हर वर्ष 22 जून को विश्व वर्षावन दिवस मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य पृथ्वी के वर्षावनों के महत्व और उनके संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह विशेष दिवस, जिसे वर्षावनों को 'पृथ्वी के फेफड़े' भी कहा जाता है, 'रेनफॉरेस्ट पार्टनरशिप' द्वारा 2017 में स्थापित किया गया था। वर्षावनों का महत्व कई कारणों से अत्यधिक है। ये जलवायु नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि ये कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं। इसके अलावा, वर्षावन जैव विविधता के भी प्रमुख केंद्र हैं, जहां पृथ्वी की अधिकांश स्थलीय प्रजातियां निवास करती हैं। इस अभियान और इसके आयोजनों के बारे में विश्व वर्षावन दिवस पर जाकर अधिक जानकारी प्राप्त की जा सकती है, और वर्षावनों के संरक्षण से जुड़ी किसी विशेष पहल या गतिविधि के बारे में प्रश्न भी पूछे जा सकते हैं।
हर वर्ष 22 जून को विश्व वर्षावन दिवस मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य पृथ्वी के वर्षावनों के महत्व और उनके संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह विशेष दिवस, जिसे वर्षावनों को 'पृथ्वी के फेफड़े' भी कहा जाता है, 'रेनफॉरेस्ट पार्टनरशिप' द्वारा 2017 में स्थापित किया गया था। वर्षावनों का महत्व कई कारणों से अत्यधिक है। ये जलवायु नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि ये कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं। इसके अलावा, वर्षावन जैव विविधता के भी प्रमुख केंद्र हैं, जहां पृथ्वी की अधिकांश स्थलीय प्रजातियां निवास करती हैं। इस अभियान और इसके आयोजनों के बारे में विश्व वर्षावन दिवस पर जाकर अधिक जानकारी प्राप्त की जा सकती है, और वर्षावनों के संरक्षण से जुड़ी किसी विशेष पहल या गतिविधि के बारे में प्रश्न भी पूछे जा सकते हैं।
- जौनपुर से मिली जानकारी के अनुसार, आज के दौर में जहां लोग अपनी उपलब्धियों और अच्छाइयों का प्रदर्शन करने में लगे रहते हैं, वहीं समाज के प्रबुद्ध लोगों का मानना है कि सच्चाई को कभी शोर मचाने की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि सत्य की सबसे बड़ी शक्ति यह है कि वह समय के साथ स्वयं उजागर हो जाता है। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन के प्रतिनिधि सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने इस विषय पर अपना वक्तव्य देते हुए कहा कि व्यक्ति को अपनी सच्चाई का कभी शोर नहीं करना चाहिए, क्योंकि इत्र की खुशबू की तरह सच्चाई भी स्वयं फैलती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि झूठ को बार-बार साबित करना पड़ता है, जबकि सत्य को किसी प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती। पाण्डेय ने यह भी उल्लेख किया कि जीवन में कई बार सच्चे लोगों को आलोचनाओं, आरोपों और कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन धैर्य और ईमानदारी बनाए रखने वाला व्यक्ति अंततः सम्मान और विश्वास प्राप्त करता है। इतिहास भी इस बात का साक्षी है कि सत्य और न्याय की राह पर चलने वालों को देर से ही सही, लेकिन सफलता अवश्य मिली है। सामाजिक चिंतकों का विचार है कि व्यक्ति को अपने कर्मों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, क्योंकि अच्छे कार्य स्वयं उसकी पहचान बनाते हैं। दूसरों के सामने अपनी सच्चाई का ढिंढोरा पीटने के बजाय अपने व्यवहार और कार्यों से उसे साबित करना कहीं अधिक प्रभावी होता है। सूर्य प्रकाश पाण्डेय का संदेश है कि सच्चाई को साबित करने के लिए आवाज़ ऊंची करने की नहीं, बल्कि चरित्र ऊंचा रखने की आवश्यकता होती है, क्योंकि समय और कर्म ही व्यक्ति की असली पहचान बनाते हैं।1
- बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार योग का अभ्यास कर रहे थे, लेकिन दाएँ और बाएँ की दिशाओं में उलझने के कारण उनका पूरा योग सत्र गड़बड़ा गया। इस दौरान निशांत बाबू को योग क्रियाओं में तालमेल बिठाने में परेशानी हुई।1
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- मछलीशहर के मदरसा फ़ैज़ानुल में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शिक्षकों और बच्चों ने योग किया। इस दौरान बताया गया कि योग न केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है, बल्कि मानसिक शांति और एकाग्रता भी प्रदान करता है। सभी ने आज योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।1
- उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के मछलीशहर क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय बारहवां योग दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया।1
- उत्तर प्रदेश के मछलीशहर में नगर पंचायत द्वारा एक मंदिर से सटाकर सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है, जिसके कारण स्थानीय भक्त आक्रोशित हो गए हैं। इस निर्माण कार्य के विरोध में बड़ी संख्या में भक्त सड़कों पर उतर आए हैं और नगर पंचायत के इस निर्णय का कड़ा विरोध कर रहे हैं।1
- वाराणसी के हरहुआ ब्लॉक की पुआरी कला ग्राम पंचायत में पिछले लगभग एक साल से नल की व्यवस्था खराब है, जिसके कारण लोग पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि सफाई कर्मचारी भी पानी के लिए परेशान होते हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस समस्या को न तो सचिन द्वारा ठीक कराया जा रहा है और न ही ग्राम प्रधान इस पर ध्यान दे रहे हैं। इसके साथ ही, ग्राम पंचायत का पंचायत भवन भी खराब हालत में है। एक आम नागरिक होने के नाते, शिकायतकर्ता इस अनदेखी से अत्यंत दुखी है और उसने अधिकारियों से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने तथा लोगों को मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने की अपील की है।1
- समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कांग्रेस पार्टी को लेकर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा है कि उनकी बात शायद कांग्रेस को पसंद न आए, लेकिन इसके बावजूद वे आगामी चुनाव साथ मिलकर लड़ेंगे। अखिलेश यादव ने कांग्रेस की तैयारियों को लेकर टिप्पणी की कि उनकी तैयारी उस स्तर की नहीं है, जिस हिसाब से होनी चाहिए।1