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खैरागढ़ में संभाग आयुक्त ने एसआईआर कार्यों की प्रगति देखी, 22 जनवरी गुरुवार को दोपहर 12 बजे मिली जानकारी अनुसार बता दें कि दुर्ग संभाग आयुक्त सत्यनारायण राठौर ने खैरागढ़ अनुविभागीय कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण कर विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल भी मौजूद रहे। आयुक्त ने सी कैटेगरी वोटर, लॉजिकल एरर और लंबित प्रकरणों की स्थिति की जानकारी लेकर सभी मामलों को समय सीमा में पारदर्शी तरीके से निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता और गति बनाए रखने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर सुरेन्द्र कुमार ठाकुर, एसडीएम टंकेश्वर प्रसाद साहू, तहसीलदार आशीष देवहारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
इशिका जी
खैरागढ़ में संभाग आयुक्त ने एसआईआर कार्यों की प्रगति देखी, 22 जनवरी गुरुवार को दोपहर 12 बजे मिली जानकारी अनुसार बता दें कि दुर्ग संभाग आयुक्त सत्यनारायण राठौर ने खैरागढ़ अनुविभागीय कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण कर विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल भी मौजूद रहे। आयुक्त ने सी कैटेगरी वोटर, लॉजिकल एरर और लंबित प्रकरणों की स्थिति की जानकारी लेकर सभी मामलों को समय सीमा में पारदर्शी तरीके से निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता और गति बनाए रखने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर सुरेन्द्र कुमार ठाकुर, एसडीएम टंकेश्वर प्रसाद साहू, तहसीलदार आशीष देवहारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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- ठेलकाडीह में महिला जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, 22 जनवरी गुरुवार को दोपहर 2 बजे मिली जानकारी अनुसार बता दें कि शासकीय नवीन महाविद्यालय ठेलकाडीह में महिला एवं बाल विकास विभाग खैरागढ़ द्वारा महिला जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं और शिक्षकों को महिलाओं की सुरक्षा, अधिकारों तथा शासन की सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई। सखी वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी अर्चना शर्मा ने बताया कि पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर आश्रय, परामर्श, चिकित्सा, पुलिस और विधिक सहायता मिलती है। महिलाओं के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन 181 पर संपर्क किया जा सकता है। कार्यक्रम में सी-बॉक्स पोर्टल और सखि एप के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की जानकारी दी गई। साथ ही महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में प्राचार्य अजय कुमार श्रीवास्तव, एलसी सिंह, वीके मसीहरे, सखी केंद्र की टीम, चाइल्डलाइन और मिशन वात्सल्य के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।1
- चित्तौड़गढ़ पेट्रोल पंप1
- भिलाई-चरौदा के मणिकंचन केंद्र में खुद जलाया जा रहा कचरा!** भिलाई-चरौदा नगर निगम एक ओर शहरवासियों से स्वच्छता रैंकिंग बढ़ाने और खुले में कचरा न जलाने की अपील कर रहा है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम के ही मणिकंचन केंद्रों में कचरा जलाए जाने का मामला सामने आया है, जिसने पूरे स्वच्छता अभियान की सच्चाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। महापौर निर्मल कोसरे और कमिश्नर डी.एस. राजपूत के निर्देश पर निगम अमला नागरिकों पर नियम विरुद्ध कचरा फेंकने, सड़क पर निर्माण सामग्री डालने और खुले में कचरा जलाने पर जुर्माना ठोक रहा है। लेकिन सवाल यह है — जब नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई हो रही है, तो नियम तोड़ता खुद निगम दिखाई दे तो कार्रवाई किस पर होगी? नगर निगम द्वारा बताया जाता है कि शहर के सभी वार्डों से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र कर एस.एल.आर.