शाहाबाद ब्लॉक के पीएमश्री राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कछियाथाना में 15 दिनों से चल रहे ग्रीष्मकालीन अभिरुचि शिविर का समापन हो गया। संस्थाप्रधान विपिनकुमार जैन ने बताया कि पीएमश्री योजना के तहत सभी पीएमश्री विद्यालयों में नवाचार के रूप में ये शिविर लगाए गए थे। इसी कड़ी में कछियाथाना में भी 20 मई को सरकार के निर्देशानुसार शिविर का उद्घाटन हुआ था। विद्यालय में लगातार 15 दिनों तक, शिविर प्रभारी दयालु राम सहरिया के मार्गदर्शन में, प्रशिक्षक हेमंत वर्मा, सोनू परिहार और कीर्ति गोस्वामी ने बच्चों को विभिन्न विधाओं से परिचित कराया। इस दौरान कागज के खिलौने बनाना, कबाड़ से जुगाड़ जैसी गतिविधियाँ, कंप्यूटर की सामान्य जानकारी, टाइपिंग के साथ-साथ योग और खेल गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं। संस्थाप्रधान जैन ने बताया कि विद्यार्थी प्रतिदिन प्रातः 7:30 बजे से 10:30 बजे तक इस शिविर का आनंद लेते थे, और उनकी इच्छा थी कि यह शिविर पूरे ग्रीष्मावकाश तक चले, लेकिन सरकार द्वारा सीमित दिनों की ही स्वीकृति दी गई थी। इसलिए, इस शिविर का समापन विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विधिवत रूप से किया गया। समापन समारोह में शाहाबाद के सीबीईओ रहीमुद्दीन उस्मानी मुख्य अतिथि के रूप में, एसीबीईओ चंद्रकेश सिंघल विशिष्ट अतिथि के रूप में और कार्यक्रम प्रभारी कैलाश जरारिया मौजूद रहे। अतिथियों का संस्था की ओर से साफा पहनाकर, तिलक लगाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। इसके पश्चात् बालिकाओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया और “वंदे गंगा जल संरक्षण” जन अभियान पर दो नृत्य-गीत भी प्रस्तुत किए गए। शिविर में विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बालक-बालिकाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाली बालिकाओं दीक्षा कश्यप, संध्या खटीक, वर्षा ओझा, पूजा कुशवाह, वंशिका कुशवाह, राधिका खंगार और रौनक खंगार को सम्मानित किया गया। विशिष्ट अतिथियों सहित सीबीईओ शाहाबाद ने विद्यार्थियों को आशीर्वचन दिए और अंत में संस्थाप्रधान जैन ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए शिविर के समापन की घोषणा की।
शाहाबाद ब्लॉक के पीएमश्री राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कछियाथाना में 15 दिनों से चल रहे ग्रीष्मकालीन अभिरुचि शिविर का समापन हो गया। संस्थाप्रधान विपिनकुमार जैन ने बताया कि पीएमश्री योजना के तहत सभी पीएमश्री विद्यालयों में नवाचार के रूप में ये शिविर लगाए गए थे। इसी कड़ी में कछियाथाना में भी 20 मई को सरकार के निर्देशानुसार शिविर का उद्घाटन हुआ था। विद्यालय में लगातार 15 दिनों तक, शिविर प्रभारी दयालु राम सहरिया के मार्गदर्शन में, प्रशिक्षक हेमंत
वर्मा, सोनू परिहार और कीर्ति गोस्वामी ने बच्चों को विभिन्न विधाओं से परिचित कराया। इस दौरान कागज के खिलौने बनाना, कबाड़ से जुगाड़ जैसी गतिविधियाँ, कंप्यूटर की सामान्य जानकारी, टाइपिंग के साथ-साथ योग और खेल गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं। संस्थाप्रधान जैन ने बताया कि विद्यार्थी प्रतिदिन प्रातः 7:30 बजे से 10:30 बजे तक इस शिविर का आनंद लेते थे, और उनकी इच्छा थी कि यह शिविर पूरे ग्रीष्मावकाश तक चले, लेकिन सरकार द्वारा सीमित दिनों की
ही स्वीकृति दी गई थी। इसलिए, इस शिविर का समापन विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विधिवत रूप से किया गया। समापन समारोह में शाहाबाद के सीबीईओ रहीमुद्दीन उस्मानी मुख्य अतिथि के रूप में, एसीबीईओ चंद्रकेश सिंघल विशिष्ट अतिथि के रूप में और कार्यक्रम प्रभारी कैलाश जरारिया मौजूद रहे। अतिथियों का संस्था की ओर से साफा पहनाकर, तिलक लगाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। इसके पश्चात् बालिकाओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया और “वंदे गंगा
