प्रेस नोट ‘आज़ाद अंबाला हस्ताक्षर अभियान’ की सदर बाजार से शुरुआत “दशकों से कर हमारा, तो मालिकाना हक भी हमारा” — चित्रा सरवारा अंबाला छावनी: अंबाला छावनी को फ्री-होल्ड कराने की मांग को लेकर टीम चित्रा की संस्थापक एवं नेत्री चित्रा सरवारा के नेतृत्व में ‘आज़ाद अंबाला हस्ताक्षर अभियान’ की शुरुआत रविवार को सदर बाजार चौक से की गई। अभियान के दौरान सदर क्षेत्र में दुकानदारों एवं स्थानीय लोगों से हस्ताक्षर करवाए गए और उन्हें अभियान से संबंधित हैंडबिल वितरित किए गए। इस अवसर पर चित्रा सरवारा ने कहा कि अंबाला छावनी के एक्साइज एरिया में हजारों परिवार दशकों से ग्रांट के तहत मिली संपत्तियों में रह रहे हैं। इन परिवारों ने वर्षों से हाउस टैक्स, स्टाम्प ड्यूटी सहित विभिन्न सरकारी शुल्कों का भुगतान किया है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपनी संपत्तियों पर पूर्ण, स्पष्ट और सुरक्षित मालिकाना हक नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा, “जब दशकों से कर हमारा है, तो मालिकाना हक भी हमारा होना चाहिए।” उन्होंने कहा कि यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के अधिकार, सम्मान और भविष्य की आवाज है। चित्रा सरवारा ने बताया कि ‘आज़ाद अंबाला हस्ताक्षर अभियान’ को फ्री-होल्ड मुद्दे से प्रभावित सभी क्षेत्रों और बूथों तक ले जाया जाएगा। अभियान के तहत टीमों द्वारा घर-घर जाकर जनसंपर्क किया जाएगा और लोगों को इस मुद्दे से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक रविवार को सदर बाजार सहित अलग-अलग बाजारों में शॉप-टू-शॉप हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक इस मुद्दे का ठोस और स्थायी समाधान नहीं हो जाता। टीम चित्रा का लक्ष्य है कि इस मुद्दे से प्रभावित कम से कम 50 प्रतिशत परिवारों/लोगों के हस्ताक्षर एकत्रित कर उन्हें एक ज्ञापन के माध्यम से सरकार के उच्चतम स्तर तक पहुंचाया जाए। चित्रा सरवारा ने कहा कि इस मुद्दे के समाधान का एक महत्वपूर्ण अवसर पिछली सरकार के कार्यकाल में भी मौजूद था, जब अंबाला से सत्तापक्ष के विधायक हरियाणा सरकार में निकाय मंत्री थे। उन्होंने सवाल उठाया कि उस समय अंबाला छावनी के हजारों परिवारों से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे को प्राथमिकता क्यों नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि अभी भी समय है। यदि अंबाला की जनता एकजुट होकर अपनी आवाज उठाती है, तो सरकार को इस विषय पर गंभीरता से निर्णय लेना होगा। “अगर हम अभी भी अपने अधिकार के लिए सक्रिय नहीं हुए, तो यह अपने वर्तमान और अपने बच्चों के भविष्य के प्रति बहुत बड़ी चूक होगी।” प्रस्तावित फ्री-होल्ड नीति पर सवाल उठाते हुए चित्रा सरवारा ने कहा कि फ्री-होल्ड का उद्देश्य लोगों को उनके संपत्ति अधिकार सुरक्षित और स्पष्ट रूप से देना होना चाहिए, न कि उन पर नया आर्थिक बोझ डालना। उन्होंने प्रस्तावित ड्राफ्ट पॉलिसी में कलेक्टर रेट के आधार पर लगभग 60 हजार से 72 हजार रुपये प्रति वर्ग गज तक शुल्क लगाए जाने के प्रस्ताव पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी राशि