बौली: विश्व स्वास्थ्य दिवस पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित, बौली: राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं श्रीमान अध्यक्ष व सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के निर्देशानुसार एक्शन प्लान के तहत दिनांक 07 अप्रैल 2026 को विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर विशेष रूप से स्वच्छता, पोषण, रोग निवारण एवं मानसिक रूप से विकलांग व्यक्तियों, मातृ स्वास्थ्य मुद्दों, मानसिक स्वास्थ्य मुद्दों एवं ट्रांसफर्मेटिव ट्यूजडे के अवसर पर साइबर दुर्व्यवहार के संबंध में अध्यक्ष विकास नेहरा की अध्यक्षता में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बौंली में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर तालुका अध्यक्ष द्वारा ट्रांसफर्मेटिव ट्यूजडे के अवसर पर साइबर दुर्व्यवहार के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विकास नेहरा ने बताया कि साइबर अपराध एक व्यापक शब्द है जो कंप्यूटर, नेटवर्क या अन्य डिजिटल उपकरणों का उपयोग करके की जाने वाली असंख्य आपराधिक गतिविधियों का वर्णन करता है। साइबर अपराध को साइबर अपराधियों द्वारा की जाने वाली अवैध गतिविधियों की विस्तृत श्रृंखला के अंतर्गत आने वाली एक व्यापक परिभाषा के रूप में समझा जा सकता है। इनमें हैकिंग, फ़िशिंग, टिपरिंग, पहचान की चोरी, रैंसमवेयर और मैलवेयर हमले आदि शामिल हैं। परिणामस्वरूप, साइबर अपराधों की प्रभावी ढंग से जांच, अभियोजन और रोकथाम करना एक निरंतर चलने वाला संघर्ष है जिसमें कई गतिशील चुनौतियां शामिल हैं। साइबर अपराध व्यक्तियों, व्यवसायों और सरकारी संस्थाओं के लिए एक गंभीर खतरा है और इसके परिणामस्वरूप भारी वित्तीय हानि, प्रतिष्ठा को नुकसान और रिकॉर्ड का उल्लंघन हो सकता है। जैसे-जैसे प्रौद्योगिकी आगे बढ़ रही है और अधिक से अधिक लोग दैनिक कार्यों के लिए डिजिटल उपकरणों और नेटवर्क पर निर्भर हो रहे हैं, साइबर अपराध का खतरा लगातार बढ़ रहा है, जिससे इससे बचाव के उपाय करना अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। इससे बचाव का उपाय सावधानी पूर्वक सोशल मीडिया का उपयोग करके किया जा सकता है। पैनल अधिवक्ता अनिल कुमार शर्मा, मोहम्मद जाहिद शिर्वानी, गणपत लाल गुर्जर और अधिकार मित्र बामचंद भदोरिया द्वारा विशेष रूप से स्वच्छता, पोषण, रोग निवारण एवं मानसिक रूप से विकलांग व्यक्तियों, मातृ स्वास्थ्य मुद्दों, मानसिक स्वास्थ्य मुद्दों संबंध में एवं साइबर अपराधों के संबंध में जानकारी दी गई। विश्व स्वास्थ्य दिवस 2026 का विषय "सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लिए वैश्विक कार्रवाई" है। विश्व स्वास्थ्य दिवस हर साल 7 अप्रैल को मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की स्थापना के अवसर पर विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाना तथा सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवा की दिशा में काम करना है
बौली: विश्व स्वास्थ्य दिवस पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित, बौली: राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं श्रीमान अध्यक्ष व सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के निर्देशानुसार एक्शन प्लान के तहत दिनांक 07 अप्रैल 2026 को विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर विशेष रूप से स्वच्छता, पोषण, रोग निवारण एवं मानसिक रूप से विकलांग व्यक्तियों, मातृ स्वास्थ्य मुद्दों, मानसिक स्वास्थ्य मुद्दों एवं ट्रांसफर्मेटिव ट्यूजडे के अवसर पर