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राजकीय रेशम फार्म बालपुर का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण उत्पादन से विपणन तक की व्यवस्थाओं की समीक्षा समय व्यूज़ संवाददाता /एम एच आजाद बलरामपुर! जनपद में रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने तथा जनजातीय समुदायों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने बुधवार को विकास खंड बलरामपुर स्थित राजकीय रेशम फार्म, बालपुर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रेशम उत्पादन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का जायजा लिया तथा विभागीय अधिकारियों को रेशम उद्योग के समग्र विकास के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रेशम कीटों के पालन, रेशम कृषकों को रेशम कीटों के वितरण, शहतूत के पौधों के वितरण, रेशम उत्पादन की वर्तमान स्थिति एवं किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक किसानों को रेशम उत्पादन से जोड़ा जाए तथा उन्हें गुणवत्तापूर्ण कीट, पौध एवं तकनीकी सहयोग समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जाए, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो सके। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने रेशम के काकून एवं रेशम धागे के विपणन की उपलब्धता की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जनपद में रेशम उद्योग को केवल कच्चे उत्पादों की बिक्री तक सीमित न रखते हुए वैल्यू एडिशन (मूल्य संवर्धन) को विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केवल रेशम के काकून अथवा धागे की बिक्री करने की अपेक्षा यदि स्थानीय स्तर पर रेशमी कपड़े, परिधान एवं अन्य मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जाएं तो इससे कहीं अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। इससे न केवल रेशम कृषकों की आय बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। जिलाधिकारी ने थारू जनजाति को रेशम उद्योग से जोड़ने पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत थारू समुदाय के युवाओं एवं महिलाओं को रेशम धागे से वस्त्र एवं अन्य उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने उन्हें पावरलूम एवं आधुनिक बुनाई तकनीकों से जोड़ते हुए उत्पादन से लेकर तैयार उत्पादों के विपणन तक की पूरी श्रृंखला विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद के सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले थारू समुदाय के लिए रेशम उद्योग आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बन सकता है। प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग एवं विपणन की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराकर उन्हें स्थानीय स्तर पर ही रोजगार से जोड़ा जा सकता है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी तथा जनजातीय क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर विकसित होंगे। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेशम उत्पादन, प्रसंस्करण, प्रशिक्षण, पावरलूम से जुड़ाव एवं विपणन की एक सुदृढ़ कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि बलरामपुर में रेशम उद्योग को नई पहचान मिले और अधिक से अधिक किसान एवं जनजातीय परिवार इस क्षेत्र से जुड़कर लाभान्वित हो सकें। निरीक्षण के दौरान सहायक निदेशक रेशम, जिला रेशम अधिकारी श्री सतीश पांडे सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। राजकीय रेशम फार्म बालपुर का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण उत्पादन से विपणन तक की व्यवस्थाओं की समीक्षा समय व्यूज़ संवाददाता /एम एच आजाद बलरामपुर! जनपद में रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने तथा जनजातीय समुदायों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने बुधवार को विकास खंड बलरामपुर स्थित राजकीय रेशम फार्म, बालपुर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रेशम उत्पादन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का जायजा लिया तथा विभागीय अधिकारियों को रेशम उद्योग के समग्र विकास के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रेशम कीटों के पालन, रेशम कृषकों को रेशम कीटों के वितरण, शहतूत के पौधों के वितरण, रेशम उत्पादन की वर्तमान स्थिति एवं किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक किसानों को रेशम उत्पादन से जोड़ा जाए तथा उन्हें गुणवत्तापूर्ण कीट, पौध एवं तकनीकी सहयोग समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जाए, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो सके। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने रेशम के काकून एवं रेशम धागे के विपणन की उपलब्धता की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जनपद में रेशम उद्योग को केवल कच्चे उत्पादों की बिक्री तक सीमित न रखते हुए वैल्यू एडिशन (मूल्य संवर्धन) को विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केवल रेशम के काकून अथवा धागे की बिक्री करने की अपेक्षा यदि स्थानीय स्तर पर रेशमी कपड़े, परिधान एवं अन्य मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जाएं तो इससे कहीं अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। इससे न केवल रेशम कृषकों की आय बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। जिलाधिकारी ने थारू जनजाति को रेशम उद्योग से जोड़ने पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत थारू समुदाय के युवाओं एवं महिलाओं को रेशम धागे से वस्त्र एवं अन्य उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने उन्हें पावरलूम एवं आधुनिक बुनाई तकनीकों से जोड़ते हुए उत्पादन से लेकर तैयार उत्पादों के विपणन तक की पूरी श्रृंखला विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद के सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले थारू समुदाय के लिए रेशम उद्योग आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बन सकता है। प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग एवं विपणन की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराकर उन्हें स्थानीय स्तर पर ही रोजगार से जोड़ा जा सकता है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी तथा जनजातीय क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर विकसित होंगे। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेशम उत्पादन, प्रसंस्करण, प्रशिक्षण, पावरलूम से जुड़ाव एवं विपणन की एक सुदृढ़ कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि बलरामपुर में रेशम उद्योग को नई पहचान मिले और अधिक से अधिक किसान एवं जनजातीय परिवार इस क्षेत्र से जुड़कर लाभान्वित हो सकें। निरीक्षण के दौरान सहायक निदेशक रेशम, जिला रेशम अधिकारी श्री सतीश पांडे सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

