एक तरफ आय दोगनी का दावा दूसरी तरफ यूरिया के लिए लाइन में किसान खाद के लिए मारामारी प्रयागराज। केंद्र और राज्य सरकार जहां किसानों की आय दोगुनी करने का बखान कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। यूरिया खाद के लिए किसानों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। इसी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद किसानों में आक्रोश है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि धूप में सैकड़ों किसान बोरे लेकर खाद केंद्र के बाहर कतार में खड़े हैं। किसी के सिर पर गमछा है तो कोई छाता लगाकर घंटों से अपनी बारी का इंतजार कर रहा है। आरोप है कि खाद समय पर और पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रही, जिससे रबी की बुवाई प्रभावित हो रही है। किसानों का दर्द लाइन में लगे किसान ने वीडियो में कहा, "सरकार कहती है किसान की आय दोगुनी करेंगे। पहले समय पर खाद तो दे दो। सुबह 5 बजे से लगे हैं, नंबर ही नहीं आ रहा। काला बाजारी भी हो रही है।सोशल मीडिया पर गुस्सा वीडियो वायरल होते ही कमेंट में किसान अपनी परेशानी बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि "वादा बड़े-बड़े और हालात जमीनी स्तर पर खराब। खाद, बीज, डीजल महंगा और मिलता भी नहीं। क्या है मांग किसान संगठनों ने मांग की है: खाद की कालाबाजारी पर तुरंत रोक लगेहर सहकारी समिति और निजी दुकानों पर पर्याप्त यूरिया की सप्लाई हो पारदर्शी वितरणके लिए टोकन सिस्टम लागू हो इस संबंध में कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि मांग के अनुसार खाद की आपूर्ति कराई जा रही है और कालाबाजारी करने वालों पर कार्रवाई होगी। सरकार के दावों और किसानों की जमीनी हकीकत के बीच का यह फर्क वायरल वीडियो के बाद एक बार फिर चर्चा में है।
एक तरफ आय दोगनी का दावा दूसरी तरफ यूरिया के लिए लाइन में किसान खाद के लिए मारामारी प्रयागराज। केंद्र और राज्य सरकार जहां किसानों की आय दोगुनी करने का बखान कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। यूरिया खाद के लिए किसानों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। इसी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद किसानों में आक्रोश है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि धूप में सैकड़ों किसान बोरे लेकर खाद केंद्र के बाहर कतार में खड़े हैं। किसी के सिर पर गमछा है तो कोई छाता लगाकर घंटों से अपनी बारी का इंतजार कर रहा है। आरोप है कि खाद समय पर और पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रही, जिससे रबी की बुवाई प्रभावित हो रही है। किसानों का दर्द लाइन में लगे किसान ने वीडियो में कहा, "सरकार कहती है किसान की आय दोगुनी करेंगे। पहले समय पर खाद तो दे दो। सुबह 5 बजे से लगे हैं, नंबर ही नहीं आ रहा। काला बाजारी भी हो रही है।सोशल मीडिया पर गुस्सा वीडियो वायरल होते ही कमेंट में किसान अपनी परेशानी बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि "वादा बड़े-बड़े और हालात जमीनी स्तर पर खराब। खाद, बीज, डीजल महंगा और मिलता भी नहीं। क्या है मांग किसान संगठनों ने मांग की है: खाद की कालाबाजारी पर तुरंत रोक लगेहर सहकारी समिति और निजी दुकानों पर पर्याप्त यूरिया की सप्लाई हो पारदर्शी वितरणके लिए टोकन सिस्टम लागू हो इस संबंध में कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि मांग के अनुसार खाद की आपूर्ति कराई जा रही है और कालाबाजारी करने वालों पर कार्रवाई होगी। सरकार के दावों और किसानों की जमीनी हकीकत के बीच का यह फर्क वायरल वीडियो के बाद एक बार फिर चर्चा में है।
