मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 22 जून को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास के लिए 5 हजार 960 करोड़ रुपये के कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना और कल्याणी विवाह सहायता योजना को 1 अप्रैल 2026 से अगले 5 वर्षों तक जारी रखने के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रुपये की राशि को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना 1 अप्रैल 2006 से प्रदेश में लागू है, जिसके तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों की विवाह योग्य कन्या, विधवा या परित्यक्ता के सामूहिक विवाह के लिए प्रति कन्या 55 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना से वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 1 लाख 72 हजार 905 हितग्राहियों को 989 करोड़ 80 लाख 62 हजार रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है, जो महिला सशक्तिकरण और विवाह की वैधानिक आयु सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण है। शैक्षणिक पहुंच और गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से, कैबिनेट ने शासकीय माध्यमिक शालाओं को हाई स्कूल में और हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी में अपग्रेड करने की योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी। इसके तहत 2026-27 में 75 माध्यमिक शालाओं और 100 हाई स्कूलों का उन्नयन किया जाएगा। अगले दो वर्षों 2027-28 और 2028-29 में भी प्रतिवर्ष इसी प्रकार 75 माध्यमिक और 100 हाई स्कूलों के उन्नयन पर सहमति बनी, जिसके लिए अनुमानित व्यय राशि 635 करोड़ 24 लाख रुपये है। विकसित मध्यप्रदेश@2047 के तहत वर्ष 2029 तक 100 प्रतिशत सकल नामांकन दर हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में हाई स्कूल स्तर पर सकल नामांकन दर 75 प्रतिशत और हायर सेकेंडरी स्तर पर 55 प्रतिशत है। विद्यालयों की दूरी अधिक होने के कारण ड्रॉपआउट दर बढ़ने की समस्या को कम करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। सांदीपनि विद्यालयों के कैचमेंट एरिया में आने वाले विद्यालयों का उन्नयन नहीं किया जाएगा, बल्कि उन विद्यार्थियों को सांदीपनि विद्यालय में प्रवेश दिया जाएगा। किसानों के हित में एक अहम फैसला लेते हुए कैबिनेट ने वर्ष 2026-27 के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण दिए जाने की योजना की शर्तों को स्वीकृति दी। इसके अनुसार, खरीफ और रबी सीजन के लिए अलग-अलग देय तिथियों के बजाय वार्षिक एकल ऋण सीमा निर्धारित की जाएगी, जो प्रथम ऋण आहरण से 12 माह तक मान्य होगी। अल्पावधि फसल ऋण लेने वाले किसानों को राज्य शासन द्वारा 1.25 प्रतिशत सामान्य ब्याज अनुदान और निर्धारित ड्यू डेट तक ऋण चुकाने वाले किसानों को 4 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन ब्याज अनुदान दिया जाएगा। यह योजना वर्ष 2012-13 से लागू है, जिसके तहत 3 लाख रुपये तक के अल्पावधि फसल ऋण पर किसानों से कोई ब्याज नहीं लिया जाता है। इसके अतिरिक्त, कैबिनेट ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुपालन में सत्र 2026-27 में शुजालपुर (शाजापुर) में एक नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ करने को भी मंजूरी दी। इसके लिए शैक्षणिक वर्ग के 9 और अशैक्षणिक वर्ग के 8 पदों सहित कुल 17 पदों के सृजन तथा 2 करोड़ 39 लाख 92 हजार रुपये के व्यय को स्वीकृति मिली है। यह कदम बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार विधि पाठ्यक्रमों को संकाय के बजाय पृथक महाविद्यालय में संचालित करने की आवश्यकता को पूरा करेगा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत परिवहन और कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के निरंतर संचालन हेतु 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही, प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत विद्युतीकरण कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा दिए गए केन्द्रांश पर देय एसजीएसटी की राशि को राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अंश पूंजी के रूप में उपलब्ध करवाने का