मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में जैतहरी थाना क्षेत्र के सोन नदी स्थित दूधिया घाट पर रविवार शाम मछली पकड़ने गए 40 वर्षीय अतिथि शिक्षक महेंद्र चौधरी नदी में डूब गए। देर रात तक खोजबीन के बाद भी उनका शव बरामद नहीं किया जा सका। जैतहरी थाना पुलिस और अनूपपुर से आई एसडीआरएफ की टीम ने ग्रामीणों की मदद से काफी तलाश की, लेकिन दूधिया घाट पर पानी अधिक होने और ऊबड़-खाबड़ जगह के कारण रात 8:30 बजे अभियान रोकना पड़ा। सोमवार सुबह से फिर से तलाशी अभियान शुरू किया जाएगा। घटना के दौरान शिक्षक महेंद्र चौधरी के साथ उनके साथी विजय चौधरी भी मौजूद थे। साथी विजय के मुताबिक, महेंद्र घाट के एक छोर से दूसरे छोर की ओर लौट रहे थे, तभी किनारे से लगभग 10 मीटर पहले उनका पैर किसी चीज में उलझ गया। उन्होंने पैर निकालने का प्रयास करते हुए नीचे हाथ डाला, तो उन्हें अहसास हुआ कि उनके पैर में अजगर सांप लपेटा हुआ है। साथी ने तुरंत पानी में उतरकर महेंद्र को बचाने की कोशिश की, लेकिन देखते ही देखते वे पानी में डूब गए। जैतहरी थाना प्रभारी गोकुलानंद पांडे ने बताया कि लापता शिक्षक की पहचान महेंद्र चौधरी के रूप में हुई है। वे मूल रूप से शहडोल जिले के रहने वाले थे और शासकीय मॉडल स्कूल लहरपुर मुर्रा गांव में अतिथि शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। वे स्कूल परिसर में ही रह रहे थे।
मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में जैतहरी थाना क्षेत्र के सोन नदी स्थित दूधिया घाट पर रविवार शाम मछली पकड़ने गए 40 वर्षीय अतिथि शिक्षक महेंद्र चौधरी नदी में डूब गए। देर रात तक खोजबीन के बाद भी उनका शव बरामद नहीं किया जा सका। जैतहरी थाना पुलिस और अनूपपुर से आई एसडीआरएफ की टीम ने ग्रामीणों की मदद से काफी तलाश की, लेकिन दूधिया घाट पर पानी अधिक होने और ऊबड़-खाबड़ जगह के कारण रात 8:30 बजे अभियान रोकना पड़ा। सोमवार सुबह से फिर से तलाशी अभियान शुरू किया जाएगा। घटना के दौरान शिक्षक महेंद्र चौधरी के साथ उनके साथी विजय चौधरी भी मौजूद थे। साथी विजय के मुताबिक, महेंद्र घाट के एक छोर से दूसरे
छोर की ओर लौट रहे थे, तभी किनारे से लगभग 10 मीटर पहले उनका पैर किसी चीज में उलझ गया। उन्होंने पैर निकालने का प्रयास करते हुए नीचे हाथ डाला, तो उन्हें अहसास हुआ कि उनके पैर में अजगर सांप लपेटा हुआ है। साथी ने तुरंत पानी में उतरकर महेंद्र को बचाने की कोशिश की, लेकिन देखते ही देखते वे पानी में डूब गए। जैतहरी थाना प्रभारी गोकुलानंद पांडे ने बताया कि लापता शिक्षक की पहचान महेंद्र चौधरी के रूप में हुई है। वे मूल रूप से शहडोल जिले के रहने वाले थे और शासकीय मॉडल स्कूल लहरपुर मुर्रा गांव में अतिथि शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। वे स्कूल परिसर में ही रह रहे थे।
- मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम में सोमवार को NSUI के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष जितेंद्र खांडे के नेतृत्व में एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। यह सभा पेपर लीक प्रकरण से आहत होकर जान गंवाने वाले छात्रों की स्मृति में आयोजित की गई थी। इसके बाद एक विशाल रैली निकाली गई और सांसद निवास का घेराव किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, युवा कार्यकर्ता और कांग्रेस नेता शामिल हुए। इस अवसर पर क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक फुन्देलाल सिंह मार्को भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। कार्यक्रम में जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष संतोष पांडेय, जिला कांग्रेस महामंत्री शिवकुमार चन्द्रवंशी, आदिवासी कांग्रेस जिलाध्यक्ष आशुतोष सिंह मार्को, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनवेंद्र मिश्रा, जिला पंचायत सदस्य भुवनेश्वरी धुर्वे, अधिवक्ता रफी अहमद, पूर्व पार्षद अंकित सोनी, पुष्पराजगढ़ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष संतलाल चन्द्रवंशी सहित कांग्रेस के ब्लॉक, नगर एवं मंडलम अध्यक्ष, NSUI पदाधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र एवं युवा मौजूद रहे। श्रद्धांजलि सभा में दिवंगत छात्रों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद निकाली गई रैली में प्रतिभागियों ने पेपर लीक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा की मांग की। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।1
