ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में मुनि की रेती थाना क्षेत्र के शिवपुरी पुलिस चौकी प्रभारी विनोद कुमार शर्मा का निधन हो गया है। यह घटना 23 जून 2026 की देर रात या तड़के की है, जब देर रात्रि ड्यूटी पूरी कर शिवपुरी लौटते समय उनकी स्कॉर्पियो कार अनियंत्रित होकर एक गहरी खाई में गिर गई। यह हादसा रात के समय होने के कारण काफी घंटों तक किसी को इसकी जानकारी नहीं मिली। सुबह के समय जब राहगीरों ने वाहन को देखा, तब पुलिस और राहत टीमों को सूचित किया गया। रेस्क्यू टीम ने विनोद कुमार शर्मा के शव को गहरी खाई से बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए एम्स ऋषिकेश भेजा। विनोद शर्मा मूल रूप से डोईवाला के रानीपोखरी के निवासी थे और पुलिस विभाग में आने से पहले वह भारतीय सेना में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे। वह पुलिस महकमे में एक बेहद लोकप्रिय और समर्पित अधिकारी के रूप में जाने जाते थे। उनके इस आकस्मिक निधन से पूरे उत्तराखंड पुलिस विभाग और स्थानीय क्षेत्र में शोक की लहर है।
ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में मुनि की रेती थाना क्षेत्र के शिवपुरी पुलिस चौकी प्रभारी विनोद कुमार शर्मा का निधन हो गया है। यह घटना 23 जून 2026 की देर रात या तड़के की है, जब देर रात्रि ड्यूटी पूरी कर शिवपुरी लौटते समय उनकी स्कॉर्पियो कार अनियंत्रित होकर एक गहरी खाई में गिर गई। यह हादसा रात के समय होने के कारण काफी घंटों तक किसी को इसकी जानकारी नहीं मिली। सुबह के समय जब राहगीरों ने वाहन को देखा, तब पुलिस और राहत टीमों को सूचित किया गया। रेस्क्यू टीम ने विनोद कुमार शर्मा के शव को गहरी खाई से बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए एम्स ऋषिकेश भेजा। विनोद शर्मा मूल रूप से डोईवाला के रानीपोखरी के निवासी थे और पुलिस विभाग में आने से पहले वह भारतीय सेना में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे। वह पुलिस महकमे में एक बेहद लोकप्रिय और समर्पित अधिकारी के रूप में जाने जाते थे। उनके इस आकस्मिक निधन से पूरे उत्तराखंड पुलिस विभाग और स्थानीय क्षेत्र में शोक की लहर है।
- ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में मुनि की रेती थाना क्षेत्र के शिवपुरी पुलिस चौकी प्रभारी विनोद कुमार शर्मा का निधन हो गया है। यह घटना 23 जून 2026 की देर रात या तड़के की है, जब देर रात्रि ड्यूटी पूरी कर शिवपुरी लौटते समय उनकी स्कॉर्पियो कार अनियंत्रित होकर एक गहरी खाई में गिर गई। यह हादसा रात के समय होने के कारण काफी घंटों तक किसी को इसकी जानकारी नहीं मिली। सुबह के समय जब राहगीरों ने वाहन को देखा, तब पुलिस और राहत टीमों को सूचित किया गया। रेस्क्यू टीम ने विनोद कुमार शर्मा के शव को गहरी खाई से बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए एम्स ऋषिकेश भेजा। विनोद शर्मा मूल रूप से डोईवाला के रानीपोखरी के निवासी थे और पुलिस विभाग में आने से पहले वह भारतीय सेना में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे। वह पुलिस महकमे में एक बेहद लोकप्रिय और समर्पित अधिकारी के रूप में जाने जाते थे। उनके इस आकस्मिक निधन से पूरे उत्तराखंड पुलिस विभाग और स्थानीय क्षेत्र में शोक की लहर है।1
- देहरादून के लेखक गाँव में पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की पत्नी स्वर्गीय कुसुम कान्ता की पुण्यतिथि पर एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया, जहाँ कुसुम कान्ता फाउंडेशन ने क्षेत्र की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सिलाई मशीनों का वितरण किया। कार्यक्रम के दौरान, बेटी आरुषि निशंक ने महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आर्थिक रूप से सशक्त महिला ही परिवार और समाज की प्रगति का आधार होती है। इस श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, महिलाएँ और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिन्होंने स्वर्गीय कुसुम कान्ता के समाजसेवा और महिला उत्थान के कार्यों को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।1
- सामाजिक कार्यकर्ता नेहा भारती ने जंतर-मंतर पर लोक रिपोर्ट से बातचीत के दौरान जातिगत भेदभाव, सामाजिक पूर्वाग्रह और दलित-मुस्लिम संबंधों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि मुसलमान देश में नहीं रहते हैं, तो दलित समुदाय की स्थिति और भी अधिक असुरक्षित हो सकती है। उनके अनुसार, हाशिए पर रहने वाले समुदायों को अक्सर भेदभाव और सामाजिक दबाव का सामना करना पड़ता है, और इस संदर्भ में दलित समुदाय पर इसका गहरा प्रभाव पड़ सकता है। नेहा भारती ने अपने स्कूली और कॉलेज के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि उन्हें अक्सर यह टिप्पणी सुनने को मिलती थी कि “तुम दलित या जाटव जैसी नहीं दिखतीं।” उन्होंने कहा कि ऐसे बयान समाज में गहराई से जड़ें जमा चुके जातिगत पूर्वाग्रहों और रूढ़ियों को उजागर करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि समाज के कुछ वर्गों में दलितों के प्रति नकारात्मक धारणाएं लंबे समय से बनी हुई हैं। यह रिपोर्ट सामाजिक कार्यकर्ता नेहा भारती द्वारा व्यक्त किए गए विचारों पर आधारित है, जिनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।1
