नावा की सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहा अवैध बजरी व मुंड कारोबार, प्रशासन की चुप्पी पर नावा सिटी। उपखंड मुख्यालय नावा की सड़कों पर इन दिनों अवैध बजरी और मुंड से भरे डंपरों का खुलेआम संचालन स्थानीय लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। मुख्य मार्गों से लेकर ग्रामीण सड़कों तक, दिन हो या रात—भारी भरकम डंपर बेखौफ सरपट दौड़ते नजर आ रहे हैं। इससे न केवल सड़क सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है, बल्कि सरकार को राजस्व का भारी नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि अवैध खनन और परिवहन का यह कारोबार लंबे समय से फल-फूल रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। कभी-कभार नाममात्र की कार्रवाई कर औपचारिकता पूरी कर ली जाती है, जिससे खनन माफिया के हौसले और बुलंद हो जाते हैं। आमजन में यह चर्चा आम है कि या तो प्रशासन कार्रवाई से डर रहा है या फिर कहीं न कहीं मिलीभगत के चलते यह अवैध धंधा बेरोकटोक जारी है। बताया जा रहा है कि रात के समय मुख्य मार्गों से होकर अवैध बजरी और मुंड से भरे डंपर गुजरते हैं। कई बार तो ओवरलोड वाहनों के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, धूल-गर्द से वातावरण प्रदूषित हो रहा है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। स्कूल जाने वाले बच्चों, दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक साबित हो रही है। ग्रामीणों और शहरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो हालात और बिगड़ सकते हैं। अवैध खनन से प्राकृतिक संसाधनों का दोहन हो रहा है, भू-जल स्तर प्रभावित हो रहा है और पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंच रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की निष्क्रियता समझ से परे है। कुछ सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध खनन व परिवहन के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए। नियमित नाकाबंदी, सीसीटीवी निगरानी, खनन विभाग व पुलिस की संयुक्त कार्रवाई तथा दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता बताई जा रही है। साथ ही, अवैध डंपरों को जब्त कर भारी जुर्माना और परमिट निरस्तीकरण जैसे सख्त कदम उठाने की मांग की जा रही है। कुल मिलाकर नावा में अवैध बजरी और मुंड का कारोबार प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस पर कब और कितना सख्त रुख अपनाता है। यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आमजन का विश्वास और कानून व्यवस्था दोनों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगना तय है।
नावा की सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहा अवैध बजरी व मुंड कारोबार, प्रशासन की चुप्पी पर नावा सिटी। उपखंड मुख्यालय नावा की सड़कों पर इन दिनों अवैध बजरी और मुंड से भरे डंपरों का खुलेआम संचालन स्थानीय लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। मुख्य मार्गों से लेकर ग्रामीण सड़कों तक, दिन हो या रात—भारी भरकम डंपर बेखौफ सरपट दौड़ते नजर आ रहे हैं। इससे न केवल सड़क सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है, बल्कि सरकार को राजस्व का भारी नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि अवैध खनन और परिवहन का यह कारोबार लंबे समय से फल-फूल रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। कभी-कभार नाममात्र की कार्रवाई कर औपचारिकता पूरी कर ली जाती है, जिससे खनन माफिया के हौसले और बुलंद हो जाते हैं। आमजन में यह चर्चा आम है कि या तो प्रशासन कार्रवाई से डर रहा है या फिर कहीं न कहीं मिलीभगत के चलते यह अवैध धंधा बेरोकटोक जारी है। बताया जा रहा है कि रात के समय मुख्य मार्गों से होकर अवैध बजरी और मुंड से भरे डंपर गुजरते हैं। कई बार तो ओवरलोड वाहनों के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, धूल-गर्द से वातावरण प्रदूषित हो रहा है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। स्कूल जाने वाले बच्चों, दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक साबित हो रही है। ग्रामीणों और शहरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो हालात और बिगड़ सकते हैं। अवैध खनन से प्राकृतिक संसाधनों का दोहन हो रहा है, भू-जल स्तर प्रभावित हो रहा है और पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंच रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की निष्क्रियता समझ से परे है। कुछ सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध खनन व परिवहन के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए। नियमित नाकाबंदी, सीसीटीवी निगरानी, खनन विभाग व पुलिस की संयुक्त कार्रवाई तथा दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता बताई जा रही है। साथ ही, अवैध डंपरों को जब्त कर भारी जुर्माना और परमिट निरस्तीकरण जैसे सख्त कदम उठाने की मांग की जा रही है। कुल मिलाकर नावा में अवैध बजरी और मुंड का कारोबार प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस पर कब और कितना सख्त रुख अपनाता है। यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आमजन का विश्वास और कानून व्यवस्था दोनों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगना तय है।
