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पलिया नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष लक्ष्मी देवी गुप्ता के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एक शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री सहित प्रदेश के उच्च अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। शिकायत में नगर पालिका के विभिन्न कार्यों, खरीद प्रक्रियाओं और टेंडरों में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरतने का आरोप है। शिकायतकर्ता मनोज गुप्ता ने आरोप लगाया है कि नगर पालिका में विकास कार्यों के नाम पर शासन से मिली धनराशि का दुरुपयोग किया गया। कई निर्माण कार्यों को नियमों के विपरीत छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया गया और निविदा प्रक्रिया में भी पारदर्शिता नहीं बरती गई। शिकायत पत्र में आउटसोर्स कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर फर्जी भुगतान करने, सड़क निर्माण कार्यों में मानक के अनुरूप सामग्री का उपयोग न करने, एक ही कार्य का दो बार भुगतान करने और खरीद प्रक्रियाओं में बाजार मूल्य से कई गुना अधिक दरों पर सामान खरीदने जैसे गंभीर आरोप भी शामिल हैं। यह भी कहा गया है कि नगर पालिका द्वारा स्ट्रीट लाइट, स्टील डस्टबिन, कूड़ा रिक्शा-ठिलिया, प्लास्टिक डस्टबिन, सीवरेज पंप, पानी के टैंकर और अन्य उपकरणों की खरीद में लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितता की गई है। कुछ मामलों में बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर सामान खरीदने का आरोप है। इसके अतिरिक्त, एक विशेष ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया में हेराफेरी करने और नियमों के विपरीत निविदाएं निरस्त करने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने इस मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा, विजिलेंस अथवा विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने और सरकारी धन की वसूली की मांग की है। इस शिकायत की प्रतियां मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव नगर विकास, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, सांसद और विधायक समेत कुल 12 अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को भेजी गई हैं। वहीं, इस मामले पर जानकारी लेने पर पालिकाध्यक्ष लक्ष्मी देवी गुप्ता ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनोज गुप्ता को ही नगर पालिका रोड निर्माण का ठेका दिया गया था। उनके अनुसार, यह आरोप कि चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया गया, गलत है क्योंकि मनोज गुप्ता द्वारा किए गए सड़क निर्माण का कार्य मानकों के विपरीत पाया गया था, जिसकी जांच कराकर भुगतान रोक दिया गया था। पालिकाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इसी वजह से मनोज गुप्ता द्वारा इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।

1 hr ago
user_निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
लखीमपुर खीरी, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

पलिया नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष लक्ष्मी देवी गुप्ता के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एक शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री सहित प्रदेश के उच्च अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। शिकायत में नगर पालिका के विभिन्न कार्यों, खरीद प्रक्रियाओं और टेंडरों में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरतने का आरोप है। शिकायतकर्ता मनोज गुप्ता ने आरोप लगाया है कि नगर पालिका में विकास कार्यों के नाम पर शासन से मिली धनराशि का दुरुपयोग किया गया। कई निर्माण कार्यों को नियमों के विपरीत छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया गया और निविदा प्रक्रिया में भी पारदर्शिता नहीं बरती गई। शिकायत पत्र में आउटसोर्स कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर फर्जी भुगतान करने, सड़क निर्माण कार्यों में मानक के अनुरूप

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सामग्री का उपयोग न करने, एक ही कार्य का दो बार भुगतान करने और खरीद प्रक्रियाओं में बाजार मूल्य से कई गुना अधिक दरों पर सामान खरीदने जैसे गंभीर आरोप भी शामिल हैं। यह भी कहा गया है कि नगर पालिका द्वारा स्ट्रीट लाइट, स्टील डस्टबिन, कूड़ा रिक्शा-ठिलिया, प्लास्टिक डस्टबिन, सीवरेज पंप, पानी के टैंकर और अन्य उपकरणों की खरीद में लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितता की गई है। कुछ मामलों में बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर सामान खरीदने का आरोप है। इसके अतिरिक्त, एक विशेष ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया में हेराफेरी करने और नियमों के विपरीत निविदाएं निरस्त करने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने इस मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा, विजिलेंस अथवा विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराकर दोषियों के विरुद्ध