4 hrs ago
user_Azad choudhari journlist
Azad choudhari journlist
Local News Reporter उतरौला, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
4 hrs ago

राजकीय रेशम फार्म बालपुर का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण उत्पादन से विपणन तक की व्यवस्थाओं की समीक्षा समय व्यूज़ संवाददाता /एम एच आजाद बलरामपुर! जनपद में रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने तथा जनजातीय समुदायों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने बुधवार को विकास खंड बलरामपुर स्थित राजकीय रेशम फार्म, बालपुर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रेशम उत्पादन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का जायजा लिया तथा विभागीय अधिकारियों को रेशम उद्योग के समग्र विकास के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रेशम कीटों के पालन, रेशम कृषकों को रेशम कीटों के वितरण, शहतूत के पौधों के वितरण, रेशम उत्पादन की वर्तमान स्थिति एवं किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक किसानों को रेशम उत्पादन से जोड़ा जाए तथा उन्हें गुणवत्तापूर्ण कीट, पौध एवं तकनीकी सहयोग समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जाए, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो सके। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने रेशम के काकून एवं रेशम धागे के विपणन की उपलब्धता की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जनपद में रेशम उद्योग को केवल कच्चे उत्पादों की बिक्री तक सीमित न रखते हुए वैल्यू एडिशन (मूल्य संवर्धन) को विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केवल रेशम के काकून अथवा धागे की बिक्री करने की अपेक्षा यदि स्थानीय स्तर पर रेशमी कपड़े, परिधान एवं अन्य मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जाएं तो इससे कहीं अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। इससे न केवल रेशम कृषकों की आय बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। जिलाधिकारी ने थारू जनजाति को रेशम उद्योग से जोड़ने पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत थारू समुदाय के युवाओं एवं महिलाओं को रेशम धागे से वस्त्र एवं अन्य उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने उन्हें पावरलूम एवं आधुनिक बुनाई तकनीकों से जोड़ते हुए उत्पादन से लेकर तैयार उत्पादों के विपणन तक की पूरी श्रृंखला विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद के सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले थारू समुदाय के लिए रेशम उद्योग आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बन सकता है। प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग एवं विपणन की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराकर उन्हें स्थानीय स्तर पर ही रोजगार से जोड़ा जा सकता है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी तथा जनजातीय क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर विकसित होंगे। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेशम उत्पादन, प्रसंस्करण, प्रशिक्षण, पावरलूम से जुड़ाव एवं विपणन की एक सुदृढ़ कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि बलरामपुर में रेशम उद्योग को नई पहचान मिले और अधिक से अधिक किसान एवं जनजातीय परिवार इस क्षेत्र से जुड़कर लाभान्वित हो सकें। निरीक्षण के दौरान सहायक निदेशक रेशम, जिला रेशम अधिकारी श्री सतीश पांडे सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। राजकीय

रेशम फार्म बालपुर का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण उत्पादन से विपणन तक की व्यवस्थाओं की समीक्षा समय व्यूज़ संवाददाता /एम एच आजाद बलरामपुर! जनपद में रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने तथा जनजातीय समुदायों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने बुधवार को विकास खंड बलरामपुर स्थित राजकीय रेशम फार्म, बालपुर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रेशम उत्पादन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का जायजा लिया तथा विभागीय अधिकारियों को रेशम उद्योग के समग्र विकास के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रेशम कीटों के पालन, रेशम कृषकों को रेशम कीटों के वितरण, शहतूत के पौधों के वितरण, रेशम उत्पादन की वर्तमान स्थिति एवं किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक किसानों को रेशम उत्पादन से जोड़ा जाए तथा उन्हें गुणवत्तापूर्ण कीट, पौध एवं तकनीकी सहयोग समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जाए, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो सके। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने रेशम के काकून एवं रेशम धागे के विपणन की उपलब्धता की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जनपद में रेशम उद्योग को केवल कच्चे उत्पादों की बिक्री तक सीमित न रखते हुए वैल्यू एडिशन (मूल्य संवर्धन) को विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केवल रेशम के काकून अथवा धागे की बिक्री करने की अपेक्षा यदि स्थानीय स्तर पर रेशमी कपड़े, परिधान एवं अन्य मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जाएं तो इससे कहीं अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। इससे न केवल रेशम कृषकों की आय बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। जिलाधिकारी ने थारू जनजाति को रेशम उद्योग से जोड़ने पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत थारू समुदाय के युवाओं एवं महिलाओं को रेशम धागे से वस्त्र एवं अन्य उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने उन्हें पावरलूम एवं आधुनिक बुनाई तकनीकों से जोड़ते हुए उत्पादन से लेकर तैयार उत्पादों के विपणन तक की पूरी श्रृंखला विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद के सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले थारू समुदाय के लिए रेशम उद्योग आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बन सकता है। प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग एवं विपणन की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराकर उन्हें स्थानीय स्तर पर ही रोजगार से जोड़ा जा सकता है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी तथा जनजातीय क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर विकसित होंगे। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेशम उत्पादन, प्रसंस्करण, प्रशिक्षण, पावरलूम से जुड़ाव एवं विपणन की एक सुदृढ़ कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि बलरामपुर में रेशम उद्योग को नई पहचान मिले और अधिक से अधिक किसान एवं जनजातीय परिवार इस क्षेत्र से जुड़कर लाभान्वित हो सकें। निरीक्षण के दौरान सहायक निदेशक रेशम, जिला रेशम अधिकारी श्री सतीश पांडे सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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जनपद में रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने तथा जनजातीय समुदायों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने बुधवार को विकास खंड बलरामपुर स्थित राजकीय रेशम फार्म, बालपुर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रेशम उत्पादन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का जायजा लिया तथा विभागीय अधिकारियों को रेशम उद्योग के समग्र विकास के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रेशम कीटों के पालन, रेशम कृषकों को रेशम कीटों के वितरण, शहतूत के पौधों के वितरण, रेशम उत्पादन की वर्तमान स्थिति एवं किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक किसानों को रेशम उत्पादन से जोड़ा जाए तथा उन्हें गुणवत्तापूर्ण कीट, पौध एवं तकनीकी सहयोग समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जाए, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो सके। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने रेशम के काकून एवं रेशम धागे के विपणन की उपलब्धता की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जनपद में रेशम उद्योग को केवल कच्चे उत्पादों की बिक्री तक सीमित न रखते हुए वैल्यू एडिशन (मूल्य संवर्धन) को विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केवल रेशम के काकून अथवा धागे की बिक्री करने की अपेक्षा यदि स्थानीय स्तर पर रेशमी कपड़े, परिधान एवं अन्य मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जाएं तो इससे कहीं अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। इससे न केवल रेशम कृषकों की आय बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। जिलाधिकारी ने थारू जनजाति को रेशम उद्योग से जोड़ने पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत थारू समुदाय के युवाओं एवं महिलाओं को रेशम धागे से वस्त्र एवं अन्य उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने उन्हें पावरलूम एवं आधुनिक बुनाई तकनीकों से जोड़ते हुए उत्पादन से लेकर तैयार उत्पादों के विपणन तक की पूरी श्रृंखला विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद के सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले थारू समुदाय के लिए रेशम उद्योग आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बन सकता है। प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग एवं विपणन की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराकर उन्हें स्थानीय स्तर पर ही रोजगार से जोड़ा जा सकता है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी तथा जनजातीय क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर विकसित होंगे। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेशम उत्पादन, प्रसंस्करण, प्रशिक्षण, पावरलूम से जुड़ाव एवं विपणन की एक सुदृढ़ कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि बलरामपुर में रेशम उद्योग को नई पहचान मिले और अधिक से अधिक किसान एवं जनजातीय परिवार इस क्षेत्र से जुड़कर लाभान्वित हो सकें। निरीक्षण के दौरान सहायक निदेशक रेशम, जिला रेशम अधिकारी श्री सतीश पांडे सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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    राजकीय रेशम फार्म बालपुर का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण 

उत्पादन से विपणन तक की व्यवस्थाओं की समीक्षा

समय व्यूज़ संवाददाता /एम एच आजाद 

बलरामपुर! जनपद में रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने तथा जनजातीय समुदायों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने बुधवार को विकास खंड बलरामपुर स्थित राजकीय रेशम फार्म, बालपुर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रेशम उत्पादन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का जायजा लिया तथा विभागीय अधिकारियों को रेशम उद्योग के समग्र विकास के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रेशम कीटों के पालन, रेशम कृषकों को रेशम कीटों के वितरण, शहतूत के पौधों के वितरण, रेशम उत्पादन की वर्तमान स्थिति एवं किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक किसानों को रेशम उत्पादन से जोड़ा जाए तथा उन्हें गुणवत्तापूर्ण कीट, पौध एवं तकनीकी सहयोग समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जाए, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो सके।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने रेशम के काकून एवं रेशम धागे के विपणन की उपलब्धता की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जनपद में रेशम उद्योग को केवल कच्चे उत्पादों की बिक्री तक सीमित न रखते हुए वैल्यू एडिशन (मूल्य संवर्धन) को विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि केवल रेशम के काकून अथवा धागे की बिक्री करने की अपेक्षा यदि स्थानीय स्तर पर रेशमी कपड़े, परिधान एवं अन्य मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जाएं तो इससे कहीं अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। इससे न केवल रेशम कृषकों की आय बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

