जोधपुर के भैरूबाग पार्श्वनाथ जैन श्वेताम्बर तीर्थ में आत्मानुशासन चातुर्मास के तहत संत आदर्शरत्नसागर, गणिवर्य अक्षतरत्नसागर सहित साध्वी जिग्नेशरत्ना और जिनेशरत्ना का चातुर्मासिक मंगल प्रवेश हर्षोल्लास व श्रद्धाभाव के साथ संपन्न हुआ। धर्म और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत इस आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने संतों का स्वागत कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया, जिससे पूरा भैरूबाग क्षेत्र धर्म के जयकारों से गूंज उठा। तीर्थ प्रवक्ता दिलीप जैन और सचिव आदेश्वर जैन ने बताया कि मंगल प्रवेश से पहले सरदारपुरा डी रोड स्थित महावीर भवन से राजशाही ठाठ-बाट के साथ एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो तीर्थ परिसर पहुंची। तीर्थ अध्यक्ष गणेश भंडारी और उपाध्यक्ष मांगीलाल वडेरा के अनुसार, चतुर्विध संघ की गरिमामय उपस्थिति में आयोजित इस शोभायात्रा में नौबत, शहनाई, बैंड-बाजे, हाथी, घोड़े और शाही बग्घियां विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।
जोधपुर के भैरूबाग पार्श्वनाथ जैन श्वेताम्बर तीर्थ में आत्मानुशासन चातुर्मास के तहत संत आदर्शरत्नसागर, गणिवर्य अक्षतरत्नसागर सहित साध्वी जिग्नेशरत्ना और जिनेशरत्ना का चातुर्मासिक मंगल प्रवेश हर्षोल्लास व श्रद्धाभाव के साथ संपन्न हुआ। धर्म और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत इस आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने संतों का स्वागत कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया, जिससे पूरा भैरूबाग क्षेत्र धर्म के जयकारों से गूंज उठा। तीर्थ प्रवक्ता दिलीप जैन और सचिव आदेश्वर जैन ने बताया कि मंगल प्रवेश से पहले सरदारपुरा डी रोड स्थित महावीर भवन से राजशाही ठाठ-बाट के साथ एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो तीर्थ परिसर पहुंची। तीर्थ अध्यक्ष गणेश भंडारी और उपाध्यक्ष मांगीलाल वडेरा के अनुसार, चतुर्विध संघ की गरिमामय उपस्थिति में आयोजित इस शोभायात्रा में नौबत, शहनाई, बैंड-बाजे, हाथी, घोड़े और शाही बग्घियां विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।
- जोधपुर के भैरूबाग पार्श्वनाथ जैन श्वेताम्बर तीर्थ में आत्मानुशासन चातुर्मास के तहत संत आदर्शरत्नसागर, गणिवर्य अक्षतरत्नसागर सहित साध्वी जिग्नेशरत्ना और जिनेशरत्ना का चातुर्मासिक मंगल प्रवेश हर्षोल्लास व श्रद्धाभाव के साथ संपन्न हुआ। धर्म और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत इस आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने संतों का स्वागत कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया, जिससे पूरा भैरूबाग क्षेत्र धर्म के जयकारों से गूंज उठा। तीर्थ प्रवक्ता दिलीप जैन और सचिव आदेश्वर जैन ने बताया कि मंगल प्रवेश से पहले सरदारपुरा डी रोड स्थित महावीर भवन से राजशाही ठाठ-बाट के साथ एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो तीर्थ परिसर पहुंची। तीर्थ अध्यक्ष गणेश भंडारी और उपाध्यक्ष मांगीलाल वडेरा के अनुसार, चतुर्विध संघ की गरिमामय उपस्थिति में आयोजित इस शोभायात्रा में नौबत, शहनाई, बैंड-बाजे, हाथी, घोड़े और शाही बग्घियां विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।1
- LeadGuru द्वारा मोबाइल और कॉलिंग के माध्यम से घर बैठे काम करके अपनी रेगुलर इनकम के साथ एक्स्ट्रा इनकम कमाने का अवसर दिया जा रहा है। इसके तहत लोग अपनी मेहनत के अनुसार कमाई कर सकते हैं। इस काम के लिए घर से ही पार्ट-टाइम या फुल-टाइम काम करने का विकल्प मौजूद है और जुड़ने वालों को पूरी ट्रेनिंग व सपोर्ट देने की बात कही गई है। इस अवसर से 18 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति जुड़ सकता है, जिसमें स्टूडेंट, हाउसवाइफ, जॉब करने वाले और बिजनेसमैन सभी शामिल हैं। काम की शुरुआत करने और अधिक जानकारी हासिल करने के लिए व्हाट्सएप नंबर 7568628143 पर संपर्क करने के लिए कहा गया है।1