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कठोर कार्रवाई करने और सरकारी धन की वसूली की मांग की है। इस शिकायत की प्रतियां मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव नगर विकास, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, सांसद और विधायक समेत कुल 12 अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को भेजी गई हैं। वहीं, इस मामले पर जानकारी लेने पर पालिकाध्यक्ष लक्ष्मी देवी गुप्ता ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनोज गुप्ता को ही नगर पालिका रोड निर्माण का ठेका दिया गया था। उनके अनुसार, यह आरोप कि चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया गया, गलत है क्योंकि मनोज गुप्ता द्वारा किए गए सड़क निर्माण का कार्य मानकों के विपरीत पाया गया था, जिसकी जांच कराकर भुगतान रोक दिया गया था। पालिकाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इसी वजह से मनोज गुप्ता द्वारा इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।

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  • उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद के तारीखी कस्बा खीरी में मोहर्रम का चांद दिखाई देते ही पूरे माहौल में एक अलग ही रौनक देखने को मिल रही है। गलियों में चहल-पहल, बाजारों में हलचल और ताज़िया बनाने वाले कारीगरों के हाथों में एक नया रंग चढ़ने लगा है। फिलहाल, कस्बा खीरी की ताज़िया मंडी में बड़ी संख्या में लोग ताज़ियों की खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। मंडी में अलग-अलग आकार और खूबसूरत कारीगरी से तैयार ताज़ियों की बिक्री ज़ोरों पर है, और चारों ओर काफी भीड़ नज़र आ रही है। लोग अपनी पसंद के ताज़िए खरीद रहे हैं, वहीं ताज़ियों की सजावट में इस्तेमाल होने वाला सामान भी बड़ी मात्रा में बिक रहा है, जिससे दुकानें पूरी तरह से रौनक से भरी हुई हैं। कस्बा खीरी में ताज़िया बनाने की यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। यहां तैयार होने वाले ताज़िए अपनी खूबसूरती, बारीक कारीगरी और पुराने अंदाज़ के लिए दूर-दूर तक पहचाने जाते हैं। यही वजह है कि हर साल अन्य जिलों से भी लोग यहां ताज़िया खरीदने पहुंचते हैं। यह सिर्फ एक बाज़ार नहीं, बल्कि एक ऐसी विरासत है जहां इतिहास, रूहानियत और मोहब्बत एक साथ दिखाई देती है, जो मोहर्रम के दिनों में अपनी पहचान और सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाती है। कस्बा खीरी के ये ताज़िए आज भी लोगों के दिलों में अपनी खास जगह बनाए हुए हैं, जो सिर्फ एक परंपरा नहीं बल्कि सदियों से चली आ रही रूहानियत, अकीदत और तहज़ीब की एक ज़िंदा पहचान हैं।
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    उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद के तारीखी कस्बा खीरी में मोहर्रम का चांद दिखाई देते ही पूरे माहौल में एक अलग ही रौनक देखने को मिल रही है। गलियों में चहल-पहल, बाजारों में हलचल और ताज़िया बनाने वाले कारीगरों के हाथों में एक नया रंग चढ़ने लगा है।

फिलहाल, कस्बा खीरी की ताज़िया मंडी में बड़ी संख्या में लोग ताज़ियों की खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। मंडी में अलग-अलग आकार और खूबसूरत कारीगरी से तैयार ताज़ियों की बिक्री ज़ोरों पर है, और चारों ओर काफी भीड़ नज़र आ रही है। लोग अपनी पसंद के ताज़िए खरीद रहे हैं, वहीं ताज़ियों की सजावट में इस्तेमाल होने वाला सामान भी बड़ी मात्रा में बिक रहा है, जिससे दुकानें पूरी तरह से रौनक से भरी हुई हैं।

कस्बा खीरी में ताज़िया बनाने की यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। यहां तैयार होने वाले ताज़िए अपनी खूबसूरती, बारीक कारीगरी और पुराने अंदाज़ के लिए दूर-दूर तक पहचाने जाते हैं। यही वजह है कि हर साल अन्य जिलों से भी लोग यहां ताज़िया खरीदने पहुंचते हैं। यह सिर्फ एक बाज़ार नहीं, बल्कि एक ऐसी विरासत है जहां इतिहास, रूहानियत और मोहब्बत एक साथ दिखाई देती है, जो मोहर्रम के दिनों में अपनी पहचान और सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाती है।