एम. यानी मणिकंचन केंद्रों तक पहुँचाया जाता है, जहाँ उसका निपटान और रीसाइक्लिंग की जाती है। लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि मणिकंचन केंद्रों में कचरे को रीसाइक्लिंग करने के बजाय खुलेआम जलाया जा रहा है, जिससे आसपास के इलाकों में जहरीला धुआँ फैल रहा है। इससे न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है 👉 आखिर ऐसा कौन-सा कचरा है जो रीसाइक्लिंग योग्य नहीं है? 👉 यदि रीसाइक्लिंग संभव नहीं थी, तो उसे जलाने की अनुमति किसने दी? 👉 क्या स्वच्छता के नियम सिर्फ आम नागरिकों के लिए हैं? 👉 या फिर निगम के लिए नियमों में छूट है? नगर निगम खुले में कचरा जलाने पर नागरिकों पर चालानी कार्रवाई की चेतावनी देता है, लेकिन मणिकंचन केंद्र में जल रहे कचरे पर निगम की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। यदि यही हाल रहा, तो स्वच्छता रैंकिंग बढ़ाने के दावे केवल कागज़ों और भाषणों तक ही सीमित रह जाएंगे। जनता अब सिर्फ अपील नहीं, जवाब और कार्रवाई चाहती है। अब देखना यह होगा कि नगर निगम प्रशासन 👉 इस मामले पर सफाई देता है 👉 जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होती है 👉 या फिर यह एक्सपोज़ भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। स्वच्छ शहर का सपना तभी साकार होगा, जब नियम सबके लिए बराबर होंगे — चाहे वो आम नागरिक हो या खुद नगर निगम।1
- जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर ने की स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास संबंधी योजनाओं की समीक्षा हाईरिस्क वाली गर्भवती माताओं के सुरक्षित प्रसव के लिए उचित प्रबंधन करने के निर्देश कलेक्टर श्री मृणाल मीना की अध्यक्षता में 22 जनवरी को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा आयुष विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा निर्देश दिये गए। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप, सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन, जिला आयुष अधिकारी डॉ. मिलिंद चौधरी, महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक संचालक श्री प्रशांत ठाकुर, सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारी, डीपीएम, सभी बीपीएम एवं सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में सर्वप्रथम गर्भवती माताओं के एएनसी पंजीयन की समीक्षा की गई। इस दौरान कलेक्टर श्री मीना ने निर्देशित किया कि माता के गर्भवती होते ही उसका अनमोल पोर्टल पर पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी गर्भवती माता का पंजीयन अनमोल पोर्टल पर शेष नही रहना चाहिए। पंजीयन के पश्चात गर्भवती माता का नियमित अंतराल पर स्वास्थ्य परीक्षण एवं टीकाकरण अनिवार्य रूप से किया जाए। जो गर्भवती माताऍ जांच के दौरान एनीमिया से ग्रसित पायी जाए ऐसी माताओं को हाईरिस्क वाली माताओं के रूप में चिन्हित कर उनके सुरक्षित प्रसव के लिए उचित प्रबंधन किये जाए। कलेक्टर श्री मीना ने सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि गर्भवती माताओं की स्वास्थ्य जांच का डेटा पोर्टल पर समय सीमा में दर्ज किया जाए। जिससे पता चल सके कि गर्भवती माता की किस दिनांक को जांच की गई है और उसका बीपी, हिमोग्लोबिन, वजन कितना है। इस कार्य में लापरवाही पाये जाने पर संबंधित एएनएम की जिम्मेदारी तय कर उसके विरूद्ध कडी कार्यवाही की जाए और गलत एंट्री पाये जाने पर सेवा समाप्ति की कार्यवाही की जाए। उन्होंने सभी बीएमओ से कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी रहेगी कि गर्भवती माताओं के पंजीयन एवं जांच की एंट्री अनिवार्य रूप से पोर्टल पर हो और वे नियमित रूप से इसकी मानीटरिंग करें। सभी अधिकारी यह भी ध्यान रखे कि गर्भवती माता को प्रसव के लिए प्रायवेट अस्पताल न जाना पडे। बैठक में निर्देशित किया गया कि गर्भवती माता के प्रसव का पूरा रिकार्ड ऑनलाईन पोर्टल पर दर्ज किया जाए। जिसमें प्रसव कहा पर हुआ, बच्चे का वजन कितना है आदि जानकारी होना चाहिए। हाईरिस्क वाली गर्भवती माताओं की काउंसलिंग करें और उन्हें समय पर जांच व उपचार