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तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से महिला घायल, पुलिस ने अस्पताल ले जाकर घायल महिला का कराया उपचार
ललित दुबे (न्यूज दिगौड़ा)
तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से महिला घायल, पुलिस ने अस्पताल ले जाकर घायल महिला का कराया उपचार
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- Post by Jamil khan1
- ब्रेकिंग न्यूज़ | पलेरा (टीकमगढ़) पलेरा थाना क्षेत्र के बगार भाटा आदिवासी बस्ती, वार्ड क्रमांक 3 में एक 10 वर्षीय नाबालिग आदिवासी बच्ची की निर्मम हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और शोक का माहौल बना हुआ है। बताया जा रहा है कि बच्ची का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। शव को पोस्टमार्टम (PM) के लिए स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां डॉक्टरों की टीम द्वारा पीएम किया गया। 🔍 सूत्रों के अनुसार, पुलिस इस मामले में तेजी से जांच कर रही है और कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। 👮♂️ टीकमगढ़ पुलिस अधीक्षक द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द ही हत्या का खुलासा किए जाने की संभावना जताई जा रही है।1
- एसडीएम कोर्ट चालू, तहसील के अन्य विभाग समय के पहले हो जाते बंद तहसील के हृदय नगर कोर्ट , नाजरत शाखा, निर्वाचन शाखा जैसे का मामला राष्ट्रीय जनगणना जैसे कार्यक्रम में भी लापरवाही मामला1
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- 512 अर्ध्य समर्पित कर सिद्धो की आराधना कर किया पूजन भगवान, जीव जन्म से ही मतिज्ञान, श्रुतज्ञान व अवधिज्ञान के धारी होते हैं : बह्माचारी पलेरा (टीकमगढ़). सिद्ध चक्र मण्डल विधान में बुधवार को भक्तिमय वातावरण में 512 अर्ध्य समर्पित कर सिद्धों की आराधना और पूजा सम्पन्न हुई. कार्यक्रम की शुरूआत प्रातः नित्य नियम भगवान जिनेन्द्र देव के अभिषेक, पूजन और शांति धारा के साथ हुई. उसके बाद बाल ब्रह्मचारी संजीव भैया कटंगी के मुखारविन्द से विधान प्रारंभ हुआ. विधान के पुण्यार्जक किरन- राजेन्द्र कुमार जैन एवं शिवानी-अनेकान्त जैन के द्वारा मुख्य अर्ध्य चढाये गए. विधान में बाल ब्रह्मचारी संजीव भैया नें सभी भव्य जीवों को सिद्ध चक्र विधान का महत्व समझाया. उन्होंने बताया कि भगवान, जीव जन्म से ही मतिज्ञान, श्रुतज्ञान व अवधिज्ञान के धारी होते हैं. तप करने पर मन: पर्ययज्ञान और पश्चात् केवलज्ञान अर्थात् निर्वाण प्राप्त करते हैं. अपने भवों (जन्मों) को सुधारने के लिए भगवान की भक्ति एवं पूजा करना आवश्यक है. लोगों को हिंसा, झूठ, चोरी, कुशील और परिग्रह इन पांच पापों का त्याग करना चाहिए. निरीह मूक पशुओं की रक्षा करना हम सभी का परम कर्तव्य है, यदि हम गायों की सेवा और रक्षा करेंगे तो निश्चय ही नरक गति में नहीं जायेंगे. जो लोग मंदिरों और दानपेटीयों की चोरी करते हैं, यदि वे चोरी की गयी सामग्री को वापस नहीं रखेंगे तो जन्मों तक नरको के दुख भोगेंगे. इस आयोजन में नगर के अतिरिक्त जतारा,टीकमगढ़, सिमरा खुर्द, देवराहा, भेलसी, छतरपुर आदि स्थलों से बड़ी संख्या में जैन श्रृद्धालु एवं सर्वधर्म के भक्त गण उपस्थित रहे. कार्यक्रम के मीडिया प्रभारी राजीव जैन, अनिल मिश्रा नें बताया कि सिद्ध चक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के प्रातः नित्य कार्यक्रम में अभिषेक, शांति धारा, पूजन विधान एवं मंगलमय श्रमण दिव्य देशना एवं संध्याकाल में गाजे बाजे के साथ महा आरती होती है. इसके पश्चात शास्त्र प्रवचन और नित्य नवीन विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं.2
