भरतपुर जिले की रुदावल तहसील की जाटव बस्ती निवासी इंद्रजीत, पुत्र रतन सिंह, 1 जून से जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर न्याय की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे हैं। आज उनकी तबीयत खराब होने पर जिला प्रशासन ने उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। इंद्रजीत का आरोप है कि उनके मकान के सामने 4-5 फीट की गली में पड़ोसी आजाद, बनवारी, मनीष और चरनलाल द्वारा छामन और मोरी बनाकर गंदगी फैलाई जा रही है। इसका विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती है। उन्होंने बताया कि इस मामले में उनके पिता रतन सिंह ने 11 मार्च 2016 को ही विकास अधिकारी, पंचायत समिति रूपवास को शिकायत दी थी। इसके बाद सरपंच-सचिव, ग्राम पंचायत रुदावल ने आदेश क्रमांक 3226 के तहत छामन-मोरी हटाने का आदेश भी जारी किया, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद इंद्रजीत ने स्वयं 22 जून 2022, 6 अक्टूबर 2025 और 13 अप्रैल 2026 को उपखंड अधिकारी रूपवास और जिला कलेक्टर भरतपुर को प्रार्थना पत्र दिए। उन्होंने संभागीय आयुक्त भरतपुर को भी शिकायत की, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। सभी जगह से थक-हारकर, इंद्रजीत ने 28 अप्रैल 2026 को उपखंड अधिकारी रूपवास को आमरण अनशन का नोटिस दिया था। 9 मई 2026 तक कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने 11 मई से अनशन शुरू कर दिया। हालांकि, 19 मई 2026 को दोपहर 2 बजे उपखंड अधिकारी ने पुलिस भेजकर उन्हें मेडिकल के बहाने जबरन अनशन तुड़वा दिया था। 20 मई को दिए गए प्रार्थना पत्र पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि उन्हें यह धमकी मिली कि अगर उन्होंने कार्यालय के सामने धरना दिया तो उन्हें जेल भेज दिया जाएगा। इंद्रजीत का अब यह सवाल है कि अगर न्याय के लिए जाना हो, तो आखिर कहां जाएं।
भरतपुर जिले की रुदावल तहसील की जाटव बस्ती निवासी इंद्रजीत, पुत्र रतन सिंह, 1 जून से जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर न्याय की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे हैं। आज उनकी तबीयत खराब होने पर जिला प्रशासन ने उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। इंद्रजीत का आरोप है कि उनके मकान के सामने 4-5 फीट की गली में पड़ोसी आजाद, बनवारी, मनीष और चरनलाल द्वारा छामन और मोरी बनाकर गंदगी फैलाई जा रही है। इसका विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती है। उन्होंने बताया कि इस मामले में उनके पिता रतन सिंह ने 11 मार्च 2016 को ही विकास अधिकारी, पंचायत समिति रूपवास को शिकायत दी थी। इसके बाद सरपंच-सचिव, ग्राम पंचायत रुदावल ने आदेश क्रमांक 3226 के तहत छामन-मोरी हटाने का आदेश भी जारी किया, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद इंद्रजीत ने स्वयं 22 जून 2022, 6 अक्टूबर 2025 और 13 अप्रैल 2026 को उपखंड अधिकारी रूपवास और जिला कलेक्टर भरतपुर को प्रार्थना पत्र दिए। उन्होंने संभागीय आयुक्त भरतपुर को भी शिकायत की, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। सभी जगह से थक-हारकर, इंद्रजीत ने 28 अप्रैल 2026 को उपखंड अधिकारी रूपवास को आमरण अनशन का नोटिस दिया था। 9 मई 2026 तक कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने 11 मई से अनशन शुरू कर दिया। हालांकि, 19 मई 2026 को दोपहर 2 बजे उपखंड अधिकारी ने पुलिस भेजकर उन्हें मेडिकल के बहाने जबरन अनशन तुड़वा दिया था। 20 मई को दिए गए प्रार्थना पत्र पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि उन्हें यह धमकी मिली कि अगर उन्होंने कार्यालय के सामने धरना दिया तो उन्हें जेल भेज दिया जाएगा। इंद्रजीत का अब यह सवाल है कि अगर न्याय के लिए जाना हो, तो आखिर कहां जाएं।
