logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

अजमेर-जयपुर रोडवेज में चालक की स्टंटबाजी, डैशबोर्ड पर पैर रखकर दौड़ाई बस, वीडियो वायरल अजमेर-जयपुर रोडवेज में चालक की स्टंटबाजी, डैशबोर्ड पर पैर रखकर दौड़ाई बस, वीडियो वायरल मांगलियावास.. यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ का एक और मामला सामने आया है। अजमेर से जयपुर जा रही रोडवेज बस के चालक की लापरवाही का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में शाहपुरा डिपो की बस क्रमांक RJ14PH0304 का चालक हाईवे पर तेज गति से बस चलाते हुए डैशबोर्ड पर पैर रखकर स्टंट करता दिख रहा है। चलती बस में डैशबोर्ड पर पैर, यात्री दहशत में यह वीडियो अजमेर-जयपुर मार्ग पर बस में सफर कर रहे पीसांगन उपखंड के पिचोलिया निवासी एवं पूर्व पंचायत समिति सदस्य ओम सिंह राठौड़ ने बनाया। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि चालक सीट पर बैठकर आराम से दोनों पैर डैशबोर्ड पर टिकाकर बस चला रहा है। पीछे की सीटों पर महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग यात्री बैठे थे। इस पर ओम सिंह राठौड़ ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, _“ड्राइवर साहब, ऐसी लापरवाही किस काम की? आपको कुछ हो गया तो सरकार आपके परिवार की जिम्मेदारी ले लेगी, लेकिन बस में बैठी 40-50 सवारियों का धणी-धोरी कौन होगा?”_ नियमों की अनदेखी, हादसे का खतरा परिवहन नियमों के अनुसार चलती बस में इस तरह वाहन चलाना गंभीर उल्लंघन है। हाईवे पर तेज रफ्तार में एक पल की चूक भी बड़ा हादसा कर सकती थी। यात्रियों का आरोप है कि चालक की इस लापरवाही से सभी की जान खतरे में थी। वीडियो वायरल होने के बाद यात्रियों में रोष है। लोगों ने कहा कि रोडवेज आम आदमी के सफर का भरोसा है। अगर चालक ही इस तरह गैरजिम्मेदाराना हरकत करेंगे तो आमजन किस पर भरोसा करेंगे। कार्रवाई की मांग, विभाग ने मांगी रिपोर्ट यात्रियों ने रोडवेज प्रबंधन और परिवहन विभाग से मांग की है कि दोषी चालक के खिलाफ तुरंत निलंबन सहित कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही सभी चालकों के लिए यातायात नियमों और सुरक्षा प्रशिक्षण का आयोजन किया जाए। मामले के वायरल होने के बाद परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों ने शाहपुरा डिपो से पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तलब की है। अधिकारियों ने कहा कि जांच के बाद नियम अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह वीडियो आमजन के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। मांगलियावास.. राजस्थान रोडवेज बस का चला के चलते बस में स्टैंड करता

1 hr ago
user_Yogesh kumar
Yogesh kumar
Librarian पीसांगन, अजमेर, राजस्थान•
1 hr ago

अजमेर-जयपुर रोडवेज में चालक की स्टंटबाजी, डैशबोर्ड पर पैर रखकर दौड़ाई बस, वीडियो वायरल अजमेर-जयपुर रोडवेज में चालक की स्टंटबाजी, डैशबोर्ड पर पैर रखकर दौड़ाई बस, वीडियो वायरल मांगलियावास.. यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ का एक और मामला सामने आया है। अजमेर से जयपुर जा रही रोडवेज बस के चालक की लापरवाही का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में शाहपुरा डिपो की बस क्रमांक RJ14PH0304 का चालक हाईवे पर तेज गति से बस चलाते हुए डैशबोर्ड पर पैर रखकर स्टंट करता दिख रहा है। चलती बस में डैशबोर्ड पर पैर, यात्री दहशत में यह वीडियो अजमेर-जयपुर मार्ग पर बस में सफर कर रहे पीसांगन उपखंड के पिचोलिया निवासी एवं पूर्व पंचायत समिति सदस्य ओम सिंह राठौड़ ने बनाया। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि चालक सीट पर बैठकर आराम से दोनों पैर डैशबोर्ड पर टिकाकर बस चला रहा है। पीछे की सीटों पर महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग यात्री बैठे थे। इस पर ओम सिंह राठौड़ ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, _“ड्राइवर साहब, ऐसी लापरवाही किस काम की? आपको कुछ हो गया तो सरकार आपके परिवार की जिम्मेदारी ले लेगी, लेकिन बस में बैठी 40-50 सवारियों का धणी-धोरी कौन होगा?”_ नियमों की अनदेखी, हादसे का खतरा परिवहन नियमों के अनुसार चलती बस में इस तरह वाहन चलाना गंभीर उल्लंघन है। हाईवे पर तेज रफ्तार में एक पल की चूक भी बड़ा हादसा कर सकती थी। यात्रियों का आरोप है कि चालक की इस लापरवाही से सभी की जान खतरे में थी। वीडियो वायरल होने के बाद यात्रियों में रोष है। लोगों ने कहा कि रोडवेज आम आदमी के सफर का भरोसा है। अगर चालक ही इस तरह गैरजिम्मेदाराना हरकत करेंगे तो आमजन किस पर भरोसा करेंगे। कार्रवाई की मांग, विभाग ने मांगी रिपोर्ट यात्रियों ने रोडवेज प्रबंधन और परिवहन विभाग से मांग की है कि दोषी चालक के खिलाफ तुरंत निलंबन सहित कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही सभी चालकों के लिए यातायात नियमों और सुरक्षा प्रशिक्षण का आयोजन किया जाए। मामले के वायरल होने के बाद परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों ने शाहपुरा डिपो से पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तलब की है। अधिकारियों ने कहा कि जांच के बाद नियम अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह वीडियो आमजन के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। मांगलियावास.. राजस्थान रोडवेज बस का चला के चलते बस में स्टैंड करता

More news from Ajmer and nearby areas
