जय श्री राम जय श्री राम जय भीम साथियों आज भारत आजाद हुए 70 साल हो गए फिर भी हम गुलामी की आड़ में जी रहे हैं शिव विधानसभा क्षेत्र गांव बलाई स्वास्थ्य की बस्ती मेघवालों की ढाणी लिख्मौनी लोंगोनी परिहार परिवार जो कि मेरे दादाजी का यह घर है परिवार तो मेरे दादाजी के परिवार में आधे गांव में रहते हैं और यह ग्राम दादा का परिवार यहां रहते हैं तो मेरे दादाजी के परिवार में साथ करें और दूसरी मेघवाल जो हमारे साथ में रहती है बलवा परिवार तो यह लोग इनकी घर की बस्ती कम से कम 55 60 घर है और हमारे भाइयों की ढाणी जो हमारे पुत्रनानी है जो हमारे उप सरपंच सुखदेव परिहार साहब की धनी थोड़ी दूर रहती है तो हमारा परिवार इन बलवा परिवार के साथ में मेरे दादाजी पहले जमाने से ही राजा महाराजाओं के टाइम में जागीर में जमीन दी थी तो यहीं बैठे तो यहां हमारे एक ऐसी पोजीशन बनी हुई है कि हमारे काम से कम जो साथ में बैठे हुए हमारे भाई है हम उनके भाई है मेघवाल समाज एक ही है तो हमारे यहां मेवाड़ की ढाणी में सबसे बड़ी समस्या स्कूल लाइट पानी और स्कूल है तो पांचवी की है उससे ज्यादा है या नहीं और सबसे में समस्या पांचवी की स्कूल है तो रास्ता नहीं है हमारे आने जाने के लिए जब हम इलेक्शन आते हैं तो हम सब गांव की एक होकर एक राय में चलते हैं और इलेक्शन निकालने के बाद में ग्राम पंचायत से लेकर सांस 2 तक जब सत्ता हाथ में आती है तो गांव के दबंग लोग हैं अब हमारे मेघवाल समाज को तो बलाई गांव में क्या नंबर दे भले ऐसी की सीट भी आएगी तो वह राजपूत समाज के लोग अपना आदमी चुनकर रिमोट पर रखेंगे और सरपंच बना देंगे और डेट भी है चाहे ओबीसी की आती है तो भी सरपंच अपना मनचाहा बनाते हैं और गांव का कोई विकास नहीं होता है बलाई गांव का और ना हुआ है ना हो रहा है वर्तमान में भी तो हमारे सबसे ज्यादा मेघवालों की ढाणी में रास्ते की समस्या है जो कि मेरे साथ में अभी रास्ते के बारे में आपस में भाइयों भाइयों को जोडानियों की ढाणी के राजपूत समाज के लोगों ने रास्ता निकाला जेसीबी चलाई और साथ में जीवन सिंह ऑफ सरपंच देरावर सिंह के पुत्र है और उनके बड़े भाई जालम सिंह जी वह भी दलाल सिंह जी पुत्र है और इंदु सिंह जी वह जेतमाल सिंह जी के पुत्र है तो मतलब जो रानी परिवार राठौर परिवार के लोगों ने रास्ते के लिए खुद के लिए यह हमारे ऊपर भी जो भी मन जैसे भी चला कर वह भी हमारे खेत के अंदर उसके उपरांत में मेरे साथ में मारपीट की गई हमारे में हुआ समाज के ही लोग थे मेरे को बहरा में से मारा चलो कोई बात नहीं जब तक जिंदा है तब तक मारपीट लड़ाई झगड़ा होता रहता है लेकिन मेरा एक ही अनुरोध है कि हमारे ग्राम पंचायत बलाई में मेघवाल समाज की ढाणी में स्वर सिंह की बस्ती में हर सरकारी योजना से हम वंचित है चाहे रविंद्र सिंह जी है तो इनका है राजपूतों का भाई स्वरूप सिंह है तो इनका ही है भाई तो इन राजपूत समाज का काम चलता रहता है और यदि किसी मेघवाल समाज बेबी कोई सरकारी योजना देते हैं तो वह अलग से आदमी या घर कोई डालकर उनका योजना देते हैं खास आदमी को और हमारे मेघवाल समाज की प्याऊ आई हुई है अभी वर्तमान में तो वह स्कूल के आगे बढ़ने चाहिए तो वह मकरम सन ऑफ आत्माराम बलुआ के घर के पास में बनी हुई है और कई लोगों को पता नहीं है लेकिन ज्यादातर 10% पता है लोगों को तो हम लोग बोलते नहीं है कि भाई राजपूत समाज है उन्होंने अपने ही आदमी को दिए तो मैंने कई बार मुद्दे उठाए तो मेरी कोई सुनवाई नहीं हुई है और अभी पर वही की वहीं सार्वजनिक बनी हुई है जब इलेक्शन आते हैं उसे टाइम हाथ पांव पढ़ते हैं तो मेरा एक ही हाथ जोड़कर निवेदन है कि वह हमारे ग्राम पंचायत वाले के युवा दबंग नेता राजपूत समाज सब एक है होकर हमारे से वोट ले लेते हैं फिर बाद मेंआईना तक