कस्बा खीरी के ये ताज़िए आज भी लोगों के दिलों में अपनी खास जगह बनाए हुए हैं, जो सिर्फ एक परंपरा नहीं बल्कि सदियों से चली आ रही रूहानियत, अकीदत और तहज़ीब की एक ज़िंदा पहचान हैं।
    user_Nawaz ahmad Rizvi
    Nawaz ahmad Rizvi
    लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    39 min ago
  • पलिया नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष लक्ष्मी देवी गुप्ता के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एक शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री सहित प्रदेश के उच्च अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। शिकायत में नगर पालिका के विभिन्न कार्यों, खरीद प्रक्रियाओं और टेंडरों में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरतने का आरोप है। शिकायतकर्ता मनोज गुप्ता ने आरोप लगाया है कि नगर पालिका में विकास कार्यों के नाम पर शासन से मिली धनराशि का दुरुपयोग किया गया। कई निर्माण कार्यों को नियमों के विपरीत छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया गया और निविदा प्रक्रिया में भी पारदर्शिता नहीं बरती गई। शिकायत पत्र में आउटसोर्स कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर फर्जी भुगतान करने, सड़क निर्माण कार्यों में मानक के अनुरूप सामग्री का उपयोग न करने, एक ही कार्य का दो बार भुगतान करने और खरीद प्रक्रियाओं में बाजार मूल्य से कई गुना अधिक दरों पर सामान खरीदने जैसे गंभीर आरोप भी शामिल हैं। यह भी कहा गया है कि नगर पालिका द्वारा स्ट्रीट लाइट, स्टील डस्टबिन, कूड़ा रिक्शा-ठिलिया, प्लास्टिक डस्टबिन, सीवरेज पंप, पानी के टैंकर और अन्य उपकरणों की खरीद में लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितता की गई है। कुछ मामलों में बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर सामान खरीदने का आरोप है। इसके अतिरिक्त, एक विशेष ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया में हेराफेरी करने और नियमों के विपरीत निविदाएं निरस्त करने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने इस मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा, विजिलेंस अथवा विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने और सरकारी धन की वसूली की मांग की है। इस शिकायत की प्रतियां मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव नगर विकास, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, सांसद और विधायक समेत कुल 12 अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को भेजी गई हैं। वहीं, इस मामले पर जानकारी लेने पर पालिकाध्यक्ष लक्ष्मी देवी गुप्ता ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनोज गुप्ता को ही नगर पालिका रोड निर्माण का ठेका दिया गया था। उनके अनुसार, यह आरोप कि चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया गया, गलत है क्योंकि मनोज गुप्ता द्वारा किए गए सड़क निर्माण का कार्य मानकों के विपरीत पाया गया था, जिसकी जांच कराकर भुगतान रोक दिया गया था। पालिकाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इसी वजह से मनोज गुप्ता द्वारा इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।
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    पलिया नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष लक्ष्मी देवी गुप्ता के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एक शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री सहित प्रदेश के उच्च अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। शिकायत में नगर पालिका के विभिन्न कार्यों, खरीद प्रक्रियाओं और टेंडरों में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरतने का आरोप है।

शिकायतकर्ता मनोज गुप्ता ने आरोप लगाया है कि नगर पालिका में विकास कार्यों के नाम पर शासन से मिली धनराशि का दुरुपयोग किया गया। कई निर्माण कार्यों को नियमों के विपरीत छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया गया और निविदा प्रक्रिया में भी पारदर्शिता नहीं बरती गई। शिकायत पत्र में आउटसोर्स कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर फर्जी भुगतान करने, सड़क निर्माण कार्यों में मानक के अनुरूप सामग्री का उपयोग न करने, एक ही कार्य का दो बार भुगतान करने और खरीद प्रक्रियाओं में बाजार मूल्य से कई गुना अधिक दरों पर सामान खरीदने जैसे गंभीर आरोप भी शामिल हैं।

यह भी कहा गया है कि नगर पालिका द्वारा स्ट्रीट लाइट, स्टील डस्टबिन, कूड़ा रिक्शा-ठिलिया, प्लास्टिक डस्टबिन, सीवरेज पंप, पानी के टैंकर और अन्य उपकरणों की खरीद में लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितता की गई है। कुछ मामलों में बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर सामान खरीदने का आरोप है। इसके अतिरिक्त, एक विशेष ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया में हेराफेरी करने और नियमों के विपरीत निविदाएं निरस्त करने का भी आरोप लगाया गया है।