साइबर दुर्व्यवहार के संबंध में अध्यक्ष विकास नेहरा की अध्यक्षता में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बौंली में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर तालुका अध्यक्ष द्वारा ट्रांसफर्मेटिव ट्यूजडे के अवसर पर साइबर दुर्व्यवहार के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विकास नेहरा ने बताया कि साइबर अपराध एक व्यापक शब्द है जो कंप्यूटर, नेटवर्क या अन्य डिजिटल उपकरणों का उपयोग करके की जाने वाली असंख्य आपराधिक गतिविधियों का वर्णन करता है। साइबर अपराध को साइबर अपराधियों द्वारा की जाने वाली अवैध गतिविधियों की विस्तृत श्रृंखला के अंतर्गत आने वाली एक व्यापक परिभाषा के रूप में समझा जा सकता है। इनमें हैकिंग, फ़िशिंग, टिपरिंग, पहचान की चोरी, रैंसमवेयर और मैलवेयर हमले आदि शामिल हैं। परिणामस्वरूप, साइबर अपराधों की प्रभावी ढंग से जांच, अभियोजन और रोकथाम करना एक निरंतर चलने वाला संघर्ष है जिसमें कई गतिशील चुनौतियां शामिल हैं। साइबर अपराध व्यक्तियों, व्यवसायों और सरकारी संस्थाओं के लिए एक गंभीर खतरा है और इसके परिणामस्वरूप भारी वित्तीय हानि, प्रतिष्ठा को नुकसान और रिकॉर्ड का उल्लंघन हो सकता है। जैसे-जैसे प्रौद्योगिकी आगे बढ़ रही है और अधिक से अधिक लोग दैनिक कार्यों के लिए डिजिटल उपकरणों और नेटवर्क पर निर्भर हो रहे हैं, साइबर अपराध का खतरा लगातार बढ़ रहा है, जिससे इससे बचाव के उपाय करना अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। इससे बचाव का उपाय सावधानी पूर्वक सोशल मीडिया का उपयोग करके किया जा सकता है। पैनल अधिवक्ता अनिल कुमार शर्मा, मोहम्मद जाहिद शिर्वानी, गणपत लाल गुर्जर और अधिकार मित्र बामचंद भदोरिया द्वारा विशेष रूप से स्वच्छता, पोषण, रोग निवारण एवं मानसिक रूप से विकलांग व्यक्तियों, मातृ स्वास्थ्य मुद्दों, मानसिक स्वास्थ्य मुद्दों संबंध में एवं साइबर अपराधों के संबंध में जानकारी दी गई। विश्व स्वास्थ्य दिवस 2026 का विषय "सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लिए वैश्विक कार्रवाई" है। विश्व स्वास्थ्य दिवस हर साल 7 अप्रैल को मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की स्थापना के अवसर पर विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाना तथा सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवा की दिशा में काम करना है
- बौली: राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं श्रीमान अध्यक्ष व सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के निर्देशानुसार एक्शन प्लान के तहत दिनांक 07 अप्रैल 2026 को विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर विशेष रूप से स्वच्छता, पोषण, रोग निवारण एवं मानसिक रूप से विकलांग व्यक्तियों, मातृ स्वास्थ्य मुद्दों, मानसिक स्वास्थ्य मुद्दों एवं ट्रांसफर्मेटिव ट्यूजडे के अवसर पर साइबर दुर्व्यवहार के संबंध में अध्यक्ष विकास नेहरा की अध्यक्षता में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बौंली में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर तालुका अध्यक्ष द्वारा ट्रांसफर्मेटिव ट्यूजडे के अवसर पर साइबर दुर्व्यवहार के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विकास नेहरा ने बताया कि साइबर अपराध एक व्यापक शब्द है जो कंप्यूटर, नेटवर्क या अन्य डिजिटल उपकरणों का उपयोग करके की जाने वाली असंख्य आपराधिक गतिविधियों का वर्णन करता है। साइबर अपराध को साइबर अपराधियों द्वारा की जाने वाली अवैध गतिविधियों की विस्तृत श्रृंखला के अंतर्गत आने वाली