- एमपी नगर थाना क्षेत्र में स्थित ड्रैगन हॉर्स क्लब नियमों और वायदों की जमकर धज्जियां उड़ा रहा है। इस क्लब में अक्सर देर रात तक नशे की पार्टियां आयोजित होती हैं। क्लब के बाहर आए दिन युवा और युवतियां नशे की हालत में आपस में विवाद करते नजर आते हैं। इन सब के बावजूद आबकारी विभाग और संबंधित थाना क्षेत्र कुंभकरण की नींद सोया हुआ है। खुलेआम चल रही इन गतिविधियों के बीच सवाल उठ रहे हैं कि आखिर क्लब मैनेजमेंट और इसके संचालकों को पुलिस तथा आबकारी विभाग का जरा भी भय क्यों नहीं है।1
- अनूपपुर जिले के जैतहरी थाना क्षेत्र अंतर्गत सोन नदी के दूधिया घाट पर रविवार शाम मछली पकड़ने गए अतिथि शिक्षक महेंद्र कुमार रैदास की नदी में डूबने से मौत हो गई। जलकुंभी में पैर फंस जाने के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस और एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम ने सोमवार सुबह दोबारा तलाश शुरू की और करीब 9 बजे शव को बाहर निकालकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। मृतक की पहचान शाहडोल जिले के मीठी निवासी 38 वर्षीय महेंद्र कुमार रैदास के रूप में हुई है, जो मॉडल स्कूल जैतहरी में अतिथि शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। उनके साथी विजय चौधरी के अनुसार, घाट के एक छोर से दूसरे छोर लौटते समय किनारे के पास महेंद्र का पैर पानी में किसी चीज में उलझ गया। उन्होंने हाथ डालकर पैर छुड़ाने का प्रयास किया और साथी विजय ने भी तुरंत पानी में उतरकर बचाने की कोशिश की, लेकिन गहराई अधिक होने और जलकुंभी में पैर फंसे होने के कारण वे डूब गए। एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम में नायक मुन्ना लाल रविदास, सैनिक अनुज कुमार, सुनील सिंह, बृजभान सिंह, रामेश्वर सिंह, देवेन्द्र सिंह, रामभरोसे सिंह और प्रहलाद सिंह शामिल रहे। जैतहरी थाना प्रभारी गोकुलानंद पांडे ने बताया कि शव का पंचनामा बनाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैतहरी में परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।2
- शहडोल। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) शहडोल नगर इकाई ने कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में वीर शहीदों की स्मृति में एक भव्य कैंडल मार्च का आयोजन किया। कैंडल मार्च का शुभारंभ शहीद स्मारक से हुआ और नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए गांधी चौक पहुंचा, जहां इसका समापन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं ने भारत माता एवं कारगिल के अमर वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के समापन पर सभी कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से 'वंदे मातरम्' का उद्घोष किया तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं वीर सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। वक्ताओं ने कहा कि कारगिल विजय दिवस देश के उन अमर सैनिकों के अदम्य साहस, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। एबीवीपी सदैव राष्ट्रहित और राष्ट्रीय चेतना को सुदृढ़ करने वाले कार्यक्रमों का आयोजन करती रही है। इस अवसर पर विभाग छात्रा प्रमुख अंजली पांडेय, जिला संयोजक अमन त्रिपाठी, आकाश मिश्रा, अमन तिवारी, रोहित वर्मा, शिवम् कौर, भूमिका द्विवेदी, हर्षिता मिश्रा, प्रिया सिंह एवं कोमल द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।4