हजारों परिवारों के लिए गंभीर आर्थिक चुनौती बन सकती है। जो परिवार दशकों से अपनी संपत्तियों से जुड़े कर एवं सरकारी शुल्क अदा करते आए हैं, उनसे अपने ही घर को पूर्ण स्वामित्व में लेने के लिए दोबारा भारी रकम वसूलना न्यायसंगत नहीं होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के कारण लोगों को रजिस्ट्री एवं स्वामित्व हस्तांतरण, भवन नक्शों की स्वीकृति और बैंक ऋण जैसी अनेक व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सरकार को ऐसी सरल, स्पष्ट, न्यूनतम और व्यावहारिक शुल्क वाली तथा समयबद्ध फ्री-होल्ड नीति बनानी चाहिए, जिससे लोगों की इन समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके। चित्रा सरवारा ने स्पष्ट किया कि यह अभियान किसी व्यक्ति, राजनीतिक दल या संस्था के खिलाफ नहीं है। यह अंबाला छावनी के हजारों परिवारों के अधिकार, सम्मान, संपत्ति की सुरक्षा और भविष्य के लिए चलाया जा रहा जन-अभियान है। उन्होंने अंबाला छावनी की जनता से अपील की कि वे ‘आज़ाद अंबाला अभियान’ से जुड़ें और हस्ताक्षर अभियान को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि वर्षों से इंतजार कर रहे परिवारों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि अपने घर और संपत्ति पर कानूनी रूप से सुरक्षित, स्पष्ट और स्थायी मालिकाना हक चाहिए। “अंबाला छावनी को फ्री-होल्ड कराना केवल संपत्ति का प्रश्न नहीं है; यह सम्मान, सुरक्षा और अधिकार का प्रश्न है।” इस अवसर पर मुख्य रूप से संदीप शर्मा,राहुल सोनकर, जीवन कुमार,मनदीप कौर,सुरेश त्रेहन,गगन डांग,वीरेन्द्र गाँधी,सुरेश विग,विकास वालिया,रमेश चंद्र पप्पू, सुभाष चंद,नवीन यादव,सुरेन्द्र लोहट,विनोद जोहर,सोनू चौधरी,विजय गुम्बर,नीरज शर्मा,पवन बांगा,वरुण आनन्द,अजय पहलवान,कमल मक्कड़,गगन मारवाह,सुधीर लाम्बा,अमित शर्मा,ललित कुमार शानू,नवीन नामदेव,दक्ष वालिया,सुरिंदर राजू शर्मा,विशेष कुमार,मोंटी ढिल्लोंड, नीरज शर्मा इत्यादि शामिल रहे।
प्रेस नोट ‘आज़ाद अंबाला हस्ताक्षर अभियान’ की सदर बाजार से शुरुआत “दशकों से कर हमारा, तो मालिकाना हक भी हमारा” — चित्रा सरवारा अंबाला छावनी: अंबाला छावनी को फ्री-होल्ड कराने की मांग को लेकर टीम चित्रा की संस्थापक एवं नेत्री चित्रा सरवारा के नेतृत्व में ‘आज़ाद अंबाला हस्ताक्षर अभियान’ की शुरुआत रविवार को सदर बाजार चौक से की गई। अभियान के दौरान सदर क्षेत्र में दुकानदारों एवं स्थानीय लोगों से हस्ताक्षर करवाए गए और उन्हें अभियान से संबंधित हैंडबिल वितरित किए गए। इस अवसर पर चित्रा सरवारा ने कहा कि अंबाला छावनी के एक्साइज एरिया में हजारों परिवार दशकों से ग्रांट के तहत मिली संपत्तियों में रह रहे हैं। इन परिवारों ने वर्षों से हाउस टैक्स, स्टाम्प ड्यूटी सहित विभिन्न सरकारी शुल्कों का भुगतान किया है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपनी संपत्तियों पर पूर्ण, स्पष्ट और सुरक्षित मालिकाना हक नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा, “जब दशकों से कर हमारा है, तो मालिकाना हक भी हमारा होना चाहिए।” उन्होंने कहा कि यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के