर बूंद पानी बचाने का संकल्प लिया। प्रार्थना सभा में बालिकाओं ने “जल है तो कल है” के संदेश को आत्मसात करते हुए पानी के सही उपयोग और बर्बादी रोकने की प्रतिज्ञा ली। कार्यक्रम के दौरान वातावरण पूरी तरह जागरूकता और संकल्प के रंग में रंगा नजर आया। मौके पर विद्यालय की वार्डन जयंती पन्ना ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि अभी से पानी बचाने की आदत नहीं डाली गई तो आने वाले समय में गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। हर छात्रा अपने घर और समाज में जल बचाने की पहल करे, तभी इसका वास्तविक असर दिखेगा। इस दौरान विद्यालय की सभी शिक्षिकाएं एवं सैकड़ों की संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम ने न सिर्फ छात्राओं को जागरूक किया, बल्कि उन्हें समाज में बदलाव की प्रेरणा भी दी।
बूंद-बूंद की कीमत समझीं बेटियां, कस्तूरबा विद्यालय में जल संरक्षण की ली शपथ हेमंत कुमार की रिपोर्ट चिनियां प्रखंड मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शुक्रवार की सुबह प्रार्थना सभा एक खास संदेश के साथ आयोजित की गई। इस दौरान विद्यालय की छात्राओं ने जल संरक्षण को लेकर सामूहिक शपथ ग्रहण किया और हर बूंद पानी बचाने का संकल्प लिया। प्रार्थना सभा में बालिकाओं ने “जल है तो कल है” के संदेश को आत्मसात करते हुए पानी के सही उपयोग और बर्बादी रोकने की प्रतिज्ञा ली। कार्यक्रम के दौरान वातावरण पूरी तरह जागरूकता और संकल्प के रंग में रंगा नजर आया। मौके पर विद्यालय की वार्डन जयंती पन्ना ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि अभी से पानी बचाने की आदत नहीं डाली गई तो आने वाले समय में गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। हर छात्रा अपने घर और समाज में जल बचाने की पहल करे, तभी इसका वास्तविक असर दिखेगा। इस दौरान विद्यालय की सभी शिक्षिकाएं एवं सैकड़ों की संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम ने न सिर्फ छात्राओं को जागरूक किया, बल्कि उन्हें समाज में बदलाव की प्रेरणा भी दी।
- विद्यालय में आज बच्चों के बीच चना-गुड़ का वितरण किया गया। सभी बच्चों ने खुशी-खुशी इसे प्राप्त किया। चना और गुड़ पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, जो बच्चों के स्वास्थ्य और ऊर्जा के लिए बहुत लाभदायक हैं। इस अवसर पर विद्यालय परिवार द्वारा बच्चों को स्वच्छता और स्वस्थ आहार के महत्व के बारे में भी बताया गया।1
- हेमंत कुमार की रिपोर्ट चिनियां प्रखंड मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शुक्रवार की सुबह प्रार्थना सभा एक खास संदेश के साथ आयोजित की गई। इस दौरान विद्यालय की छात्राओं ने जल संरक्षण को लेकर सामूहिक शपथ ग्रहण किया और हर बूंद पानी बचाने का संकल्प लिया। प्रार्थना सभा में बालिकाओं ने “जल है तो कल है” के संदेश को आत्मसात करते हुए पानी के सही उपयोग और बर्बादी रोकने की प्रतिज्ञा ली। कार्यक्रम के दौरान वातावरण पूरी तरह जागरूकता और संकल्प के रंग में रंगा नजर आया। मौके पर विद्यालय की वार्डन जयंती पन्ना ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि अभी से पानी बचाने की आदत नहीं डाली गई तो आने वाले समय में गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। हर छात्रा अपने घर और समाज में जल बचाने की पहल करे, तभी इसका वास्तविक असर दिखेगा। इस दौरान विद्यालय की सभी शिक्षिकाएं एवं सैकड़ों की संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम ने न सिर्फ छात्राओं को जागरूक किया, बल्कि उन्हें समाज में बदलाव की प्रेरणा भी दी।1
- Post by Anit tiwary1
- त्रिशूलम (Tirusulam), चेन्नई के पास शुक्रवार को जो प्रसिद्ध बाजार लगता है, उसे पल्लावरम शुक्रवार बाजार या पल्लावरम संधाई (Pallavaram Sandhai) कहा जाता है। यह त्रिशूलम रेलवे स्टेशन और पल्लावरम रेलवे स्टेशन के बीच ओल्ड ट्रंक रोड (Old Trunk Road) पर लगता है। यह बाजार 150-200 साल से भी अधिक पुराना है और अपनी विविधता के लिए जाना जाता है। पल्लावरम शुक्रवार बाजार में क्या-क्या मिलता है? इस बाजार में "हर चीज" (Everything under the Sun) मिलने का दावा किया जाता है। यहाँ मुख्य रूप से मिलने वाली वस्तुएं हैं: पालतू जानवर: कुत्ता, बिल्ली, पक्षी, खरगोश, मछलियाँ आदि। पौधे: घर की सजावट और बागवानी के लिए विभिन्न प्रकार के पौधे। सब्जियां और फल: ताजी सब्जियां और फल। घरेलू सामान: घर के इस्तेमाल की छोटी-बड़ी चीजें, पुरानी/इस्तेमाल की हुई (second-hand) फर्नीचर। इलेक्ट्रॉनिक सामान: छोटे गैजेट्स और इलेक्ट्रॉनिक्स। कपड़े और जूते: सस्ते कपड़े और फुटवियर। हथियार: चाकू, दरांती जैसे औजार।2
- saf Kara jaye kalyanpur GARHWA me nadi ke pass bahut gandgi hai saf kiye jaye. . . .koi boltai re post on Facebook me Marne ke liye nahi hai rrdfgtdj hai bhai please find the same photo kab tak banega crorepati official Pandey official Pandey official Pandey official Pandey official website1
- 🛑सादी के ख़बर मिलते ही सनकी BF हुआ बेकाबू अंतिम फैसला कौन जिम्मेदार #प्रेम #प्रसंग #lovestory #love1
- गढ़वा में जिला प्रशासन द्वारा एग्जाम ग्रुप रैली निकल गया जिसमें बताया गया कि यदि शराब की नसों में बिना एलिमेंट के यदि बाइक चलाते हैं फिर बड़ी घटना घट सकती है जिससे आपको जान भी चला जाएगा1
- झारखंड की बेटी ने संसद में नागपुरी में दिया धाराप्रवाह भाषण, मंत्रमुग्ध हुए स्पीकर ओम बिड़ला · मेडिकल छात्रा मामले पर घटिया बयान दे गये मंत्री इरफान, मीडिया के सवाल पर पूछ लिया, बिहार रांची के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (कांके) की 12वीं की छात्रा संदीपा कुमारी बेदिया ने नई दिल्ली स्थित संसद भवन में अंबेडकर जयंती (14 अप्रैल 2026) के अवसर पर नागपुरी भाषा में बाबा साहेब की जीवनी पर ... बेदिया ने नई दिल्ली के संसद भवन में बाबा साहेब अंबेडकर जयंती पर नागपुरी भाषा में संबोधन देकर झारखंड का मान बढ़ाया. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.1