- प्रयागराज के नैनी स्थित विद्युत उपकेंद्र अरैल लिंक मार्ग पर पानी भरा हुआ है। यानी की बारिश के दौरान बरसात का पानी लबा-लब सड़क पर भरा हुआ है। साथ ही विद्युत उपकेंद्र अरैल में भी बारिश का पानी दाखिल हो चुका है। बता दें कि जब कभी भी बारिश की गति अधिक होती है, तो विद्युत उपकेंद्र अरैल में पानी पूरी तरह से भर जाता है। प्रयागराज के नैनी स्थित विद्युत उपकेंद्र अरैल लिंक मार्ग पर पानी भरा हुआ है। यानी की बारिश के दौरान बरसात का पानी लबा-लब सड़क पर भरा हुआ है। साथ ही विद्युत उपकेंद्र अरैल में भी बारिश का पानी दाखिल हो चुका है। बता दें कि जब कभी भी बारिश की गति अधिक होती है, तो विद्युत उपकेंद्र अरैल में पानी पूरी तरह से भर जाता है।1
- रूस में टूरिज्म तेजी से बढ़ रहा है। 2026 में अब तक करीब 25 लाख पर्यटक रूस पहुंच चुके हैं। यह पिछले साल के मुकाबले 20% ज्यादा है। इसकी जानकारी एक रूसी अधिकारी ने दी। भारतीयों के लिए रूस जाना अब पहले से आसान हो गया है। टूरिस्ट ई-वीजा के लिए किसी इनविटेशन की जरूरत नहीं है। इसे करीब 4 दिन में हासिल किया जा सकता है। रूस का मतलब सिर्फ मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग नहीं है। यहां घूमने के लिए कई और खूबसूरत जगहें भी हैं।1
- मांडा ब्लाक क्षेत्र गौरैया व भरारी की सड़क पर जलनिगम की पाइप लाइन जेसीबी से खोद कर बिछाया गया जिससे पूरी रोड खराब हो गई है अभी तक मरम्मत नहीं हुआ जिससे ग्रामीण को परेशानी हो रही है2
- सावन मास में जिला अभिषेक करने निकले कांवरियों को आद्या जगत गुरु शंकराचार्य ने दी बधाइयां *महिलाओं को शंकराचार्य बनने का अधिकार, भेदभाव समाप्त हो: आद्या जगतगुरु शंकराचार्य*1
- लटकता बिजली पोल बना खतरा, कभी भी हो सकता है हादसा बारिश में कमजोर हुई जमीन, करंट की चपेट में आने का बढ़ा खतरा मेजा, प्रयागराज। तहसील मेजा के विकासखंड उरुवा अंतर्गत रामनगर क्षेत्र के उपाध्याय का पूरा (कजरी तालाब) में एक बिजली का पोल लंबे समय से लटका हुआ है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले पेड़ गिरने की वजह से यह पोल असंतुलित हो गया था, तभी से यह खतरनाक स्थिति में है। ग्रामीण पुदन गुप्ता, घनश्याम गुप्ता, रामदीन, जंगीलाल और सुरेश गौड़ ने बताया कि बरसात के चलते जमीन भी कमजोर हो गई है, जिससे पोल कभी भी गिर सकता है। यदि यह पोल गिरता है तो आसपास गुजर रहे लोग करंट की चपेट में आ सकते हैं, जिससे गंभीर हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों व मवेशियों के लिए भी यह स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई है। रास्ते से आने-जाने वाले लोग डर के साये में गुजरने को मजबूर हैं और हमेशा किसी अनहोनी की आशंका बनी रहती है। लोगों ने बताया कि कई दिनों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक इसे ठीक नहीं कराया जा सका है। बारिश के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है, जिससे ग्रामीणों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान कराया जाएगा, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।1
- निषाद पार्टी से मिल सकता है संजय शुक्ला को बना सकते हैं उम्मीदवार सूत्रों की माने तो2
- *जमुना नगर में सीवर निर्माण की लापरवाही, हादसे को दे रही खुली चुनौती* क्षेत्र में मंगलवार को हुई बारिश ने नगर निगम और जलकल विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। नैनी चक रघुनाथ वार्ड संख्या-20 स्थित जमुना नगर गली में सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदा गया गड्ढा बारिश के पानी से पूरी तरह भर गया, जिससे वह राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। जिम्मेदार ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई, तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। क्षेत्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। क्षेत्रवासियों का यह भी कहना है कि पूर्व में हुई घटनाओं से भी जिम्मेदार विभागों ने कोई सबक नहीं लिया। अब जमुना नगर में भी वही लापरवाही दोहराई जा रही है, जिससे लोगों में भय और आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है1