निर्णय भी लिया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 22 जून को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास के लिए 5 हजार 960 करोड़ रुपये के कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना और कल्याणी विवाह सहायता योजना को 1 अप्रैल 2026 से अगले 5 वर्षों तक जारी रखने के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रुपये की राशि को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना 1 अप्रैल 2006 से प्रदेश में लागू है, जिसके तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों की विवाह योग्य कन्या, विधवा या परित्यक्ता के सामूहिक विवाह के लिए प्रति कन्या 55 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना से वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 1 लाख 72 हजार 905 हितग्राहियों को 989 करोड़ 80 लाख 62 हजार रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है, जो महिला सशक्तिकरण और विवाह की वैधानिक आयु सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण है। शैक्षणिक पहुंच और गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से, कैबिनेट ने शासकीय माध्यमिक शालाओं को हाई स्कूल में और हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी में अपग्रेड करने की योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी। इसके तहत 2026-27 में 75 माध्यमिक शालाओं और 100 हाई स्कूलों का उन्नयन किया जाएगा। अगले दो वर्षों
2027-28 और 2028-29 में भी प्रतिवर्ष इसी प्रकार 75 माध्यमिक और 100 हाई स्कूलों के उन्नयन पर सहमति बनी, जिसके लिए अनुमानित व्यय राशि 635 करोड़ 24 लाख रुपये है। विकसित मध्यप्रदेश@2047 के तहत वर्ष 2029 तक 100 प्रतिशत सकल नामांकन दर हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में हाई स्कूल स्तर पर सकल नामांकन दर 75 प्रतिशत और हायर सेकेंडरी स्तर पर 55 प्रतिशत है। विद्यालयों की दूरी अधिक होने के कारण ड्रॉपआउट दर बढ़ने की समस्या को कम करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। सांदीपनि विद्यालयों के कैचमेंट एरिया में आने वाले विद्यालयों का उन्नयन नहीं किया जाएगा, बल्कि उन विद्यार्थियों को सांदीपनि विद्यालय में प्रवेश दिया जाएगा। किसानों के हित में एक अहम फैसला लेते हुए कैबिनेट ने वर्ष 2026-27 के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण दिए जाने की योजना की शर्तों को स्वीकृति दी। इसके अनुसार, खरीफ और रबी सीजन के लिए अलग-अलग देय तिथियों के बजाय वार्षिक एकल ऋण सीमा निर्धारित की जाएगी, जो प्रथम ऋण आहरण से 12 माह तक मान्य होगी। अल्पावधि फसल ऋण लेने वाले किसानों को राज्य शासन द्वारा 1.25 प्रतिशत सामान्य ब्याज अनुदान और निर्धारित ड्यू डेट तक ऋण चुकाने वाले किसानों को 4 प्रतिशत अतिरिक्त
प्रोत्साहन ब्याज अनुदान दिया जाएगा। यह योजना वर्ष 2012-13 से लागू है, जिसके तहत 3 लाख रुपये तक के अल्पावधि फसल ऋण पर किसानों से कोई ब्याज नहीं लिया जाता है। इसके अतिरिक्त, कैबिनेट ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुपालन में सत्र 2026-27 में शुजालपुर (शाजापुर) में एक नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ करने को भी मंजूरी दी। इसके लिए शैक्षणिक वर्ग के 9 और अशैक्षणिक वर्ग के 8 पदों सहित कुल 17 पदों के सृजन तथा 2 करोड़ 39 लाख 92 हजार रुपये के व्यय को स्वीकृति मिली है। यह कदम बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार विधि पाठ्यक्रमों को संकाय के बजाय पृथक महाविद्यालय में संचालित करने की आवश्यकता को पूरा करेगा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत परिवहन और कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के निरंतर संचालन हेतु 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही, प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत विद्युतीकरण कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा दिए गए केन्द्रांश पर देय एसजीएसटी की राशि को राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अंश पूंजी के रूप में उपलब्ध करवाने का निर्णय भी लिया गया।
