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प्रयागराज फाफामऊ आज सुबह-सुबह दिन में ही लगभग 10:00 बजे जाम की स्थिति बहुत ही भीषण हो गई प्रयागराज फाफामऊ आज सुबह-सुबह दिन में ही लगभग 10:00 बजे जाम की स्थिति बहुत ही भीषण हो गई । जिसे देखकर कहा जा सकता है कि अब यातायात पुलिस का कोई कंट्रोल फाफामऊ में जाम को लेकर नहीं रह गया है।जिसके चलते जाम में आम नागरिक से लेकर नौकरी, स्कूल एवं कोचिंग जाने वाले छात्रों पर और एम्बुलेंस से लेकर वी आई पी मूवमेंट के लोग जहां परेशान हो रहे हैं तो वहीं महिलाएं भी इस जाम में घंटों परेशान हो रही है।
सुनील सोमवंशी
प्रयागराज फाफामऊ आज सुबह-सुबह दिन में ही लगभग 10:00 बजे जाम की स्थिति बहुत ही भीषण हो गई प्रयागराज फाफामऊ आज सुबह-सुबह दिन में ही लगभग 10:00 बजे जाम की स्थिति बहुत ही भीषण हो गई । जिसे देखकर कहा जा सकता है कि अब यातायात पुलिस का कोई कंट्रोल फाफामऊ में जाम को लेकर नहीं रह गया है।जिसके चलते जाम में आम नागरिक से लेकर नौकरी, स्कूल एवं कोचिंग जाने वाले छात्रों पर और एम्बुलेंस से लेकर वी आई पी मूवमेंट के लोग जहां परेशान हो रहे हैं तो वहीं महिलाएं भी इस जाम में घंटों परेशान हो रही है।
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- प्रयागराज में आयुष छात्रों का अनिश्चितकालीन अनशन, स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग प्रयागराज में आयुष छात्रों का अनिश्चितकालीन अनशन, स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग प्रयागराज। शांतिपुरम फाफामऊ स्थित स्टेट लाल बहादुर शास्त्री होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के आयुष छात्र-इंटर्न अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए हैं। छात्रों की मांग है कि आयुष इंटर्न का स्टाइपेंड ₹7,500 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रतिमाह किया जाए। छात्रों ने “वन नेशन-वन स्टाइपेंड” और “समान काम-समान सम्मान-समान स्टाइपेंड” की मांग उठाई है। छात्रों का कहना है कि जब आयुष इंटर्न भी स्वास्थ्य सेवाओं में समान जिम्मेदारी निभा रहे हैं, तो स्टाइपेंड में असमानता क्यों? सरकार से मांग है कि जल्द निर्णय लेकर उन्हें न्याय दिया जाए। बाइट: जुनियर डॉक्टर2
- प्रयागराज। सीवर चेंबर ओवरफ्लो होने से मोहल्लेवासी परेशान प्रयागराज। नैनी चक रघुनाथ (जमुना नगर) मोहल्ले की राम मंदिर वाली गली में सीवर चेंबर पूरी तरह से जाम होने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मोहल्लेवासियों का आरोप है कि सीवर चेंबर ऊपर तक गंदे पानी और कचरे से भरे हुए हैं, जिसके कारण ओवरफ्लो की स्थिति बनी हुई है।स्थानीय निवासियों ने नगर निगम जलकल विभाग से सीवर चेंबरों की तत्काल सफाई कराने और नई सीवर लाइन की स्थिति की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।2
- प्रयागराज फाफामऊ आज सुबह-सुबह दिन में ही लगभग 10:00 बजे जाम की स्थिति बहुत ही भीषण हो गई प्रयागराज फाफामऊ आज सुबह-सुबह दिन में ही लगभग 10:00 बजे जाम की स्थिति बहुत ही भीषण हो गई । जिसे देखकर कहा जा सकता है कि अब यातायात पुलिस का कोई कंट्रोल फाफामऊ में जाम को लेकर नहीं रह गया है।जिसके चलते जाम में आम नागरिक से लेकर नौकरी, स्कूल एवं कोचिंग जाने वाले छात्रों पर और एम्बुलेंस से लेकर वी आई पी मूवमेंट के लोग जहां परेशान हो रहे हैं तो वहीं महिलाएं भी इस जाम में घंटों परेशान हो रही है।1