- सोमवार को नई टिहरी स्थित जिला सभागार में जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जनपद के निवासियों की समस्याओं और शिकायतों को सुना गया, जहां कुल 51 आवेदन प्राप्त हुए। ये शिकायतें पेयजल, मुआवजा और आपदा सहित विभिन्न अन्य विषयों से संबंधित थीं। जनता दरबार के दौरान कई विशिष्ट मामले सामने आए। नई टिहरी के सी ब्लॉक टाइप-3 की बीना सजवाण और अन्य महिलाओं ने एक नजदीकी आश्रम द्वारा सड़क पर अवैध कब्जा करने, कूड़ा फेंकने और गाली-गलौज करने की शिकायत की, जिस पर जिलाधिकारी ने पुलिस, नगर पालिका और लोनिवि को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जाखणीधार के ग्राम करास के निवासियों ने पेयजल की कमी और ग्रामीणों द्वारा पेयजल संचालन का मुद्दा उठाया। इस पर जिलाधिकारी ने गांव की पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए इसे विभाग को सौंपने की बात ग्रामीणों से कही। जाख-कुट्ठा मोटर मार्ग निर्माण के मुआवजे की मांग संबंधित गांवों के निवासियों द्वारा की गई, जिस पर लोनिवि बौराडी को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश मिले। विकासखंड जौनपुर के ग्राम बंगसील की पूजा देवी ने भी पेयजल की दिक्कत बताई, जिस पर जल संस्थान को उप जिलाधिकारी धनोल्टी के माध्यम से रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। चंबा पुरानी टिहरी रोड के ग्राम पुरषोल निवासी हरिदास ने अपने घर के समीप सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की, जिस संबंध में लोनिवि चंबा को जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया। नई टिहरी बौराड़ी निवासी ध्यान सिंह नेगी ने अपने घर के सामने बने पार्क व रास्ते पर अतिक्रमण की शिकायत की, जिस पर तहसीलदार टिहरी को जांच रिपोर्ट देने को कहा गया। चंबा के नागणी निवासी गुरु प्रसाद उबराल ने सड़क कटान में पेड़ों का मुआवजा न मिलने की शिकायत दर्ज कराई। इस पर लोनिवि चंबा के अभियंता ने बताया कि भुगतान के लिए शासन से धनराशि प्राप्त हो गई है और संबंधित कार्यवाही प्रक्रिया में है। कार्यक्रम के दौरान सीएम हेल्पलाइन और जन समर्पण पोर्टल पर दर्ज लंबित शिकायतों की समीक्षा भी की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्राप्त सभी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।1
- टिहरी गढ़वाल में आशाराम बापू आश्रम के संचालकों के खिलाफ महिलाओं ने जिलाधिकारी से शिकायत की है। महिलाओं का आरोप है कि आश्रम के संचालकों द्वारा अभद्रता और अतिक्रमण किया गया है। इस शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।1
- देहरादून के एक प्रमुख सरकारी अस्पताल से हाल ही में सड़क हादसे में घायल एक महिला एथलीट का व्हीलचेयर पर रोते हुए एक वीडियो वायरल हुआ है। आरोप है कि दर्द से तड़पते मरीजों को समय पर इलाज के बजाय खराब और टूटी हुई व्हीलचेयर दी जा रही हैं। इसके अलावा, मरीजों को केवल पर्ची कटवाने के लिए इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक धक्के खाने पड़ते हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) ने राजधानी के इस सरकारी अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की लचर व्यवस्था पर कड़ा ऐतराज जताया है। पार्टी नेताओं ने अस्पताल का दौरा कर वहां फैली अव्यवस्था, उपकरणों की कमी और गंभीर लापरवाही का मुद्दा उठाया है, साथ ही आरोप लगाया है कि गंभीर मरीजों को तुरंत इलाज नहीं मिल पा रहा है।1
- अलीगंज के पुरनिया इलाके में एक दुकान में भीषण आग लग गई, जिसके कारण पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दुकान के ऊपर एक कोचिंग सेंटर चल रहा था, जिसमें कई छात्र-छात्राएं फंस गए। आग की लपटों और धुएं से घिर जाने के कारण, अपनी जान बचाने के लिए लोगों को छज्जों और छत से कूदना पड़ा। पूरी इमारत धुएं और लपटों की चपेट में आ गई थी। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य में सहयोग देना शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर, दमकल और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के साथ-साथ फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास लगातार जारी है।1