- भरतपुर जिले की रुदावल तहसील की जाटव बस्ती निवासी इंद्रजीत, पुत्र रतन सिंह, 1 जून से जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर न्याय की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे हैं। आज उनकी तबीयत खराब होने पर जिला प्रशासन ने उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। इंद्रजीत का आरोप है कि उनके मकान के सामने 4-5 फीट की गली में पड़ोसी आजाद, बनवारी, मनीष और चरनलाल द्वारा छामन और मोरी बनाकर गंदगी फैलाई जा रही है। इसका विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती है। उन्होंने बताया कि इस मामले में उनके पिता रतन सिंह ने 11 मार्च 2016 को ही विकास अधिकारी, पंचायत समिति रूपवास को शिकायत दी थी। इसके बाद सरपंच-सचिव, ग्राम पंचायत रुदावल ने आदेश क्रमांक 3226 के तहत छामन-मोरी हटाने का आदेश भी जारी किया, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद इंद्रजीत ने स्वयं 22 जून 2022, 6 अक्टूबर 2025 और 13 अप्रैल 2026 को उपखंड अधिकारी रूपवास और जिला कलेक्टर भरतपुर को प्रार्थना पत्र दिए। उन्होंने संभागीय आयुक्त भरतपुर को भी शिकायत की, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। सभी जगह से थक-हारकर, इंद्रजीत ने 28 अप्रैल 2026 को उपखंड अधिकारी रूपवास को आमरण अनशन का नोटिस दिया था। 9 मई 2026 तक कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने 11 मई से अनशन शुरू कर दिया। हालांकि, 19 मई 2026 को दोपहर 2 बजे उपखंड अधिकारी ने पुलिस भेजकर उन्हें मेडिकल के बहाने जबरन अनशन तुड़वा दिया था। 20 मई को दिए गए प्रार्थना पत्र पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि उन्हें यह धमकी मिली कि अगर उन्होंने कार्यालय के सामने धरना दिया तो उन्हें जेल भेज दिया जाएगा। इंद्रजीत का अब यह सवाल है कि अगर न्याय के लिए जाना हो, तो आखिर कहां जाएं।1
- सोशल मीडिया के कुछ प्लेटफॉर्म पर भुसावर पुलिस टीम पर हमला होने, पुलिस वाहन को क्षतिग्रस्त किए जाने तथा पुलिस टीम द्वारा बलपूर्वक रास्ता निकालने संबंधी खबरें प्रसारित की जा रही थीं। जिला पुलिस ने इन सभी खबरों का खंडन करते हुए इन्हें पूरी तरह असत्य, भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। जिला पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही यह जानकारी वास्तविक घटनाक्रम से पूरी तरह असंबद्ध है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी समाचार या सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। पुलिस ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी और संयम के साथ करें, जिससे समाज में सकारात्मकता, आपसी भाईचारा और सामाजिक सौहार्द बना रहे। साथ ही, लोगों से किसी भी प्रकार की भ्रामक, असत्य, भड़काऊ या अफवाह फैलाने वाली सामग्री को पोस्ट या शेयर न करने का आग्रह किया गया है। जिला पुलिस ने चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाना और गलत व भ्रामक जानकारी प्रसारित करना कानूनन अपराध है, जिसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस ने लोगों से सत्यापित जानकारी पर ही विश्वास करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय सहयोग देने की अपील की है।1
- भरतपुर जिले के रुदावल गाँव में पिछले सात महीनों से भीषण जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिसके कारण स्थानीय निवासियों का रास्ता अवरुद्ध हो गया है। इस समस्या के चलते ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। सत्यार्थ न्यूज के रिपोर्टर देवेंद्र कुमार सिंघल ने बताया कि यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- मथुरा में पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश सरकार के बेसिक शिक्षा मंत्री एवं मथुरा जनपद के प्रभारी मंत्री संदीप सिंह से मुलाकात कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। यह मुलाकात वृन्दावन कोतवाली में पत्रकारों को कथित रूप से खुलेआम धमकाने के एक मामले से संबंधित है। पत्रकारों ने प्रभारी मंत्री को एक लिखित शिकायत पत्र सौंपते हुए बताया कि आपराधिक प्रवृत्ति के कुछ लोग पत्रकारों को निशाना बनाकर उनका मनोबल तोड़ने और अपने मनमाफिक कृत्यों को अंजाम देने का प्रयास कर रहे हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया