रीवा की चाकघाट नगर परिषद से कथित आपत्तिजना के बातचीत का एक वीडियो सामने आया है इसमें एक अधिकारी ने महिला कंप्यूटर एप्लीकेशन से कथित तौर पर गलत बात की है l उमरिया से मुकेश कुमार जो संवाददाता की खास रिपोर्ट l रीवा मध्य प्रदेश की चाकघाट नगर परिषद से कथित आपत्तिजनक बातचीत का एक ऑडियो सामने आया है। इसमें एक अधिकारी की आवाज में महिला कंप्यूटर ऑपरेटर से कथित तौर पर दो घंटे कमरे में साथ रहने की बात कही जा रही है। बातचीत में अधिकारी के पत्नी-बच्चों के बाहर जाने का भी जिक्र है। ऑडियो सामने आने के बाद महिला कर्मचारी ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त से शिकायत कर नगर परिषद के सीएमओ शंखधर पांडेय और अध्यक्ष विभव कुमार जायसवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि उस पर गलत अपेक्षा पूरी करने का दबाव बनाया गया और इनकार करने पर उसकी नौकरी चली गई। महिला के मुताबिक वह 15 मार्च 2018 से दैनिक वेतन पर कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में काम कर रही थी। उसने आरोप लगाया कि 18 जून 2026 को कार्यालय में उसके साथ अभद्रता और गाली-गलौज की गई तथा नौकरी से हटाने की धमकी दी गई। महिला ने उस दिन की CCTV रिकॉर्डिंग की जांच कराने की मांग भी की है।
रीवा की चाकघाट नगर परिषद से कथित आपत्तिजना के बातचीत का एक वीडियो सामने आया है इसमें एक अधिकारी ने महिला कंप्यूटर एप्लीकेशन से कथित तौर पर गलत बात की है l उमरिया से मुकेश कुमार जो संवाददाता की खास रिपोर्ट l रीवा मध्य प्रदेश की चाकघाट नगर परिषद से कथित आपत्तिजनक बातचीत का एक ऑडियो सामने आया है। इसमें एक अधिकारी की आवाज में महिला कंप्यूटर ऑपरेटर से कथित तौर पर दो घंटे कमरे में साथ रहने की बात कही जा रही है। बातचीत में अधिकारी के पत्नी-बच्चों के बाहर जाने का भी जिक्र है। ऑडियो सामने आने के बाद महिला कर्मचारी ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त से शिकायत कर नगर परिषद के सीएमओ शंखधर पांडेय और अध्यक्ष विभव कुमार जायसवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि उस पर गलत अपेक्षा पूरी करने का दबाव बनाया गया और इनकार करने पर उसकी नौकरी चली गई। महिला के मुताबिक वह 15 मार्च 2018 से दैनिक वेतन पर कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में काम कर रही थी। उसने आरोप लगाया कि 18 जून 2026 को कार्यालय में उसके साथ अभद्रता और गाली-गलौज की गई तथा नौकरी से हटाने की धमकी दी गई। महिला ने उस दिन की CCTV रिकॉर्डिंग की जांच कराने की मांग भी की है।
- स्वच्छता व्यवस्था की खुली पोल, जननी एक्सप्रेस नहीं मिली तो गर्भवती महिला को पिकअप वाहन से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे बैगा परिवार स्वच्छता व्यवस्था की खुली पोल, जननी एक्सप्रेस नहीं मिली तो गर्भवती महिला को पिकअप वाहन से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे बैगा परिवार* *बैगा आदिवासी मध्य प्रदेश की विशेष रूप से संरक्षित जनजातीय समूहो में शामिल है। सरकार उनके उत्थान के लिए अलग से योजनाएं चलती हैं। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए फंड भी दिया जाता है। लेकिन कुर्सी पर बैठे जिम्मेदार इस्कोई पलीता लगा रहे हैं।