जल संरक्षण” जन अभियान पर दो नृत्य-गीत भी प्रस्तुत किए गए। शिविर में विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बालक-बालिकाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाली बालिकाओं दीक्षा कश्यप, संध्या खटीक, वर्षा ओझा, पूजा कुशवाह, वंशिका कुशवाह, राधिका खंगार और रौनक खंगार को सम्मानित किया गया। विशिष्ट अतिथियों सहित सीबीईओ शाहाबाद ने विद्यार्थियों को आशीर्वचन दिए और अंत में संस्थाप्रधान जैन ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए शिविर के समापन की घोषणा की।
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्थानीय श्री प्रेम सिंह सिंघवी महाविद्यालय, छीपाबड़ौद में नोडल प्राचार्य जोधराज नागर के निर्देशन में 'एक पेड़ लोकतंत्र के नाम' गतिविधि का सफल आयोजन किया गया। इस दौरान कार्यक्रम प्रभारी श्री दारा सिंह मीणा ने प्रकृति के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि प्रकृति स्वस्थ रहेगी तभी हम सभी स्वस्थ रह पाएंगे। इस विशेष अवसर पर महाविद्यालय परिसर में चंपा का पौधा लगाया गया, साथ ही आम के गुठली, नीम के निंबोली और बेलपत्र के बीजों सहित कई पौधों का बीज रोपण भी किया गया। आयोजन के दौरान समस्त स्टाफ सदस्यों, जिनमें राकेश मालव, प्रियंका नामा और मीनाक्षी शर्मा प्रमुख थे, ने पेड़-पौधों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी ली। इस पर्यावरण-संरक्षण गतिविधि में छात्र-छात्राएं भी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।2
- शरीर में शारीरिक लचीलापन बनाए रखने के लिए दोनों हाथों को घुमाने का अभ्यास किया जाता है।1
- राजीव गांधी पंचायत राज संगठन, कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार, 4 जून 2026 को छबड़ा विधानसभा क्षेत्र की कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को लेकर डीवाईएसपी ताराचंद वर्मा से मुलाकात की। जिला अध्यक्ष प्रेम सिंह मीणा के नेतृत्व में पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल ने हरनावदाशाहजी और पाली सहित सर्किल छबड़ा के सभी थानों की कार्यप्रणाली पर विस्तृत चर्चा की, जिसमें मुख्य रूप से तीन प्रमुख मांगें रखी गईं। प्रतिनिधिमंडल ने फरियादियों के साथ थानों में सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने और न्यायोचित कार्रवाई करने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, नाकाबंदी के नाम पर होने वाली चौथ वसूली को पूरी तरह से रोकने की मांग की गई। तीसरी अहम मांग क्षेत्र में फैल रही अवैध शराब और नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई की थी, क्योंकि इससे युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है और कई गरीब परिवार तबाह हो चुके हैं। डीवाईएसपी ताराचंद वर्मा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि इन सभी मुद्दों पर संबंधित थानों से बात की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी गरीब न्याय से वंचित नहीं रहेगा तथा छबड़ा और छीपाबड़ौद की कानूनी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। डीवाईएसपी ने पीड़ित पक्ष को हर हाल में न्याय दिलाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने की बात कही। इस बैठक में छबड़ा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हरिराम मीणा और छीपाबड़ौद ब्लॉक अध्यक्ष पप्पू लाल बैरवा सहित कई पदाधिकारी शामिल रहे। सभी उपस्थित सदस्यों ने अपनी-अपनी बात रखी और डीवाईएसपी के सकारात्मक रवैये पर संतोष व्यक्त किया। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में बढ़ती नशाखोरी और थानों की कार्यशैली को लेकर हुई इस वार्ता को एक महत्वपूर्ण और जरूरी कदम बताया है।3