  • मांगलियावास में हरियाली अमावस्या पर सजा ऐतिहासिक कल्पवृक्ष मेला, उमड़ा आस्था का महासागर; लाखों श्रद्धालुओं ने टेका माथा मांगलियावास में हरियाली अमावस्या पर सजा ऐतिहासिक कल्पवृक्ष मेला, उमड़ा आस्था का महासागर; लाखों श्रद्धालुओं ने टेका माथा ​मांगलियावास (अजमेर), 12 अगस्त 2026: श्रावण मास की हरियाली अमावस्या के पावन पर्व पर आज अजमेर जिले के मांगलियावास में प्रसिद्ध और ऐतिहासिक कल्पवृक्ष मेला पूरी भव्यता और धार्मिक उत्साह के साथ आयोजित किया जा रहा है। विश्वविख्यात 'राजा-रानी' कल्पवृक्ष के जोड़े के दर्शन और पूजन के लिए अलसुबह से ही श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा है। ​अमावस्या की पूर्व रात्रि से शुरू हुआ भक्तों का आगमन मेले को लेकर श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। हरियाली अमावस्या की पूर्व रात्रि से ही मांगलियावास में भक्तों के पहुँचने का सिलसिला शुरू हो गया था, जिसमें दूर-दराज से आए लाखों लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। मेले में चारों तरफ हर-हर महादेव और लोकगीतों की गूंज सुनाई दे रही है। ​मनोकामना पूर्ति का केंद्र है कल्पवृक्ष धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मांगलियावास के ये प्राचीन कल्पवृक्ष जोड़े के रूप में स्थित हैं, जिन्हें इच्छापूर्ति का वरदान प्राप्त है। हरियाली अमावस्या के इस विशेष अवसर पर मन्नत मांगने और कल्पवृक्ष की पूजा करने का विशेष महत्व है। आज दिनभर यहाँ कुंवारी कन्याओं और महिलाओं द्वारा वृक्षों की परिक्रमा करने, मौली बांधने और रक्षा सूत्र अर्पित करने का क्रम जारी है। मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से जो भी मन्नत मांगी जाती है, वह अवश्य पूरी होती है। ​मेला परिसर में रौनक और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम मेला ग्राउंड पर सजी खिलौनों, चाट-पकौड़ों, श्रृंगार सामग्री और झूला-चकरी की दुकानों पर बच्चों व युवाओं की खासी भीड़ नजर आ रही है। प्रशासन और स्थानीय समितियों द्वारा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित मेला संपन्न कराने के लिए सुरक्षा, यातायात और पेयजल के कड़े प्रबंध किए गए हैं ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े
    4
    मांगलियावास में हरियाली अमावस्या पर सजा ऐतिहासिक कल्पवृक्ष मेला, उमड़ा आस्था का महासागर; लाखों श्रद्धालुओं ने टेका माथा


मांगलियावास में हरियाली अमावस्या पर सजा ऐतिहासिक कल्पवृक्ष मेला, उमड़ा आस्था का महासागर; लाखों श्रद्धालुओं ने टेका माथा
​मांगलियावास (अजमेर), 12 अगस्त 2026:
श्रावण मास की हरियाली अमावस्या के पावन पर्व पर आज अजमेर जिले के मांगलियावास में प्रसिद्ध और ऐतिहासिक कल्पवृक्ष मेला पूरी भव्यता और धार्मिक उत्साह के साथ आयोजित किया जा रहा है। विश्वविख्यात 'राजा-रानी' कल्पवृक्ष के जोड़े के दर्शन और पूजन के लिए अलसुबह से ही श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा है।
​अमावस्या की पूर्व रात्रि से शुरू हुआ भक्तों का आगमन
मेले को लेकर श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। हरियाली अमावस्या की पूर्व रात्रि से ही मांगलियावास में भक्तों के पहुँचने का सिलसिला शुरू हो गया था, जिसमें दूर-दराज से आए लाखों लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। मेले में चारों तरफ हर-हर महादेव और लोकगीतों की गूंज सुनाई दे रही है।
​मनोकामना पूर्ति का केंद्र है कल्पवृक्ष
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मांगलियावास के ये प्राचीन कल्पवृक्ष जोड़े के रूप में स्थित हैं, जिन्हें इच्छापूर्ति का वरदान प्राप्त है। हरियाली अमावस्या के इस विशेष अवसर पर मन्नत मांगने और कल्पवृक्ष की पूजा करने का विशेष महत्व है। आज दिनभर यहाँ कुंवारी कन्याओं और महिलाओं द्वारा वृक्षों की परिक्रमा करने, मौली बांधने और रक्षा सूत्र अर्पित करने का क्रम जारी है। मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से जो भी मन्नत मांगी जाती है, वह अवश्य पूरी होती है। 
​मेला परिसर में रौनक और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
मेला ग्राउंड पर सजी खिलौनों, चाट-पकौड़ों, श्रृंगार सामग्री और झूला-चकरी की दुकानों पर बच्चों व युवाओं की खासी भीड़ नजर आ रही है। प्रशासन और स्थानीय समितियों द्वारा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित मेला संपन्न कराने के लिए सुरक्षा, यातायात और पेयजल के कड़े प्रबंध किए गए हैं ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े
    user_Ravi Sharma Achary
    Ravi Sharma Achary
    Peesangan, Ajmer•
    21 hrs ago
  • मांगलियावास में आस्था का सैलाब, हरियाली अमावस्या पर कल्पवृक्ष मेले में आज लाखों श्रद्धालु बांधेगे मन्नते की मौली, मांगलियावास में आस्था का सैलाब, हरियाली अमावस्या पर कल्पवृक्ष मेले में आज लाखों श्रद्धालु बांधेगे मन्नते की मौली, मांगलियावास कल्पवृक्ष मंदिर को पर्यटक स्थल बनाने की मांग योगेश आचार्य मांगलियावास...राजस्थान के ऐतिहासिक और धार्मिक परिदृश्य में आज आस्था का एक अनूठा संगम देखने को मिलेगा। अजमेर-ब्यावर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित पौराणिक मांगलियावास गांव में हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर वार्षिक कल्पवृक्ष मेले का आयोजन होगा। पुष्कर मेले के बाद जिले के इस दूसरे सबसे बड़े मेले में करीब दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कल्पवृक्ष के दर्शन कर देश में खुशहाली और अमन-चैन की कामना करते है। इस बार मेले से पूर्व ग्रामीणों द्वारा मांगलियावास कल्पवृक्ष मंदिर को पर्यटक स्थल बनाने की मांग जोर पकड़ ली। ग्रामीणों द्वारा मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर मांगलियावास कल्पवृक्ष मंदिर को पर्यटक स्थल बनाने की मांग की है। 5 हजार वर्ष पुराने कल्पवृक्ष की महिमा मंदिर प्रशासन और स्थानीय जानकारों के अनुसार, यहाँ स्थित 'राजा-रानी' नाम के दो कल्पवृक्ष करीब 800 से 5,000 वर्ष पुराने हैं। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, समुद्र मंथन से निकले इन दिव्य वृक्षों को द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण स्वर्ग से द्वारका लाए थे। बाद में द्वारका के जलमग्न होने पर ये वृक्ष दिव्य रूप में यहाँ तपस्या कर रहे महात्मा मंगल सिंह वह फतेह सिंह के प्रभाव से यहीं स्थापित हो गए। भाग्यशालियों को ही मिलता है यह फल कल्पवृक्ष पर 12 वर्ष में केवल एक ही बार विशेष फल आता है। ऐसा माना जाता है कि यह फल हर किसी को दिखाई नहीं देता और यह केवल किसी परम भाग्यशाली व्यक्ति को ही प्राप्त होता है।12 वर्षों में एक बार आने वाले कल्पवृक्ष के फल को देखने के लिए भी लोग खासे उत्साहित दिखे। उपेक्षा का शिकार ऐतिहासिक कल्पवृक्ष, ग्रामीणों ने की पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग मांगलियावास के ऐतिहासिक और पौराणिक पहचान रखने वाले मांगलियावास गांव के कल्पवृक्ष क्षेत्र को आधिकारिक पर्यटक स्थल (टूरिस्ट स्पॉट) घोषित करने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र होने के बावजूद, बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में गहरा रोष है। ग्रामीणों ने इस संबंध में राज्य सरकार और पर्यटन विभाग को पत्र भेजकर कल्पवृक्ष धरा को पर्यटन मानचित्र पर विशेष स्थान दिलाने की पुरजोर मांग की है। पूर्व मुख्यमंत्री सहित कई मंत्रियों ने मांगलियावास मेल सहित कल वृक्ष मंदिर में की शिरकत मांगलियावास में आयोजित होने वाले कल्पवृक्ष मेले में गत वर्ष कैबिनेट मंत्री भागीरथ चौधरी, राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव नानी, नसीराबाद विधायक रामस्वरूप लांबा शाहिद के बड़े नेताओं में प्रशासनिक अधिकारियों ने मेले में शिरकत की। इसके बावजूद मांगलियावास कल्पवृक्ष के विकास व पर्यटक स्थल की मांग को लेकर कोई कठोर कदम नहीं उठाए गए। इतना ही नहीं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राज्य सिंधिया ने भी मांगलियावास कल्पवृक्ष मंदिर में पहुंचकर पूजा कर भाजपा कार्यकर्ता के साथ बैठक आयोजित की थी। लाखों की आस्था, फिर भी विकास से दूर हर साल श्रावण मास की हरियाली अमावस्या पर यहाँ भरने वाले कल्पवृक्ष मेले में दो लाख से अधिक श्रद्धालु आते हैं। इसके अलावा, सालभर यहाँ मन्नतें मांगने वाले पर्यटकों का तांता लगा रहता है। इसके बावजूद यहाँ एक अच्छे पर्यटन स्थल के अनुरूप बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि सरकार इसे आधिकारिक तौर पर पर्यटन स्थल का दर्जा देती है, तो यहाँ नियमित विकास कार्य हो सकेंगे। दुर्लभ वृक्षों के संरक्षण पर भी उठे सवाल ग्रामीणों ने कल्पवृक्ष की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर भी गहरी चिंता जताई है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार करीब 800 वर्ष पुराने इस दुर्लभ जोड़े में से 'नर कल्पवृक्ष' कुछ वर्ष पहले समय पर उचित देखरेख न मिलने के कारण सूखकर गिर गया था। वर्तमान में यहाँ 'मादा कल्पवृक्ष' (रानी वृक्ष) और वृक्ष ही सुरक्षित बचे हैं। ग्रामीणों का तर्क है कि इसे पर्यटन स्थल घोषित करने से न केवल इस दुर्लभ वानस्पतिक धरोहर का वैज्ञानिक संरक्षण हो सकेगा, बल्कि देश-विदेश के शोधकर्ता भी यहाँ रिसर्च के लिए आकर्षित होंगे। प्रमुख मांग: कल्पवृक्ष परिसर के चारों ओर एक सर्वसुविधायुक्त सुंदर गार्डन और वॉकिंग ट्रैक का निर्माण हो। यात्री निवास और सुलभ शौचालय: दूर-दराज से आने वाले यात्रियों के ठहरने के लिए आधुनिक विश्राम गृह बनाए जाएं। सरोवर का जीर्णोद्धार: कल्पवृक्ष के पास स्थित प्राचीन पवित्र सरोवर और कुंड का सुंदरीकरण और सफाई की जाए। रोजगार के अवसर: पर्यटन स्थल बनने से स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, हस्तशिल्प और होटल व्यवसाय के नए रास्ते खुलेंगे। ग्रामीणों का कहना है: "पुष्कर के बाद यह अजमेर का सबसे बड़ा धार्मिक केंद्र है। यदि सरकार इसे पर्यटन हब के रूप में विकसित करती है, तो यह राजस्थान के राजस्व को बढ़ाने के साथ-साथ हमारी प्राचीन संस्कृति को भी बचाए रखने में मददगार साबित होगा।" मांगलियावास... कल्पवृक्ष की देखरेख के अभाव में सूखा हुआ कल्पवृक्ष व मंदिर परिसर में रानी का वृक्ष
    1
    मांगलियावास में आस्था का सैलाब, हरियाली अमावस्या पर कल्पवृक्ष मेले में आज लाखों श्रद्धालु बांधेगे मन्नते की मौली,

मांगलियावास में आस्था का सैलाब, हरियाली अमावस्या पर कल्पवृक्ष मेले में आज लाखों श्रद्धालु बांधेगे मन्नते की मौली,
मांगलियावास कल्पवृक्ष मंदिर को पर्यटक स्थल बनाने की मांग
योगेश आचार्य
मांगलियावास...राजस्थान के ऐतिहासिक और धार्मिक परिदृश्य में आज आस्था का एक अनूठा संगम देखने को मिलेगा। अजमेर-ब्यावर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित पौराणिक मांगलियावास गांव में हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर वार्षिक कल्पवृक्ष मेले का आयोजन होगा। पुष्कर मेले के बाद जिले के इस दूसरे सबसे बड़े मेले में करीब दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कल्पवृक्ष के दर्शन कर देश में खुशहाली और अमन-चैन की कामना करते है। इस बार मेले से पूर्व ग्रामीणों द्वारा मांगलियावास कल्पवृक्ष मंदिर को पर्यटक स्थल बनाने की मांग जोर पकड़ ली। ग्रामीणों द्वारा मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर मांगलियावास कल्पवृक्ष मंदिर को पर्यटक स्थल बनाने की मांग की है।
5 हजार वर्ष पुराने कल्पवृक्ष की महिमा
मंदिर प्रशासन और स्थानीय जानकारों के अनुसार, यहाँ स्थित 'राजा-रानी' नाम के दो कल्पवृक्ष करीब 800 से 5,000 वर्ष पुराने हैं। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, समुद्र मंथन से निकले इन दिव्य वृक्षों को द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण स्वर्ग से द्वारका लाए थे। बाद में द्वारका के जलमग्न होने पर ये वृक्ष दिव्य रूप में यहाँ तपस्या कर रहे महात्मा मंगल सिंह वह फतेह सिंह के प्रभाव से यहीं स्थापित हो गए।
भाग्यशालियों को ही मिलता है यह फल