- प्रयागराज-प्रसव के दौरान महिला की मौत के मामले में कार्रवाई न होने से आक्रोश मुकदमा दर्ज होने के बावजूद आरोपियों पर कार्रवाई नहीं, पीड़ित पति ने उच्च अधिकारियों और मुख्यमंत्री से लगाई गुहार प्रयागराज जिले में प्रसव के दौरान महिला की मौत के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने से परिजनों में आक्रोश है। मृतका के पति दीनानाथ मौर्य, निवासी पट्टी नरेंद्रपुर, जौनपुर ने करेली क्षेत्र के 60 फीट रोड स्थित नाज़ फातिमा हॉस्पिटल के प्रबंधन और चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। पीड़ित पति के मुताबिक उन्होंने अपनी पत्नी को 17 जुलाई 2026 को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल में महिला की डिलीवरी हुई और बच्चे का जन्म भी हुआ। आरोप है कि इसके कुछ ही घंटे बाद महिला की तबीयत बिगड़ने लगी। पति का कहना है कि प्रसव के दौरान या उसके बाद हुई अत्यधिक ब्लीडिंग की गंभीरता के बारे में अस्पताल की ओर से उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई। दीनानाथ मौर्य का आरोप है कि रात के समय अस्पताल के कर्मचारियों ने उन्हें स्थिति सामान्य होने की बात कही और सुबह करीब 11 बजे तक मरीज को डिस्चार्ज करने की जानकारी दी। हालांकि बाद में उन्हें महिला और नवजात बच्चे की मौत की सूचना दी गई। पीड़ित ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के नारद सभागार में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि घटना के बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों से शिकायत की। उनके अनुसार, सीएमओ स्तर से जांच कराई गई और जांच के बाद संबंधित थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बावजूद अभी तक आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से परिजन नाराज हैं। पीड़ित पति ने उच्च अधिकारियों और मुख्यमंत्री से मामले में निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे सील किए जाने की मांग भी उठाई, ताकि भविष्य में किसी अन्य मरीज की जान जोखिम में न पड़े। हालांकि, लगाए गए आरोपों पर अस्पताल प्रबंधन या संबंधित चिकित्सकों का पक्ष सामने नहीं आया है। मामले में जांच और आगे की कार्रवाई के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- विराट दंगल का आयोजन 14 सितंबर 2026 को शिवराजपुर में, सभी पहलवान दिखाएंगे दम *विराट दंगल का आयोजन 14 सितंबर 2026 को शिवराजपुर में, सभी पहलवान दिखाएंगे दम* शंकरगढ़ के शिवराजपुर स्थित महावीरन मंदिर रिलायंस टंकी के पीछे 14 सितंबर 2026 सोमवार को सुबह 12 बजे से शाम 6 बजे तक विराट दंगल का भव्य आयोजन किया जाएगा। सभी पहलवान शिवराजपुर में आए और अपना कौशल दिखाएं और अच्छा उपहार जीत कर ले जाएं। आयोजक समिति ने बताया कि विजेता पहलवानों को आकर्षक पुरस्कार व नगद धनराशि दी जाएगी। सभी पहलवान अपना आधार कार्ड लेकर आएंगे अध्यक्ष- कुंजन लाल मिश्रा, कोषाध्यक्ष- पिंटू सिंह, महामंत्री- सूरज त्रिपाठी, ज्ञानेंद्र मिश्रा, मंत्री- सतीश तिवारी रोहित केसरवानी, संरक्षक- राकेश मिश्रा अरविंद मिश्रा गुड्डा मिश्रा, व्यवस्थापक- ददून त्रिपाठी, उमाशंकर त्रिपाठी लल्ला गुरु, रवि सिंह। संपर्क: 6306415343, 9838187083, 73555521601
- डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के आवास पर आयुष इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर बड़ी संख्या में पहुंचे आयुष इंटर्न डॉक्टर स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर डॉक्टरों ने किया प्रदर्शन आयुष इंटर्न डॉक्टरों को वर्तमान में 7500 रुपये स्टाइपेंड मिलने का आरोप डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने की मांग की1