जय श्री राम जय श्री राम जय भीम साथियों आज भारत आजाद हुए 70 साल हो गए फिर भी हम गुलामी की आड़ में जी रहे हैं शिव विधानसभा क्षेत्र गांव बलाई स्वास्थ्य की बस्ती मेघवालों की ढाणी लिख्मौनी लोंगोनी परिहार परिवार जो कि मेरे दादाजी का यह घर है परिवार तो मेरे दादाजी के परिवार में आधे गांव में रहते हैं और यह ग्राम दादा का परिवार यहां रहते हैं तो मेरे दादाजी के परिवार में साथ करें और दूसरी मेघवाल जो हमारे साथ में रहती है बलवा परिवार तो यह लोग इनकी घर की बस्ती कम से कम 55 60 घर है और हमारे भाइयों की ढाणी जो हमारे पुत्रनानी है जो हमारे उप सरपंच सुखदेव परिहार साहब की धनी थोड़ी दूर रहती है तो हमारा परिवार इन बलवा परिवार के साथ में मेरे दादाजी पहले जमाने से ही राजा महाराजाओं के टाइम में जागीर में जमीन दी थी तो यहीं बैठे तो यहां हमारे एक ऐसी पोजीशन बनी हुई है कि हमारे काम से कम जो साथ में बैठे हुए हमारे भाई है हम उनके भाई है मेघवाल समाज एक ही है तो हमारे यहां मेवाड़ की ढाणी में सबसे बड़ी समस्या स्कूल लाइट पानी और स्कूल है तो पांचवी की है उससे ज्यादा है या नहीं और सबसे में समस्या पांचवी की स्कूल है तो रास्ता नहीं है हमारे आने जाने के लिए जब हम इलेक्शन आते हैं तो हम सब गांव की एक होकर एक राय में चलते हैं और इलेक्शन निकालने के बाद में ग्राम पंचायत से लेकर सांस 2 तक जब सत्ता हाथ में आती है तो गांव के दबंग लोग हैं अब हमारे मेघवाल समाज को तो बलाई गांव में क्या नंबर दे भले ऐसी की सीट भी आएगी तो वह राजपूत समाज के लोग अपना आदमी चुनकर रिमोट पर रखेंगे और सरपंच बना देंगे और डेट भी है चाहे ओबीसी की आती है तो भी सरपंच अपना मनचाहा बनाते हैं और गांव का कोई विकास नहीं होता है बलाई गांव का और ना हुआ है ना हो रहा है वर्तमान में भी तो हमारे सबसे ज्यादा मेघवालों की ढाणी में रास्ते की समस्या है जो कि मेरे साथ में अभी रास्ते के बारे में आपस में भाइयों भाइयों को जोडानियों की ढाणी के राजपूत समाज के लोगों ने रास्ता निकाला जेसीबी चलाई और साथ में जीवन सिंह ऑफ सरपंच देरावर सिंह के पुत्र है और उनके बड़े भाई जालम सिंह जी वह भी दलाल सिंह जी पुत्र है और इंदु सिंह जी वह जेतमाल सिंह जी के पुत्र है तो मतलब जो रानी परिवार राठौर परिवार के लोगों ने रास्ते के लिए खुद के लिए यह हमारे ऊपर भी जो भी मन जैसे भी चला कर वह भी हमारे खेत के अंदर उसके उपरांत में मेरे साथ में मारपीट की गई हमारे में हुआ समाज के ही लोग थे मेरे को बहरा में से मारा चलो कोई बात नहीं जब तक जिंदा है तब तक मारपीट लड़ाई झगड़ा होता रहता है लेकिन मेरा एक ही अनुरोध है कि हमारे ग्राम पंचायत बलाई में मेघवाल समाज की ढाणी में स्वर सिंह की बस्ती में हर सरकारी योजना से हम वंचित है चाहे रविंद्र सिंह जी है तो इनका है राजपूतों का भाई स्वरूप सिंह है तो इनका ही है भाई तो इन राजपूत समाज का काम चलता रहता है और यदि किसी मेघवाल समाज बेबी कोई सरकारी योजना देते हैं तो वह अलग से आदमी या घर कोई डालकर उनका योजना देते हैं खास आदमी को और हमारे मेघवाल समाज की प्याऊ आई हुई है अभी वर्तमान में तो वह स्कूल के आगे