शिकायतकर्ता ने इस मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा, विजिलेंस अथवा विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने और सरकारी धन की वसूली की मांग की है। इस शिकायत की प्रतियां मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव नगर विकास, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, सांसद और विधायक समेत कुल 12 अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को भेजी गई हैं।

वहीं, इस मामले पर जानकारी लेने पर पालिकाध्यक्ष लक्ष्मी देवी गुप्ता ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनोज गुप्ता को ही नगर पालिका रोड निर्माण का ठेका दिया गया था। उनके अनुसार, यह आरोप कि चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया गया, गलत है क्योंकि मनोज गुप्ता द्वारा किए गए सड़क निर्माण का कार्य मानकों के विपरीत पाया गया था, जिसकी जांच कराकर भुगतान रोक दिया गया था। पालिकाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इसी वजह से मनोज गुप्ता द्वारा इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।
    user_निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    लखीमपुर खीरी, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • लखीमपुर खीरी जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत चौकी महेवागंज इलाके में, ताजिया रोड चौक का भ्रमण किया गया। इस दौरान, ताजिया रखने वाले और बनाने वाले लोगों से विस्तृत बातचीत की गई। इन वार्ताओं के उपरांत, कमेटी के सदस्यों द्वारा ताजिया की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट रखने पर सहमति व्यक्त की गई।
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    लखीमपुर खीरी जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत चौकी महेवागंज इलाके में, ताजिया रोड चौक का भ्रमण किया गया। इस दौरान, ताजिया रखने वाले और बनाने वाले लोगों से विस्तृत बातचीत की गई। इन वार्ताओं के उपरांत, कमेटी के सदस्यों द्वारा ताजिया की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट रखने पर सहमति व्यक्त की गई।
    user_AVP भारत न्यूज़
    AVP भारत न्यूज़
    Taxi Driver लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • फरधान थाना क्षेत्र के रसूलपुर गाँव में बीती रात अयूब के घर से लाखों रुपये के जेवर और ₹45,500 की नकदी चोरी हो गई। इस घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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    फरधान थाना क्षेत्र के रसूलपुर गाँव में बीती रात अयूब के घर से लाखों रुपये के जेवर और ₹45,500 की नकदी चोरी हो गई। इस घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
    user_खीरी न्यूज़ अपडेट
    खीरी न्यूज़ अपडेट
    रिपोर्टर लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • लखीमपुर खीरी के खीरी कस्बे में प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। यह कार्रवाई थाना खीरी में आयोजित पीस कमेटी की बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद की गई। जानकारी के अनुसार, बैठक के दौरान एसडीएम सदर अश्विन कुमार ने ईओ नगर पंचायत खीरी को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि कस्बे के मुख्य मार्गों पर बढ़ते अवैध अतिक्रमण को तुरंत चिन्हित कर हटाया जाए। यह कदम इसलिए आवश्यक था क्योंकि इन अवैध कब्जों के कारण आए दिन यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही थी और आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। इन निर्देशों का पालन करते हुए नगर पंचायत और तहसील प्रशासन की एक टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। इस दौरान नायब तहसीलदार, लेखपाल, नगर पंचायत कर्मी और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। हालांकि, कार्रवाई पूरी तरह से संपन्न नहीं हुई; चिन्हित स्थानों पर आंशिक रूप से ही अतिक्रमण हटाया जा सका। शेष अवैध कब्जाधारियों को सख्त चेतावनी दी गई है कि वे स्वयं अपने अवैध निर्माण हटा लें, अन्यथा भविष्य में बुलडोजर चलाकर पूरे अतिक्रमण को सख्ती से हटाया जाएगा। प्रशासन की इस पहल के बाद क्षेत्र में हलचल देखी जा रही है और लोगों से अपील की जा रही है कि वे नियमों का पालन करते हुए सहयोग करें।
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    लखीमपुर खीरी के खीरी कस्बे में प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। यह कार्रवाई थाना खीरी में आयोजित पीस कमेटी की बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद की गई। जानकारी के अनुसार, बैठक के दौरान एसडीएम सदर अश्विन कुमार ने ईओ नगर पंचायत खीरी को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि कस्बे के मुख्य मार्गों पर बढ़ते अवैध अतिक्रमण को तुरंत चिन्हित कर हटाया जाए। यह कदम इसलिए आवश्यक था क्योंकि इन अवैध कब्जों के कारण आए दिन यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही थी और आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था।