अधिकार, सम्मान और भविष्य की आवाज है। चित्रा सरवारा ने बताया कि ‘आज़ाद अंबाला हस्ताक्षर अभियान’ को फ्री-होल्ड मुद्दे से प्रभावित सभी क्षेत्रों और बूथों तक ले जाया जाएगा। अभियान के तहत टीमों द्वारा घर-घर जाकर जनसंपर्क किया जाएगा और लोगों को इस मुद्दे से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक रविवार को सदर बाजार सहित अलग-अलग बाजारों में शॉप-टू-शॉप हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक इस मुद्दे का ठोस और स्थायी समाधान नहीं हो जाता। टीम चित्रा का लक्ष्य है कि इस मुद्दे से प्रभावित कम से कम 50 प्रतिशत परिवारों/लोगों के हस्ताक्षर एकत्रित कर उन्हें एक ज्ञापन के माध्यम से सरकार के उच्चतम स्तर तक पहुंचाया जाए। चित्रा सरवारा ने कहा कि इस मुद्दे के समाधान का एक महत्वपूर्ण अवसर पिछली सरकार के कार्यकाल में भी मौजूद था, जब अंबाला से सत्तापक्ष के विधायक हरियाणा सरकार में निकाय मंत्री थे। उन्होंने सवाल उठाया कि उस समय अंबाला छावनी के हजारों परिवारों से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे को प्राथमिकता क्यों नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि अभी भी समय है। यदि अंबाला की जनता एकजुट होकर अपनी आवाज उठाती है, तो सरकार को इस विषय पर गंभीरता से निर्णय लेना होगा। “अगर हम अभी भी अपने अधिकार के लिए सक्रिय नहीं हुए, तो यह अपने वर्तमान और अपने बच्चों के भविष्य के प्रति बहुत बड़ी चूक होगी।” प्रस्तावित फ्री-होल्ड नीति पर सवाल उठाते हुए चित्रा सरवारा ने कहा कि फ्री-होल्ड का उद्देश्य लोगों को उनके संपत्ति अधिकार सुरक्षित और स्पष्ट रूप से देना होना चाहिए, न कि उन पर नया आर्थिक बोझ डालना। उन्होंने प्रस्तावित ड्राफ्ट पॉलिसी में कलेक्टर रेट के आधार पर लगभग 60 हजार से 72 हजार रुपये प्रति वर्ग गज तक शुल्क लगाए जाने के प्रस्ताव पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी राशि हजारों परिवारों के लिए गंभीर आर्थिक चुनौती बन सकती है। जो परिवार दशकों से अपनी संपत्तियों से जुड़े कर एवं सरकारी शुल्क अदा करते आए हैं, उनसे अपने ही घर को पूर्ण स्वामित्व में लेने के लिए दोबारा भारी रकम वसूलना न्यायसंगत नहीं होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के कारण लोगों को रजिस्ट्री एवं स्वामित्व हस्तांतरण, भवन नक्शों की स्वीकृति और बैंक ऋण जैसी अनेक व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सरकार को ऐसी सरल, स्पष्ट, न्यूनतम और व्यावहारिक शुल्क वाली तथा समयबद्ध फ्री-होल्ड नीति बनानी चाहिए, जिससे लोगों की इन समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके। चित्रा सरवारा ने स्पष्ट किया कि यह अभियान किसी व्यक्ति, राजनीतिक दल या संस्था के खिलाफ नहीं है। यह अंबाला छावनी के हजारों परिवारों के अधिकार, सम्मान, संपत्ति की सुरक्षा और भविष्य के लिए चलाया जा रहा जन-अभियान है। उन्होंने अंबाला छावनी की जनता से अपील की कि वे ‘आज़ाद अंबाला अभियान’ से जुड़ें और हस्ताक्षर अभियान को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि वर्षों से इंतजार कर रहे परिवारों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि अपने घर और संपत्ति पर कानूनी रूप से सुरक्षित, स्पष्ट और स्थायी मालिकाना हक चाहिए। “अंबाला छावनी को फ्री-होल्ड कराना केवल संपत्ति का प्रश्न नहीं है; यह सम्मान, सुरक्षा और अधिकार का प्रश्न है।” इस अवसर पर मुख्य रूप से संदीप शर्मा,राहुल सोनकर, जीवन कुमार,मनदीप कौर,सुरेश त्रेहन,गगन डांग,वीरेन्द्र गाँधी,सुरेश विग,विकास वालिया,रमेश चंद्र पप्पू, सुभाष चंद,नवीन यादव,सुरेन्द्र लोहट,विनोद जोहर,सोनू चौधरी,विजय गुम्बर,नीरज शर्मा,पवन बांगा,वरुण आनन्द,अजय पहलवान,कमल मक्कड़,गगन मारवाह,सुधीर लाम्बा,अमित शर्मा,ललित कुमार शानू,नवीन नामदेव,दक्ष वालिया,सुरिंदर राजू शर्मा,विशेष कुमार,मोंटी ढिल्लोंड, नीरज शर्मा इत्यादि शामिल रहे।
- शाहाबाद मारकंडा के गांव बिजडपुर स्थित प्रसिद्ध जग ज्योति धाम में महंत श्री राजेंद्र पुरी जी महाराज ने श्रद्धालुओं को दिया माता-पिता की सेवा करने का संदेश, शाहाबाद मारकंडा के गांव बिजडपुर स्थित प्रसिद्ध जग ज्योति धाम में महंत श्री राजेंद्र पुरी जी महाराज ने श्रद्धालुओं को दिया माता-पिता की सेवा करने का संदेश,1
- मोरनी में तेज बारिश का असर, सड़कों पर पानी और पहाड़ी रास्तों पर बढ़ा खतरा मोरनी में लगातार बारिश से हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्र में हो रही तेज बारिश का असर आम जनजीवन पर भी देखने को मिल रहा है। बारिश के चलते कई जगह सड़कें और पहाड़ी रास्ते फिसलन भरे हो गए हैं, जिससे वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मोरनी एक पहाड़ी और पर्यटन क्षेत्र होने के कारण यहां बारिश के दौरान भूस्खलन, सड़क पर मलबा आने और रास्तों के बाधित होने का खतरा भी बढ़ जाता है। खराब मौसम के बीच लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर पहाड़ी रास्तों पर वाहन चलाते समय गति कम रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी जमा होने की स्थिति भी बन सकती है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील है कि मौसम खराब होने पर नदी-नालों और तेज बहाव वाले पानी के पास जाने से बचें। फिलहाल मोरनी में बारिश का दौर जारी है और मौसम को देखते हुए प्रशासन तथा संबंधित विभागों की निगरानी जरूरी है। लोगों से अपील है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना दें और मौसम से जुड़ी आधिकारिक एडवाइजरी का पालन करें।3
- सेक्टर 11 पंचकूला में एक बार फिर गोलियों की गूंज से शहर में दहशत अलिफ लैला क्लब के बाहर, दो पक्षों में झडप, महिला के कंधे पर छूटकर निकली गोली, नागरिक अस्पताल में इलाज जारी, आरोपी मौके से फरार, पुलिस ने अलिफ लैला में लगे सीसीटीवी कैमरे का DVR,अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी, आरोपी की तलाश जारी,1