- नावा सिटी। उपखंड मुख्यालय नावा की सड़कों पर इन दिनों अवैध बजरी और मुंड से भरे डंपरों का खुलेआम संचालन स्थानीय लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। मुख्य मार्गों से लेकर ग्रामीण सड़कों तक, दिन हो या रात—भारी भरकम डंपर बेखौफ सरपट दौड़ते नजर आ रहे हैं। इससे न केवल सड़क सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है, बल्कि सरकार को राजस्व का भारी नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि अवैध खनन और परिवहन का यह कारोबार लंबे समय से फल-फूल रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। कभी-कभार नाममात्र की कार्रवाई कर औपचारिकता पूरी कर ली जाती है, जिससे खनन माफिया के हौसले और बुलंद हो जाते हैं। आमजन में यह चर्चा आम है कि या तो प्रशासन कार्रवाई से डर रहा है या फिर कहीं न कहीं मिलीभगत के चलते यह अवैध धंधा बेरोकटोक जारी है। बताया जा रहा है कि रात के समय मुख्य मार्गों से होकर अवैध बजरी और मुंड से भरे डंपर गुजरते हैं। कई बार तो ओवरलोड वाहनों के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, धूल-गर्द से वातावरण प्रदूषित हो रहा है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। स्कूल जाने वाले बच्चों, दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक साबित हो रही है। ग्रामीणों और शहरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो हालात और बिगड़ सकते हैं। अवैध खनन से प्राकृतिक संसाधनों का दोहन हो रहा है, भू-जल स्तर प्रभावित हो रहा है और पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंच रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की निष्क्रियता समझ से परे है। कुछ सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध खनन व परिवहन के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए। नियमित नाकाबंदी, सीसीटीवी निगरानी, खनन विभाग व पुलिस की संयुक्त कार्रवाई तथा दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता बताई जा रही है। साथ ही, अवैध डंपरों को जब्त कर भारी जुर्माना और परमिट निरस्तीकरण जैसे सख्त कदम उठाने की मांग की जा रही है। कुल मिलाकर नावा में अवैध बजरी और मुंड का कारोबार प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस पर कब और कितना सख्त रुख अपनाता है। यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आमजन का विश्वास और कानून व्यवस्था दोनों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगना तय है।1
- गुणावती से बिदियाद जाने वाला मार्ग की कुछ ऐसी स्थिति है की सड़क ठीक नहीं होने के कारण यहां पर पानी का भराव रहता है3
- जयपुर के शास्त्री नगर थाना इलाके में विधवा भाभी के शादी से मना करने पर देवर ने भाभी की चाकू गोद कर हत्या करने का मामला सामने आया है। लंबे समय से रिश्तेदार देवर भाभी पर शादी का दबाव बना रहा था। शाम को घर लौट के बाद देवर ने भाभी को शादी के लिए मना किया तो देवर ने चाकू से ताबड़तोड़ भाभी की हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना के बाद आसपास के इलाके में अफरा तफरी मच गई स्थानीय लोगों की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल महिला को कांवरिया अस्पताल में भर्ती करवाया जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।1
- Post by Chauthmal Verma1
- झारखंड के देवघर में बड़ा हादसा; रेलवे फाटक पर ट्रेन ने ट्रक को मारी टक्कर... कई वाहन चपेट में आए #trendingreelsvideo #tren #वायरलवीडियोシ #रेलहादसा #रेलवे #accident1
- is video ko pura dekhen aur sacchai ke Tay Tak pahunche police wale 🚓🚓1
- जोधपुर के स्कूल का ये वीडियो बताया जा रहा है, जहां थेरेपी के बाद बच्ची के बाल झड़ गए तो क्लास के सारे बच्चों और शिक्षकों ने भी उसका हौसला बढ़ाने के लिए अपने बाल मुंडवा लिए1
- नावा सिटी । नावा उपखण्ड मुख्यालय के निकट ग्राम हेमपुर के पास मंगलवार को बस और बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि बस चालक मौके से बस लेकर फरार हो गया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायल को तत्काल 108 एम्बुलेंस की सहायता से नावा उप जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। जानकारी के अनुसार घायल युवक नावा से अपने गांव जोशीपुरा की ओर बाइक से जा रहा था। इसी दौरान सामने से सीकर की ओर से आ रही बस ने बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल के भाई ने बताया कि घटना की रिपोर्ट नावा पुलिस थाने में दर्ज करवा दी गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद घायल को कुचामन के लिए रेफर कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार घायल के हाथ और पैर में फ्रैक्चर है, जिस कारण उसे उच्च उपचार की आवश्यकता है। घायल की पहचान जगपाल पुत्र सोहन सिंह, निवासी जोशीपुरा, उम्र लगभग 30 वर्ष के रूप में हुई है। गौरतलब है कि 108 एम्बुलेंस चालक मूल सिंह एवं नर्सिंग स्टाफ ने तत्परता दिखाते हुए घायल को समय पर अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसकी हालत स्थिर बनी हुई है। पुलिस फरार बस चालक की तलाश में जुटी हुई है।1