*ब्रेकिंग न्यूज | बलौदा बाजार हनी ट्रैप कांड में बड़ा घटनाक्रम कई एफआईआर, कई बड़े नाम* *फरार भाजपा नेता संकेत शुक्ला ने किया सरेंडर, पुलिस रिमांड में गहन पूछताछ शुरू* *संपादक बलौदाबाजार* *8839398932* https://vandebharatlivetvnews.com/?p=662132 बलौदा बाजार के बहुचर्चित हनी ट्रैप और सेक्सटॉर्शन कांड में बुधवार को बड़ा मोड़ आ गया, जब लंबे समय से फरार चल रहे भाजपा नेता संकेत शुक्ला ने आखिरकार अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। इस हाई-प्रोफाइल केस में पहले ही कई प्रभावशाली चेहरे जेल जा चुके हैं, और अब मुख्य आरोपी के सरेंडर से जांच एक बार फिर तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट से झटका, बढ़ा दबाव सूत्रों के अनुसार, संकेत शुक्ला ने यह कदम तब उठाया जब उसकी जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज कर दी गई। कानूनी दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था, जिसके चलते उसने बुधवार 15 अप्रैल को जिला एवं सत्र न्यायालय, बलौदा बाजार में अपने वकील के माध्यम से सरेंडर किया। सरेंडर के तुरंत बाद पुलिस एक्शन अदालत में पेशी के तुरंत बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने संकेत शुक्ला को हिरासत में लेकर रिमांड पर ले लिया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है, जिसमें खासतौर पर इन बिंदुओं पर फोकस है: पूरे हनी ट्रैप नेटवर्क का संचालन कैसे होता था गिरोह में शामिल मुख्य लोग कौन हैं पैसों का लेन-देन और ट्रांजैक्शन चैनल ब्लैकमेलिंग के तरीके और टारगेट चयन पुलिस अधिकारियों का मानना है कि संकेत शुक्ला से पूछताछ में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। 🕸️ क्या है पूरा हनी ट्रैप कांड? यह सनसनीखेज मामला वर्ष 2024 में सामने आया था, जब जिले में संगठित रूप से चल रहे हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग रैकेट का पर्दाफाश हुआ। जांच में सामने आया कि: कुछ महिलाएं प्रभावशाली लोगों को अपने जाल में फंसाती थीं आपत्तिजनक वीडियो और फोटो बनाए जाते थे बाद में वायरल करने की धमकी देकर मोटी रकम वसूली जाती थी कई एफआईआर, कई बड़े नाम अब तक इस मामले में चार से अधिक एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। जांच के दौरान जिन लोगों के नाम सामने आए, उनमें शामिल हैं: पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी कारोबारी वकील कुछ पत्रकार इससे यह मामला और भी संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल बन गया। महिलाओं की गिरफ्तारी और जमानत इस सेक्सटॉर्शन रैकेट में शामिल करीब आधा दर्जन महिलाओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। हालांकि बाद में उन्हें अदालत से जमानत मिल गई और फिलहाल वे बाहर हैं। लाखों रुपये की ब्लैकमेलिंग जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इस गिरोह ने ब्लैकमेलिंग के जरिए लाखों रुपये की उगाही की। कई पीड़ितों से बड़ी रकम वसूली गई, जिससे यह मामला आर्थिक अपराध की श्रेणी में भी गंभीर बन गया। संकेत शुक्ला की भूमिका क्यों अहम? पुलिस के मुताबिक, संकेत शुक्ला इस पूरे नेटवर्क की मुख्य कड़ी है। उसकी गिरफ्तारी से यह उम्मीद की जा रही है कि: गिरोह का मास्टरमाइंड कौन है नेटवर्क कितना बड़ा है किन-किन प्रभावशाली लोगों की भूमिका है इन सभी सवालों के जवाब सामने आ सकते हैं। आगे क्या? फिलहाल पुलिस रिमांड में लेकर लगातार पूछताछ जारी है। संभावना जताई जा रही है कि: और बड़े नाम उजागर हो सकते हैं नए आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकती है मामले में और एफआईआर दर्ज हो सकती हैं फिर सुर्खियों में आया मामला संकेत शुक्ला के सरेंडर के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बन गया है। आने वाले दिनों में यह केस और भी बड़े खुलासों के साथ प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा सकता है।