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 22 जून को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास के लिए 5 हजार 960 करोड़ रुपये के कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना और कल्याणी विवाह सहायता योजना को 1 अप्रैल 2026 से अगले 5 वर्षों तक जारी रखने के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रुपये की राशि को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना 1 अप्रैल 2006 से प्रदेश में लागू है, जिसके तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों की विवाह योग्य कन्या, विधवा या परित्यक्ता के सामूहिक विवाह के लिए प्रति कन्या 55 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना से वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 1 लाख 72 हजार 905 हितग्राहियों को 989 करोड़ 80 लाख 62 हजार रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है, जो महिला सशक्तिकरण और विवाह की वैधानिक आयु सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण है। शैक्षणिक पहुंच और गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से, कैबिनेट ने शासकीय माध्यमिक शालाओं को हाई स्कूल में और हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी में अपग्रेड करने की योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी। इसके तहत 2026-27 में 75 माध्यमिक शालाओं और 100 हाई स्कूलों का उन्नयन किया जाएगा। अगले दो वर्षों 2027-28 और 2028-29 में भी प्रतिवर्ष इसी प्रकार 75 माध्यमिक और 100 हाई स्कूलों के उन्नयन पर सहमति बनी, जिसके लिए अनुमानित व्यय राशि 635 करोड़ 24 लाख रुपये है। विकसित मध्यप्रदेश@2047 के तहत वर्ष 2029 तक 100 प्रतिशत सकल नामांकन दर हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में हाई स्कूल स्तर पर सकल नामांकन दर 75 प्रतिशत और हायर सेकेंडरी स्तर पर 55 प्रतिशत है। विद्यालयों की दूरी अधिक होने के कारण ड्रॉपआउट दर बढ़ने की समस्या को कम करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। सांदीपनि विद्यालयों के कैचमेंट एरिया में आने वाले विद्यालयों का उन्नयन नहीं किया जाएगा, बल्कि उन विद्यार्थियों को सांदीपनि विद्यालय में प्रवेश दिया जाएगा। किसानों के हित में एक अहम फैसला लेते हुए कैबिनेट ने वर्ष 2026-27 के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण दिए जाने की योजना की शर्तों को स्वीकृति दी। इसके अनुसार, खरीफ और रबी सीजन के लिए अलग-अलग देय तिथियों के बजाय वार्षिक एकल ऋण सीमा निर्धारित की जाएगी, जो प्रथम ऋण आहरण से 12 माह तक मान्य होगी। अल्पावधि फसल ऋण लेने वाले किसानों को राज्य शासन द्वारा 1.25 प्रतिशत सामान्य ब्याज अनुदान और निर्धारित ड्यू डेट तक ऋण चुकाने वाले किसानों को 4 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन ब्याज अनुदान दिया जाएगा। यह योजना वर्ष 2012-13 से लागू है, जिसके तहत 3 लाख रुपये तक के अल्पावधि फसल ऋण पर किसानों से कोई ब्याज नहीं लिया जाता है। इसके अतिरिक्त, कैबिनेट ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुपालन में सत्र 2026-27 में शुजालपुर (शाजापुर) में एक नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ करने को भी मंजूरी दी। इसके लिए शैक्षणिक वर्ग के 9 और अशैक्षणिक वर्ग के 8 पदों सहित कुल 17 पदों के सृजन तथा 2 करोड़ 39 लाख 92 हजार रुपये के व्यय को स्वीकृति मिली है। यह कदम बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार विधि पाठ्यक्रमों को संकाय के बजाय पृथक महाविद्यालय में संचालित करने की आवश्यकता को पूरा करेगा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत परिवहन और कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के निरंतर संचालन हेतु 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही, प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत विद्युतीकरण कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा दिए गए केन्द्रांश पर देय एसजीएसटी की राशि को राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अंश पूंजी के रूप में उपलब्ध करवाने का निर्णय भी लिया गया।3
