गुढ़ से लगे दुआरी में शराब दुकान को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश, स्कूल और आदिवासी बस्ती के बीच संचालन पर उठे सवाल* *गुढ़ ब्रेकिंग* * *शराब माफिया बेलगाम प्रशाशन मौन! शराब दुकान से फैल रहे गंभीर दुष्परिणाम* गुढ़। गुढ़ से लगे दुआरी गांव में संचालित शराब दुकान को लेकर ग्रामीणों में लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शराब दुकान के कारण क्षेत्र का माहौल बिगड़ रहा है और आम जनमानुष को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि दुकान स्कूल और आदिवासी बस्ती के बीच स्थित होने के कारण बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, शराब दुकान के आसपास दिनभर लोगों की भीड़ लगी रहती है, जिससे आने-जाने वाले विद्यार्थियों और महिलाओं को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि कई बार शराब के नशे में लोगों द्वारा हंगामा और अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं, जिससे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को इस संबंध में शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने मांग की है कि आबादी और स्कूल के समीप संचालित शराब दुकान को तत्काल अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए तथा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे जनआंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि बच्चों के भविष्य और आदिवासी बस्ती के शांतिपूर्ण वातावरण की रक्षा के लिए प्रशासन को शीघ्र हस्तक्षेप करना चाहिए। हालांकि, इस मामले में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया है। प्रशासन की ओर से प्रतिक्रिया मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। *आदिवासी बस्ती के बीच संचालित शराब दुकान पर प्रशासन मौन क्यों? ग्रामीणों ने उठाए सवाल, कार्रवाई की मांग तेज* गुढ़ से लगे दुआरी गांव में आदिवासी बस्ती और स्कूल के बीच संचालित शराब दुकान को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से शिकायतों के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि शराब दुकान के कारण क्षेत्र का माहौल प्रभावित हो रहा है। स्कूल आने-जाने वाले बच्चों, महिलाओं और आदिवासी परिवारों को आए दिन असुविधा का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायतें दी गईं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। अब ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि आखिर प्रशासन अब तक मौन क्यों है? क्या शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा, या फिर कार्रवाई में लापरवाही बरती जा रही है? लोगों का कहना है कि प्रशासन को इन सवालों का जवाब देना चाहिए और मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए। ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि आबादी और शैक्षणिक संस्थान के बीच शराब दुकान का संचालन नियमों के विपरीत हो रहा है, तो उसे तत्काल अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए। साथ ही क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
गुढ़ से लगे दुआरी में शराब दुकान को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश, स्कूल और आदिवासी बस्ती के बीच संचालन पर उठे सवाल* *गुढ़ ब्रेकिंग* * *शराब माफिया बेलगाम प्रशाशन मौन! शराब दुकान से फैल रहे गंभीर दुष्परिणाम* गुढ़। गुढ़ से लगे दुआरी गांव में संचालित शराब दुकान को लेकर ग्रामीणों में लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शराब दुकान के कारण क्षेत्र का माहौल बिगड़ रहा है और आम जनमानुष को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि दुकान स्कूल और आदिवासी बस्ती के बीच स्थित होने के कारण बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, शराब दुकान के आसपास दिनभर लोगों की भीड़ लगी रहती है, जिससे आने-जाने वाले विद्यार्थियों और महिलाओं को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि कई बार शराब के नशे में लोगों द्वारा हंगामा और अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं, जिससे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को इस संबंध में शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने मांग की है कि आबादी और स्कूल के समीप संचालित शराब दुकान को तत्काल अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए तथा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे जनआंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि बच्चों के भविष्य और आदिवासी बस्ती के शांतिपूर्ण वातावरण की रक्षा के लिए प्रशासन को शीघ्र हस्तक्षेप करना चाहिए। हालांकि, इस मामले में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया है। प्रशासन की ओर से प्रतिक्रिया मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। *आदिवासी बस्ती के बीच संचालित शराब दुकान पर प्रशासन मौन क्यों? ग्रामीणों ने उठाए सवाल, कार्रवाई की मांग तेज* गुढ़ से लगे दुआरी गांव में आदिवासी बस्ती और स्कूल के बीच संचालित शराब दुकान को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से शिकायतों के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि शराब दुकान के कारण क्षेत्र का माहौल प्रभावित हो रहा है। स्कूल आने-जाने वाले बच्चों, महिलाओं और आदिवासी परिवारों को आए दिन असुविधा का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायतें दी गईं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। अब ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि आखिर प्रशासन अब तक मौन क्यों है? क्या शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा, या फिर कार्रवाई में लापरवाही बरती जा रही है? लोगों का कहना है कि प्रशासन को इन सवालों का जवाब देना चाहिए और मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए। ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि आबादी और शैक्षणिक संस्थान के बीच शराब दुकान का संचालन नियमों के विपरीत हो रहा है, तो उसे तत्काल अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए। साथ ही क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
- सगरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सेंधमारी के चार आरोपी गिरफ्तार, करीब 10 लाख के सोने-चांदी के आभूषण बरामद1
- मोहन और हेमंत ताकते रह गए आशुतोष के अरमां नरोत्तम के आसुओं में बह गए *मोहन और हेमंत ताकते रह गए आशुतोष के अरमां नरोत्तम के आसुओं में बह गए*1