कि वृन्दावन कोतवाली में पुलिस की मौजूदगी के बीच कवरेज के लिए पहुंचे पत्रकारों को शिखा शर्मा सहित कुछ अन्य व्यक्तियों द्वारा खुलेआम धमकाया गया और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। पत्रकारों ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की, यह भी कहा कि इस घटना से पत्रकारों में रोष व्याप्त है और निष्पक्ष कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवश्यक है। प्रभारी मंत्री संदीप सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने मौके पर ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को बुलाकर पूरे प्रकरण में गंभीरता एवं प्राथमिकता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा एवं सम्मान सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार का पत्रकार उत्पीड़न स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान उपस्थित पत्रकारों ने मांग की कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को भयमुक्त वातावरण मिलना चाहिए, जिससे पत्रकार स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की। इस अवसर पर वृन्दावन क्षेत्र के अनेक पत्रकार मौजूद रहे।2
- उत्तर प्रदेश के मथुरा में रिश्तों का एक खौफनाक अंत सामने आया, जहाँ एक पति-पत्नी ने एक-दूसरे पर गोली चला दी। इस घटना के परिणामस्वरूप, दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।1
- उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की गोवर्धन तहसील के ग्राम कमई में अमृत सरोवर योजना से जुड़े कार्यों का कथित भंडाफोड़ हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2023 में अमृत सरोवर का काम कागजों में पूरा दिखाकर भुगतान भी कर दिया गया था, लेकिन हकीकत में धरातल पर कोई वास्तविक कार्य नहीं हुआ था, केवल कागजी खानापूर्ति की गई थी। अब वर्ष 2026 में उसी काम को जेसीबी मशीनों से कराया जा रहा है, जिससे यह गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि जब कार्य पहले ही पूरा दिखाकर धनराशि का भुगतान हो चुका था, तो वर्तमान में दोबारा काम क्यों करवाया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सरकारी धन के दुरुपयोग और विकास कार्यों में गंभीर अनियमितता का मामला है। ग्रामीणों ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। उनकी मांग है, "कागजों में विकास नहीं, धरातल पर हिसाब दो!"4
- मथुरा के कोसीकलां थाना क्षेत्र के एक गांव में सात वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। जानकारी के अनुसार, बुधवार देर रात करीब 12 बजे बच्ची अपनी मां के साथ घर में सो रही थी। आरोप है कि गांव का ही एक 30 वर्षीय युवक घर में घुस आया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने घर का जंगला तोड़ा और फिर दरवाजा खोलकर भीतर प्रवेश किया, जिसके बाद वह बच्ची को अपने साथ ले गया। सुबह परिजनों की नींद खुलने पर जब बच्ची घर में नहीं मिली तो परिवार और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद बच्ची गांव के श्मशान घाट के निकट गंभीर अवस्था में मिली। बच्ची की हालत देखकर परिजन और ग्रामीण चिंतित हो उठे। घटना की जानकारी फैलते ही गांव में तनाव का माहौल बन गया और पीड़ित परिवार बच्ची को लेकर कोसीकलां थाने पहुंचा, जहां आरोपी के खिलाफ तहरीर देकर सख्त कार्रवाई की मांग की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बच्ची को चिकित्सीय परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा गया है। थाना प्रभारी कमलेश सिंह ने बताया कि नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बच्ची का उपचार और चिकित्सीय परीक्षण कराया जा रहा है, तथा जांच रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।1
- गोवर्धन गिरिराज जी की परिक्रमा में इस बार भारी भीड़ उमड़ पड़ी है, जिसने पिछले 20 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यह अपने आप में एक महत्वपूर्ण घटना है, जहाँ जनसैलाब ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया।1