जिलाधिकारी ने थारू जनजाति को रेशम उद्योग से जोड़ने पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत थारू समुदाय के युवाओं एवं महिलाओं को रेशम धागे से वस्त्र एवं अन्य उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने उन्हें पावरलूम एवं आधुनिक बुनाई तकनीकों से जोड़ते हुए उत्पादन से लेकर तैयार उत्पादों के विपणन तक की पूरी श्रृंखला विकसित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जनपद के सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले थारू समुदाय के लिए रेशम उद्योग आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बन सकता है। प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग एवं विपणन की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराकर उन्हें स्थानीय स्तर पर ही रोजगार से जोड़ा जा सकता है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी तथा जनजातीय क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर विकसित होंगे।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेशम उत्पादन, प्रसंस्करण, प्रशिक्षण, पावरलूम से जुड़ाव एवं विपणन की एक सुदृढ़ कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि बलरामपुर में रेशम उद्योग को नई पहचान मिले और अधिक से अधिक किसान एवं जनजातीय परिवार इस क्षेत्र से जुड़कर लाभान्वित हो सकें।
निरीक्षण के दौरान सहायक निदेशक रेशम, जिला रेशम अधिकारी श्री सतीश पांडे सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
राजकीय रेशम फार्म बालपुर का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण 
उत्पादन से विपणन तक की व्यवस्थाओं की समीक्षा
समय व्यूज़ संवाददाता /एम एच आजाद 
बलरामपुर! जनपद में रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने तथा जनजातीय समुदायों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने बुधवार को विकास खंड बलरामपुर स्थित राजकीय रेशम फार्म, बालपुर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रेशम उत्पादन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का जायजा लिया तथा विभागीय अधिकारियों को रेशम उद्योग के समग्र विकास के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रेशम कीटों के पालन, रेशम कृषकों को रेशम कीटों के वितरण, शहतूत के पौधों के वितरण, रेशम उत्पादन की वर्तमान स्थिति एवं किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक किसानों को रेशम उत्पादन से जोड़ा जाए तथा उन्हें गुणवत्तापूर्ण कीट, पौध एवं तकनीकी सहयोग समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जाए, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो सके।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने रेशम के काकून एवं रेशम धागे के विपणन की उपलब्धता की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जनपद में रेशम उद्योग को केवल कच्चे उत्पादों की बिक्री तक सीमित न रखते हुए वैल्यू एडिशन (मूल्य संवर्धन) को विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि केवल रेशम के काकून अथवा धागे की बिक्री करने की अपेक्षा यदि स्थानीय स्तर पर रेशमी कपड़े, परिधान एवं अन्य मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जाएं तो इससे कहीं अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। इससे न केवल रेशम कृषकों की आय बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
जिलाधिकारी ने थारू जनजाति को रेशम उद्योग से जोड़ने पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत थारू समुदाय के युवाओं एवं महिलाओं को रेशम धागे से वस्त्र एवं अन्य उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने उन्हें पावरलूम एवं आधुनिक बुनाई तकनीकों से जोड़ते हुए उत्पादन से लेकर तैयार उत्पादों के विपणन तक की पूरी श्रृंखला विकसित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जनपद के सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले थारू समुदाय के लिए रेशम उद्योग आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बन सकता है। प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग एवं विपणन की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराकर उन्हें स्थानीय स्तर पर ही रोजगार से जोड़ा जा सकता है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी तथा जनजातीय क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर विकसित होंगे।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेशम उत्पादन, प्रसंस्करण, प्रशिक्षण, पावरलूम से जुड़ाव एवं विपणन की एक सुदृढ़ कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि बलरामपुर में रेशम उद्योग को नई पहचान मिले और अधिक से अधिक किसान एवं जनजातीय परिवार इस क्षेत्र से जुड़कर लाभान्वित हो सकें।
निरीक्षण के दौरान सहायक निदेशक रेशम, जिला रेशम अधिकारी श्री सतीश पांडे सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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    Local News Reporter उतरौला, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • आइए, हाथ से हाथ मिलाएं और एक सशक्त, सुरक्षित व आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान दें! संगठन का मुख्य उद्देश्य और संकल्प भगवान शिव के तीसरे नेत्र से प्रेरित यह फाउंडेशन समाज से अज्ञानता, भ्रष्टाचार, अन्याय और असमानता को मिटाने के लिए संकल्पबद्ध है। संगठन का मूल मंत्र "राष्ट्र सर्वोपरि • समाज सेवा हमारा धर्म • मानवता हमारी पहचान" है। फाउंडेशन प्रमुख रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है: गौ माता सम्मान एवं संरक्षण अभियान बाल पोषण एवं स्वास्थ्य कार्यक्रम युवाओं के लिए स्वरोजगार और कौशल विकास शोषित, वंचित और जरूरतमंदों को न्याय व सहायता दिलाना पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता अभियान आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: संगठन की आधिकारिक वेबसाइट या पोर्टल पर विजिट करें। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें: 'Join Us' या 'Apply Membership' विकल्प पर क्लिक करके अपना नाम, पता, योग्यता और मोबाइल नंबर दर्ज करें। दस्तावेज अपलोड करें: अपनी पहचान का प्रमाण (आधार कार्ड) और एक पासपोर्ट साइज फोटो संलग्न करें। सत्यापन के बाद नियुक्ति: संगठन की टीम द्वारा विवरण का सत्यापन करने के बाद आपको डिजिटल आईडी कार्ड और आधिकारिक दायित्व सौंपा जाएगा।
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    आइए, हाथ से हाथ मिलाएं और एक सशक्त, सुरक्षित व आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान दें!