कल्पवृक्ष पर 12 वर्ष में केवल एक ही बार विशेष फल आता है। ऐसा माना जाता है कि यह फल हर किसी को दिखाई नहीं देता और यह केवल किसी परम भाग्यशाली व्यक्ति को ही प्राप्त होता है।12 वर्षों में एक बार आने वाले कल्पवृक्ष के फल को देखने के लिए भी लोग खासे उत्साहित दिखे। 
उपेक्षा का शिकार  ऐतिहासिक कल्पवृक्ष, ग्रामीणों ने की पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग 
मांगलियावास के ऐतिहासिक और पौराणिक पहचान रखने वाले मांगलियावास गांव के कल्पवृक्ष क्षेत्र को आधिकारिक पर्यटक स्थल (टूरिस्ट स्पॉट) घोषित करने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र होने के बावजूद, बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में गहरा रोष है। ग्रामीणों ने इस संबंध में राज्य सरकार और पर्यटन विभाग को पत्र भेजकर कल्पवृक्ष धरा को पर्यटन मानचित्र पर विशेष स्थान दिलाने की पुरजोर मांग की है। 
पूर्व मुख्यमंत्री सहित कई मंत्रियों ने मांगलियावास मेल सहित कल वृक्ष मंदिर में की शिरकत
मांगलियावास में आयोजित होने वाले कल्पवृक्ष मेले में गत वर्ष कैबिनेट मंत्री भागीरथ चौधरी, राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव नानी, नसीराबाद विधायक रामस्वरूप लांबा शाहिद के बड़े नेताओं में प्रशासनिक अधिकारियों ने मेले में शिरकत की। इसके बावजूद मांगलियावास कल्पवृक्ष के विकास व पर्यटक स्थल की मांग को लेकर कोई कठोर कदम नहीं उठाए गए। इतना ही नहीं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राज्य सिंधिया ने भी मांगलियावास कल्पवृक्ष मंदिर में पहुंचकर पूजा कर भाजपा कार्यकर्ता के साथ बैठक आयोजित की थी। 
लाखों की आस्था, फिर भी विकास से दूर
हर साल श्रावण मास की हरियाली अमावस्या पर यहाँ भरने वाले कल्पवृक्ष मेले में दो लाख से अधिक श्रद्धालु आते हैं। इसके अलावा, सालभर यहाँ मन्नतें मांगने वाले पर्यटकों का तांता लगा रहता है। इसके बावजूद यहाँ एक अच्छे पर्यटन स्थल के अनुरूप बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि सरकार इसे आधिकारिक तौर पर पर्यटन स्थल का दर्जा देती है, तो यहाँ नियमित विकास कार्य हो सकेंगे। 
दुर्लभ वृक्षों के संरक्षण पर भी उठे सवाल
ग्रामीणों ने कल्पवृक्ष की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर भी गहरी चिंता जताई है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार करीब  800 वर्ष पुराने इस दुर्लभ जोड़े में से 'नर कल्पवृक्ष' कुछ वर्ष पहले समय पर उचित देखरेख न मिलने के कारण सूखकर गिर गया था। वर्तमान में यहाँ 'मादा कल्पवृक्ष' (रानी वृक्ष) और  वृक्ष ही सुरक्षित बचे हैं। ग्रामीणों का तर्क है कि इसे पर्यटन स्थल घोषित करने से न केवल इस दुर्लभ वानस्पतिक धरोहर का वैज्ञानिक संरक्षण हो सकेगा, बल्कि देश-विदेश के शोधकर्ता भी यहाँ रिसर्च के लिए आकर्षित होंगे। 
प्रमुख मांग:
कल्पवृक्ष परिसर के चारों ओर एक सर्वसुविधायुक्त सुंदर गार्डन और वॉकिंग ट्रैक का निर्माण हो।
यात्री निवास और सुलभ शौचालय: दूर-दराज से आने वाले यात्रियों के ठहरने के लिए आधुनिक विश्राम गृह बनाए जाएं।
सरोवर का जीर्णोद्धार: कल्पवृक्ष के पास स्थित प्राचीन पवित्र सरोवर और कुंड का सुंदरीकरण और सफाई की जाए।
रोजगार के अवसर: पर्यटन स्थल बनने से स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, हस्तशिल्प और होटल व्यवसाय के नए रास्ते खुलेंगे।
ग्रामीणों का कहना है: "पुष्कर के बाद यह अजमेर का सबसे बड़ा धार्मिक केंद्र है। यदि सरकार इसे पर्यटन हब के रूप में विकसित करती है, तो यह राजस्थान के राजस्व को बढ़ाने के साथ-साथ हमारी प्राचीन संस्कृति को भी बचाए रखने में मददगार साबित होगा।" 
मांगलियावास... कल्पवृक्ष की देखरेख के अभाव में सूखा हुआ कल्पवृक्ष व मंदिर परिसर में रानी का वृक्ष
    user_Yogesh kumar
    Yogesh kumar
    Librarian पीसांगन, अजमेर, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • रियान बड़ी में युवाओं ने गौ सेवा को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया है। महाकाल गौ रक्षक सेवा टीम से जुड़े युवा पिछले 4-5 वर्षों से गायों की सेवा और संरक्षण में सक्रिय हैं। टीम के सदस्य प्रत्येक अमावस्या और पूर्णिमा पर विशेष गौ सेवा अभियान चलाते हैं। यह टीम सोशल मीडिया के जरिए लोगों से सहयोग राशि और दान एकत्र करती है। इस राशि से हरा चारा खरीदा जाता है, जिसे वाहन द्वारा गांव और आसपास के क्षेत्रों में घूम रही गायों को खिलाया जाता है। इसके अतिरिक्त, टीम के सदस्य घर-घर जाकर गायों के लिए गुड़ और दाना इकट्ठा करते हैं। इस सामग्री से गोशाला में लापसी बनाकर गायों को खिलाई जाती है। महाकाल गौ रक्षक सेवा टीम का कार्य केवल चारा खिलाने तक सीमित नहीं है। क्षेत्र में लावारिस, बीमार या दुर्घटनाग्रस्त गायों की सूचना मिलने पर टीम के युवा तुरंत मौके पर पहुंचते हैं। वे घायल गायों का उपचार करवाते हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों या अच्छी गोशालाओं में भेजने का प्रयास करते हैं। दुर्घटनाग्रस्त पशुओं को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए टीम लगातार सक्रिय रहती है। टीम के सदस्यों के अनुसार, गौ सेवा के लिए प्राप्त होने वाला सहयोग पूरी तरह से गायों की सेवा में उपयोग किया जाता है। सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाती है। इससे बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा भी इस सेवा कार्य से जुड़ रहे हैं। टीम में दिनेश माली, गौरव वैष्णव, टोनु माली और काना राम माली सहित कई युवा सक्रिय रूप से सेवाएं दे रहे हैं। युवाओं की इस पहल से क्षेत्र में गौ सेवा के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और अन्य लोग भी इस सेवा कार्य के लिए प्रेरित हो रहे हैं। रियान बड़ी में युवाओं ने गौ सेवा को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया है। महाकाल गौ रक्षक सेवा टीम से जुड़े युवा पिछले 4-5 वर्षों से गायों की सेवा और संरक्षण में सक्रिय हैं। टीम के सदस्य