*ब्रेकिंग न्यूज | बलौदा बाजार हनी ट्रैप कांड में बड़ा घटनाक्रम कई एफआईआर, कई बड़े नाम* *फरार भाजपा नेता संकेत शुक्ला ने किया सरेंडर, पुलिस रिमांड में गहन पूछताछ शुरू* *संपादक बलौदाबाजार* *8839398932* https://vandebharatlivetvnews.com/?p=662132 बलौदा बाजार के बहुचर्चित हनी ट्रैप और सेक्सटॉर्शन कांड में बुधवार को बड़ा मोड़ आ गया, जब लंबे समय से फरार चल रहे भाजपा नेता संकेत शुक्ला ने आखिरकार अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। इस हाई-प्रोफाइल केस में पहले ही कई प्रभावशाली चेहरे जेल जा चुके हैं, और अब मुख्य आरोपी के सरेंडर से जांच एक बार फिर तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट से झटका, बढ़ा दबाव सूत्रों के अनुसार, संकेत शुक्ला ने यह कदम तब उठाया जब उसकी जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज कर दी गई। कानूनी दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था, जिसके चलते उसने बुधवार 15 अप्रैल को जिला एवं सत्र न्यायालय, बलौदा बाजार में अपने वकील के माध्यम से सरेंडर किया। सरेंडर के तुरंत बाद पुलिस एक्शन अदालत में पेशी के तुरंत बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने संकेत शुक्ला को हिरासत में लेकर रिमांड पर ले लिया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है, जिसमें खासतौर पर इन बिंदुओं पर फोकस है: पूरे हनी ट्रैप नेटवर्क का संचालन कैसे होता था गिरोह में शामिल मुख्य लोग कौन हैं पैसों का लेन-देन और ट्रांजैक्शन चैनल ब्लैकमेलिंग के तरीके और टारगेट चयन पुलिस अधिकारियों का मानना है कि संकेत शुक्ला से पूछताछ में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। 🕸️ क्या है पूरा हनी ट्रैप कांड? यह सनसनीखेज मामला वर्ष 2024 में सामने आया था, जब जिले में संगठित रूप से चल रहे हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग रैकेट का पर्दाफाश हुआ। जांच में सामने आया कि: कुछ महिलाएं प्रभावशाली लोगों को अपने जाल में फंसाती थीं आपत्तिजनक वीडियो और फोटो बनाए जाते थे बाद में वायरल करने की धमकी देकर मोटी रकम वसूली जाती थी कई एफआईआर, कई बड़े नाम अब तक इस मामले में चार से अधिक एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। जांच के दौरान जिन लोगों के नाम सामने आए, उनमें शामिल हैं: पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी कारोबारी वकील कुछ पत्रकार इससे यह मामला और भी संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल बन गया। महिलाओं की गिरफ्तारी और जमानत इस सेक्सटॉर्शन रैकेट में शामिल करीब आधा दर्जन महिलाओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। हालांकि बाद में उन्हें अदालत से जमानत मिल गई और फिलहाल वे बाहर हैं। लाखों रुपये की ब्लैकमेलिंग जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इस गिरोह ने ब्लैकमेलिंग के जरिए लाखों रुपये की उगाही की। कई पीड़ितों से बड़ी रकम वसूली गई, जिससे यह मामला आर्थिक अपराध की श्रेणी में भी गंभीर बन गया। संकेत शुक्ला की भूमिका क्यों अहम? पुलिस के मुताबिक, संकेत शुक्ला इस पूरे नेटवर्क की मुख्य कड़ी है। उसकी गिरफ्तारी से यह उम्मीद की जा रही है कि: गिरोह का मास्टरमाइंड कौन है नेटवर्क कितना बड़ा है किन-किन प्रभावशाली लोगों की भूमिका है इन सभी सवालों के जवाब सामने आ सकते हैं। आगे क्या? फिलहाल पुलिस रिमांड में लेकर लगातार पूछताछ जारी है। संभावना जताई जा रही है कि: और बड़े नाम उजागर हो सकते हैं नए आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकती है मामले में और एफआईआर दर्ज हो सकती हैं फिर सुर्खियों में आया मामला संकेत शुक्ला के सरेंडर के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बन गया है। आने वाले दिनों में यह केस और भी बड़े खुलासों के साथ प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा सकता है।
- छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले में वेदांता पावर प्लांट में बड़ा हादसा हो गया। बॉयलर ब्लास्ट के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 14 मजदूरों की मौत की आशंका जताई जा रही है, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हैं। 👉 मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी 👉 प्रशासन और पुलिस की टीम तैनात 👉 हादसे के कारणों की जांच शुरू ⚠️ मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है 📢 Jay Johar CG News — खबर सच की जड़ तक1
- मुंगेली पुलिस ने फास्टरपुर-सेतगंगा क्षेत्र में हुए अंधे कत्ल की गुत्थी महज 24 घंटे में सुलझा ली। गाड़ाघाट के पास मिली महिला की लाश के मामले में पुलिस ने आरोपी लालाराम यादव को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि प्रेम संबंध के चलते शादी का दबाव बन रहा था, जिससे परेशान होकर आरोपी ने महिला की गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मोबाइल और बाइक जब्त कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। इस कार्रवाई में पुलिस टीम की तत्परता और सूझबूझ देखने को मिली। #MungeliPolice #BlindMurderCase #CrimeNews #BreakingNews #PoliceAction #ChhattisgarhNews #MurderMysterySolved #LoveAffairCrime #FastActionPolice #HindiNews1