बढ़ने चाहिए तो वह मकरम सन ऑफ आत्माराम बलुआ के घर के पास में बनी हुई है और कई लोगों को पता नहीं है लेकिन ज्यादातर 10% पता है लोगों को तो हम लोग बोलते नहीं है कि भाई राजपूत समाज है उन्होंने अपने ही आदमी को दिए तो मैंने कई बार मुद्दे उठाए तो मेरी कोई सुनवाई नहीं हुई है और अभी पर वही की वहीं सार्वजनिक बनी हुई है जब इलेक्शन आते हैं उसे टाइम हाथ पांव पढ़ते हैं तो मेरा एक ही हाथ जोड़कर निवेदन है कि वह हमारे ग्राम पंचायत वाले के युवा दबंग नेता राजपूत समाज सब एक है होकर हमारे से वोट ले लेते हैं फिर बाद मेंआईना तक
- Post by लाबु सिंह2
- जोधपुर शहर सिटी मे प्रशासन को खुले आम चुनौती देकर निकलता हुआ मेन रोड सोजती गेट नई सड़क सीसी टीवी कैमरे के नजर में दुनिया भर की ऑटो आती है परंतु यह कैमरा यह ऑटो यह ई रिक्शा प्रशासन को नजर नहीं आया और यात्रियों की जान जो किम मेडालकर ₹10 सवारी शहर में भर-भर के चलता है1
- जोधपुर राजस्थान के कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संशोधित बिल के पारित नहीं होने पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार बैठकों का हवाला देकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि उसकी मंशा महिला आरक्षण को लागू करने की नहीं रही। पटेल ने अशोक गहलोत के बयान को निंदनीय और भ्रामक बताते हुए कहा कि संसद में हुई बहस के दौरान ऐसा कोई आरोप सामने नहीं आया कि विपक्ष से राय नहीं ली गई। उन्होंने राहुल गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भी इस तरह का आरोप नहीं लगाया, जिससे कांग्रेस का रुख साफ होता है। मंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने इतिहास में कई बार महिला आरक्षण बिल को पारित नहीं होने दिया और अब भी वही रवैया दोहराया जा रहा है। पटेल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने महिलाओं का अनादर किया है और इसका खामियाजा उसे आने वाले चुनावों में भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की आधी आबादी कांग्रेस को इसका जवाब देगी। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के बिना किसी भी समाज का विकास संभव नहीं है। मंत्री ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को मजबूती मिली है, जबकि कांगहोगा। केवल दिखावटी राजनीति करती रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में कांग्रेस का जनाधार और कमजोर होगा।2
- 🎥-जम्भ संदेश प्रेस मिडिया,जोधपुर -18/04/2026.Siwana 🎥-आप देख रहे हैं सिवाना कस्बा जिला बालोतरा से ग्राउंड रिपोर्ट... 🇮🇳💧-(पेयजल आपूर्ति योजना)-💧🇮🇳 💧-सिवाना कस्बे जिला बालोतरा को पोकरण फलसूंड पेयजलापूर्ति परियोजना राजस्थान नहर हिमालय के पानी से जोड़ा गया था। सन् 2021 में परियोजना लगभग पुर्ण रूप से एक बार अंतिम रूप से ट्रायल हो सार्वजनिक पानी कि टंकी निर्माण कार्य पुर्ण हो चालू हो चुकी थी। परन्तु बाद में कस्बे कि नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं किया जा सका है।सिवाना संघर्ष समिति बेनर तले कस्बेवासियों द्वारा सन् 2021 से तहसीलदार कार्यालय के सामने सामयाना लगाके स्थाई रूप से आज़ दिन सन् 2026 तक लगातार धरना प्रदर्शन किया जा रहा हैं। सम्बंधित विभाग सिवाना कस्बे वासियों कि पेयजल आपूर्ति शुरू करने कि मांग पर शिघ्रता से सहानुभूति पुर्वक विचार कर उचित राहत प्रदान करावें। 👉 ऐसी खबरें देखें हमारे साथ यहां जुड़े रहे 🎥 जम्भ संदेश प्रेस मिडिया,जोधपुर1