प्रत्येक अमावस्या और पूर्णिमा पर विशेष गौ सेवा अभियान चलाते हैं। यह टीम सोशल मीडिया के जरिए लोगों से सहयोग राशि और दान एकत्र करती है। इस राशि से हरा चारा खरीदा जाता है, जिसे वाहन द्वारा गांव और आसपास के क्षेत्रों में घूम रही गायों को खिलाया जाता है। इसके अतिरिक्त, टीम के सदस्य घर-घर जाकर गायों के लिए गुड़ और दाना इकट्ठा करते हैं। इस सामग्री से गोशाला में लापसी बनाकर गायों को खिलाई जाती है। महाकाल गौ रक्षक सेवा टीम का कार्य केवल चारा खिलाने तक सीमित नहीं है। क्षेत्र में लावारिस, बीमार या दुर्घटनाग्रस्त गायों की सूचना मिलने पर टीम के युवा तुरंत मौके पर पहुंचते हैं। वे घायल गायों का उपचार करवाते हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों या अच्छी गोशालाओं में भेजने का प्रयास करते हैं। दुर्घटनाग्रस्त पशुओं को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए टीम लगातार सक्रिय रहती है। टीम के सदस्यों के अनुसार, गौ सेवा के लिए प्राप्त होने वाला सहयोग पूरी तरह से गायों की सेवा में उपयोग किया जाता है। सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाती है। इससे बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा भी इस सेवा कार्य से जुड़ रहे हैं। टीम में दिनेश माली, गौरव वैष्णव, टोनु माली और काना राम माली सहित कई युवा सक्रिय रूप से सेवाएं दे रहे हैं। युवाओं की इस पहल से क्षेत्र में गौ सेवा के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और अन्य लोग भी इस सेवा कार्य के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
    1
    रियान बड़ी में युवाओं ने गौ सेवा को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया है। महाकाल गौ रक्षक सेवा टीम से जुड़े युवा पिछले 4-5 वर्षों से गायों की सेवा और संरक्षण में सक्रिय हैं। टीम के सदस्य प्रत्येक अमावस्या और पूर्णिमा पर विशेष गौ सेवा अभियान चलाते हैं।
यह टीम सोशल मीडिया के जरिए लोगों से सहयोग राशि और दान एकत्र करती है। इस राशि से हरा चारा खरीदा जाता है, जिसे वाहन द्वारा गांव और आसपास के क्षेत्रों में घूम रही गायों को खिलाया जाता है।
इसके अतिरिक्त, टीम के सदस्य घर-घर जाकर गायों के लिए गुड़ और दाना इकट्ठा करते हैं। इस सामग्री से गोशाला में लापसी बनाकर गायों को खिलाई जाती है।
महाकाल गौ रक्षक सेवा टीम का कार्य केवल चारा खिलाने तक सीमित नहीं है। क्षेत्र में लावारिस, बीमार या दुर्घटनाग्रस्त गायों की सूचना मिलने पर टीम के युवा तुरंत मौके पर पहुंचते हैं।
वे घायल गायों का उपचार करवाते हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों या अच्छी गोशालाओं में भेजने का प्रयास करते हैं। दुर्घटनाग्रस्त पशुओं को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए टीम लगातार सक्रिय रहती है।
टीम के सदस्यों के अनुसार, गौ सेवा के लिए प्राप्त होने वाला सहयोग पूरी तरह से गायों की सेवा में उपयोग किया जाता है। सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाती है।
इससे बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा भी इस सेवा कार्य से जुड़ रहे हैं।
टीम में दिनेश माली, गौरव वैष्णव, टोनु माली और काना राम माली सहित कई युवा सक्रिय रूप से सेवाएं दे रहे हैं।
युवाओं की इस पहल से क्षेत्र में गौ सेवा के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और अन्य लोग भी इस सेवा कार्य के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
रियान बड़ी में युवाओं ने गौ सेवा को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया है। महाकाल गौ रक्षक सेवा टीम से जुड़े युवा पिछले 4-5 वर्षों से गायों की सेवा और संरक्षण में सक्रिय हैं। टीम के सदस्य प्रत्येक अमावस्या और पूर्णिमा पर विशेष गौ सेवा अभियान चलाते हैं।
यह टीम सोशल मीडिया के जरिए लोगों से सहयोग राशि और दान एकत्र करती है। इस राशि से हरा चारा खरीदा जाता है, जिसे वाहन द्वारा गांव और आसपास के क्षेत्रों में घूम रही गायों को खिलाया जाता है।
इसके अतिरिक्त, टीम के सदस्य घर-घर जाकर गायों के लिए गुड़ और दाना इकट्ठा करते हैं। इस सामग्री से गोशाला में लापसी बनाकर गायों को खिलाई जाती है।
महाकाल गौ रक्षक सेवा टीम का कार्य केवल चारा खिलाने तक सीमित नहीं है। क्षेत्र में लावारिस, बीमार या दुर्घटनाग्रस्त गायों की सूचना मिलने पर टीम के युवा तुरंत मौके पर पहुंचते हैं।
वे घायल गायों का उपचार करवाते हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों या अच्छी गोशालाओं में भेजने का प्रयास करते हैं। दुर्घटनाग्रस्त पशुओं को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए टीम लगातार सक्रिय रहती है।
टीम के सदस्यों के अनुसार, गौ सेवा के लिए प्राप्त होने वाला सहयोग पूरी तरह से गायों की सेवा में उपयोग किया जाता है। सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाती है।
इससे बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा भी इस सेवा कार्य से जुड़ रहे हैं।
टीम में दिनेश माली, गौरव वैष्णव, टोनु माली और काना राम माली सहित कई युवा सक्रिय रूप से सेवाएं दे रहे हैं।
युवाओं की इस पहल से क्षेत्र में गौ सेवा के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और अन्य लोग भी इस सेवा कार्य के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
    user_Vishnaram saini
    Vishnaram saini
    Police Officer रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष, त्याग और साहस लोकतंत्र की अमूल्य विरासत है। उनके सम्मान और कल्याण के लिए हमारी सरकार निरंतर संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
    1
    लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष, त्याग और साहस लोकतंत्र की अमूल्य विरासत है। उनके सम्मान और कल्याण के लिए हमारी सरकार निरंतर संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