- बजरंग पावर प्लांट रायपुर में मौत का तांडव: क्या छत्तीसगढ़िया भाई की जान की कीमत 'चना-मुर्रा' है? भड़की छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना #bajrangpowerplantraipur #ChhattisgarhiyaKrantiSena1
- बिल्हा नगर पंचायत द्वारा नगर के प्रथम युवा कांग्रेस अध्यक्ष रहें जेपी तिवारी को निधन पर दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि मंगलवार की रात 9:00 बजे नगर पंचायत बिल्हा से मिली जानकारी के अनुसार नगर पंचायत बिल्हा द्वारा स्वर्गीय जय प्रकाश तिवारी उर्फ जेपी तिवारी को मंगलवार को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर नगर पंचायत कार्यालय में दोपहर 1 बजे मुख्य नगर पंचायत अधिकारी प्रवीण कुमार गहलोत के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी पदाधिकारियों, कर्मचारियों एवं नागरिकों ने स्वर्गीय तिवारी को याद करते हुए 1 मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके पश्चात उनकी स्मृति में उपस्थित लोगों एवं बच्चों को अल्पाहार एवं मिठी लस्सी वितरित की गई। इस श्रद्धांजलि सभा में स्वर्गीय जेपी तिवारी के करीबी मित्र डॉ. मनितोष सरकार, पार्षद घनश्याम डहरिया सहित लगभग 70 से अधिक लोग उपस्थित रहे। मुख्य नगर पंचायत अधिकारी प्रवीण कुमार गहलोत ने स्व. तिवारी को एक समर्पित जनसेवक और मददगार व्यक्ति बताते हुए उनके योगदान को याद किया। गौरतलब है कि जय प्रकाश तिवारी का 12 अप्रैल को बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद असमय निधन हो गया था। वे 48 वर्ष के थे। उनका जन्म 4 सितंबर 1988 को बिल्हा के ग्राम गोढ़ी में हुआ था। स्व. तिवारी बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के प्रथम युवा कांग्रेस अध्यक्ष भी रहे थे। उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है और उन्हें एक कर्मठ एवं समाजसेवी व्यक्तित्व के रूप में याद किया जा रहा है।1
- बिलासपुर के कोनी क्षेत्र स्थित रिव्हर व्यू कॉलोनी में रहकर पढ़ाई कर रही 20 वर्षीय लॉ की छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान रायगढ़ निवासी सृष्टि गुप्ता के रूप में हुई है, जो यहां किराए के मकान में रहकर पढ़ाई कर रही थी। मिली जानकारी के अनुसार 14 अप्रैल की सुबह छात्रा के परिजनों ने उसे फोन किया था। इस दौरान पढ़ाई को लेकर उसे डांट लगाई गई थी, जिससे वह काफी व्यथित बताई जा रही थी।1
- जांजगीर-चांपा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 1.70 लाख की ठगी करने वाला आरोपी बिहार से गिरफ्तार1
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- बिल्हा पुलिस ने रात्रि का फायदा उठाकर पीडिता को अकेली पाकर शोषण करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल मंगलवार की रात 9:30 पर बिल्हा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ’’ नाम आरोपी - मुकेश कुमार ढीमर पिता मंगल ढीमर उम्र 23 वर् निवासी वार्ड क्रमांक 03 बिल्हा थाना बिल्हा जिला बिलासपुर मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थीया द्वारा दिनांक 13.04.2026 को थाना उपस्थित आकर लिखित आवेदन प्रस्तुत कर रिपोर्ट दर्ज करायी कि दिनांक 26.03.2026 के रात्रि करीबन 02 बजे मुकेश ढीमर घर अन्दर घुसकर चाॅकू अडाकर बेईज्जत करने के नियत से हाथ बाह पकडकर बलात्कार करने एवं जान से मारने की धमकी दिये जाने के रिपोर्ट पर अपराध पंजीबध्द कर थाना प्रभारी द्वारा हालात से श्रीमान उमनि एवं वपुअ महोदय श्री रजनेश सिंह (भा.पु.से.) बिलासपुर को अवगत कराकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदया मधुलिका सिंह एवं नगर पुलिस अधीक्षक महोदय चकरभाठा श्री डी.आर. टण्डन से मार्गदर्शन पाकर टीम गठित कर आरोपी मुकेश कुमार ढीमर का पतासाजी कर थाना लाकर पर पूछताछ किया जो प्रार्थीया के साथ अपराध घटित करना स्वीकार किये जाने पर आरोपी को अपराध धारा - 296,115(2),332(बी),351(3),74,76,64(1) भा.न्या.स. के तहत मंगलवार को विधिवत् गिरफ्तार कर गिरफ्तारी की सूचना से परिजन को अवगत कराकर माननीय न्यायालय न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया। प्रकरण की उक्त कार्यवाही में निरीक्षक तोपसिंह नवरंग, प्र.आर. 102 अमर चन्द्रा, आरक्षक 1431 अर्जुन जांगडे व आर. 1390 संतोष मरकाम की अहम भूमिका रही।1