- पार्क के बगल कूड़े का अंबार, टूटी सड़क ने बढ़ाई परेशानी शांतिपुरम की पावशिलानी कॉलोनी में गंदगी से नागरिक परेशान, शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई पार्क के बगल कूड़े का अंबार, टूटी सड़क ने बढ़ाई परेशानी शांतिपुरम की पावशिलानी कॉलोनी में गंदगी से नागरिक परेशान, शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई प्रयागराज। फाफामऊ के शांतिपुरम क्षेत्र की पावशिलानी कॉलोनी में इन दिनों गंदगी और बदहाल सड़क ने स्थानीय नागरिकों की परेशानी बढ़ा दी है। कॉलोनी में बने पार्क के ठीक बगल में कूड़े का अंबार लगा हुआ है। लंबे समय से जमा कूड़े के कारण आसपास गंदगी का माहौल बना हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों में नगर निगम के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कूड़े के निस्तारण को लेकर कई बार नगर निगम के सुपरवाइजर और संबंधित अधिकारियों को सूचना दी जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद मौके से कूड़ा हटाने के लिए अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पार्क के आसपास रहने वाले लोगों और वहां आने-जाने वाले नागरिकों को दुर्गंध और गंदगी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। कूड़े के साथ टूटी सड़क बनी दूसरी मुसीबत समस्या सिर्फ कूड़े तक सीमित नहीं है। जिस स्थान पर कूड़े का ढेर लगा है, उसके ठीक बगल की सड़क भी लंबे समय से टूटी पड़ी है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और टूटे हिस्से होने के कारण राहगीरों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कूड़े और टूटी सड़क की दोहरी समस्या ने कॉलोनीवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ समाधान कॉलोनी निवासी मधुकर जी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि नगर निगम के अधिकारियों को कई बार इस समस्या की जानकारी दी गई, लेकिन आज तक कूड़ा हटाने और सड़क की मरम्मत को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर समस्या का स्थायी समाधान कराना चाहिए। वहीं श्याम चरण जी ने भी कूड़े के अंबार और टूटी सड़क को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग लगातार परेशानी झेल रहे हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम से मांग की है कि पार्क के बगल जमा कूड़े को तत्काल हटाया जाए, नियमित सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और टूटी सड़क की जल्द से जल्द मरम्मत कराई जाए, ताकि कॉलोनीवासियों को राहत मिल सके।2
- गौशाला के नाम पर घोटाला प्रयागराज के कोहड़ार में गौशाला से 100 मीटर पर सैकड़ों गायों का कंकालों का पहाड़, कुत्ते नोच रहे लाशें प्रयागराज: एक तरफ जहाँ प्रदेश की योगी सरकार गौ-संरक्षण के लिए हर साल करोड़ों रुपये गौशालाओं को दे रही है, तो दूसरी तरफ प्रयागराज के कोहड़ार में गौशाला के नाम पर बड़ा खेल हो रहा है। यहाँ गौशाला से महज 100 मीटर की दूरी पर सैकड़ों गायों को मृत अवस्था में फेंक दिया गया है। नजारा इतना भयावह है कि कंकालों से पूरा पहाड़ ढका हुआ है और आवारा कुत्ते उन लाशों को नोच रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि रोज 2-4 गायें मरती हैं और ट्रैक्टर से लाकर यहाँ फेंक दी जाती हैं। बदबू से पूरे इलाके में रहना मुश्किल है, बीमारी फैलने का खतरा अलग बना हुआ है । आरोप है कि गौशाला संचालक सरकार से प्रति गाय के हिसाब से चारा, भूसा, दवा का पैसा ले रहे हैं लेकिन महज कागजों पर गायें जिंदा हैं, हकीकत में वो भूख और बीमारी से मर रही हैं। योगी सरकार के दावे व जमीनी हकीकत से कोशो दूर है जहाँ सरकार का दावा है की प्रदेश में 7000 से ज्यादा गौशालाएं, हर गाय पर 30-50 रुपये रोज दिया जाता है वही जमीनी हकीकत कोहड़ार में कंकालों का पहाड़ सब कुछ बयां कर रहा है ।पशु चिकित्सा अधिकारी और डॉक्टरो की टीम कभी निरीक्षण करने नहीं आती, इसी का फायदा उठाकर ये खेल चल रहा है। गौशाला गायों को बचाने के लिए बनी थी, लेकिन कोहड़ार में वही गायों का श्मशान बन गई है। सरकार पैसा दे रही है, लेकिन वो पैसा गायों के पेट में नहीं, भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है। गौशाला से महज 100 मीटर की दूरी पर पड़े कंकाल सिर्फ गायों के नहीं, पूरे सिस्टम की इंसानियत के कंकाल हैं। - अंकित शुक्ला (9695574542) - प्रयागराज4