    user_Kailash Fulwari
    Kailash Fulwari
    अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • मांगलियावास का ऐतिहासिक कल्पवृक्ष मेला आस्था और उल्लास का केंद्र बना रहा। मेले में 2 लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। पीसांगन के मांगलियावास में हरियाली अमावस्या पर कल्पवृक्ष मेले में उमड़ा जनसैलाब, 2 लाख श्रद्धालुओं ने की पूजा अर्चना हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर पीसांगन उपखंड क्षेत्र के मांगलियावास का ऐतिहासिक कल्पवृक्ष मेला आस्था और उल्लास का केंद्र बना रहा। मेले में 2 लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। तड़के से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। कल्पवृक्ष की पूजा कर मांगी सुख-समृद्धि मान्यता है कि हरियाली अमावस्या के दिन कल्पवृक्ष के पवित्र जोड़े के नीचे सच्चे मन से की गई कामना पूर्ण होती है। श्रद्धालुओं ने राजा, रानी और राजकुमार के नाम से प्रसिद्ध पवित्र वृक्षों को शुद्ध जल से सींचा। इसके बाद कुमकुम, रोली,मोली,अक्षत,मिष्ठान,नारियल और वस्त्र अर्पित कर पूजा-अर्चना की। कुंवारी कन्याओं ने अच्छे वर की कामना की, जबकि सुहागिन महिलाओं ने पति की दीर्घायु और सुखी वैवाहिक जीवन की मनोकामना मांगी। श्रद्धालुओं द्वारा बांधी गई मौलियों से वृक्षों के तने ढक गए और पूजा सामग्री का ढेर लग गया। मेले में झूलों और दुकानों पर रही भीड़ पूजा के बाद श्रद्धालुओं ने मेले में लगे गगनचुंबी झूलों और चकरी का जमकर आनंद लिया। मिठाई, चाट, पकौड़ी और आइसक्रीम की दुकानों पर दिनभर भीड़ रही। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ब्यावर-अजमेर डिपो की ओर से मेला स्पेशल बसें चलाई गईं। आयुर्वेद विभाग के उप स्वास्थ्य केंद्र पर अतिरिक्त स्टाफ तैनात कर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। जनप्रतिनिधि और प्रशासन रहा मौजूद मेले में नसीराबाद विधायक रामस्वरूप लांबा, नसीराबाद विधानसभा प्रत्याशी शिवप्रकाश गुर्जर पीसांगन प्रधान दिनेश नायक, सीआर प्रदीप वाल्मीकि,ब्रिकचियावास सरपंच भैरूलाल धांधड़ा सहित कई जनप्रतिनिधि पहुंचे। कानून व्यवस्था के लिए पीसांगन बीडीओ साजिया तबस्सुम, ग्राम विकास अधिकारी रमेश चौधरी, मांगलियावास थानाधिकारी हरीश चौधरी सहित पीसांगन, नसीराबाद, गेगल और पुलिस लाइन का अतिरिक्त जाब्ता तैनात रहा।
    2
    मांगलियावास का ऐतिहासिक कल्पवृक्ष मेला आस्था और उल्लास का केंद्र बना रहा। मेले में 2 लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए।
पीसांगन के मांगलियावास में हरियाली अमावस्या पर कल्पवृक्ष मेले में उमड़ा जनसैलाब, 2 लाख श्रद्धालुओं ने की पूजा अर्चना
हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर पीसांगन उपखंड क्षेत्र के मांगलियावास का ऐतिहासिक कल्पवृक्ष मेला आस्था और उल्लास का केंद्र बना रहा। मेले में 2 लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। तड़के से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।
कल्पवृक्ष की पूजा कर मांगी सुख-समृद्धि
मान्यता है कि हरियाली अमावस्या के दिन कल्पवृक्ष के पवित्र जोड़े के नीचे सच्चे मन से की गई कामना पूर्ण होती है। श्रद्धालुओं ने राजा, रानी और राजकुमार के नाम से प्रसिद्ध पवित्र वृक्षों को शुद्ध जल से सींचा। इसके बाद कुमकुम, रोली,मोली,अक्षत,मिष्ठान,नारियल और वस्त्र अर्पित कर पूजा-अर्चना की। 
कुंवारी कन्याओं ने अच्छे वर की कामना की, जबकि सुहागिन महिलाओं ने पति की दीर्घायु और सुखी वैवाहिक जीवन की मनोकामना मांगी। श्रद्धालुओं द्वारा बांधी गई मौलियों से वृक्षों के तने ढक गए और पूजा सामग्री का ढेर लग गया।
मेले में झूलों और दुकानों पर रही भीड़
पूजा के बाद श्रद्धालुओं ने मेले में लगे गगनचुंबी झूलों और चकरी का जमकर आनंद लिया। मिठाई, चाट, पकौड़ी और आइसक्रीम की दुकानों पर दिनभर भीड़ रही।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ब्यावर-अजमेर डिपो की ओर से मेला स्पेशल बसें चलाई गईं। आयुर्वेद विभाग के उप स्वास्थ्य केंद्र पर अतिरिक्त स्टाफ तैनात कर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।
जनप्रतिनिधि और प्रशासन रहा मौजूद
मेले में नसीराबाद विधायक रामस्वरूप लांबा, नसीराबाद विधानसभा प्रत्याशी शिवप्रकाश गुर्जर पीसांगन प्रधान दिनेश नायक, सीआर प्रदीप वाल्मीकि,ब्रिकचियावास सरपंच भैरूलाल धांधड़ा सहित कई जनप्रतिनिधि पहुंचे।
कानून व्यवस्था के लिए पीसांगन बीडीओ साजिया तबस्सुम, ग्राम विकास अधिकारी रमेश चौधरी, मांगलियावास थानाधिकारी हरीश चौधरी सहित पीसांगन, नसीराबाद, गेगल और पुलिस लाइन का अतिरिक्त जाब्ता तैनात रहा।
    user_KHABRON KA SAFAR NEWS
    KHABRON KA SAFAR NEWS
    Ajmer, Rajasthan•
    11 hrs ago
  • Ajmer किसानों ने ट्रैक्टर पर निकाली रैल please like Karen subscribe Karen YouTube per channel ko bhi किसानों का ट्रैक्टर प्रदर्शन ट्रैक्टर लेकर निकाली रैली दूर-दूर तक लगाया जाम #shorts #youtubeshorts
    1
    Ajmer किसानों ने ट्रैक्टर पर निकाली रैल please like Karen subscribe Karen YouTube per channel ko bhi
किसानों का ट्रैक्टर प्रदर्शन ट्रैक्टर लेकर निकाली रैली दूर-दूर तक लगाया जाम #shorts #youtubeshorts
    user_Dainik  news ajmer
    Dainik news ajmer