इन निर्देशों का पालन करते हुए नगर पंचायत और तहसील प्रशासन की एक टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। इस दौरान नायब तहसीलदार, लेखपाल, नगर पंचायत कर्मी और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। हालांकि, कार्रवाई पूरी तरह से संपन्न नहीं हुई; चिन्हित स्थानों पर आंशिक रूप से ही अतिक्रमण हटाया जा सका। शेष अवैध कब्जाधारियों को सख्त चेतावनी दी गई है कि वे स्वयं अपने अवैध निर्माण हटा लें, अन्यथा भविष्य में बुलडोजर चलाकर पूरे अतिक्रमण को सख्ती से हटाया जाएगा।

प्रशासन की इस पहल के बाद क्षेत्र में हलचल देखी जा रही है और लोगों से अपील की जा रही है कि वे नियमों का पालन करते हुए सहयोग करें।
    user_Nawaz ahmad Rizvi
    Nawaz ahmad Rizvi
    लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    42 min ago
  • लखनऊ में हुए एक दुखद अग्निकांड में अब तक 15 छात्र-छात्राओं की मौत की खबर है। इस घटना ने एक बार फिर शहर में धड़ल्ले से जारी अवैध निर्माणों और स्थानीय प्रशासन की लचर व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ASTv24 डिजिटल के शाहिद लखाही के अनुसार, शहर के हर रिहायशी इलाके में ऐसे अवैध निर्माण आसानी से मिल जाते हैं। लखनऊ विकास प्राधिकरण का प्रवर्तन दल 'चढ़ावे और भेंट' लेकर कागजों पर अवैध को वैध बना देता है। इसी का एक उदाहरण एक MLC साहब का होटल भी है, जिसके गिराने का आदेश तक जारी हुआ था, लेकिन 'अंडर द टेबल' सब कुछ व्यवस्थित कर लिया गया। लखनऊ अग्निकांड से यह स्पष्ट हो गया है कि जिस इमारत में यह कोचिंग चल रही थी, वहाँ कोई दूसरा सुरक्षा मार्ग मौजूद नहीं था। ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि इतने बच्चों को पढ़ाने के लिए यहाँ कोचिंग चलाने की अनुमति कैसे दी गई। आरोप है कि जब तक स्थानीय प्रशासन चंद पैसों की लालच में ऐसी जगहों पर कोचिंग चलाने की इजाजत देता रहेगा, तब तक ऐसी घटनाएं होती रहेंगी। हर बार की तरह, इस घटना पर भी दो-एक दिन चर्चा होगी और फिर कहीं और ऐसा ही हादसा हो जाएगा।
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    लखनऊ में हुए एक दुखद अग्निकांड में अब तक 15 छात्र-छात्राओं की मौत की खबर है। इस घटना ने एक बार फिर शहर में धड़ल्ले से जारी अवैध निर्माणों और स्थानीय प्रशासन की लचर व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ASTv24 डिजिटल के शाहिद लखाही के अनुसार, शहर के हर रिहायशी इलाके में ऐसे अवैध निर्माण आसानी से मिल जाते हैं। लखनऊ विकास प्राधिकरण का प्रवर्तन दल 'चढ़ावे और भेंट' लेकर कागजों पर अवैध को वैध बना देता है। इसी का एक उदाहरण एक MLC साहब का होटल भी है, जिसके गिराने का आदेश तक जारी हुआ था, लेकिन 'अंडर द टेबल' सब कुछ व्यवस्थित कर लिया गया।

लखनऊ अग्निकांड से यह स्पष्ट हो गया है कि जिस इमारत में यह कोचिंग चल रही थी, वहाँ कोई दूसरा सुरक्षा मार्ग मौजूद नहीं था। ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि इतने बच्चों को पढ़ाने के लिए यहाँ कोचिंग चलाने की अनुमति कैसे दी गई। आरोप है कि जब तक स्थानीय प्रशासन चंद पैसों की लालच में ऐसी जगहों पर कोचिंग चलाने की इजाजत देता रहेगा, तब तक ऐसी घटनाएं होती रहेंगी। हर बार की तरह, इस घटना पर भी दो-एक दिन चर्चा होगी और फिर कहीं और ऐसा ही हादसा हो जाएगा।
    user_Journalist Shahid lakhahi
    Journalist Shahid lakhahi
    Mechanic लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
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