- डिंडोरी जिले में वन विभाग ने सर्प से बचाव के लिए एक दल तैनात किया है। यह बचाव दल जिले के सभी रेंज में अपनी सेवाएँ देगा।4
- भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ, जिला इकाई शहडोल ने पत्रकारों के विरुद्ध कथित तौर पर झूठी और भ्रामक शिकायतें कर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करने के प्रयासों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। इस संबंध में, महासंघ ने पुलिस अधीक्षक शहडोल को एक ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। महासंघ के जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र तिवारी द्वारा प्रस्तुत आवेदन में बताया गया है कि वरिष्ठ पत्रकार साथी एवं ब्लॉक महासचिव रामराज गुप्ता तथा संभागीय उपाध्यक्ष निलेश सोनी के खिलाफ पत्रकार सूर्यभान यादव ने फोन पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत की है, जिसे महासंघ ने प्रथम दृष्टया तथ्यहीन और भ्रामक करार दिया है। महासंघ के अनुसार, ग्राम साखी के सरपंच हीरालाल साकेत ने निलेश सोनी को दूरभाष पर यह जानकारी दी थी कि पत्रकार सूर्यभान यादव द्वारा किसी अन्य संगठन के नाम पर राशि लिए जाने और अतिरिक्त धनराशि की मांग किए जाने की बात सामने आई थी। इसी संबंध में तथ्य जानने के उद्देश्य से निलेश सोनी ने सूर्यभान यादव से फोन पर संपर्क किया था, जिसके दौरान बातचीत में विवाद की स्थिति बनी। इसके बाद कथित रूप से ऑडियो को संपादित कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया और निलेश सोनी के विरुद्ध थाना ब्यौहारी में शिकायत भी दर्ज करा दी गई। महासंघ ने यह भी आरोप लगाया है कि ब्लॉक महासचिव रामराज गुप्ता के विरुद्ध भी बिना किसी ठोस आधार के शिकायत दर्ज कराई गई, जिससे उनकी पत्रकारिता और सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है। इस मामले को लेकर भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की ब्लॉक इकाई ब्यौहारी ने 17 जून 2026 को थाना प्रभारी ब्यौहारी को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से पत्रकारों में असंतोष व्याप्त है। महासंघ का कहना है कि पत्रकारों के विरुद्ध झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करना और मानसिक प्रताड़ना देना लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। संगठन ने आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्ति लगातार पत्रकार साथियों को बदनाम करने और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। महासंघ ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि वायरल किए गए ऑडियो की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच कराई जाए ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि शिकायत मिथ्या एवं दुर्भावनापूर्ण पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) सहित अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। महासंघ ने प्रभावित पत्रकारों की प्रतिष्ठा और सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील करते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि जिला पुलिस प्रशासन निष्पक्षता और कानून सम्मत कार्रवाई करते हुए पूरे मामले में न्याय सुनिश्चित करेगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि वह पत्रकारों की गरिमा एवं स्वतंत्र पत्रकारिता की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है और किसी भी दुर्भावनापूर्ण गतिविधि का लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से विरोध करता रहेगा।1
- मंडला में 26 जून को एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन इस शिविर के संबंध में अपना जनजागरण अभियान तेज गति से चला रहा है।1