    Local News Reporter अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • जाटावास से रियां बड़ी को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण आवागमन बाधित हो गया है। लगातार बारिश से सड़क की स्थिति खराब हो गई थी, जिससे स्थानीय निवासियों और दुपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई स्थानों पर गड्ढों में पानी भरा होने से दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ था। सड़क की बिगड़ती हालत को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता थी। ग्रामीणों ने बताया कि यह एक मुख्य मार्ग है, जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं। गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण विशेष रूप से दुपहिया वाहन चालकों को आवागमन में अत्यधिक कठिनाई हो रही थी। समस्या की गंभीरता को देखते हुए जाटावास ग्राम पंचायत के युवा जनप्रतिनिधि सुनील कासनियां ने तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने प्रशासनिक सहयोग से बुधवार रात को सड़क के गहरे गड्ढों में कंक्रीट और गिट्टी डलवाकर उन्हें भरवाया। इसके बाद जेसीबी मशीन का उपयोग कर सड़क को समतल किया गया, जिससे फिलहाल आवागमन में राहत मिली है। रात में किए गए इस कार्य से ग्रामीणों ने राहत महसूस की। स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने से वाहनों का निकलना मुश्किल हो रहा था। गड्ढे भरने और सड़क के समतलीकरण से आवागमन कुछ हद तक सुगम हो गया है। ग्रामीणों ने सड़क की स्थायी मरम्मत की मांग की है, ताकि भविष्य में बारिश के दौरान जलभराव और गड्ढों की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो। युवा जनप्रतिनिधि सुनील कासनियां द्वारा तत्काल पहल कर सड़क को अस्थायी रूप से दुरुस्त करवाने के लिए ग्रामीणों ने उनकी सराहना की है। जाटावास से रियां बड़ी को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण आवागमन बाधित हो गया है। लगातार बारिश से सड़क की स्थिति खराब हो गई थी, जिससे स्थानीय निवासियों और दुपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई स्थानों पर गड्ढों में पानी भरा होने से दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ था। सड़क की बिगड़ती हालत को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता थी। ग्रामीणों ने बताया कि यह एक मुख्य मार्ग है, जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं। गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण विशेष रूप से दुपहिया वाहन चालकों को आवागमन में अत्यधिक कठिनाई हो रही थी। समस्या की गंभीरता को देखते हुए जाटावास ग्राम पंचायत के युवा जनप्रतिनिधि सुनील कासनियां ने तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने प्रशासनिक सहयोग से बुधवार रात को सड़क के गहरे गड्ढों में कंक्रीट और गिट्टी डलवाकर उन्हें भरवाया। इसके बाद जेसीबी मशीन का उपयोग कर सड़क को समतल किया गया, जिससे फिलहाल आवागमन में राहत मिली है। रात में किए गए इस कार्य से ग्रामीणों ने राहत महसूस की। स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने से वाहनों का निकलना मुश्किल हो रहा था। गड्ढे भरने और सड़क के समतलीकरण से आवागमन कुछ हद तक सुगम हो गया है। ग्रामीणों ने सड़क की स्थायी मरम्मत की मांग की है, ताकि भविष्य में बारिश के दौरान जलभराव और गड्ढों की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो। युवा जनप्रतिनिधि सुनील कासनियां द्वारा तत्काल पहल कर सड़क को अस्थायी रूप से दुरुस्त करवाने के लिए ग्रामीणों ने उनकी सराहना की है।
    1
    जाटावास से रियां बड़ी को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण आवागमन बाधित हो गया है। लगातार बारिश से सड़क की स्थिति खराब हो गई थी, जिससे स्थानीय निवासियों और दुपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई स्थानों पर गड्ढों में पानी भरा होने से दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ था।
सड़क की बिगड़ती हालत को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता थी। ग्रामीणों ने बताया कि यह एक मुख्य मार्ग है, जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं। गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण विशेष रूप से दुपहिया वाहन चालकों को आवागमन में अत्यधिक कठिनाई हो रही थी।
समस्या की गंभीरता को देखते हुए जाटावास ग्राम पंचायत के युवा जनप्रतिनिधि सुनील कासनियां ने तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने प्रशासनिक सहयोग से बुधवार रात को सड़क के गहरे गड्ढों में कंक्रीट और गिट्टी डलवाकर उन्हें भरवाया। इसके बाद जेसीबी मशीन का उपयोग कर सड़क को समतल किया गया, जिससे फिलहाल आवागमन में राहत मिली है।
रात में किए गए इस कार्य से ग्रामीणों ने राहत महसूस की। स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने से वाहनों का निकलना मुश्किल हो रहा था। गड्ढे भरने और सड़क के समतलीकरण से आवागमन कुछ हद तक सुगम हो गया है।
ग्रामीणों ने सड़क की स्थायी मरम्मत की मांग की है, ताकि भविष्य में बारिश के दौरान जलभराव और गड्ढों की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो। युवा जनप्रतिनिधि सुनील कासनियां द्वारा तत्काल पहल कर सड़क को अस्थायी रूप से दुरुस्त करवाने के लिए ग्रामीणों ने उनकी सराहना की है।
जाटावास से रियां बड़ी को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण आवागमन बाधित हो गया है। लगातार बारिश से सड़क की स्थिति खराब हो गई थी, जिससे स्थानीय निवासियों और दुपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई स्थानों पर गड्ढों में पानी भरा होने से दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ था।
सड़क की बिगड़ती हालत को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता थी। ग्रामीणों ने बताया कि यह एक मुख्य मार्ग है, जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं। गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण विशेष रूप से दुपहिया वाहन चालकों को आवागमन में अत्यधिक कठिनाई हो रही थी।
समस्या की गंभीरता को देखते हुए जाटावास ग्राम पंचायत के युवा जनप्रतिनिधि सुनील कासनियां ने तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने प्रशासनिक सहयोग से बुधवार रात को सड़क के गहरे गड्ढों में कंक्रीट और गिट्टी डलवाकर उन्हें भरवाया। इसके बाद जेसीबी मशीन का उपयोग कर सड़क को समतल किया गया, जिससे फिलहाल आवागमन में राहत मिली है।