संगठन का मुख्य उद्देश्य और संकल्प
भगवान शिव के तीसरे नेत्र से प्रेरित यह फाउंडेशन समाज से अज्ञानता, भ्रष्टाचार, अन्याय और असमानता को मिटाने के लिए संकल्पबद्ध है। संगठन का मूल मंत्र "राष्ट्र सर्वोपरि • समाज सेवा हमारा धर्म • मानवता हमारी पहचान" है। फाउंडेशन प्रमुख रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है:  
गौ माता सम्मान एवं संरक्षण अभियान  
बाल पोषण एवं स्वास्थ्य कार्यक्रम  
युवाओं के लिए स्वरोजगार और कौशल विकास  
शोषित, वंचित और जरूरतमंदों को न्याय व सहायता दिलाना  
पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता अभियान  
आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: संगठन की आधिकारिक वेबसाइट या पोर्टल पर विजिट करें।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें: 'Join Us' या 'Apply Membership' विकल्प पर क्लिक करके अपना नाम, पता, योग्यता और मोबाइल नंबर दर्ज करें।
दस्तावेज अपलोड करें: अपनी पहचान का प्रमाण (आधार कार्ड) और एक पासपोर्ट साइज फोटो संलग्न करें।
सत्यापन के बाद नियुक्ति: संगठन की टीम द्वारा विवरण का सत्यापन करने के बाद आपको डिजिटल आईडी कार्ड और आधिकारिक दायित्व सौंपा जाएगा।
    user_Trinetra sena mahasangh
    Trinetra sena mahasangh
    Non-Governmental Organisation उतरौला, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • यूरिया के लिए टंकी पर चढ़ने का दावा, किसानों में भारी नाराज़गी कोहड़ौरा समिति में यूरिया वितरण पर बखेड़ा, किसानों ने लगाए अनियमितता के आरोप यूरिया को लेकर कोहड़ौरा समिति पर किसानों के गंभीर आरोप, कार्रवाई की मांग यूरिया के लिए टंकी पर चढ़ने का दावा, किसानों में भारी नाराज़गी कोहड़ौरा समिति में यूरिया वितरण पर बखेड़ा, किसानों ने लगाए अनियमितता के आरोप यूरिया को लेकर कोहड़ौरा समिति पर किसानों के गंभीर आरोप, कार्रवाई की मांग
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    यूरिया के लिए टंकी पर चढ़ने का दावा, किसानों में भारी नाराज़गी
कोहड़ौरा समिति में यूरिया वितरण पर बखेड़ा, किसानों ने लगाए अनियमितता के आरोप
यूरिया को लेकर कोहड़ौरा समिति पर किसानों के गंभीर आरोप, कार्रवाई की मांग
यूरिया के लिए टंकी पर चढ़ने का दावा, किसानों में भारी नाराज़गी
कोहड़ौरा समिति में यूरिया वितरण पर बखेड़ा, किसानों ने लगाए अनियमितता के आरोप
यूरिया को लेकर कोहड़ौरा समिति पर किसानों के गंभीर आरोप, कार्रवाई की मांग
    user_Rahul Ratna
    Rahul Ratna
    रिपोर्टर बलरामपुर, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • 👉मानसिकता न्यूज़ राष्ट्रीय हिन्दी समाचार पत्र तुलसीपुर जनपद बलरामपुर देवीपाटन मंडल कार्यालय गोंडा* ✍️ *रिपोर्टर (देवीपाटन मंडल कार्यालय प्रभारी) प्रदीप पत्रकार* 👉*राजकीय रेशम फार्म बालपुर का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण, उत्पादन से विपणन तक की व्यवस्थाओं की समीक्षा* 🔸*रेशम उद्योग में वैल्यू एडिशन पर डीएम का विशेष जोर, तैयार उत्पादों से बढ़ेगी आय* 🔸*थारू जनजाति को रेशम उद्योग से जोड़कर स्वरोजगार एवं आजीविका के नए अवसर विकसित किए जाएंगे* दिनांक - 29 जुलाई 2026 जनपद में रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने तथा जनजातीय समुदायों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने बुधवार को विकास खंड बलरामपुर स्थित राजकीय रेशम फार्म, बालपुर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रेशम उत्पादन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का जायजा लिया तथा विभागीय अधिकारियों को रेशम उद्योग के समग्र विकास के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रेशम कीटों के पालन, रेशम कृषकों को रेशम कीटों के वितरण, शहतूत के पौधों के वितरण, रेशम उत्पादन की वर्तमान स्थिति एवं किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक किसानों को रेशम उत्पादन से जोड़ा जाए तथा उन्हें गुणवत्तापूर्ण कीट, पौध एवं तकनीकी सहयोग समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जाए, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो सके। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने रेशम के काकून एवं रेशम धागे के विपणन की उपलब्धता की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जनपद में रेशम उद्योग को केवल कच्चे उत्पादों की बिक्री तक सीमित न रखते हुए वैल्यू एडिशन (मूल्य संवर्धन) को विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केवल रेशम के काकून अथवा धागे की बिक्री करने की अपेक्षा यदि स्थानीय स्तर पर रेशमी कपड़े, परिधान एवं अन्य मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जाएं तो इससे कहीं अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। इससे न केवल रेशम कृषकों की आय बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। जिलाधिकारी ने थारू जनजाति को रेशम उद्योग से जोड़ने पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत थारू समुदाय के युवाओं एवं महिलाओं को रेशम धागे से वस्त्र एवं अन्य उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने उन्हें पावरलूम एवं आधुनिक बुनाई तकनीकों से जोड़ते हुए उत्पादन से लेकर तैयार उत्पादों के विपणन तक की पूरी श्रृंखला विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद के सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले थारू समुदाय के लिए रेशम उद्योग आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बन सकता है। प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग एवं विपणन की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराकर उन्हें स्थानीय स्तर पर ही रोजगार से जोड़ा जा सकता है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी तथा जनजातीय क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर विकसित होंगे। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेशम उत्पादन, प्रसंस्करण, प्रशिक्षण, पावरलूम से जुड़ाव एवं विपणन की एक सुदृढ़ कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि बलरामपुर में रेशम उद्योग को नई पहचान मिले और अधिक से अधिक किसान एवं जनजातीय परिवार इस क्षेत्र से जुड़कर लाभान्वित हो सकें। निरीक्षण के दौरान सहायक निदेशक रेशम, जिला रेशम अधिकारी श्री सतीश पांडे सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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    👉मानसिकता न्यूज़ राष्ट्रीय हिन्दी समाचार पत्र तुलसीपुर जनपद बलरामपुर देवीपाटन मंडल कार्यालय गोंडा*
✍️ *रिपोर्टर (देवीपाटन मंडल कार्यालय प्रभारी) प्रदीप पत्रकार*
👉*राजकीय रेशम फार्म बालपुर का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण, उत्पादन से विपणन तक की व्यवस्थाओं की समीक्षा*
🔸*रेशम उद्योग में वैल्यू एडिशन पर डीएम का विशेष जोर, तैयार उत्पादों से बढ़ेगी आय*
🔸*थारू जनजाति को रेशम उद्योग से जोड़कर स्वरोजगार एवं आजीविका के नए अवसर विकसित किए जाएंगे*
दिनांक - 29 जुलाई 2026
जनपद में रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने तथा जनजातीय समुदायों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने बुधवार को विकास खंड बलरामपुर स्थित राजकीय रेशम फार्म, बालपुर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रेशम उत्पादन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का जायजा लिया तथा विभागीय अधिकारियों को रेशम उद्योग के समग्र विकास के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रेशम कीटों के पालन, रेशम कृषकों को रेशम कीटों के वितरण, शहतूत के पौधों के वितरण, रेशम उत्पादन की वर्तमान स्थिति एवं किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक किसानों को रेशम उत्पादन से जोड़ा जाए तथा उन्हें गुणवत्तापूर्ण कीट, पौध एवं तकनीकी सहयोग समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जाए, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो सके।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने रेशम के काकून एवं रेशम धागे के विपणन की उपलब्धता की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जनपद में रेशम उद्योग को केवल कच्चे उत्पादों की बिक्री तक सीमित न रखते हुए वैल्यू एडिशन (मूल्य संवर्धन) को विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि केवल रेशम के काकून अथवा धागे की बिक्री करने की अपेक्षा यदि स्थानीय स्तर पर रेशमी कपड़े, परिधान एवं अन्य मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जाएं तो इससे कहीं अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। इससे न केवल रेशम कृषकों की आय बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
जिलाधिकारी ने थारू जनजाति को रेशम उद्योग से जोड़ने पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत थारू समुदाय के युवाओं एवं महिलाओं को रेशम धागे से वस्त्र एवं अन्य उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने उन्हें पावरलूम एवं आधुनिक बुनाई तकनीकों से जोड़ते हुए उत्पादन से लेकर तैयार उत्पादों के विपणन तक की पूरी श्रृंखला विकसित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जनपद के सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले थारू समुदाय के लिए रेशम उद्योग आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बन सकता है। प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग एवं विपणन की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराकर उन्हें स्थानीय स्तर पर ही रोजगार से जोड़ा जा सकता है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी तथा जनजातीय क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर विकसित होंगे।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेशम उत्पादन, प्रसंस्करण, प्रशिक्षण, पावरलूम से जुड़ाव एवं विपणन की एक सुदृढ़ कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि बलरामपुर में रेशम उद्योग को नई पहचान मिले और अधिक से अधिक किसान एवं जनजातीय परिवार इस क्षेत्र से जुड़कर लाभान्वित हो सकें।
निरीक्षण के दौरान सहायक निदेशक रेशम, जिला रेशम अधिकारी श्री सतीश पांडे सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
    user_मानसिकता न्यूज़ राष्ट्रीय हिंद
    मानसिकता न्यूज़ राष्ट्रीय हिंद