- मनकामेश्वर महादेव मंदिर में एसडीएम और एसीपी ने की पूजा सुरक्षा व्यवस्था का लिया जाएगा प्रयागराज, बारा। पवित्र श्रावण मास के प्रथम सोमवार को बारा क्षेत्र के प्रसिद्ध लालापुर मनकामेश्वर महादेव मंदिर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें मंदिर परिसर में लगी रहीं।इस दौरान एसडीएम बारा शिखा शंखावर और एसीपी बारा वेदव्यास मिश्रा मंदिर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-शांति की कामना की।सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा पूजा के बाद एसडीएम और एसीपी ने प्रथम सावन सोमवार के मेले और मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिस कर्मियों को भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए।एसडीएम शिखा शंखावर ने कहा, श्रावण में भारी भीड़ को देखते हुए पेयजल, बैरिकेडिंग और साफ-सफाई के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं से अपील है। कि शांति और अनुशासन के साथ दर्शन करें। एसीपी वेदव्यास मिश्रा ने बताया कि मंदिर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सीसीटीवी और ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है। मंदिर समिति और प्रशासन के संयुक्त प्रयास से मेले में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा ना हो"बम बम भोले" के जयकारों के साथ पूरा माहौल शिवमय है1
- यमुनानगर क्षेत्र में सावन के पहले सोमवार पर सभी शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, सुरक्षा के कड़े इंतजाम यमुनानगर क्षेत्र में सावन के पहले सोमवार पर सभी शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, सुरक्षा के कड़े इंतजाम1
- गुढ़ से लगे दुआरी में शराब दुकान को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश, स्कूल और आदिवासी बस्ती के बीच संचालन पर उठे सवाल* *गुढ़ ब्रेकिंग* * *शराब माफिया बेलगाम प्रशाशन मौन! शराब दुकान से फैल रहे गंभीर दुष्परिणाम* गुढ़। गुढ़ से लगे दुआरी गांव में संचालित शराब दुकान को लेकर ग्रामीणों में लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शराब दुकान के कारण क्षेत्र का माहौल बिगड़ रहा है और आम जनमानुष को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि दुकान स्कूल और आदिवासी बस्ती के बीच स्थित होने के कारण बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, शराब दुकान के आसपास दिनभर लोगों की भीड़ लगी रहती है, जिससे आने-जाने वाले विद्यार्थियों और महिलाओं को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि कई बार शराब के नशे में लोगों द्वारा हंगामा और अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं, जिससे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को इस संबंध में शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने मांग की है कि आबादी और स्कूल के समीप संचालित शराब दुकान को तत्काल अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए तथा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे जनआंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि बच्चों के भविष्य और आदिवासी बस्ती के शांतिपूर्ण वातावरण की रक्षा के लिए प्रशासन को शीघ्र हस्तक्षेप करना चाहिए। हालांकि, इस मामले में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया है। प्रशासन की ओर से प्रतिक्रिया मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। *आदिवासी बस्ती के बीच संचालित शराब दुकान पर प्रशासन मौन क्यों? ग्रामीणों ने उठाए सवाल, कार्रवाई की मांग तेज* गुढ़ से लगे दुआरी गांव में आदिवासी बस्ती और स्कूल के बीच संचालित शराब दुकान को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से शिकायतों के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि शराब दुकान के कारण क्षेत्र का माहौल प्रभावित हो रहा है। स्कूल आने-जाने वाले बच्चों, महिलाओं और आदिवासी परिवारों को आए दिन असुविधा का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायतें दी गईं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। अब ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि आखिर प्रशासन अब तक मौन क्यों है? क्या शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा, या फिर कार्रवाई में लापरवाही बरती जा रही है? लोगों का कहना है कि प्रशासन को इन सवालों का जवाब देना चाहिए और मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए। ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि आबादी और शैक्षणिक संस्थान के बीच शराब दुकान का संचालन नियमों के विपरीत हो रहा है, तो उसे तत्काल अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए। साथ ही क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।1
- भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में बढ़त के बाद कार्यकर्ताओं ने मिठाइयाँ बांटकर जश्न शुरू कर दिया है। भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में बढ़त के बाद कार्यकर्ताओं ने मिठाइयाँ बांटकर जश्न शुरू कर दिया है।1
- सावन के प्रथम सोमवार को सुजावन देव धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब लगी भक्तों की भारी भीड़ प्रयागराज, बारा। सावन माह के प्रथम सोमवार को बारा क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध सुजावन देव धाम में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। "हर हर महादेव" के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंजता रहा।श्रद्धालु रात से ही जल लेकर पहुंचना शुरू हो गए थे। सुबह 4 बजे से ही मंदिर के पट खुलते ही भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए लंबी-लंबी कतारें लग गईं। मान्यता है कि सुजावन देव धाम में सच्चे मन से मांगी गई मुराद जरूर पूरी होती है, इसी वजह से आसपास के जिलों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचे। क्या रहा नजारा जलाभिषेक शिवलिंग पर दूध, जल और बेलपत्र चढ़ाकर भक्तों ने पूजा-अर्चना की सुरक्षा व्यवस्था भीड़ को देखते हुए पुलिस और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई थी भंडारा और प्रसाद मंदिर समिति द्वारा भक्तों के लिए प्रसाद और शरबत की व्यवस्था की गई स्थानीय लोगों ने बताया कि सावन के हर सोमवार को यहां मेला जैसा माहौल रहता है। प्रशासन ने ट्रैफिक और पार्किंग के लिए विशेष इंतजाम किए थे। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि सावन भर इसी तरह भक्तों के आने का सिलसिला जारी रहेगा। बाबा सुजावन देव सभी की मनोकामना पूर्ण करें।1
- शिव मंदिर देवतालाब मार्केट में उपलब्ध है सामान का सोमवार बारिश में भोले बाबा नहा रहे हैं सावन का सोमवार हुआ आज है पहला सोमवार है1