* *मध्य प्रदेश उमरिया जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं, जननी एक्सप्रेस एवं 108 एम्बुलेंस व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम बरतराई निवासी एक आदिवासी बैगा परिवार को प्रशव के लिए गर्भवती महिला को जिला चिकित्सालय उमरिया तक पहुंचाने के लिए जननी एक्सप्रेस का काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। देर तक वाहन नहीं मिलने पर परिजनों ने मजबूरी में किराए की पिकअप वाहन की व्यवस्था की और गर्भवती महिला को उसी से जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे। परिजनों के अनुसार, गर्भवती महिला को प्रशव के लिए अस्पताल ले जाने की आवश्यकता थी। इसके लिए लगातार 108 एंबुलेंस और जननी एक्सप्रेस के लिए फोन किया जा रहा था। लेकिन समय पर वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। प्रसव पीड़ा से परेशान आखिरकार परिजन किराए की पिकअप में लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचे।1
- घरेलू गैस सिलेंडर उपयोग कर डामर रोड मे सफेद लाइन बनाने का काम किया जा रहा है सड़क किनारे की रेखा हम बात कर रहे हैं उमरिया जिले के ग्राम पंचायत पटपरा की जहां पर जनपद पंचायत करकेली अंतर्गत ग्राम पंचायत छादा से पटपरा और पटपरा से नागो ताल के लिए डामर रोड का निर्माण किया गया है। विडंबना देखिए बरसात के समय जबकि रोड के किनारे की मिट्टी घास उगी हुई है डामर रोड गीली है उस पर सड़क किनारे की सफेद रेखा बनाई जा रही है बनने के बाद इतना सुखना संभव नहीं है क्योंकि बरसात का मौसम है और पानी भी गिर रहा है। उससे बड़ी बात यह है कि सड़क किनारे की रेखा बनाने के लिए घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग किया जा रहा है जहां लोग गैस एजेंसी में घंटों सुबह से लेकर शाम तक खड़े रहते हैं अपने घर की उपयोग के लिए गैस सिलेंडर के लिए उन्हें आसानी से गैस सिलेंडर नहीं मिलता वहीं ठेकेदारों को रोड निर्माण के ऊपर किनारे की सफेद रेखा के लिए गैस सिलेंडर आसानी से मिल जाता है।1
- chotraw।ke।pas। बसा chitraw ke, पाश बसा गौ, जंगली जातियों,बैग,जाति, नष्ट हुआ है पानी बरसात में2
- राज्य स्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में शहडोल की अनुष्का करंगले अपनी प्रतिभा का करेगी प्रदर्शन। #shahdol #शहडोल1
- रेलवे प्रशासन की मनमानी के खिलाफ फूटा गुस्सा: बिलासपुर-शहडोल मंडल में लोको रनिंग स्टाफ के तेवर हुए 'तीखे', आर-पार की लड़ाई का ऐलान! शहडोल / बिलासपुर — दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में रेल प्रशासन की तानाशाही और भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ लोको रनिंग स्टाफ का आक्रोश अब अपने चरम पर पहुँच गया है। बिजुरी में 13 दिनों से सुलग रहा असंतोष अब उग्र रूप ले चुका है, वहीं बिलासपुर समेत मंडल की तमाम लॉबियों में 9वें दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। आज (16 सितंबर 2026) शहडोल लॉबी से लेकर मंडल की हर लॉबी से करीब 350 लोको रनिंग स्टाफ ने सपरिवार उग्र रैली निकाली। क्षेत्रीय रेल प्रबंधक (DRM) और सहायक मंडल विद्युत अभियंता कार्यालय तक निकाली गई इस हुंकार रैली ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक भ्रष्ट अधिकारियों पर गाज नहीं गिरती, यह आंदोलन थमने वाला नहीं है। अधिकारियों की कारगुजारियों पर तीखा हमला ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) ने वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (ऑपरेशन) श्री शशांक कोष्टा पर प्रशासनिक तानाशाही, अनैतिक आचरण और भयाक्रांत माहौल बनाने के तीखे आरोप लगाए हैं। एसोसिएशन ने दो-टूक कहा है कि अधिकारी की दुर्भावनापूर्ण कार्यशैली के कारण रेल संरक्षा दांव पर लग चुकी है। प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं: भ्रष्टाचार का खुला खेल: नियम और स्थापित नीतियों को ताक पर रखकर 217 पदोन्नत लोको पायलटों का शत-प्रतिशत ट्रांसफर कर रेलवे को करोड़ों