    Local News Reporter तुलसीपुर, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • विधायक के आरोपों की पड़ताल करने पहुंचे पत्रकारों से उलझे ड्रेनेज खंड के अधिकारी, वीडियो वायरल सिद्धार्थनगर जिले की बूढ़ी राप्ती नदी के तटबंधों पर कराए गए बाढ़ सुरक्षा कार्यों को लेकर शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा द्वारा लगाए गए आरोपों की पड़ताल करने पहुंचे पत्रकारों और सिंचाई विभाग (ड्रेनेज खंड) के अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। जानकारी के अनुसार, विधायक विनय वर्मा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो जारी कर विधानसभा क्षेत्र में बूढ़ी राप्ती तटबंध पर कराए गए बाढ़ सुरक्षा कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जताई थी। विधायक के आरोपों के बाद मीडिया कर्मी विभाग का पक्ष जानने और मौके की जानकारी लेने ड्रेनेज खंड कार्यालय पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शुरुआत में विभागीय अधिकारियों ने व्यस्त होने का हवाला देकर बातचीत टालने का प्रयास किया। इसके बाद पत्रकारों और विभाग के कनिष्ठ अभियंता (जेई) तथा अधिशासी अभियंता कृपाशंकर भारती के बीच कहासुनी हो गई। इस दौरान अधिकारियों ने पत्रकारों से कहा कि बिना अनुमति विभागीय परिसर में प्रवेश कर वीडियो बनाना नियमों के विरुद्ध है। वहीं पत्रकारों का कहना था कि वे विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में विभाग का पक्ष लेने और जनहित से जुड़े मामले की तथ्यात्मक जानकारी एकत्र करने पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस तेज हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। गौरतलब है कि बूढ़ी राप्ती तटबंधों पर कराए गए बाढ़ सुरक्षा कार्यों को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। विधायक विनय वर्मा ने हाल ही में कार्यों की गुणवत्ता पर असंतोष जताते हुए संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रश्न खड़े किए थे। इसके बाद मीडिया के पहुंचने पर हुआ यह विवाद मामले को और सुर्खियों में ले आया है। भ्रष्टाचार छुपाने के लिए ड्रेनेज खंड के अधिकारियों ने कैमरे के सामने पत्रकारों के साथ अभद्रता करते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया योगी सरकार जहां एक तरफ पत्रकारों की स्वतंत्रता और चौथे स्तंभ की बात करती है तो वहीं गैर जिम्मेदार अधिकारियों के ऊपर कब करवाई होगी। ड्रेनेज खंड के अधिकारियों ने पत्रकारों के ऊपर आरोप लगाते हुए कहा कि हमारे यहां पत्रकार आते हैं और मेहनताना लेकर जाते हैं ऐसे पत्रकार और पत्रकारिता को कलंकित करने वाले पत्रकारों पर सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए नहीं तो पूरी तरह से पत्रकार समाज कलंकित और बदनाम होगा।
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    विधायक के आरोपों की पड़ताल करने पहुंचे पत्रकारों से उलझे ड्रेनेज खंड के अधिकारी, वीडियो वायरल

सिद्धार्थनगर जिले की बूढ़ी राप्ती नदी के तटबंधों पर कराए गए बाढ़ सुरक्षा कार्यों को लेकर शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा द्वारा लगाए गए आरोपों की पड़ताल करने पहुंचे पत्रकारों और सिंचाई विभाग (ड्रेनेज खंड) के अधिकारियों के बीच  तीखी नोकझोंक हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।
जानकारी के अनुसार, विधायक विनय वर्मा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो जारी कर विधानसभा क्षेत्र में बूढ़ी राप्ती तटबंध पर कराए गए बाढ़ सुरक्षा कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जताई थी। विधायक के आरोपों के बाद मीडिया कर्मी विभाग का पक्ष जानने और मौके की जानकारी लेने ड्रेनेज खंड कार्यालय पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शुरुआत में विभागीय अधिकारियों ने व्यस्त होने का हवाला देकर बातचीत टालने का प्रयास किया। इसके बाद पत्रकारों और विभाग के कनिष्ठ अभियंता (जेई) तथा अधिशासी अभियंता कृपाशंकर भारती के बीच कहासुनी हो गई। इस दौरान अधिकारियों ने पत्रकारों से कहा कि बिना अनुमति विभागीय परिसर में प्रवेश कर वीडियो बनाना नियमों के विरुद्ध है। वहीं पत्रकारों का कहना था कि वे विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में विभाग का पक्ष लेने और जनहित से जुड़े मामले की तथ्यात्मक जानकारी एकत्र करने पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस तेज हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। गौरतलब है कि बूढ़ी राप्ती तटबंधों पर कराए गए बाढ़ सुरक्षा कार्यों को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। विधायक विनय वर्मा ने हाल ही में कार्यों की गुणवत्ता पर असंतोष जताते हुए संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रश्न खड़े किए थे। इसके बाद मीडिया के पहुंचने पर हुआ यह विवाद मामले को और सुर्खियों में ले आया है। भ्रष्टाचार छुपाने के लिए ड्रेनेज खंड के अधिकारियों ने कैमरे के सामने पत्रकारों के साथ अभद्रता करते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया योगी सरकार जहां एक तरफ पत्रकारों की स्वतंत्रता और चौथे स्तंभ की बात करती है तो वहीं गैर जिम्मेदार अधिकारियों के ऊपर कब करवाई होगी। ड्रेनेज खंड के अधिकारियों ने पत्रकारों के ऊपर आरोप लगाते हुए कहा कि हमारे यहां पत्रकार आते हैं और मेहनताना लेकर जाते हैं ऐसे पत्रकार और पत्रकारिता को कलंकित करने वाले पत्रकारों पर सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए नहीं तो पूरी तरह से पत्रकार समाज कलंकित और बदनाम होगा।
    user_पत्रकारिता
    पत्रकारिता
