आज दिनांक 31 मई 2026, रविवार को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड कार्यालय में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माननीय सचिव के निर्देशानुसार प्रखंड कार्यालय पीएलवी सह अधिकार मित्र कुमार विवेक रंजन और सरयु यादव द्वारा संचालित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि राम बाबू यादव ने की। इस दौरान उपस्थित लोगों को तंबाकू के सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य खतरों के बारे में जागरूक किया गया, जिसमें बताया गया कि यह कैंसर, हृदय रोग और टीबी जैसी घातक बीमारियों का प्रमुख कारण है। लोगों को जानकारी दी गई कि सरकार ने तंबाकू पर प्रतिबंध लगा दिया है, और सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना, नाबालिगों को तंबाकू बेचना, तथा शिक्षण संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री करना दंडनीय अपराध है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के निर्देश पर पारा लीगल वॉलंटियर्स के माध्यम से गांव-गांव तक "नशा मुक्त समाज" का संदेश पहुँचाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के मौके पर लोगों को तंबाकू का सेवन न करने की शपथ भी दिलाई गई, साथ ही अन्य टोल फ्री नंबरों की जानकारी भी प्रदान की गई।
आज दिनांक 31 मई 2026, रविवार को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड कार्यालय में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माननीय सचिव के निर्देशानुसार प्रखंड कार्यालय पीएलवी सह अधिकार मित्र कुमार विवेक रंजन और सरयु यादव द्वारा संचालित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि राम बाबू यादव ने की। इस दौरान उपस्थित लोगों को तंबाकू के सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य खतरों के बारे में जागरूक किया गया, जिसमें बताया गया कि यह कैंसर, हृदय रोग और टीबी जैसी घातक बीमारियों का प्रमुख कारण है। लोगों को जानकारी दी गई कि सरकार ने तंबाकू पर प्रतिबंध लगा दिया है, और सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना, नाबालिगों को तंबाकू बेचना, तथा शिक्षण संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री करना दंडनीय अपराध है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के निर्देश पर पारा लीगल वॉलंटियर्स के माध्यम से गांव-गांव तक "नशा मुक्त समाज" का संदेश पहुँचाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के मौके पर लोगों को तंबाकू का सेवन न करने की शपथ भी दिलाई गई, साथ ही अन्य टोल फ्री नंबरों की जानकारी भी प्रदान की गई।
- पायोनियर कंपनी ने चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड स्थित नवाडी पंचायत भवन में एक किसान गोष्ठी का आयोजन किया। इस बैठक में हंटरगंज प्रखंड के लगभग 80 किसानों ने भाग लिया, जहाँ उन्हें पायोनियर की 27पी39 धान किस्म के गुण और विशेषताओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। चतरा जिले के टेरेटरी मैनेजर निवारण पाण्डेय ने किसानों को पायोनियर 27पी39 धान के बीज के बारे में बताया। जानकारी दी गई कि यह धान 128 से 132 दिन की किस्म है और "नंबर 2 खेत" में सबसे ज़्यादा उपज देने वाली धान मानी जाती है, जिसकी बालियाँ लंबी और वज़नदार होती हैं, साथ ही इसके चावल का स्वाद भी स्वादिष्ट होता है। इस गोष्ठी में हंटरगंज के क्षेत्रीय रिटेलर भोला प्रसाद अग्रवाल और राकेश सिंह भी उपस्थित थे, जिन्होंने किसानों को 27पी39 धान के बारे में बताया। हंटरगंज प्रखंड के क्षेत्रीय प्रतिनिधि श्रीकांत कुमार और राजकुमार यादव ने किसानों को बिचड़े करने के सही तरीके और सही समय पर धान की रोपाई के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। किसानों की खुशहाली और समृद्धि के लिए मौके पर एक भव्य किसान रैली का भी आयोजन किया गया। इस किसान गोष्ठी में प्रवक्ता सरजू यादव, विजय सिंह, उपेंद्र यादव, दशरथ सिंह सहित कई अन्य किसान प्रवक्ता भी मौजूद थे।1
- गया जिले के गुरुआ प्रखंड स्थित चिलोर पंचायत के ढिबरा स्टेडियम में ग्यारह दिवसीय महारुद्र यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर अयोध्या से पधारे जगतगुरु श्रीराम दिनेशाचार्य जी महाराज ने श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और मानव कल्याण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उनके प्रवचन सुनने के लिए गुरुआ और आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में लोग यज्ञ स्थल पर पहुंचे। जगतगुरु श्रीराम दिनेशाचार्य जी महाराज ने अपने प्रवचन में यज्ञ और धार्मिक अनुष्ठानों को भारतीय संस्कृति की आत्मा बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-शांति और भाईचारे का वातावरण स्थापित करते हैं। उन्होंने लोगों से सत्य, सदाचार और धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान करते हुए कहा कि मानव जीवन तभी सफल हो सकता है, जब व्यक्ति अपने कर्म और आचरण को धर्म से जोड़े। उनके अनुसार, भगवान की भक्ति और सेवा से जीवन में शांति प्राप्त होती है और समाज में आपसी प्रेम व समरसता बढ़ती है। यह महारुद्र यज्ञ बाबा सीताराम दास जी महाराज के सानिध्य में संचालित हो रहा है। प्रवचन के दौरान पूरा यज्ञ स्थल भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा, जहाँ श्रद्धालु देर रात तक भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होकर आध्यात्मिक आनंद का अनुभव करते रहे। यज्ञ स्थल पर 'जय श्रीराम' और 'हर-हर महादेव' के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा। आयोजन समिति के सदस्यों ने जगतगुरु श्रीराम दिनेशाचार्य जी महाराज और बाबा सीताराम दास जी महाराज को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया, और कहा कि संतों के आशीर्वाद से क्षेत्र में धार्मिक माहौल मजबूत हो रहा है। कार्यक्रम में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, भाजपा के पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह और गुरुआ विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक डॉ. उपेन्द्र प्रसाद भी पहुंचे। उन्होंने इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से वातावरण शुद्ध होने और लोगों की ईश्वर के प्रति श्रद्धा व आस्था बढ़ने की बात कही, साथ ही सफल आयोजन के लिए समिति को धन्यवाद दिया। सुरक्षा व्यवस्था के तहत गुरुआ थानाध्यक्ष मनेश कुमार लगातार यज्ञ स्थल की निगरानी कर रहे हैं और लोगों से शांतिपूर्ण व अनुशासित तरीके से यज्ञ को सफल बनाने की अपील कर रहे हैं। शेरघाटी एसडीपीओ संदीप कुमार और एसडीओ मनीष कुमार ने भी यज्ञ स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। यज्ञ को सफल बनाने में आयोजन समिति के सदस्य और स्थानीय ग्रामीण निष्ठापूर्वक सहयोग कर रहे हैं, तथा श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए निःस्वार्थ भाव से सेवा कार्य में जुटे हुए हैं।2
- बिहार के गया जिले में गुरुआ थाना गंभीर रिश्वतखोरी के आरोपों से घिर गया है। एक पीड़ित ने थाने पर ₹25 हजार की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। पीड़ित का कहना है कि आवेदन देने के पूरे पाँच दिन बीत जाने के बाद भी उसकी प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की गई है, जो मामले की गंभीरता को और बढ़ा देता है। हालांकि, थाना प्रभारी ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ऐसी कोई बात नहीं है। इस स्थिति में, अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और पुलिस जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।1
- यात्रियों की सुविधा के उद्देश्य से बनाया गया एक यात्री सेट अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है।1
- गया जिले के डुमरिया प्रखंड के वार्ड संख्या 5 में नाली मरम्मत का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। अनिल प्रसाद के घर से विजय भारती के घर तक की नाली की रिपेयरिंग नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मुखिया जी ने नाली मरम्मत का काम आधा-अधूरा छोड़कर सारा पैसा हड़प लिया है।1
- रविवार दोपहर करीब 4:00 बजे रफीगंज रेलवे स्टेशन के आरपीएफ पुरानी बैरक के समीप एक महिला ट्रेन की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल महिला की पहचान गया जिले के गुरुआ थाना क्षेत्र स्थित कठवारा गांव निवासी नागेंद्र यादव की 50 वर्षीय पत्नी शकुंतला देवी के रूप में हुई है। रफीगंज रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस ने घायल महिला को रफीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। वहां, डॉक्टर ए.के. केसरी ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें गया के मगध मेडिकल रेफर कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, घायल महिला की स्थिति बेहद नाजुक बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, महिला मार्केटिंग के काम से रफीगंज आई हुई थी।1
- चतरा जिले के इटखोरी थाना क्षेत्र अंतर्गत बक्शा डैम में प्रतिबंधित पशु के तीन कटे सिर मिलने से हड़कंप मच गया। इस मामले में इटखोरी थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह ने डीएसपी सुनील सिंह और सीओ सविता सिंह के नेतृत्व में तत्काल कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के घरों से, फ्रिज में छिपाकर रखा हुआ मांस भी बरामद किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान पृथ्वीपुर गांव निवासी मोहम्मद इस्लाम और मोहम्मद इकराम के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने त्योहार के अवसर पर प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी दी थी। पकड़े जाने के डर से, उन्होंने सबूत छिपाने के उद्देश्य से सिर बक्शा डैम में फेंक दिए थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने फ्रिज सहित भारी मात्रा में मांस जब्त किया। रविवार को डैम में प्रतिबंधित पशु के सिर तैरते हुए मिलने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में भारी आक्रोश छा गया। ग्रामीणों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए नगवां-तुलबुल मार्ग पर इटखोरी-चतरा मुख्य सड़क को जाम कर दिया। सूचना मिलने पर डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम हटा लिया गया। जाम हटते ही पुलिस ने त्वरित छापेमारी कर दोनों आरोपियों को धर-दबोचा। गिरफ्तारी के बाद, ग्रामीणों ने पुलिस की इस कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया और कानून-व्यवस्था के प्रति विश्वसनीयता बहाल हुई।1