उत्तराखंड के चमोली जिले में 16 जून, 2026 को कर्णप्रयाग बाजार में श्री हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे कुछ निहंग सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच वाहन पार्किंग को लेकर हिंसक झड़प हुई थी। इस दौरान तलवारों से किए गए हमले में चार स्थानीय लोग और एक श्रद्धालु घायल हो गए थे। पुलिस ने इस हिंसा के सिलसिले में पंजाब के मोहाली के रहने वाले चार निहंग सिखों को गिरफ्तार किया था। इन गिरफ्तारियों के विरोध में पंजाब से आए कुछ निहंग सिखों ने शनिवार, 20 जून को रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारा साहिब की ऊपरी मंजिल पर नियंत्रण कर लिया। उन्होंने वहां एक बुजुर्ग सेवादार/श्रद्धालु को बंधक बना लिया और छत पर चढ़कर पारंपरिक हथियारों का प्रदर्शन करते हुए जोरदार नारेबाजी की। निहंगों ने मांग की है कि गिरफ्तार किए गए चारों निहंगों को तुरंत रिहा किया जाए और कर्णप्रयाग विवाद में दूसरे पक्ष के लोगों पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में उत्पन्न भारी तनाव के बाद, प्रशासन ने कर्णप्रयाग क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी है, जो 27 जून, 2026 तक प्रभावी रहेगी। इसके साथ ही, अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं, और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ITBP व PAC के जवानों को तैनात किया गया है।
उत्तराखंड के चमोली जिले में 16 जून, 2026 को कर्णप्रयाग बाजार में श्री हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे कुछ निहंग सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच वाहन पार्किंग को लेकर हिंसक झड़प हुई थी। इस दौरान तलवारों से किए गए हमले में चार स्थानीय लोग और एक श्रद्धालु घायल हो गए थे। पुलिस ने इस हिंसा के सिलसिले में पंजाब के मोहाली के रहने वाले चार निहंग सिखों को गिरफ्तार किया था। इन गिरफ्तारियों के विरोध में पंजाब से आए कुछ निहंग सिखों ने शनिवार, 20 जून को रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारा साहिब की ऊपरी मंजिल पर नियंत्रण कर लिया। उन्होंने वहां एक बुजुर्ग सेवादार/श्रद्धालु को बंधक बना लिया और छत पर चढ़कर पारंपरिक हथियारों का प्रदर्शन करते हुए जोरदार नारेबाजी की। निहंगों ने मांग की है कि गिरफ्तार किए गए चारों निहंगों को तुरंत रिहा किया जाए और कर्णप्रयाग विवाद में दूसरे पक्ष के लोगों पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में उत्पन्न भारी तनाव के बाद, प्रशासन ने कर्णप्रयाग क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी है, जो 27 जून, 2026 तक प्रभावी रहेगी। इसके साथ ही, अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं, और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ITBP व PAC के जवानों को तैनात किया गया है।
- उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय युवकों के बीच हुए विवाद के बाद, पंजाब से पहुंचे सिख प्रतिनिधिमंडल को आज हरिद्वार में रोका गया। इस प्रतिनिधिमंडल ने हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर से मुलाकात की, जिसके बाद वे कर्णप्रयाग जाने के बजाय देहरादून में डीजीपी से मिलने पर सहमत हुए। इस प्रतिनिधिमंडल में सांसद सर्वजीत सिंह खालसा, विधायक मनप्रीत सिंह और तरसेम सिंह सहित कई प्रमुख व्यक्ति शामिल हैं। सांसद सर्वजीत सिंह खालसा ने इस मामले में क्रॉस एफआईआर दर्ज करने और सिख युवकों पर हमला करने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि गिरफ्तार युवकों को बिना पगड़ी के अदालत में पेश करना सिख धर्म का अपमान है, और इस मुद्दे पर वे भाजपा तथा मुख्यमंत्री से भी चर्चा करेंगे। हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल की मांगों और वार्ता की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। अब यह प्रतिनिधिमंडल देहरादून में वरिष्ठ अधिकारियों और भाजपा नेताओं से मुलाकात करेगा।1