    Local News Reporter बंसी, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • मोटर साइकिल चोर के गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक बलरामपुर विकास कुमार की वाइट बलरामपुर में चार शातिर वाहन चोर गिरफ्तार, अस्पतालों के बाहर से उड़ाई गईं दो बाइक बरामद बलरामपुर। कोतवाली देहात पुलिस ने वाहन चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए चार शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की दो मोटरसाइकिल बरामद की हैं। पूछताछ में आरोपियों ने अस्पतालों के आसपास से बाइक चोरी करने की बात कबूल की है। मोटर साइकिल चोर के गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक बलरामपुर विकास कुमार की वाइट बलरामपुर में चार शातिर वाहन चोर गिरफ्तार, अस्पतालों के बाहर से उड़ाई गईं दो बाइक बरामद बलरामपुर। कोतवाली देहात पुलिस ने वाहन चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए चार शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की दो मोटरसाइकिल बरामद की हैं। पूछताछ में आरोपियों ने अस्पतालों के आसपास से बाइक चोरी करने की बात कबूल की है।
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    मोटर साइकिल चोर के गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक बलरामपुर विकास कुमार की वाइट 

बलरामपुर में चार शातिर वाहन चोर गिरफ्तार, अस्पतालों के बाहर से उड़ाई गईं दो बाइक बरामद

बलरामपुर। कोतवाली देहात पुलिस ने वाहन चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए चार शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की दो मोटरसाइकिल बरामद की हैं। पूछताछ में आरोपियों ने अस्पतालों के आसपास से बाइक चोरी करने की बात कबूल की है।
मोटर साइकिल चोर के गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक बलरामपुर विकास कुमार की वाइट 
बलरामपुर में चार शातिर वाहन चोर गिरफ्तार, अस्पतालों के बाहर से उड़ाई गईं दो बाइक बरामद
बलरामपुर। कोतवाली देहात पुलिस ने वाहन चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए चार शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की दो मोटरसाइकिल बरामद की हैं। पूछताछ में आरोपियों ने अस्पतालों के आसपास से बाइक चोरी करने की बात कबूल की है।
    user_Azad choudhari journlist
    Azad choudhari journlist
    Local News Reporter उतरौला, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • बलरामपुर एसपी आवास के पास सरयू नहर में दिखा अज्ञात शव, सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ साझा, अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं बलरामपुर पुलिस अधीक्षक आवास के निकट सरयू नहर में बुधवार को एक अज्ञात शव बहता दिखाई दिया है। राहगीरों ने शव देखकर वीडियो बनाया, जो सोशल मीडिया पर साझा किया है। बताया जा रहा है कि सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पहचान कराने के प्रयास शुरू किए। शव की पहचान और मौत के कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अभी आधिकारिक बयान नहीं आया है। बलरामपुर एसपी आवास के पास सरयू नहर में दिखा अज्ञात शव, सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ साझा, अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं बलरामपुर पुलिस अधीक्षक आवास के निकट सरयू नहर में बुधवार को एक अज्ञात शव बहता दिखाई दिया है। राहगीरों ने शव देखकर वीडियो बनाया, जो सोशल मीडिया पर साझा किया है। बताया जा रहा है कि सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पहचान कराने के प्रयास शुरू किए। शव की पहचान और मौत के कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अभी आधिकारिक बयान नहीं आया है।
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    बलरामपुर एसपी आवास के पास सरयू नहर में दिखा अज्ञात शव, सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ साझा, अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं 

बलरामपुर पुलिस अधीक्षक आवास के निकट सरयू नहर में बुधवार को एक अज्ञात शव बहता दिखाई दिया है। राहगीरों ने शव देखकर वीडियो बनाया, जो सोशल मीडिया पर साझा किया है। बताया जा रहा है कि सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पहचान कराने के प्रयास शुरू किए। शव की पहचान और मौत के कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अभी आधिकारिक बयान नहीं आया है।
बलरामपुर एसपी आवास के पास सरयू नहर में दिखा अज्ञात शव, सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ साझा, अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं 
बलरामपुर पुलिस अधीक्षक आवास के निकट सरयू नहर में बुधवार को एक अज्ञात शव बहता दिखाई दिया है। राहगीरों ने शव देखकर वीडियो बनाया, जो सोशल मीडिया पर साझा किया है। बताया जा रहा है कि सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पहचान कराने के प्रयास शुरू किए। शव की पहचान और मौत के कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अभी आधिकारिक बयान नहीं आया है।
    user_समय व्यूज राष्ट्रीय समाचार
    समय व्यूज राष्ट्रीय समाचार
    Local News Reporter उतरौला, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
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