जयपुर के गिरधारीपुरा क्षेत्र में सड़कों की बदहाली, गड्ढे और गंदे पानी के जमाव की गंभीर समस्या को लेकर संबंधित विभागों और अधिकारियों को कई बार ईमेल एवं शिकायतों के माध्यम से अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद, आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे क्षेत्रवासियों में गहरा रोष और निराशा व्याप्त है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर बार केवल आश्वासन दिए जाते हैं, लेकिन मौके पर कोई सुधार कार्य दिखाई नहीं देता। खराब सड़कें और जलभराव के कारण आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, जिससे आम नागरिकों, बच्चों और बुजुर्गों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि शिकायतों को नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत प्रभाव से सड़क निर्माण और जल निकासी की व्यवस्था कराई जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और किसी बड़े हादसे से पहले इस गंभीर समस्या का समाधान हो सके।
जयपुर के गिरधारीपुरा क्षेत्र में सड़कों की बदहाली, गड्ढे और गंदे पानी के जमाव की गंभीर समस्या को लेकर संबंधित विभागों और अधिकारियों को कई बार ईमेल एवं शिकायतों के माध्यम से अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद, आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे क्षेत्रवासियों में गहरा रोष और निराशा व्याप्त है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर बार केवल आश्वासन दिए जाते हैं, लेकिन मौके पर कोई सुधार कार्य दिखाई नहीं देता। खराब सड़कें और जलभराव के कारण आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, जिससे आम नागरिकों, बच्चों और बुजुर्गों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि शिकायतों को नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत प्रभाव से सड़क निर्माण और जल निकासी की व्यवस्था कराई जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और किसी बड़े हादसे से पहले इस गंभीर समस्या का समाधान हो सके।
- जयपुर के गिरधारीपुरा क्षेत्र में सड़कों की बदहाली, गड्ढे और गंदे पानी के जमाव की गंभीर समस्या को लेकर संबंधित विभागों और अधिकारियों को कई बार ईमेल एवं शिकायतों के माध्यम से अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद, आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे क्षेत्रवासियों में गहरा रोष और निराशा व्याप्त है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर बार केवल आश्वासन दिए जाते हैं, लेकिन मौके पर कोई सुधार कार्य दिखाई नहीं देता। खराब सड़कें और जलभराव के कारण आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, जिससे आम नागरिकों, बच्चों और बुजुर्गों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि शिकायतों को नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत प्रभाव से सड़क निर्माण और जल निकासी की व्यवस्था कराई जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और किसी बड़े हादसे से पहले इस गंभीर समस्या का समाधान हो सके।1
- एक सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहादुरी की कामना की गई है, यह उम्मीद जताते हुए कि अगर वे 'शुभेन्दु सरकार' जैसे साहसी होते तो भारत से अपराध मिट जाता। पोस्ट में पश्चिम बंगाल की 'ममता बानो' को 'अत्याचारी' बताते हुए उन पर 'समस्त दुष्कर्म' करने का आरोप लगाया गया है। 'शुभेन्दु सरकार' की सराहना करते हुए कहा गया है कि उन्होंने 'ममता बानो' के 'एक एक नट बोल्ट खोल दिए' हैं, और अब उन्हें अपने किए का फल भुगतना हीं पड़ेगा। पोस्ट 'बाह शुभेन्दु सरकार बाह' के नारे के साथ समाप्त होती है।1
- सनातन की सरकार पर सनातनियों पर प्रहार करने का आरोप लगाया गया है। इस गंभीर स्थिति में, प्रभावित लोगों द्वारा न्याय का इंतज़ार केवल बेनीवाल से ही किया जा रहा है।1
- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गजेंद्र सिंह पर बातों ही बातों में तंज कसा है।1
- जयपुर जिले के चौमूं स्थित सिल्वर पार्क (रीको) में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे औचक कार्रवाई की, जिसमें खराब क्वालिटी के मूंगफली के बीजों की पैकेजिंग का बड़ा खुलासा हुआ। इस छापेमारी के दौरान मंत्री को फैक्ट्री में साबुत मूंगफली की 2 लाख बोरियां मिलीं, जो सभी खराब गुणवत्ता की थीं। इन बोरियों से दाना निकालकर मशीनों से पैक किया जा रहा था, और मौके से लाखों खाली बैग तथा हजारों पैक किए हुए बैग बरामद किए गए। कार्रवाई के दौरान 'एग्रो जेनिक्स क्रॉप साइंस' और 'जीएम एग्रो इंडस्ट्रीज' नामक दो अनधिकृत कंपनियां 'श्री बालाजी एग्रो सीकर' के नाम से इन खराब बीजों की पैकेजिंग करती पाई गईं। कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसानों के हितों की रक्षा और नकली व अमानक कृषि उत्पादों पर शिकंजा कसने के उद्देश्य से की गई है। इसी अभियान के तहत, कृषि विभाग की टीमों ने जोधपुर, बीकानेर, सीकर और चूरू सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में एक साथ निरीक्षण और कार्रवाई अभियान चलाया, जिसमें कई अवैध इकाइयों के खिलाफ कार्यवाही की गई।1
- केंद्रीय पुस्तकालय में छात्रों को पीने के ठंडे पानी जैसी मूलभूत सुविधा न मिलने को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। छात्रों का आरोप है कि जहाँ आम विद्यार्थी गर्मी में ठंडे पानी के लिए परेशान हो रहे हैं, वहीं लाइब्रेरी के HOD कक्ष में फ्रिज, AC और ठंडा पानी सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ मौजूद हैं। इसी मुद्दे पर विरोध जताते हुए छात्र नेता शुभम रेवाड़ ने HOD कार्यालय में रखे डबल डोर फ्रिज को बाहर निकलवाकर लाइब्रेरी परिसर में रखवा दिया। शुभम रेवाड़ का कहना है कि जब छात्रों के लिए सुविधाएँ नहीं हैं, तो उन्हें केवल अधिकारियों के कमरों तक ही सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। इस घटना के बाद, लाइब्रेरी परिसर में छात्रों के बीच यह मुद्दा गरमा गया और उन्होंने इसे 'समान सुविधा' की माँग से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस मामले पर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने रोडवेज बस यात्रा पर उठे विवाद के बाद अब अपने पूरे दौरे की एक रील सोशल मीडिया पर साझा की है। इस नई रील में मंत्री को एक स्लीपर प्राइवेट बस में सफर करते देखा जा रहा है, जबकि पहले उनका रोडवेज बस में सफर वाला वीडियो वायरल हुआ था। पहले वायरल हुए वीडियो में कैमरे को लेकर तंज भी सुनाई दिया था। अब रोडवेज बस के बाद प्राइवेट स्लीपर बस की तस्वीरें सामने आने से सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि यह 'जनसंपर्क यात्रा' थी या केवल 'कैमरा यात्रा'। इस पूरे दौरे को लेकर विपक्ष और यूजर्स दोनों ही कटाक्ष कर रहे हैं, वहीं मंत्री के समर्थक इसे उनकी सादगी और आम लोगों से जुड़ने की कोशिश के तौर पर प्रस्तुत कर रहे हैं।1
- पूरे भारत की जनता एक स्वर में यह कह रही है कि नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री ने ऐसे कार्य कर दिखाए हैं जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं कर सके। बंगाल की जनता पूरे उत्साह के साथ 'वाह शुभेंदु, वाह' कहकर उनकी प्रशंसा कर रही है।1