- उत्तराखंड के नगरासू और गोविंदघाट क्षेत्र में निहंगों की कुछ लंबित मांगों को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है। निहंगों का कहना है कि वे अपनी इन मांगों को प्रशासन और संबंधित संस्थाओं तक पहुंचाना चाहते हैं। इस स्थिति के बीच यह सवाल भी उठ रहे हैं कि निहंग केवल हेमकुंड साहिब यात्रा पर आए श्रद्धालु हैं या वे अपनी मांगों के समर्थन में कोई आंदोलन करने का रास्ता अपना रहे हैं। हाल की घटनाओं के मद्देनजर, क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया है और पुलिस-प्रशासन लगातार स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा क्षेत्र में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।1
- हरिद्वार जनपद में एसएसपी नवनीत सिंह के निर्देशों पर एक व्यापक सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य नियमों का उल्लंघन करने वाले और असुरक्षित ड्राइविंग में लिप्त चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना था। इस कार्रवाई के तहत, पुलिस ने विशेष रूप से उन वाहनों से अवैध ब्लैक फिल्म को हटवाया, जिन पर यह लगी हुई थी। इसके अतिरिक्त, अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के विरुद्ध भी आवश्यक कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान, पुलिस ने उन चालकों पर कड़ी कार्रवाई की जो नशे की हालत में वाहन चलाकर न केवल अपनी जान बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की जान को भी खतरे में डाल रहे थे।1
- NEET परीक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क रहा। इस दौरान, सीओ मंगलौर ने व्यवस्था की कमान संभाली और छात्रों को परीक्षा केंद्रों में प्रवेश कड़ी सुरक्षा के बीच दिया गया।1
- रुड़की के कलियर क्षेत्र के दरियापुर गांव में कोल्ड ड्रिंक चोरी के शक में चार मासूम बच्चों को रस्सी से बांधकर बेरहमी से पीटने के मामले में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इन तीनों की गिरफ्तारी की तैयारी कर रही है। यह पूरा मामला तब सामने आया और इसमें कार्रवाई हुई जब बच्चों को बांधकर डंडों से पिटाई करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस अमानवीय घटना को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा था, और वे इसे गैरकानूनी बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। लोगों का कहना था कि बच्चों से गलती होने पर भी उन्हें समझाया जा सकता था, न कि इस तरह की बर्बर सजा दी जानी चाहिए। एसपी देहात शेखर सुयाल ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि वायरल वीडियो में तीन लोगों की पहचान कर ली गई है, जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है और उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।1
- रानी पोखरी पुलिस ने Realme 12 Pro मोबाइल चोरी के आरोपी करन को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 26 वर्षीय करन के रूप में हुई है, जो केशव पुरी बस्ती, थाना डोईवाला का निवासी है।1
- उत्तराखंड के चमोली जिले में 16 जून, 2026 को कर्णप्रयाग बाजार में श्री हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे कुछ निहंग सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच वाहन पार्किंग को लेकर हिंसक झड़प हुई थी। इस दौरान तलवारों से किए गए हमले में चार स्थानीय लोग और एक श्रद्धालु घायल हो गए थे। पुलिस ने इस हिंसा के सिलसिले में पंजाब के मोहाली के रहने वाले चार निहंग सिखों को गिरफ्तार किया था। इन गिरफ्तारियों के विरोध में पंजाब से आए कुछ निहंग सिखों ने शनिवार, 20 जून को रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारा साहिब की ऊपरी मंजिल पर नियंत्रण कर लिया। उन्होंने वहां एक बुजुर्ग सेवादार/श्रद्धालु को बंधक बना लिया और छत पर चढ़कर पारंपरिक हथियारों का प्रदर्शन करते हुए जोरदार नारेबाजी की। निहंगों ने मांग की है कि गिरफ्तार किए गए चारों निहंगों को तुरंत रिहा किया जाए और कर्णप्रयाग विवाद में दूसरे पक्ष के लोगों पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में उत्पन्न भारी तनाव के बाद, प्रशासन ने कर्णप्रयाग क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी है, जो 27 जून, 2026 तक प्रभावी रहेगी। इसके साथ ही, अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं, और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ITBP व PAC के जवानों को तैनात किया गया है।1