- कबीरधाम जिले के बोड़ला नगर पंचायत स्थित कबीर कुटी में सद्गुरु कबीर साहेब का तहसील स्तरीय प्राकट्य उत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। सत्यनाम के जयघोष और भक्ति भाव से ओत-प्रोत इस कार्यक्रम का आयोजन विश्व वंदनीय सद्गुरु कबीर धनी धर्मदास साहेब, पंथ श्री हूजूर प्रकाश मुनि नाम साहेब, पंथ श्री हूजूर उदित मुनि नाम साहेब और चार गुरु वंश 42 की असीम कृपा से हुआ। मंगलवार सुबह 6 बजे से ही बोड़ला तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों से कबीर पंथी समाज के अनुयायी, एसकेडीवी मिशन के प्रतिनिधि, समिति के सदस्य, साधु-संत, गुरुजन, आमीन माता महिला मंडल, नवयुवक मंडल तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम स्थल पर पहुँचने लगे। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 7 बजे गुरु महिमा पाठ से हुई, जिसके बाद सुबह 9 बजे एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में श्रद्धालुओं ने ध्वज-निशान के साथ नगर भ्रमण करते हुए कबीर साहेब के संदेशों का प्रचार-प्रसार किया। शोभायात्रा के पश्चात ध्वज-निशान पूजा, आनंदी चौका और आरती का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का समापन परम पूज्य गुरुगोसाई श्री दिलीप साहेब जी के करकमलों द्वारा कराया गया। इस अवसर पर विभिन्न भजन मंडलियों ने, जिनमें आसपास के दर्जनों गांवों से आई मंडलियां और टीमें भी शामिल थीं, कबीर वाणी और भजनों की शानदार प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सुबह 10 बजे से विशाल भोजन भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस पावन अवसर पर पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व सदस्य महेश चंद्रवंशी भी उपस्थित रहे और उन्होंने समाजजनों को प्राकट्य उत्सव की शुभकामनाएं दीं। एसकेडीवीएम के तहसील स्तरीय पदाधिकारियों समेत सैकड़ों की संख्या में सकल कबीर पंथ समाज के अनुयायी भी इस आयोजन में शामिल हुए, जिसने पूरे वातावरण को श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता से भर दिया।1
- अनूपपुर के बिजुरी थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए बाइक की डिग्गी से ₹50,000 की चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय शातिर आरोपी ओमप्रकाश सिसोदिया उर्फ बच्चा कंजर को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना बिजुरी अस्पताल के पास हुई थी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी किए गए ₹47,500 नकद और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की है। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने बिजुरी के साथ-साथ थाना रामनगर क्षेत्र में भी इसी तरह की वारदातें करने की बात स्वीकार की है। ओमप्रकाश सिसोदिया के खिलाफ मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में चोरी, लूट, नकबजनी और आर्म्स एक्ट के तहत 15 से अधिक मामले दर्ज हैं। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी विकास सिंह और उनकी टीम की भूमिका सराहनीय रही। अनूपपुर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे अपने वाहनों में नगदी, कीमती सामान और जरूरी दस्तावेज असुरक्षित न छोड़ें, तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।2
- मध्य प्रदेश के मंडला जिले के नारायणगंज विकासखंड में गैर-सरकारी संगठनों द्वारा ग्रामीण विकास के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। जनपद अध्यक्ष आसाराम भारतीया ने इस मामले में मोर्चा खोलते हुए कलेक्टर को पत्र सौंपा है और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। यह भ्रष्टाचार बबलिया सहित अन्य क्षेत्रों में खेत तालाब और शेड निर्माण से संबंधित है। आरोप है कि प्रदान और उद्योगिनी समेत अन्य संस्थाएं वर्ष 2013 से इन क्षेत्रों में सक्रिय हैं, लेकिन धरातल पर तकनीकी प्राक्कलन के अनुसार न तो तालाब निर्माण, न ही उनका गहरीकरण और न ही शेड निर्माण किया गया है। नियमों को ताक पर रखकर, बिना सूचना पटल लगाए, केवल कागजों में ही करोड़ों की राशि का आहरण कर बंदरबांट की गई है। इसके अलावा, गरीब किसानों से नक्शा-खसरा लेने के बावजूद पशुपालन और बगीचा रोपण जैसी योजनाएं भी मौके से गायब मिली हैं। जनपद अध्यक्ष ने दोषी संस्थाओं और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।1
- लखनऊ अग्निकांड में काल कलवित हुए अनूपपुर जिले के भालूमाड़ा निवासी जयनिल चक्रवर्ती का पार्थिव शरीर आज उनके गृह ग्राम भालूमाड़ा पहुंचा। इस दुखद घड़ी में पूरे माहौल में शोक व्याप्त था, और जयनिल चक्रवर्ती का अंतिम संस्कार अत्यंत गमगीन वातावरण में संपन्न हुआ।1