की चपत लगाई गई। चहेतों को मनचाही पोस्टिंग देकर भ्रष्टाचार का खेल खेला गया और विरोध करने पर यूनियन सदस्यों को 'मेजर पेनाल्टी' की चार्जशीट थमा दी गई। श्रम का शोषण: नियम विरुद्ध तरीके से अत्यधिक लॉन्ग आवर्स ड्यूटी को दो भागों में तोड़कर कर्मचारियों के वास्तविक कार्य घंटों पर पर्दा डाला जा रहा है। खान-पान के नाम पर धांधली: रनिंग रूम्स में घटिया और सड़ा-गला खाना परोसा जा रहा है। विरोध करने वाले कर्मचारियों का ट्रांसफर कर दिया जाता है, जबकि भ्रष्ट ठेकेदारों पर विभागीय मेहरबानी बरस रही है। शंटिंग के नाम पर जान से खिलवाड़: स्टेशनों और साइडिंगों पर शॉर्ट-कट तरीकों (वॉकी-टॉकी/मोबाइल) से शंटिंग का दबाव बनाया जाता है। जरा सी चूक पर गाज सीधे लोको पायलट पर गिराई जाती है, जबकि नियम पालन करने पर तबादले का चाबुक चलाया जाता है। बिना ट्रेनिंग मौत के कुएं में धकेलना: बिना किसी विधिवत प्रशिक्षण (PDC/हैंडलिंग/कंपीटेंसी) के ही स्क्रीनिंग सर्टिफिकेट जारी कर मेल-एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण गाड़ियों का असुरक्षित संचालन कराया जा रहा है। मानसिक प्रताड़ना और फर्जी चार्जशीट: सैकड़ों कर्मचारियों को आधारहीन चार्जशीट देकर उनकी वर्षों की वेतनवृद्धि रोक दी गई है। ड्यूटी के दौरान भी डराया-धमकाया जा रहा है, जिससे ट्रेन ऑपरेशन की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। आर-पार का ऐलान: उच्चस्तरीय या CBI जाँच की मांग मामले की गंभीरता को देखते हुए आज ही संगठन के प्रतिनिधियों ने बिलासपुर में माननीय प्रधान विद्युत मुख्य अभियंता से मुलाकात की। उन्होंने श्री शशांक कोष्टा के अमानवीय और तानाशाही रवैये की उच्चस्तरीय जाँच कराने और मंडल में भयमुक्त माहौल बनाने की कड़ी मांग रखी है। AILRSA ने दो-टोका चेतावनी दी है कि श्री कोष्टा के भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय या सीबीआई (CBI) जाँच कराई जाए। जब तक रेल कर्मचारियों का शोषण बंद नहीं होता और उनकी माँगे पूरी नहीं होतीं, यह अनिश्चितकालीन संघर्ष और तीखा तथा अनवरत जारी रहेगा! अजय पाल2
- माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस पर आइए, ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जुड़ें:- विधायक श्री शरद कोल #सेवा_संकल्प_अभियान #SevaSankalpAbhiyan #AshirwadKaDiya #शहडोल #shahdol माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस पर आइए, ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जुड़ें:- विधायक श्री शरद कोल #सेवा_संकल्प_अभियान #SevaSankalpAbhiyan #AshirwadKaDiya #शहडोल #shahdol1
- जन आक्रोश पदयात्रा - कटनी *जन आक्रोश पदयात्रा के मंच से गरजे वक्ता, बोले - "जागो नौजवानो, घूस देना बंद करो, भ्रष्टाचार के खिलाफ सत्य की लड़ाई लड़ो"* जन आक्रोश पदयात्रा - कटनी *जन आक्रोश पदयात्रा के मंच से गरजे वक्ता, बोले - "जागो नौजवानो, घूस देना बंद करो, भ्रष्टाचार के खिलाफ सत्य की लड़ाई लड़ो"* *कटनी (MP) | घंटाघर चौक:* आम आदमी पार्टी द्वारा बीना की समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर *जन आक्रोश पदयात्रा* निकाली गई। बैनर पर लिखा है - *"बीना की समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर जन आक्रोश पदयात्रा - शनिवार 12 सितंबर 2026, दोपहर 12 बजे से - घंटाघर से सुभाष चौक, मिशाल चौक, आजाद चौक से अग्रसेन पार्क तक"* मंच पर *जितेन्द्र सिंह तोमर* का बैनर लगा था, साथ में AAP का चुनाव चिन्ह झाड़ू। *मंच से वक्ता के मुख्य बिंदु (वीडियो के अनुसार):* 1. वक्ता ने कहा - "जागो नौजवानों ये दौर है आपका, नहीं तो एक दिन आपको पछताना पड़ेगा।" 