- श्री गंगानगर जिले के रायसिंहनगर में बस स्टैंड से बस के चलने के समय को लेकर रोडवेज बस परिचालक और लोक परिवहन के चालक-परिचालक के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि हांडा चौक पर दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। इस घटना में रोडवेज बस का परिचालक और लोक परिवहन बस का चालक चोटिल होकर घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। मारपीट की घटना से आक्रोशित रोडवेज चालकों और परिचालकों ने करीब एक घंटे तक रोडवेज बसों का चक्का जाम कर दिया, जिसके कारण बसों में सफर कर रहे यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर समझाइश की और चक्का जाम को हटवाया। दरअसल, रोडवेज और प्राइवेट बस कर्मियों के बीच बस की टाइमिंग को लेकर आए दिन विवाद होता रहता है, क्योंकि रोडवेज के ड्राइवर और कंडक्टर हर प्राइवेट गाड़ी के आगे जानबूझकर बस लेट करते हैं।2
- राजस्थान के श्रीगंगानगर स्थित रायसिंहनगर क्षेत्र के गांवों में बाबा रामदेव पैदल यात्री हेतु सेवा समिति ने दस्तक दे दी है। पैदल यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की सहायता और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए समिति ने ग्रामीण इलाकों में अपनी सेवा गतिविधियाँ शुरू की हैं।1
- राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत नोहर स्थित राजकीय उप जिला चिकित्सालय में उच्च जोखिम गर्भावस्था (HRP) की समय पर पहचान, सतत निगरानी और सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने के लिए “प्रसूता हेल्प डेस्क” की स्थापना की गई है। यह हेल्प डेस्क गर्भवती महिलाओं, प्रसूताओं और नवजात शिशुओं को 24×7 सहायता प्रदान करेगी। इसके तहत पंजीकरण, आवश्यक जाँच, भर्ती, सरकारी योजनाओं की जानकारी, प्रसव संबंधी मार्गदर्शन और रेफरल सहायता जैसी सुविधाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएँगी। विशेष रूप से उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की शीघ्र पहचान कर उन्हें समय पर विशेषज्ञ उपचार और सुरक्षित संस्थागत प्रसव से जोड़ने का काम इस हेल्प डेस्क के ज़रिये किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य प्रत्येक गर्भवती महिला को समय पर उचित चिकित्सा, सही परामर्श और सम्मानजनक सेवाएँ देकर “सुरक्षित माँ – स्वस्थ शिशु” के लक्ष्य को साकार करना है।1
- जोधपुर के नेहरू पार्क स्थित महावीर भवन में जैन श्रमण संघ की शताब्दी गौरवान्विता राजस्थान सिंहनी महाश्रमणी गुरूमाता महासती पुष्पवती जी म रा सा. और उपप्रवर्तिनी मरूधरा शिरोमणि सदगुरूवर्या डॉ. राजमती जी म रा सा. आदि ठाणा-8 का चातुर्मास हेतु भव्य मंगल प्रवेश हुआ। महासती वृन्द ने सरदारपुरा के सी रोड स्थित पारख भवन से सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं और गुरु भक्तों के साथ "अहिंसा धर्म की जय" के उद्घोष के साथ विहार किया। इस अवसर पर जोधपुर सहित अजमेर, ब्यावर और बांदनवाड़ा के संघ पदाधिकारियों ने उपस्थित होकर वर्षावास की अनुमोदना की। मंगल प्रवेश के उपरांत आयोजित धर्मसभा में उपप्रवर्तिनी डॉ. राजमती जी ने कहा कि चातुर्मास आध्यात्मिक जीवन और जीव रक्षा की प्रेरणा देता है। वहीं साध्वी डॉ. राजरश्मि जी ने श्रद्धालुओं से राग-द्वेष छोड़कर आगम श्रवण करने का आह्वान किया। गुरुवर्या पुष्प-राज के महावीर भवन आगमन पर पूरा नेहरू पार्क परिसर जयकारों से गूंज उठा।1
- राजस्थान के नागौर जिले में मकराना के खनन क्षेत्र में काम के दौरान चट्टानों का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना के समय खदान में मौजूद मजदूरों ने समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचकर अपनी जान बचाई, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने खदान क्षेत्र की सुरक्षा का निरीक्षण किया और एहतियातन आसपास के इलाके को खाली करवा दिया। प्रशासन ने घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है और कहा है कि किसी के हताहत या घायल होने की पुष्टि होने पर तत्काल राहत कार्य और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही खदान संचालकों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। इस घटना के बाद से खनन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कार्यस्थल की निगरानी को लेकर फिर से सवाल उठने लगे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय लोगों ने भी खदानों में नियमित निरीक्षण करने और सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की मांग की है।1