*अमावस्या के पावन पर्व पर 'परिंडे लगाओ अभियान', पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था* *वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी तेज कवर एवं समाजसेवी निर्मल गहलोत ने की पहल* *जोधपुर, 17 अप्रैल 2026:* आज अमावस्या के पावन पर्व पर 'परिंडे लगाओ अभियान' के तहत महात्मा गांधी चिकित्सालय के किचन विभाग के गार्डन में पक्षियों के लिए दाने-पानी की व्यवस्था हेतु परिंडे लगाए गए। यह पहल अस्पताल अधीक्षक डॉ. फ़तेह सिंह जी भाटी के मार्गदर्शन में किचन विभाग प्रभारी तेज कवर एवं उत्कर्ष फाउंडेशन के फाउंडर समाजसेवी निर्मल जी गहलोत के नेतृत्व में की गई। इस अवसर पर समाजसेवी महिलाएं और अस्पताल स्टाफ मौजूद रहा, जिनमें पूजा गहलोत, आशा चांडक, प्रेमलता, लक्ष्मी, सीमा सांखला, आशा बाहेती सहित अन्य कर्मचारी शामिल थे। सभी ने मिलकर गार्डन के विभिन्न स्थानों पर मिट्टी के परिंडे लगाए और उनमें नियमित रूप से दाना-पानी भरने का संकल्प लिया। पशु-पक्षियों की सेवा केवल परोपकार नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति हमारा कर्तव्य है। बढ़ती गर्मी में प्यास से तड़पते पक्षियों के लिए एक छोटा सा परिंडा भी जीवनदायिनी बन सकता है। यह सेवा हमें सिखाती है कि इस धरती पर केवल मानव का ही अधिकार नहीं है, बल्कि प्रत्येक जीव का समान हक है। जब हम पक्षियों के लिए दाना-पानी रखते हैं तो वास्तव में हम पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता को बचाने में अपना योगदान देते हैं। मानव जाति का यह दायित्व है कि वह मूक जीवों की पीड़ा को समझे। घर की छत, बालकनी, आंगन या किसी सार्वजनिक स्थान पर एक परिंडा लगाना, प्रतिदिन उसमें स्वच्छ पानी भरना और कुछ दाने डालना - इतना सा कार्य भी पुण्य का बड़ा कारण बनता है। बच्चों में भी इस संस्कार को डालना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी संवेदनशील और प्रकृति-प्रेमी बने। स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालय और हर मोहल्ले में यदि 'परिंडे लगाओ अभियान' को जन-आंदोलन बना दिया जाए तो हजारों पक्षियों को नया जीवन मिल सकता है। इस अवसर पर तेज कवर ने कहा कि "सेवा का कोई मौसम नहीं होता, लेकिन गर्मी में यह सबसे ज्यादा जरूरी हो जाती है। हम सभी को अपने घर से ही इसकी शुरुआत करनी चाहिए।" तेज कवर वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी किचन विभाग प्रभारी महात्मा गांधी चिकित्सालय, जोधपुर
*अमावस्या के पावन पर्व पर 'परिंडे लगाओ अभियान', पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था* *वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी तेज कवर एवं समाजसेवी निर्मल गहलोत ने की पहल* *जोधपुर, 17 अप्रैल 2026:* आज अमावस्या के पावन पर्व पर 'परिंडे लगाओ अभियान' के तहत महात्मा गांधी चिकित्सालय के किचन विभाग के गार्डन में पक्षियों के लिए दाने-पानी की व्यवस्था हेतु परिंडे लगाए गए। यह पहल अस्पताल अधीक्षक डॉ. फ़तेह सिंह जी भाटी के मार्गदर्शन में किचन विभाग प्रभारी तेज कवर एवं उत्कर्ष फाउंडेशन के फाउंडर समाजसेवी निर्मल जी गहलोत के नेतृत्व में की गई। इस अवसर पर समाजसेवी महिलाएं और अस्पताल स्टाफ मौजूद रहा, जिनमें पूजा गहलोत, आशा चांडक, प्रेमलता, लक्ष्मी, सीमा सांखला, आशा बाहेती सहित अन्य कर्मचारी शामिल थे। सभी ने
मिलकर गार्डन के विभिन्न स्थानों पर मिट्टी के परिंडे लगाए और उनमें नियमित रूप से दाना-पानी भरने का संकल्प लिया। पशु-पक्षियों की सेवा केवल परोपकार नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति हमारा कर्तव्य है। बढ़ती गर्मी में प्यास से तड़पते पक्षियों के लिए एक छोटा सा परिंडा भी जीवनदायिनी बन सकता है। यह सेवा हमें सिखाती है कि इस धरती पर केवल मानव का ही अधिकार नहीं है, बल्कि प्रत्येक जीव का समान हक है। जब हम पक्षियों के लिए दाना-पानी रखते हैं तो वास्तव में हम पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता को बचाने में अपना योगदान देते हैं। मानव जाति का यह दायित्व है कि वह मूक जीवों की पीड़ा को समझे। घर की छत, बालकनी, आंगन या