2. "जब-जब अनाचार की आंधी आती है, तब-तब कोई गौतम या गांधी पैदा होता है। अंग्रेजों से जैसे आजादी मिली, वैसे ही भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए घूस देना बंद करो।" 3. पूरे क्षेत्र में अराजकता फैली है, लोग डर के कारण आवाज नहीं खोल पाते। 4. महंगाई चरम पर है, युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही, जबकि नेताओं के लड़के बड़े पदों पर भर्ती होकर लूट कर रहे हैं। 5. अब नौजवान जाग गया है, जनता भ्रष्टाचारियों को जड़ से उखाड़ फेंकेगी। मंच पर AAP के टोपी लगाए कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम स्थल पर GOLU SOUND की व्यवस्था थी। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। *ग्राउंड रिपोर्ट: पूरन लाल दुबे | MSSO स्वयंसेवक, देवराकला, कटनी* *ID: MSSO20262739273*4
- उमरिया जिले में इन दिनों अफसर शाही का आलम चरम पर है. जहां अफसर के बच्चों को भी स्कूल छोड़ने के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है. शायद शासन ने इन अधिकारियों को यह वाहन इनके और इनके परिवार के व्यक्तिगत उपयोग के लिए प्रदान किए हैं. जहां एक ओर आमजन के बच्चे प्राइवेट ऑटो या टैक्सी में ठसाठस भरकर विद्यालय जाते हैं जिस पर यातायात प्रभारी निरीक्षक ज्योति शुक्ला की कभी नजर नहीं पड़ी. क्योंकि दूसरे के बच्चे चाहे किसी भी स्थिति में विद्यालय जाएं पर उनके बच्चों को लाने ले जाने के लिए तो शासकीय वाहन व शासकीय कर्मचारी पाबंद है. यातायात थाने का यह वाहन अक्सर निरीक्षक ज्योति शुक्ला के पति व बच्चों को उमरिया जिले की सैर और मार्केटिंग करता हुआ देखा जा सकता है. थाना चंदिया में पदस्थापना के दौरान भी निरीक्षक ज्योति शुक्ला के शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग की चर्चा जनमानस के बीच आम थी. परंतु बताया जाता है कि निरीक्षक ज्योति शुक्ला पर अधिकारियों की विशेष कृपा है जिसकी वजह से निरीक्षक ज्योति शुक्ला का स्थानांतरण पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम किए जाने के पश्चात भी आज दिनांक तक निरीक्षक ज्योति शुक्ला थाना यातायात के प्रभार पर बनी हुई है और शासकीय संपत्तियों का लाभ भरपूर उठा रही हैं उमरिया जिले में इन दिनों अफसर शाही का आलम चरम पर है. जहां अफसर के बच्चों को भी स्कूल छोड़ने के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है. शायद शासन ने इन अधिकारियों को यह वाहन इनके और इनके परिवार के व्यक्तिगत उपयोग के लिए प्रदान किए हैं. जहां एक ओर आमजन के बच्चे प्राइवेट ऑटो या टैक्सी में ठसाठस भरकर विद्यालय जाते हैं जिस पर यातायात प्रभारी निरीक्षक ज्योति शुक्ला की कभी नजर नहीं पड़ी. क्योंकि दूसरे के बच्चे चाहे किसी भी स्थिति में विद्यालय जाएं पर उनके बच्चों को लाने ले जाने के लिए तो शासकीय वाहन व शासकीय कर्मचारी पाबंद है. यातायात थाने का यह वाहन अक्सर निरीक्षक ज्योति शुक्ला के पति व बच्चों को उमरिया जिले की सैर और मार्केटिंग करता हुआ देखा जा सकता है. थाना चंदिया में पदस्थापना के दौरान भी निरीक्षक ज्योति शुक्ला के शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग की चर्चा जनमानस के बीच आम थी. परंतु बताया जाता है कि निरीक्षक ज्योति शुक्ला पर अधिकारियों की विशेष कृपा है जिसकी वजह से निरीक्षक ज्योति शुक्ला का स्थानांतरण पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम किए जाने के पश्चात भी आज दिनांक तक निरीक्षक ज्योति शुक्ला थाना यातायात के प्रभार पर बनी हुई है और शासकीय संपत्तियों का लाभ भरपूर उठा रही हैं2