- *अमावस्या के पावन पर्व पर 'परिंडे लगाओ अभियान', पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था* *वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी तेज कवर एवं समाजसेवी निर्मल गहलोत ने की पहल* *जोधपुर, 17 अप्रैल 2026:* आज अमावस्या के पावन पर्व पर 'परिंडे लगाओ अभियान' के तहत महात्मा गांधी चिकित्सालय के किचन विभाग के गार्डन में पक्षियों के लिए दाने-पानी की व्यवस्था हेतु परिंडे लगाए गए। यह पहल अस्पताल अधीक्षक डॉ. फ़तेह सिंह जी भाटी के मार्गदर्शन में किचन विभाग प्रभारी तेज कवर एवं उत्कर्ष फाउंडेशन के फाउंडर समाजसेवी निर्मल जी गहलोत के नेतृत्व में की गई। इस अवसर पर समाजसेवी महिलाएं और अस्पताल स्टाफ मौजूद रहा, जिनमें पूजा गहलोत, आशा चांडक, प्रेमलता, लक्ष्मी, सीमा सांखला, आशा बाहेती सहित अन्य कर्मचारी शामिल थे। सभी ने मिलकर गार्डन के विभिन्न स्थानों पर मिट्टी के परिंडे लगाए और उनमें नियमित रूप से दाना-पानी भरने का संकल्प लिया। पशु-पक्षियों की सेवा केवल परोपकार नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति हमारा कर्तव्य है। बढ़ती गर्मी में प्यास से तड़पते पक्षियों के लिए एक छोटा सा परिंडा भी जीवनदायिनी बन सकता है। यह सेवा हमें सिखाती है कि इस धरती पर केवल मानव का ही अधिकार नहीं है, बल्कि प्रत्येक जीव का समान हक है। जब हम पक्षियों के लिए दाना-पानी रखते हैं तो वास्तव में हम पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता को बचाने में अपना योगदान देते हैं। मानव जाति का यह दायित्व है कि वह मूक जीवों की पीड़ा को समझे। घर की छत, बालकनी, आंगन या किसी सार्वजनिक स्थान पर एक परिंडा लगाना, प्रतिदिन उसमें स्वच्छ पानी भरना और कुछ दाने डालना - इतना सा कार्य भी पुण्य का बड़ा कारण बनता है। बच्चों में भी इस संस्कार को डालना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी संवेदनशील और प्रकृति-प्रेमी बने। स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालय और हर मोहल्ले में यदि 'परिंडे लगाओ अभियान' को जन-आंदोलन बना दिया जाए तो हजारों पक्षियों को नया जीवन मिल सकता है। इस अवसर पर तेज कवर ने कहा कि "सेवा का कोई मौसम नहीं होता, लेकिन गर्मी में यह सबसे ज्यादा जरूरी हो जाती है। हम सभी को अपने घर से ही इसकी शुरुआत करनी चाहिए।" तेज कवर वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी किचन विभाग प्रभारी महात्मा गांधी चिकित्सालय, जोधपुर3
- “मैं पिछले 10 दिनों से अपने वैधानिक रास्ते की मांग को लेकर धरने पर बैठा हूं, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है। SDM महोदय द्वारा आदेश पारित होने के बावजूद उसे लागू नहीं किया जा रहा है, जिससे मुझे अत्यंत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मैं प्रशासन से विनम्र निवेदन करता हूं कि मेरे मामले में शीघ्र कार्यवाही कर न्याय प्रदान करें, अन्यथा मुझे मजबूर होकर आगे कड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं। 📍 स्थान: रानीवाड़ा 📅 दिन: धरने का 10वां दिन #JusticeDelayed #RastaDo #PrashasanDhyanDe”3
- ग्रामीण इलाको मे उपयोग मे किये जाने वाले तीन पहिया वाहन चालक की लापर वाही दुर्घटना को आमंत्रित कर रही है , खुले आम वाहन niyamo की उड़ रही धजिया1
- Post by District.reporter.babulaljogaw1
- Post by Bhanwar Lal Beniwal1