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून को कोटा-बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ (सरस डेयरी) परिसर में एक व्यापक पौधारोपण अभियान चलाया गया। इस पहल का नेतृत्व संघ अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ ने किया, जिसमें प्रबंध संचालक दिलखुश मीणा सहित संघ के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस अभियान के तहत अशोक, नीम और पीपल सहित विभिन्न प्रजातियों के कुल 51 पौधे रोपे गए। इस मौके पर, अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ ने बताया कि यह कार्यक्रम लोकसभा अध्यक्ष एवं क्षेत्र के यशस्वी सांसद की प्रेरणा से आयोजित किया गया है। उन्होंने इस अभियान को पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी की याद दिलाता बताया। राठौड़ ने वर्तमान पर्यावरणीय चुनौतियों पर जोर देते हुए कहा कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और घटते हरित क्षेत्र के कारण पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। चैनसिंह राठौड़ ने पौधारोपण के साथ-साथ रोपे गए पौधों के संरक्षण के संकल्प को भी उतना ही आवश्यक बताया।1
- राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक, पटवारी एवं ग्राम विकास अधिकारी संयुक्त समन्वय समिति ने तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपकर राजकीय अवकाश के दिनों में सरकारी कार्यक्रमों के आयोजन को बंद करने की मांग की है। यह जानकारी शुक्रवार दोपहर 12 बजे सामने आई, जब समिति के तत्वावधान में कर्मचारियों ने यह कदम उठाया। समिति ने अपनी मांग के पीछे का कारण बताते हुए कहा कि लगातार अवकाश के दिनों में बैठकों, शिविरों, निरीक्षणों और अन्य सरकारी कार्यों का आयोजन कर्मचारियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। कर्मचारियों ने विशेष रूप से यह मांग की है कि आपातकालीन एवं संकट की स्थितियों को छोड़कर, अन्य किसी भी अवकाश के दिन सरकारी कार्यक्रम न रखे जाएं। ऐसा इसलिए ताकि कर्मचारी अपने पारिवारिक और सामाजिक दायित्वों का उचित रूप से निर्वहन कर सकें। इस ज्ञापन को सौंपते समय विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि उनके "सबसे फेवरेट एक्टर नरेंद्र मोदी" हैं। शर्मा को अक्सर "एकदम सीधे सज्जन आदमी" के रूप में देखा जाता है, जिनमें नेताओं वाली छल कपट और मक्कारी नहीं है। हालांकि, उनकी इसी सहजता और भोलेपन के कारण वे कई बार ऐसे बयान दे जाते हैं, जिससे उनकी पार्टी के लोग असहज हो जाते हैं। इस बयान को भी इसी तरह देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने कितनी सहजता के साथ एक "बड़ी हकीकत" को उजागर किया है। यह बयान राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्वयं दिया है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के क्रम में, बारां जिले के छिपाबड़ौद स्थित स्टेडियम में एक स्वागत समारोह का आयोजन किया गया।3
- श्योपुर जिले के विजयपुर में कार सवार बदमाशों द्वारा रंगदारी मांगे जाने और कट्टे की नोक पर लोगों को धमकी देने की घटना सामने आई है। इस वारदात से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। बदमाशों की इस हरकत से नाराज होकर लोगों ने सड़क जाम कर दिया। इसी दौरान, भीड़ ने एक बदमाश को पकड़ लिया, जिसकी कमर में एक देशी कट्टा लगा हुआ था। यह घटना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति और बढ़ती आपराधिक गतिविधियों को लेकर गहरी चिंता पैदा करती है, जैसा कि पोस्ट में 'श्योपुर को आखिर हुआ क्या है' कहकर सवाल उठाया गया है।1
- मानव जीवन में किसी चीज़ का अभाव होने पर व्यक्ति उसे पाने के लिए कर्म करता है और अंततः उसे प्राप्त कर लेता है। परंतु, यदि व्यक्ति असहाय भी हो, तो उसे जीवन जीना ही पड़ता है। ऐसी स्थिति में हिम्मत और जज्बा ही उसे आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं, जिससे वह आखिरकार अपने मुकाम पर पहुँच जाता है। इसी दृढ़ता को 'जीवन' का दूसरा नाम कहा गया है, और ऐसे अदम्य साहस तथा जज्बे को सलाम किया गया है।1