एक व्यापक परिभाषा के रूप में समझा जा सकता है। इनमें हैकिंग, फ़िशिंग, टिपरिंग, पहचान की चोरी, रैंसमवेयर और मैलवेयर हमले आदि शामिल हैं। परिणामस्वरूप, साइबर अपराधों की प्रभावी ढंग से जांच, अभियोजन और रोकथाम करना एक निरंतर चलने वाला संघर्ष है जिसमें कई गतिशील चुनौतियां शामिल हैं। साइबर अपराध व्यक्तियों, व्यवसायों और सरकारी संस्थाओं के लिए एक गंभीर खतरा है और इसके परिणामस्वरूप भारी वित्तीय हानि, प्रतिष्ठा को नुकसान और रिकॉर्ड का उल्लंघन हो सकता है। जैसे-जैसे प्रौद्योगिकी आगे बढ़ रही है और अधिक से अधिक लोग दैनिक कार्यों के लिए डिजिटल उपकरणों और नेटवर्क पर निर्भर हो रहे हैं, साइबर अपराध का खतरा लगातार बढ़ रहा है, जिससे इससे बचाव के उपाय करना अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। इससे बचाव का उपाय सावधानी पूर्वक सोशल मीडिया का उपयोग करके किया जा सकता है। पैनल अधिवक्ता अनिल कुमार शर्मा, मोहम्मद जाहिद शिर्वानी, गणपत लाल गुर्जर और अधिकार मित्र बामचंद भदोरिया द्वारा विशेष रूप से स्वच्छता, पोषण, रोग निवारण एवं मानसिक रूप से विकलांग व्यक्तियों, मातृ स्वास्थ्य मुद्दों, मानसिक स्वास्थ्य मुद्दों संबंध में एवं साइबर अपराधों के संबंध में जानकारी दी गई। विश्व स्वास्थ्य दिवस 2026 का विषय "सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लिए वैश्विक कार्रवाई" है। विश्व स्वास्थ्य दिवस हर साल 7 अप्रैल को मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की स्थापना के अवसर पर विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाना तथा सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवा की दिशा में काम करना है1
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- सवाई माधोपुर राजस्थान पंचायती राज व माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष शेरसिंह चौहान एवं प्रदेश महामंत्री गोपाल मीना के आह्वान पर जिलाध्यक्ष मोहम्मद जाकिर व प्रदेश सलाहकार के नेतृत्व में राजस्थान सरकार का शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश की भौगोलिक विषम परिस्थितियों को नजरअंदाज कर छात्रों के ग्रीष्मावकाश व संस्था प्रधान अधिकृत अवकाश में की गई कटौती के विरोध एवं विभिन्न तात्कालिक शिक्षक समस्याओं के निस्तारण की मांग को लेकर जिला कलेक्टर सवाई माधोपुर कानाराम को मुख्यमंत्री, राजस्थान सरकार के नाम सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। प्रदेश उपाध्यक्ष कन्हैयालाल सैनी ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा जारी शिविरा पंचांग में एक जुलाई के स्थान पर इस सत्र में 21 जून से स्कूल खोलने तथा छात्रों व शिक्षकों के ग्रीष्मावकाश एवं संस्था प्रधान अधिकृत अवकाश में की गई कटौती के विरोध में राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया गया है। राजस्थान शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थितियों की अनदेखी करते हुए एक अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ कर छुट्टियों में कटौती की है, यदि सरकार गंभीरता से सरकारी विद्यालयों में वरिष्ठ अध्यापक, व्याख्याता एवं प्राचार्यों के रिक्त पदों को भरने तथा शिक्षकों की पदोन्नति और जर्जर स्कूल भवनों के सुधार पर ध्यान दिया जाता तो विद्यालय में नामांकन वृद्धि के साथ- साथ विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा का वातावरण मिल सकता था। वर्तमान में स्थिति यह है कि 4 वर्ष पूर्व क्रमोन्नत उच्च माध्यमिक एवं महात्मा गांधी विद्यालयों में आज भी व्याख्याताओं एवं शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं। पदोन्नत प्रधानाचार्य एक वर्ष से पदस्थापन की प्रतीक्षा में है,आज तक ट्रांसफर पॉलिसी लागू नहीं की गई है। 