किसी सार्वजनिक स्थान पर एक परिंडा लगाना, प्रतिदिन उसमें स्वच्छ पानी भरना और कुछ दाने डालना - इतना सा कार्य भी पुण्य का बड़ा कारण बनता है। बच्चों में भी इस संस्कार को डालना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी संवेदनशील और प्रकृति-प्रेमी बने। स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालय और हर मोहल्ले में यदि 'परिंडे लगाओ अभियान' को जन-आंदोलन बना दिया जाए तो हजारों पक्षियों को नया जीवन मिल सकता है। इस अवसर पर तेज कवर ने कहा कि "सेवा का कोई मौसम नहीं होता, लेकिन गर्मी में यह सबसे ज्यादा जरूरी हो जाती है। हम सभी को अपने घर से ही इसकी शुरुआत करनी चाहिए।" तेज कवर वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी किचन विभाग प्रभारी महात्मा गांधी चिकित्सालय, जोधपुर
- *अमावस्या के पावन पर्व पर 'परिंडे लगाओ अभियान', पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था* *वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी तेज कवर एवं समाजसेवी निर्मल गहलोत ने की पहल* *जोधपुर, 17 अप्रैल 2026:* आज अमावस्या के पावन पर्व पर 'परिंडे लगाओ अभियान' के तहत महात्मा गांधी चिकित्सालय के किचन विभाग के गार्डन में पक्षियों के लिए दाने-पानी की व्यवस्था हेतु परिंडे लगाए गए। यह पहल अस्पताल अधीक्षक डॉ. फ़तेह सिंह जी भाटी के मार्गदर्शन में किचन विभाग प्रभारी तेज कवर एवं उत्कर्ष फाउंडेशन के फाउंडर समाजसेवी निर्मल जी गहलोत के नेतृत्व में की गई। इस अवसर पर समाजसेवी महिलाएं और अस्पताल स्टाफ मौजूद रहा, जिनमें पूजा गहलोत, आशा चांडक, प्रेमलता, लक्ष्मी, सीमा सांखला, आशा बाहेती सहित अन्य कर्मचारी शामिल थे। सभी ने मिलकर गार्डन के विभिन्न स्थानों पर मिट्टी के परिंडे लगाए और उनमें नियमित रूप से दाना-पानी भरने का संकल्प लिया। पशु-पक्षियों की सेवा केवल परोपकार नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति हमारा कर्तव्य है। बढ़ती गर्मी में प्यास से तड़पते पक्षियों के लिए एक छोटा सा परिंडा भी जीवनदायिनी बन सकता है। यह सेवा हमें सिखाती है कि इस धरती पर केवल मानव का ही अधिकार नहीं है, बल्कि प्रत्येक जीव का समान हक है। जब हम पक्षियों के लिए दाना-पानी रखते हैं तो वास्तव में हम पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता को बचाने में अपना योगदान देते हैं। मानव जाति का यह दायित्व है कि वह मूक जीवों की पीड़ा को समझे। घर की छत, बालकनी, आंगन या किसी सार्वजनिक स्थान पर एक परिंडा लगाना, प्रतिदिन उसमें स्वच्छ पानी भरना और कुछ दाने डालना - इतना सा कार्य भी पुण्य का बड़ा कारण बनता है। बच्चों में भी इस संस्कार को डालना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी संवेदनशील और प्रकृति-प्रेमी बने। स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालय और हर मोहल्ले में यदि 'परिंडे लगाओ अभियान' को जन-आंदोलन बना दिया जाए तो हजारों पक्षियों को नया जीवन मिल सकता है। इस अवसर पर तेज कवर ने कहा कि "सेवा का कोई मौसम नहीं होता, लेकिन गर्मी में यह सबसे ज्यादा जरूरी हो जाती है। हम सभी को अपने घर से ही इसकी शुरुआत करनी चाहिए।" तेज कवर वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी किचन विभाग प्रभारी महात्मा गांधी चिकित्सालय, जोधपुर3
- Post by District.reporter.babulaljogaw1