- चंडीगढ़ में न*शे पर पुलिस का शिकंजा आईटी पार्क SHO मिनी भारद्वाज का ‘मिशन प्रहार’ तेज चंडीगढ़ में न*शे पर पुलिस का शिकंजा आईटी पार्क SHO मिनी भारद्वाज का ‘मिशन प्रहार’ तेज चंडीगढ़ में नशे के खिलाफ पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। आईटी पार्क थाना प्रभारी SHO मिनी भारद्वाज के नेतृत्व में इंदिरा कॉलोनी में ‘मिशन प्रहार’ के तहत पुलिस टीमों ने संभावित नशे के अड्डों पर रेड की। पुलिस ने घर-घर पहुंचकर पुराने आरोपियों की जांच की और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश दिया गया है।1
- बाइक सवार ने पुलिस पर लगाया आरोप, ट्रैफिक पुलिस ने खड़ी बाइक का 10 हजार का चालान काट दिया। मामला सम्भल जिले के बबराला चौराहे के पास का है जहां खड़ी बाइक का 10 हजार का चालान कटने पर बाइक सवार और पुलिस की नोंकझोंक का वीडियो वायरल हुआ है।1
- टोपरा कलां में भारी बरसात, जीरी की फसल खराब होने का डर रादौर क्षेत्र के गांव टोपरा कलां में सोमवार को हुई भारी बरसात से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में पानी भरने के कारण जीरी की फसल खराब होने का डर किसानों को सताने लगा है।👍👍👍👍 टोपरा कलां में भारी बरसात, जीरी की फसल खराब होने का डर रादौर क्षेत्र के गांव टोपरा कलां में सोमवार को हुई भारी बरसात से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में पानी भरने के कारण जीरी की फसल खराब होने का डर किसानों को सताने लगा है।1
- पटना के रहने वाले यूरोलॉजिस्ट...डॉ. शुभंकर गौतम, एम्स से डिग्री ली थी। बनारस के बड़े अस्पताल हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में पोस्टेड थे। रात में अपने कमरे में इस हालत में मिले। बैठे हुए। मानो कुछ सोच रहे हों। कमर झुकाए, सिर नीचे किए हुए। लगा ही नहीं कि वह नहीं रहे, लेकिन वाकई नहीं रहे। शुभंकर ने एम्स से MS और फिर MCh की डिग्री हासिल की थी। शनिवार सुबह डॉ. शुभंकर ने ओपीडी में मरीजों को देखा। इसके बाद कैंपस में ही अपने कमरे में आ गए। रात 10 बजे तक जब डॉक्टर हॉस्टल मेस में खाना खाने नहीं गए तो उनके साथी डॉक्टरों ने उन्हें कॉल की, लेकिन फोन नहीं उठा। साथी सुरक्षा गार्ड को लेकर उनके कमरा नंबर- 802 पहुंचे। काफी देर खटखटाया, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। दरवाजा तोड़कर अंदर गए तो वहां बेड पर शुभंकर इस हालत में मिले। 5 साल पहले शादी हुई थी। वाराणसी में अकेले रहते थे। पत्नी पटना में कंकड़बाग कॉलोनी में रहती हैं। मौत कैसे हुई, इस पर अलग-अलग चर्चा हो रही है।1
- पंचकूला सेक्टर-11 में अलिफ लैला क्लब के बाहर फा*य*रिंग, युवती घा*य*ल पंचकूला सेक्टर-11 में अलिफ लैला क्लब के बाहर फा*य*रिंग, युवती घा*य*ल पंचकूला के सेक्टर-11 स्थित अलिफ लैला क्लब के बाहर देर रात दो पक्षों के बीच कहासुनी के बाद फायरिंग हो गई। गोली लगने से एक युवती घायल हुई, जिसे सेक्टर-6 अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। डीसीपी क्राइम अमरिंदर सिंह ने मामले की जानकारी दी। क्राइम ब्रांच-2 की टीम ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश जारी है।1
- शी जिनपिंग के खिलाफ प्रदर्शन, 50 से ज्यादा हिरासत में दिल्ली पुलिस ने भारत मंडपम में BRICS समिट में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे तिब्बती यूथ कांग्रेस के 50 से ज्यादा सदस्यों को हिरासत में लिया. #BRICS #Tibet #Delhi1