के लिए 108 एम्बुलेंस सेवा का उपयोग करें। विकासखंड स्तर पर जिन केंद्रो में प्रसव की सुविधा उपलब्ध है वहां पर सुरक्षित प्रसव कराया जाए और अनावश्यक केस रेफर न किये जाए। बैठक में बताया गया कि एएनएम रीना रंगारे द्वारा अपने कार्यों में लापरवाही बरती जा रही है इस पर उसका वेतन रोकने के निर्देश दिये गए। बैठक में निर्देशित किया गया कि जिले में कहीं पर भी प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम पीसीपीएनडीटी के अंतर्गत पंजीयन कराये बगैर सीटी स्कैन मशीन का संचालन नही होना चाहिए। सभी बीएमओ को निर्देशित किया गया कि वे अपने क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रो का परख एप्प के माध्यम से निरीक्षण अनिवार्य रूप से करें। कलेक्टर श्री मीना ने कहा कि जिले में मातृ शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए माता के गर्भवती होने के साथ ही उसके पोषण एवं स्वास्थ्य पर निगरानी रखना है। प्रसव के उपरांत शिशु के पोषण स्तर पर भी नजर रखना है, जिससे शिशु कुपोषित न हो। महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने सेम एवं मेम श्रेणी के बच्चों का चिन्हांकन कर उन्हें कुपोषण से मुक्त कराने के लिए कारगर प्रयास करने के निर्देश दिये। आंगनवाडी केंद्रो के माध्यम से वितरित किये जाने वाले टीएचआर का सत्यापन करने के निर्देश दिये गए। जिले के सभी आंगनवाडी केंद्रो में 03 से 06 वर्ष तक के आयु के बच्चों को प्री स्कूल शिक्षा अनिवार्य रूप से दिलाने के निर्देश दिये गए और कहा गया कि सभी परियोजना अधिकारी एवं सुपरवाईजर आंगनवाडी केंद्रो का प्रोटोकॉल के अनुसार निरीक्षण करें और उसकी पोर्टल पर अनिवार्य रूप से एंट्री करें। कलेक्टर श्री मीना ने कहा कि जिले में सक्षम आंगनवाडी के रूप में चिन्हित आंगनवाडी केंद्रो को प्रदाय किये गए एलईडी स्मार्ट टीवी एवं शुद्ध पेयजल के आरओ कार्य करते हुए मिलने चाहिए। जिन आंगनवाडी केंद्रो में आरओ के लिए ओव्हरहेड टैंक नही है वहां पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को इसकी व्यवस्था करने कहा जाएगा। आयुष विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान निर्देशित किया गया कि सभी आयुष आरोग्य मंदिर में आयुष चिकित्सकों व स्टॉफ की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। अनुपस्थित रहने वाले चिकित्सक एवं स्टॉफ पर कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए। कलेक्टर श्री मीना ने कहा कि जिन स्थानों पर आयुष विभाग के अस्पताल है वहां के मरीजों को जिला चिकित्सालय एवं खण्ड चिकित्सालय आने की आवश्यकता नही पडना चाहिए।1
- दुर्ग जिला पंचायत उपाध्यक्ष पवन शर्मा ने स्कुली बच्चों के साथ मनाई जन्मदिन दुर्ग जिला पंचायत उपाध्यक्ष पवन शर्मा ने आज अपना जन्मदिन स्कुली बच्चों के साथ मनाया वह सुबह से ही अपने क्षेत्र के शासकीय स्कूल पुरदा पहुंचे जहां पर स्कुली बच्चों को खिर पुरी बांटकर व केक खिलाकर अपना जन्मदिन मनाया जहा पर बोरी भाजपा मंडल क्षेत्र के सभी पदाधिकारी स्कूल स्टाप व ग्रामीण उपस्थित थे1
- Job छोड़ो Business करो #cosmetics #jewellery #tranding #business1
- 23 जनवरी को होने वाले भारत और न्यूजीलैंड के मुकाबले को लेकर STUDENT'S को कितने में मिलेगा टिकट? #cg #chhattisgarh #raipur #cgnews # police dost1
- बेन्द्रिडीह में पीएम सूर्य घर योजना से सतेंद्र साहू का बिजली बिल लगभग, 22 जनवरी गुरुवार को दोपहर 12 बजे मिली जानकारी अनुसार बता दें कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से खैरागढ़ विकासखंड के ग्राम बेन्द्रिडीह निवासी सतेंद्र साहू को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर रूफटॉप पैनल लगवाया, जिससे एक माह में ही उनका बिजली बिल लगभग समाप्त हो गया। पहले जहां उन्हें औसतन 15 सौ रुपये प्रति माह बिजली बिल देना पड़ता था, वहीं दिसंबर माह में मात्र 20 रुपये का बिल आया। योजना के तहत उन्हें 1 लाख 8 हजार रुपये तक की सब्सिडी का लाभ भी मिला है। यह योजना ग्रामीणों को स्वच्छ ऊर्जा और आर्थिक बचत से जोड़ रही है।1