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Sanjay markam
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- Post by Sanjay markam1
- साल्हेटोला चौक में चाकू लहराकर धमकाने वाले दो युवक को पुलिस किया गिरफ्तार1
- रिपोर्टर: संजय सिंह भदौरिया मोबाइल: 8839079900,9424222500 सुकमा— शंकराचार्य जी महाराज के कथित अपमान को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष हरीश कवासी ने इस मामले में मीडिया से चर्चा करते हुए बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कवासी ने कहा कि आज सरकार की आस्था व्यापार में बदल चुकी है और धर्म के नाम पर केवल धन और सत्ता की राजनीति की जा रही है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष हरीश कवासी ने कहा कि शंकराचार्य जी महाराज के शिष्यों के साथ जो व्यवहार किया गया, वह निंदनीय है। कवासी के अनुसार, शिष्यों के साथ बदसलूकी की गई, उन्हें बाल पकड़कर घसीटा गया, जो न केवल एक संत का अपमान है, बल्कि पूरे हिंदू समाज की भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बाइट – हरीश कवासी, जिला अध्यक्ष कांग्रेस “बीजेपी सरकार धर्म की आड़ में सिर्फ सत्ता और पैसे की राजनीति कर रही है। शंकराचार्य जी के शिष्यों के साथ जो अमानवीय व्यवहार हुआ है, वह पूरे हिंदू समाज का अपमान है। हम मांग करते हैं कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लेकर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की है। वहीं, अब देखना होगा कि सरकार इस आरोप पर क्या कार्रवाई करती है।1
- Job छोड़ो Business करो #cosmetics #jewellery #tranding #business1
- villege khawas fadki Patel para me fresimge masin tar banane ka hai secnd hen jo 6 manth chala hai use bechna hai lene vala sampark kar sakata hai mo.no.9303301443par kal kare naundri badi khet makan ko gheraw kar sakte jai1
- चित्तौड़गढ़ गांधीनगर1
- भिलाई-चरौदा के मणिकंचन केंद्र में खुद जलाया जा रहा कचरा!** भिलाई-चरौदा नगर निगम एक ओर शहरवासियों से स्वच्छता रैंकिंग बढ़ाने और खुले में कचरा न जलाने की अपील कर रहा है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम के ही मणिकंचन केंद्रों में कचरा जलाए जाने का मामला सामने आया है, जिसने पूरे स्वच्छता अभियान की सच्चाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। महापौर निर्मल कोसरे और कमिश्नर डी.एस. राजपूत के निर्देश पर निगम अमला नागरिकों पर नियम विरुद्ध कचरा फेंकने, सड़क पर निर्माण सामग्री डालने और खुले में कचरा जलाने पर जुर्माना ठोक रहा है। लेकिन सवाल यह है — जब नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई हो रही है, तो नियम तोड़ता खुद निगम दिखाई दे तो कार्रवाई किस पर होगी? नगर निगम द्वारा बताया जाता है कि शहर के सभी वार्डों से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र कर एस.एल.आर.एम. यानी मणिकंचन केंद्रों तक पहुँचाया जाता है, जहाँ उसका निपटान और रीसाइक्लिंग की जाती है। लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि मणिकंचन केंद्रों में कचरे को रीसाइक्लिंग करने के बजाय खुलेआम जलाया जा रहा है, जिससे आसपास के इलाकों में जहरीला धुआँ फैल रहा है। इससे न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है 👉 आखिर ऐसा कौन-सा कचरा है जो रीसाइक्लिंग योग्य नहीं है? 👉 यदि रीसाइक्लिंग संभव नहीं थी, तो उसे जलाने की अनुमति किसने दी? 👉 क्या स्वच्छता के नियम सिर्फ आम नागरिकों के लिए हैं? 👉 या फिर निगम के लिए नियमों में छूट है? नगर निगम खुले में कचरा जलाने पर नागरिकों पर चालानी कार्रवाई की चेतावनी देता है, लेकिन मणिकंचन केंद्र में जल रहे कचरे पर निगम की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। यदि यही हाल रहा, तो स्वच्छता रैंकिंग बढ़ाने के दावे केवल कागज़ों और भाषणों तक ही सीमित रह जाएंगे। जनता अब सिर्फ अपील नहीं, जवाब और कार्रवाई चाहती है। अब देखना यह होगा कि नगर निगम प्रशासन 👉 इस मामले पर सफाई देता है 👉 जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होती है 👉 या फिर यह एक्सपोज़ भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। स्वच्छ शहर का सपना तभी साकार होगा, जब नियम सबके लिए बराबर होंगे — चाहे वो आम नागरिक हो या खुद नगर निगम।1
- जिले में गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी को शुष्क दिवस घोषित1