- जय श्री राम और जय गौ माता के उद्घोष के साथ, शहडोल के जय स्तंभ चौक में गौ सेवक और गौ भक्त एकत्रित हुए। उनका संकल्प था कि गौ माता को राष्ट्रमाता का सम्मान मिले। इस जनआंदोलन के पहले चरण में 27 अप्रैल को लगभग 10,000 हस्ताक्षरों के साथ तहसील स्तर पर ज्ञापन सौंपा गया था। अब दूसरे चरण में 25 जुलाई को महामहिम राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन माननीय कलेक्टर को सौंपा गया। गौ भक्तों की प्रमुख मांगें हैं: गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित किया जाए, गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने हेतु कठोर कानून बनाया जाए, अवैध बूचड़खानों को बंद किया जाए, और सड़कों पर विचरण कर रही निराश्रित गौ माताओं के लिए चारा, पानी, उपचार एवं सुरक्षित आश्रय की समुचित व्यवस्था की जाए। गौ माता केवल हमारी आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कृषि और जीवन मूल्यों की आधारशिला हैं। इस पुण्य अभियान का हिस्सा बनें और गौ संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुँचाएँ। गौ माता का सम्मान – राष्ट्र का सम्मान। गौ रक्षा – हम सबकी जिम्मेदारी। जय गौ माता! जय गोपाल!4
- अनूपपुर जिले के कोटमा तहसील में स्थित ग्राम पंचायत उरतान में आसमानी आफत ने कहर बरपाया है। एक साथ 12 मवेशियों की दर्दनाक मौत से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। यह घटना स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ी त्रासदी बन गई है। गाज गिरने की इस घटना ने न सिर्फ मवेशियों के मालिकों को गहरा सदमा पहुँचाया है, बल्कि पूरे समुदाय को भी चिंता में डाल दिया है। स्थानीय प्रशासन इस घटना की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कार्रवाई में जुट गया है। प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।1
- अनूपपुर जिले में हाथियों के लगातार विचरण और दहशत फैलाने से ग्रामीण भयभीत और परेशान हैं। हाथियों के समूह ने ग्रामीणों की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया है और फसलों को खाकर नष्ट किया है। शनिवार की देर रात, हाथियों के समूह ने जैतहरी नगर से लगे लहरपुर गांव में प्रवेश किया और 60 वर्षीय बुद्धू पिता बाबूलाल पनिका के घर की दीवार को खाने की तलाश में तोड़ दिया। इससे बुद्धू गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें जैतहरी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका उपचार चल रहा है। इसके अलावा, रविवार एवं सोमवार की मध्य रात्रि में दो हाथियों का समूह जैतहरी से 10 किलोमीटर दूर स्थित चोई गांव के पडमनिया टोला के बीच बस्ती में पहुंच गया। इस दौरान 40 वर्षीय कलावती पति लखन चर्मकर छत में चढ़ने के लिए सीढ़ी चढ़ रही थीं, तभी उनका पैर फिसल गया और वे घायल हो गईं। उन्हें भी जैतहरी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पिछले दो दिनों से तीन हाथियों का समूह अलग-अलग संख्या में विचरण कर रहा है और जंगल में विश्राम कर रहे हैं। सोमवार की सुबह, दो हाथियों का समूह जैतहरी के चोई गांव से लगे प्लांटेशन के जंगल में और एक हाथी को कुसुमहाई के झंडी टोला के जंगल में दिन के समय विश्राम करते देखा गया। रात होने पर वे किस ओर जाएंगे, यह पता चल सकेगा। हाथियों के निरंतर विचरण से ग्रामीणों की संपत्तियों को नुकसान हो रहा है और घरों में तोड़फोड़ की जा रही है। खेतों में लगी फसलों को भी हाथियों द्वारा खाकर नष्ट किया जा रहा है। रात में किसी भी समय हाथियों के समूह के अचानक पहुंचने से ग्रामीण दहशत में हैं और डर के साए में रात बिता रहे हैं। वन विभाग का हाथी गश्ती दल ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील कर रहा है, लेकिन हाथियों को इलाके से दूर करने का कोई ठोस उपाय नहीं होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।1
- अनूपपुर जिले के जैतहरी थाना अंतर्गत क्योटार गांव में रविवार की शाम एक अतिथि शिक्षक सोन नदी में डूब गया। 40 वर्षीय महेंद्र कुमार रैदास, जो जैतहरी के मॉडल स्कूल में अतिथि शिक्षक के रूप में कार्यरत था, अपने साथी विजय चौधरी के साथ मछली मारने गया था। वापस आते समय एक अजगर ने महेंद्र के पैर को पकड़ लिया और उसे नदी में खींच लिया। विजय ने महेंद्र को बचाने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो पाया। इसके बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाया। रविवार रात करीब 8:30 बजे अभियान रोक दिया गया, लेकिन सोमवार की सुबह फिर से रेस्क्यू किया गया। इस दौरान महेंद्र का शव बरामद किया गया। शव को जैतहरी अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। इस घटना के बाद शासकीय मॉडल विद्यालय के प्राचार्य कमलेश सिंह राठौर और शिक्षकों ने मृतक की पत्नी श्रीमती सरिता रैदास और पुत्र दीपक रैदास को आर्थिक सहायता प्रदान की।3