रात में किए गए इस कार्य से ग्रामीणों ने राहत महसूस की। स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने से वाहनों का निकलना मुश्किल हो रहा था। गड्ढे भरने और सड़क के समतलीकरण से आवागमन कुछ हद तक सुगम हो गया है।
ग्रामीणों ने सड़क की स्थायी मरम्मत की मांग की है, ताकि भविष्य में बारिश के दौरान जलभराव और गड्ढों की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो। युवा जनप्रतिनिधि सुनील कासनियां द्वारा तत्काल पहल कर सड़क को अस्थायी रूप से दुरुस्त करवाने के लिए ग्रामीणों ने उनकी सराहना की है।
    user_Vishnaram saini
    Vishnaram saini
    Police Officer रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी ने स्पष्ट कर दिया है कि केंद्र सरकार संसद में हर विषय पर सार्थक चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके बावजूद विपक्ष का बार-बार चर्चा से भागना उसकी गैरजिम्मेदाराना राजनीति को दर्शाता है।
    1
    माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी ने स्पष्ट कर दिया है कि केंद्र सरकार संसद में हर विषय पर सार्थक चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके बावजूद विपक्ष का बार-बार चर्चा से भागना उसकी गैरजिम्मेदाराना राजनीति को दर्शाता है।
    user_Kailash Fulwari
    Kailash Fulwari
    अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • पीसांगन के मांगलियावास में हरियाली अमावस्या पर कल्पवृक्ष मेले में उमड़ा जनसैलाब, 2 लाख श्रद्धालुओं ने की पूजा अर्चना हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर पीसांगन उपखंड क्षेत्र के मांगलियावास का ऐतिहासिक कल्पवृक्ष मेला आस्था और उल्लास का केंद्र बना रहा। मेले में 2 लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। तड़के से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। कल्पवृक्ष की पूजा कर मांगी सुख-समृद्धि मान्यता है कि हरियाली अमावस्या के दिन कल्पवृक्ष के पवित्र जोड़े के नीचे सच्चे मन से की गई कामना पूर्ण होती है। श्रद्धालुओं ने राजा, रानी और राजकुमार के नाम से प्रसिद्ध पवित्र वृक्षों को शुद्ध जल से सींचा। इसके बाद कुमकुम, रोली,मोली,अक्षत,मिष्ठान,नारियल और वस्त्र अर्पित कर पूजा-अर्चना की। कुंवारी कन्याओं ने अच्छे वर की कामना की, जबकि सुहागिन महिलाओं ने पति की दीर्घायु और सुखी वैवाहिक जीवन की मनोकामना मांगी। श्रद्धालुओं द्वारा बांधी गई मौलियों से वृक्षों के तने ढक गए और पूजा सामग्री का ढेर लग गया। मेले में झूलों और दुकानों पर रही भीड़ पूजा के बाद श्रद्धालुओं ने मेले में लगे गगनचुंबी झूलों और चकरी का जमकर आनंद लिया। मिठाई, चाट, पकौड़ी और आइसक्रीम की दुकानों पर दिनभर भीड़ रही। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ब्यावर-अजमेर डिपो की ओर से मेला स्पेशल बसें चलाई गईं। आयुर्वेद विभाग के उप स्वास्थ्य केंद्र पर अतिरिक्त स्टाफ तैनात कर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। जनप्रतिनिधि और प्रशासन रहा मौजूद मेले में नसीराबाद विधायक रामस्वरूप लांबा, नसीराबाद विधानसभा प्रत्याशी शिवप्रकाश गुर्जर पीसांगन प्रधान दिनेश नायक, सीआर प्रदीप वाल्मीकि,ब्रिकचियावास सरपंच भैरूलाल धांधड़ा सहित कई जनप्रतिनिधि पहुंचे। कानून व्यवस्था के लिए पीसांगन बीडीओ साजिया तबस्सुम, ग्राम विकास अधिकारी रमेश चौधरी, मांगलियावास थानाधिकारी हरीश चौधरी सहित पीसांगन, नसीराबाद, गेगल और पुलिस लाइन का अतिरिक्त जाब्ता तैनात रहा।
    2
    पीसांगन के मांगलियावास में हरियाली अमावस्या पर कल्पवृक्ष मेले में उमड़ा जनसैलाब, 2 लाख श्रद्धालुओं ने की पूजा अर्चना
हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर पीसांगन उपखंड क्षेत्र के मांगलियावास का ऐतिहासिक कल्पवृक्ष मेला आस्था और उल्लास का केंद्र बना रहा। मेले में 2 लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। तड़के से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।
कल्पवृक्ष की पूजा कर मांगी सुख-समृद्धि
मान्यता है कि हरियाली अमावस्या के दिन कल्पवृक्ष के पवित्र जोड़े के नीचे सच्चे मन से की गई कामना पूर्ण होती है। श्रद्धालुओं ने राजा, रानी और राजकुमार के नाम से प्रसिद्ध पवित्र वृक्षों को शुद्ध जल से सींचा। इसके बाद कुमकुम, रोली,मोली,अक्षत,मिष्ठान,नारियल और वस्त्र अर्पित कर पूजा-अर्चना की। 
कुंवारी कन्याओं ने अच्छे वर की कामना की, जबकि सुहागिन महिलाओं ने पति की दीर्घायु और सुखी वैवाहिक जीवन की मनोकामना मांगी। श्रद्धालुओं द्वारा बांधी गई मौलियों से वृक्षों के तने ढक गए और पूजा सामग्री का ढेर लग गया।
मेले में झूलों और दुकानों पर रही भीड़
पूजा के बाद श्रद्धालुओं ने मेले में लगे गगनचुंबी झूलों और चकरी का जमकर आनंद लिया। मिठाई, चाट, पकौड़ी और आइसक्रीम की दुकानों पर दिनभर भीड़ रही।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ब्यावर-अजमेर डिपो की ओर से मेला स्पेशल बसें चलाई गईं। आयुर्वेद विभाग के उप स्वास्थ्य केंद्र पर अतिरिक्त स्टाफ तैनात कर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।
जनप्रतिनिधि और प्रशासन रहा मौजूद
मेले में नसीराबाद विधायक रामस्वरूप लांबा, नसीराबाद विधानसभा प्रत्याशी शिवप्रकाश गुर्जर पीसांगन प्रधान दिनेश नायक, सीआर प्रदीप वाल्मीकि,ब्रिकचियावास सरपंच भैरूलाल धांधड़ा सहित कई जनप्रतिनिधि पहुंचे।
कानून व्यवस्था के लिए पीसांगन बीडीओ साजिया तबस्सुम, ग्राम विकास अधिकारी रमेश चौधरी, मांगलियावास थानाधिकारी हरीश चौधरी सहित पीसांगन, नसीराबाद, गेगल और पुलिस लाइन का अतिरिक्त जाब्ता तैनात रहा।
    user_KHABRON KA SAFAR NEWS
    KHABRON KA SAFAR NEWS
    Ajmer, Rajasthan•
    13 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.