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तेज रफ्तार के कारण एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें दो बाइकें आमने-सामने टकरा गईं। इस टक्कर में कुल चार लोग घायल हो गए।
MANOJ KUMAR YADAV
तेज रफ्तार के कारण एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें दो बाइकें आमने-सामने टकरा गईं। इस टक्कर में कुल चार लोग घायल हो गए।
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- देवरिया जिले के बरहज तहसील क्षेत्र में समाजवादी पार्टी ने घरेलू गैस के दामों में हुई वृद्धि के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन सपा नेता विजय रावत के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें कार्यकर्ताओं ने थाली बजाकर अपना विरोध दर्ज कराया।1
- कुशीनगर जिले में एक ट्रक हादसे के बाद हुए बवाल के मद्देनजर, पुलिस जांच में बाधा डालने के आरोप में एक महिला और उसके पुत्र के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने यह कार्रवाई तब की, जब जांच प्रक्रिया में बाधा डालने का प्रयास किया गया। इस पूरे घटनाक्रम से संबंधित एक वायरल वीडियो की सच्चाई भी अब सामने आ गई है।1
- कुशीनगर जिले के कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के जंगल पचरुखिया के पास 22 मई 2026 को दोपहर करीब 1:00 बजे एक सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें संदीप कुमार नामक व्यक्ति ट्रक की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलने पर जब पीआरवी वाहन मौके पर पहुँचा, तो वहाँ मौजूद उत्तेजित ग्रामीण ट्रक में तोड़फोड़ और आगजनी का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप कर ग्रामीणों को शांत कराया और दुर्घटना के संबंध में मिली तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया गया। बाद में, 29 मई 2026 को ट्रक मालिक ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि तोड़फोड़ के दौरान ट्रक के केबिन से ₹30,000 नकद और ट्रक की बैटरी चोरी कर ली गई है। जब पुलिस टीम इस चोरी के संबंध में पूछताछ के लिए गाँव पहुँची, तो एक महिला सुगंती देवी और उनके पुत्र मुकेश कुमार ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और पुलिसकर्मियों के साथ उलझ गए। जाँच में सामने आया है कि सुगंती देवी के खिलाफ पहले भी मारपीट के मामले दर्ज हैं। इस संदर्भ में कुबेरस्थान थाने में सुगंती देवी और मुकेश कुमार के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस पूरी घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी सदर डॉ. अजय कुमार सिंह का भी बयान सामने आया है।1
- देवरिया जनपद में रामपुर कारखाना पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान कमधेनवा निवासी धनंजय पाल पुत्र स्व० पारसनाथ पाल के रूप में हुई है, जिसकी उम्र लगभग 36 वर्ष है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक अवैध तमंचा और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। अभियुक्त धनंजय पाल थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0-265/2025 में धारा 109(1) और 3 के तहत दर्ज हत्या के प्रयास के प्रकरण में वांछित था। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक देवरिया अभिजीत आर. शंकर द्वारा जनपद में अपराध और अपराधियों की रोकथाम तथा वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। इस गिरफ्तारी में अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) आनंद कुमार पांडेय का कुशल निर्देशन और क्षेत्राधिकारी नगर संजय कुमार रेड्डी का कुशल पर्यवेक्षण महत्वपूर्ण रहा। रामपुर कारखाना पुलिस की इस कार्रवाई को अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।1
- कुशीनगर जिले के कुबेरस्थान थाना क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत जंगल पचरुखिया में पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में दो पुलिसकर्मी एक महिला को दोनों हाथों से पकड़कर खींचते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान एक युवक भी पुलिस पर महिला से मारपीट और गाली देने का आरोप लगाते हुए एक पुलिसकर्मी को थप्पड़ मार देता है। पीड़ित महिला संगति, जो शंभू गुप्ता की पत्नी हैं, ने बताया कि यह घटना 22 मई को हुई एक दुर्घटना से जुड़ी है। उस दिन एक बालू लदी ट्रक ने अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पानी पी रहे 33 वर्षीय संदीप मधेशिया, पुत्र धरीछन मधेशिया, को कुचल दिया था। गंभीर हालत में उसे पहले कुशीनगर मेडिकल कॉलेज और फिर गोरखपुर रेफर किया गया, जहाँ 1 जून को उसकी मृत्यु हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, 22 मई की दुर्घटना के बाद भीड़ ने ट्रक को घेर लिया और उसमें तोड़फोड़ की थी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुँचकर ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी घटना के चलते कुबेरस्थान थाने के दो सिपाही, अभिनाश और शौरभ, 55 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कह रहे हैं। आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से पुलिस बिना महिला सिपाही के लगातार ग्रामीणों के घरों में छापेमारी कर रही है। ग्रामीण नजमा खातून ने बताया कि उनके घर में कोई पुरुष सदस्य नहीं था, केवल 4 दिन पहले आई नई नवेली दुल्हन थी, इसके बावजूद पुलिसकर्मी घर में घुसकर गंदी गालियाँ दे रहे थे। पूछने पर उन्होंने कुछ नहीं बताया और बचने के लिए 25,000-25,000 रुपये की मांग की, अन्यथा जेल भेजने की धमकी दी। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पुलिस ने उसी रात में ट्रक से पूरी बालू निकालकर ट्रैक्टर और ट्रॉली की मदद से एक दुकानदार को बेच दी और फिर खाली ट्रक को थाने ले गई। ग्रामीणों ने आगे बताया कि तोड़फोड़ के आरोप में संतोष मधेशिया और दुर्गेश खटीक को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर थाने ले गई थी। उनसे भी पैसे की मांग की गई, और पैसे न देने पर उन्हें आईपीसी की धारा 151 के तहत चालान कर दिया गया, जिसके बाद उन्हें 3 दिन जेल में बिताने पड़े और अब वे जमानत पर घर आए हैं। गांव के सीताराम ने बताया कि घटना के तीन दिन बाद पुलिस उनके बेटे की दुकान पर आई और बोली कि उसे थाने ले आओ, नहीं तो घर से खींच कर ले जाएंगे, लेकिन किस लिए, इसका कोई जवाब नहीं दिया। इन घटनाओं के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक की बालू किसके आदेश पर रात के अंधेरे में एक निजी दुकानदार को बेची? साथ ही, ट्रक रोकने वाली भीड़ पर कार्रवाई के नाम पर पैसे क्यों मांगे जा रहे हैं? और अगर ट्रक मालिक की ओर से तोड़फोड़ की तहरीर पड़ी थी, तो पुलिस ने दो लोगों को धारा 151 जैसी मामूली धारा में जेल क्यों भेजा, जबकि ऐसी धाराओं में निजी मुचलके पर भी छोड़ा जा सकता था, फिर भी उन्हें जेल भेजा गया।2