- प्रयागराज :- जिले के बहरिया थाना क्षेत्र में गेहू की थ्रेशर के दौरान एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। थ्रेशर मड़ाई करते समय एक मजदूर का हाथ अचानक थ्रेशर मशीन में फंस गया, जिसके बाद मशीन ने उसे पूरी तरह अंदर खींच लिया। जिससे मौके पर ही ब्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई, हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक थ्रेशर ट्रेक्टर छोड मौके से फरार हो, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और थ्रेशर को खुलवाकर शव के हिस्से को बाहर निकलवाया। मृतक की पहचान बहरिया के मिझूरा गांव निवासी 22 वर्षीय सुमित कुमार गौतम पुत्र राजकुमार के रूप में हुई है। #हिन्दी_न्यूज #हिन्दी_खबर #LatestNews #viralpost #प्रयागराज @Jaybajnibabakhadowara subscribe/share करें1
- 103 वर्ष की आयु में पुजारी धर्मदास पटेरिया का निधन बहन से किया वादा निभाने के लिए जीवन भर नहीं की शादी, भांजों ने डीजे के साथ निकाली अंतिम यात्रा.. जतारा। जनपद पंचायत पलेरा के ग्राम पहाड़ी बुजुर्ग के निवासी और मंदिर के पुजारी रहे पंडित धर्मदास पटेरिया का 103 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। पंडित धर्मदास पटेरिया का जन्म 1 फरवरी 1924 को ग्राम पहाड़ी बुजुर्ग में हुआ था। वे लंबे समय से गांव के मंदिर में पुजारी के रूप में सेवा दे रहे थे और धार्मिक प्रवृत्ति तथा सादगी भरे जीवन के लिए पूरे क्षेत्र में सम्मानित थे। बताया जाता है कि उनकी एक बहन थी। बहन और बहनोई के निधन के बाद उनके दोनों बेटे काफी छोटे थे। ऐसे कठिन समय में धर्मदास पटेरिया ने अपने भांजों को सहारा दिया और उन्हें अपनी संतान की तरह पालने-पोसने का संकल्प लिया। उन्होंने बहन को अंतिम विदाई देते समय मन ही मन प्रण लिया कि वे अपने दोनों भांजों को अपनी औलाद की तरह पालेंगे और जीवन भर उनका साथ देंगे। अपने इस संकल्प को निभाने के लिए उन्होंने जीवन भर विवाह नहीं किया और पूरी जिम्मेदारी के साथ दोनों भांजों का पालन-पोषण किया। उन्हें पढ़ाया-लिखाया और नौकरी तक लगवाने में सहयोग किया। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी करीब 40-40 एकड़ से अधिक जमीन, घर-मकान और अपनी समस्त संपत्ति भी दोनों भांजों के नाम कर दी। बुधवार को जब उन्होंने अंतिम सांस ली तो पूरे गांव में शोक का माहौल छा गया। उनके भांजों और परिजनों ने पूरे सम्मान के साथ उनकी अंतिम यात्रा डीजे के साथ निकाली, जिसमें गांव और आसपास के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। जब उनकी अंतिम यात्रा गांव की गलियों से गुजरी तो हर किसी की आंखें नम थीं। ग्रामीणों की जुबान पर एक ही बात थी कि आज की स्वार्थ भरी दुनिया में पुजारी धर्मदास पटेरिया ने अपने धर्म और रिश्ते की मर्यादा को जीवन भर निभाकर एक मिसाल पेश की है। #viralreels #viralshorts #viralshort #NewsUpdate #tikamgarh #BJPNEWS #congressnews1