- पाली से इस वक्त की बड़ी खबर मनीष राठौड़ पाली। शहर के मंडली इलाके में 9 बीघा बेशकीमती जमीन को लेकर भारी हंगामा हो गया। कब्जे की नीयत से जोधपुर से बुलाए गए हथियारबंद बाउंसर्स ने दहशत फैलाने की कोशिश की, लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया। भाजपा नेता गिरधारी सिंह मंडली ने बताया कि उनके बड़े भाई त्रिभुवनसिंह मंडली के नाम दर्ज इस जमीन पर वे पिछले 20 वर्षों से काबिज हैं। खेत में फिलहाल ज्वार की फसल खड़ी है। मंडली के पास इसके पुख्ता दस्तावेज और खेती करने के पुराने वीडियो सबूत भी मौजूद हैं। कब्जा करने के लिए रात के अंधेरे में सुनियोजित तरीके से काले कपड़े पहने बाउंसर बुलाए गए। जिनके पास 12 बोर की बंदूकें और पिस्टल जैसे घातक हथियार थे। बदमाशों ने अचानक हमला बोलकर वहां केबिन रख कब्जे का प्रयास किया।सूचना मिलते ही सदर थानाप्रभारी कपूराराम पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। थानाप्रभारी ने दोनों पक्षों को शांत करवाया और फिलहाल विवादित स्थल पर शांति कायम की। पुलिस अब जमीन से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच करेगी। यह जमीन बेशकीमती होने के कारण इसकी कीमत करोड़ों में है। जानकारों का कहना है कि विपक्षी की जमीन कहीं और है, लेकिन जमीन का सीमांकन न होने का फायदा उठाकर भू-माफिया इस कीमती जमीन को हड़पना चाहते हैं।बता दे कि त्रिभुवन सिंह मंडली तीन बार पार्षद रह चुके है साथ ही गिरधारी सिंह मंडली हेमावास बांध कमांड क्षेत्र के अध्यक्ष है और पूर्व में भाजपा प्रदेश किसान मोर्चा प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष भी रह चुके है।1
- राजू मंजू को गिरफ्तार किया गया है हथियार के मामले में1
- Post by Bhanwar Lal Beniwal1
- Post by लाबु सिंह2
- Post by रमेश सिंह1
- 🚦 “Traffic Hero No.1” बना जोधपुर का 5वीं रोड चौराहा, ट्रैफिक मार्शल की अनूठी पहल से बढ़ी जागरूकता राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस, द बेस्ट स्टोरी: जोधपुर ट्रैफिक पुलिस के द्वारा 5वीं रोड चौराहे पर तैनात ट्रैफिक मार्शल डॉ. विष्णु सरगरा द्वारा शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने और सड़क सुरक्षा के प्रति आमजन में जागरूकता लाने के उद्देश्य से की जा रही अभिनव पहल इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। “Salute Your Discipline” थीम पर आधारित इस विशेष अभियान के तहत डॉ. सरगरा न केवल ट्रैफिक नियंत्रण कर रहे हैं, बल्कि आमजन को नियमों के प्रति प्रेरित भी कर रहे हैं। उनके निरंतर प्रयासों का सकारात्मक असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। चौराहे पर वाहन चालकों को स्टॉप लाइन का पालन करने, हेलमेट पहनने और सीट बेल्ट लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। परिणामस्वरूप, अब टू-व्हीलर चालक आगे-पीछे दोनों हेलमेट पहनने लगे हैं, वहीं कार चालक भी सीट बेल्ट के प्रति अधिक सजग नजर आ रहे हैं। इस पहल की सबसे खास बात यह है कि डॉ. सरगरा सख्ती के बजाय अपने सहज, मधुर और अपनत्व भरे व्यवहार से लोगों को नियमों का महत्व समझाते हैं। यही कारण है कि लोग स्वयं प्रेरित होकर नियमों का पालन कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि इस प्रकार की सकारात्मक पहल से न केवल यातायात व्यवस्था में सुधार हो रहा है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की पूरी संभावना है। डॉ. सरगरा की इस अनूठी पहल को अब “Traffic Hero No.1” के रूप में पहचान मिल रही है, जो अन्य शहरों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बनती जा रही है। ट्रैफिक रूल्स फॉलो करने वाले वाहन चालकों को “Traffic Hero No.1” नाम के एक हजार से अधिक स्टीकर लगा चुके हैं। 📌 यह पहल जनहित और जागरूकता का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।1