8 माह से तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण नहीं किए गए हैं, विद्यालयों में रिक्त पद भरने के बजाय शिक्षा विभाग शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाकर शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में छुट्टियों में कटौती एवं सत्र परिवर्तन की नीति पूरी तरह अव्यावहारिक है। जिससे शिक्षक वर्ग में भारी आक्रोश व्याप्त है। संघ के प्रदेश प्रवक्ता राहुल सिंह गुर्जर ने कहा कि राजस्थान जैसे विषम जलवायु वाले प्रदेश में 21 जून से विद्यालय खोलना छात्रों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। जून माह की भीषण गर्मी में 45 से 50 डिग्री सेल्सियस तापमान , और तेज "लू" के थपेड़ों के बीच विद्यार्थियों को विद्यालय बुलाना अत्यंत आत्मघाती कारक साबित हो सकता है। संगठन ने यह भी मांग रखी कि यदि सरकार 21 जून से विद्यालय संचालन पर अड़ी रहती है, तो सरकार को नन्हे-मुन्ने छात्रों को भीषण गर्मी और "लू "से बचाने के व्यापक प्रबंध करने चाहिए,। विद्यालयों में गर्मी से बचाव के संसाधन उपलब्ध करवाने चाहिए साथ ही शिक्षकों को प्रत्येक कैलेंडर वर्ष में घटाएं गए अवकाश के परिणाम स्वरूप न्यूनतम 30 पीएल अवकाश प्रदान किए जाएं। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के जिला मंत्री हनुमान सिंह नरूका ने बताया कि ग्रीष्मावकाश में कटौती एवं संस्था प्रधान अधिकृत अवकाश के आदेश को वापस लेने सहित विभिन्न ज्वलंत मांगों को लेकर 8 अप्रैल को .शिक्षको ने जिला मुख्यालय पर भारी संख्या में उपस्थित होकर सरकार के अव्यवहारिक आदेशों का भारी विरोध प्रदर्शन कर राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा गया है। ब्लॉक अध्यक्ष ओमप्रकाश मीना ने बताया कि प्रमुख मांगों में पारदर्शी तबादला नीति लागू करना, तबादलों पर लगी रोक हटाना, तृतीय श्रेणी शिक्षकों सहित सभी संवर्ग के स्थानांतरण प्रारंभ करना, 6 वर्षों से लंबित पदोन्नतियां करना, विद्यालयों में रिक्त पदों को शीघ्र भरना, जर्जर स्कूल भवनों के निर्माण व मरम्मत हेतु शीघ्र पर्याप्त बजट आवंटित करना तथा वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट अनिवार्यता से मुक्त करने हेतु केंद्र सरकार से कानून बनवाने जैसी महत्वपूर्ण मांगें शामिल हैं। यदि सरकार शीघ्र ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा। जिसके तहत 17 मई को संगठन के बैनर तले शिक्षक राजधानी जयपुर मे धरना प्रदर्शन करने की रणनीति पर विचार कर रहे है। ज्ञापन देने में पंचम भाटी, नीरज मीना, हरिशंकर गुर्जर, प्रदीप शर्मा, सुरेशचंद जैन, मुकेश आचार्य, यादवेंद्र गौतम, रोहित भाटी, पारसचंद जैन, महावीर सोनी, बृजमोहन वर्मा, पंकज वर्मा, दलेल सिंह राजावत, गुरदयाल बैरवा, इंद्रलाल बैरवा, सुमन कुमावत, खुशबू मीना, सविता, कल्पना वर्मा, सुनीता कुमारी, उमा शर्मा, पंचम भाटी, देशराज मीणा, अर्जुन लाल बैरवा, राकेश मीणा, रामकरण नट, बृजमोहन मीणा, ओम प्रकाश गुर्जर, विजेंद्र फागण, रणवीर बैरवा, जसराज सिंह, विनोद जैन, बबुआ खान, राजेश मीणा, ममता मीना, भुवनेश्वर शर्मा, मोहसिन खान, सुरेशचंद शर्मा, रमेश चंद वर्मा, बृज बिहारी मीणा, रामस्वरूप नरेनिया, प्रेमलाल मीणा, सुनीता मीणा, सीमा मीणा, पिंकेश बैरागी आदि संगठन के पदाधिकारी व शिक्षक मौजूद रहे। Byte 1 राहुल सिंह गुर्जर,प्रदेश प्रवक्ता1
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